एसइओ

SEO क्या है और यह ब्लॉग / वेबसाइट के लिए क्यों जरूरी है ?

What is SEO Kya Hai in Hindi
Written by Himanshu Grewal
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What is SEO, या फिर SEO क्या है ? यह एक ऐसा सवाल है जिसका उत्तर सभी वेबसाइट ओनर को होना अति आवश्यक है.

यदि आप अपना खूद का या फिर अपने किसी दोस्त के साथ जुड़ के कोई भी ऑनलाइन बिज़नस करना चाहते हो या फिर एफिलिएट मार्केटिंग और Google Adsense से पैसे कमाना चाहते हो तो इसके लिए आपको SEO की जरूरत पड़ेगी.

यदि आप इस फील्ड में नए हो और SEO क्या है इससे जुड़ी आपको कुछ भी जानकारी नहीं है तो मैं आपको बता दूँ कि इसके ही माध्यम से आप अपनी वेबसाइट पर आए ट्रैफिक और उससे बने Revenue को इनक्रीस (यानि बड़ा) सकते हो.

इस लेख में, मैं आपको एसइओ से जुड़ी वो सारी जानकारी बताने जा रहा हूँ जिसका आपके लिए जानना बहुत ही ज़रूरी है यदि आप इस फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हो तो|

विषय जिन पर आज हम चर्चा करेंगे ⇓

  1. एसईओ की फुल फॉर्म क्या है ?
  2. एसईओ क्या है ?
  3. एसईओ कितने प्रकार के होते है ?
  4. एसइओ का इस्तेमाल कैसे होता है ?

दोस्तों यही है वो 4 पॉइंट जिसके बारे में, मैं आपको डिटेल में बताने जा रहा हूँ| तो चलिये सबसे पहले में आपको SEO की फुल फॉर्म बता देता हूँ.

अपना ज्ञान बढ़ाये ⇓

SEO Full Form in Hindi – SEO क्या है ?

What is SEO in Hindi

एसईओ की जो फुल फॉर्म है वो है – Search Engine Optimization.

अब आप यदि यह सोच रहे हैं कि सर्च इंजन किया है ? तो चलिये मैं आपको सरल शब्दो में यह बताता हूँ – इसको आप गूगल समझ सकते हैं.

Google जो है वो एक सर्च इंजन है और सबसे लोकप्रिय “search engine” है|

आप गूगल पर कुछ भी सर्च करो वो आपके सामने बहुत सारे रिजल्ट ला देगा| वैसे तो और भी पोपुलर सर्च इंजन है जैसे की Yahoo, Bing, Ask इत्यादि, पर गूगल से अच्छा कोई भी नही है.

What is SEO in Hindi – सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन हिंदी में

चलिये अब आपको एसईओ की फुल फॉर्म तो पता चल ही गई है “सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन”| अब हम ये जान लेते है की SEO क्या है ?

अगर सिंपल शब्दों में बोलू तो सर्च इंजन वो माध्यम है जिससे आप Google, Bing, Yahoo के पहले पेज पर अपनी साईट को रैंक करा सकते हैं और यह प्रक्रिया एसईओ कहलाती है.

हम क्यों अपनी साइट को गूगल के फर्स्ट पेज पर लाते है ?

यह एक बहुत ही अच्छा और महत्वपूर्ण सवाल है की क्यों हम अपनी साइट को पहले पेज पर लाना चाहते है ?

तो दोस्तों पहले ये बताओ पैसा किसको चाहिए ? आप भी सोच रहे होंगे की ये कैसे सावाल है और आप बोलोगे की पैसा तो सबको चाहिए.

तो बस इसी प्रशन में मेरा उत्तर है| अगर आपकी वेबसाइट एसइओ फ्रेंडली नही होगी तो वो गूगल के और सभी सर्च इंजन के फर्स्ट पेज पर नही आएगी और अगर आपकी वेबसाइट फर्स्ट पेज पर नही आएगी तो आपकी साईट पर ट्रैफिक नही आएगा (visitor).

अगर आपकी साइट पर ट्रैफिक ही नही होगा तो फिर आप चाहे जितने मर्जी Ad लगालो या फीर Affiliate Link आप एक रुपया भी नही कमा पाओगे| तो अगर आपको यह चाहिए ⇒$$$$⇐ तो आपको SEO तो करना होगा.

शायद अब आपको पता चल गया होगा की एसइओ क्यों करते है ? लेकिन अगर आपको अभी भी समझ नही आया तो घबराने की ज़रूरत नहीं है दोस्तों क्यूंकी आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर अपने डाउट को पूछ सकते हो.

जरुर पढ़े » बिना SEO से वेबसाइट पर ट्रैफिक कैसे बढ़ाये ?

SEO कितने प्रकार के होते हैं और SEO Blog के लिए क्यों जरूरी है ?

चलिये अब हम ये जानेगे की एसइओ कितने प्रकार का होता है – तो दोस्तों मैं आपको बता दूँ कि SEO 2 प्रकार के होते है जो इस प्रकार है:-

  1. On Page SEO (अपने ब्लॉग पर काम करना)
  2. Off Page SEO (दूसरी साईट पर काम करना)

जैसे की आपने देखा की एसईओ दो प्रकार का होता है और अब आपको उसको कैसे इस्तेमाल कर सकते है वो जानना ज़रूरी है तो वो आप नीचे लेख में जानोगे.

नोट : अगर आप अच्छे से ओन पेज एसईओ और ऑफ पेज एसईओ कर लोगे तो आपकी वेबसाइट को पहले पेज पर आने से कोई नही रोक पाएगा|

ब्लॉग / वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने के लिए SEO कैसे करे ?

जैसे की मैंने आपको ऊपर बताया था की सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के 2 प्रकार होते है| पहला : On Page और दूसरा : Off Page तो दोस्तों उसी तरह अगर आपको एसईओ का इस्तेमाल करना है तो आपको यह दोनों स्टेप करने होंगे.

नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करके आप अच्छे से ओन पेज एंड ऑफ पेज एसईओ कर पाओगे.

तो सबसे पहले हम On Page SEO की बात करेंगे की कैसे हम अपनी अपना ब्लॉग एसईओ फ्रेंडली बना सकते है.

On Page SEO Techniques in Hindi – SEO क्या है ?

On page and Off Page SEO in Hindi

ओन पेज एसइओ में बहुत सारे स्टेप होते है और जो सबसे पहला स्टेप है वो है:-

#1. वेबसाइट स्पीड – Website Speed

Website Speed Optimization Techniques in Hindi

वेबसाइट स्पीड एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट फैक्टर है SEO के लिए, गूगल के लिए और विजिटर के लिए|

अगर आपकी साइट को ओपन होने में 10 से 15 सेकंड लग रहे है तो उसको ना ही गूगल पसंद करता है और ना ही विजिटर.

क्यूंकि किसी भी विजिटर के पास इतना टाइम नही है की वो आपके पेज के ओपन होने का वेट करे| वो 2 से 4 सेकंड तक ही वेट करेगा उसके बाद वो चला जाएगा.

इसलिए वैबसाइट की स्पीड पर थोड़ा ध्यान दें और जितना हो सके अपनी साइट की स्पीड फ़ास्ट रखे.

अब पॉइंट यह आता है कि यदि स्पीड स्लो यानि धीमी है तो उसको कैसे बढ़ाया जाये ?

How To Improve WordPress Website Speed in Hindi

चलिये कुछ जरूरी टिप्स को जानते हैं जिससे आप अपनी वेबसाइट की स्पीड फ़ास्ट कर सकते हो:-

  • वेबसाइट की थीम सिंपल रखना (मै आपको GeneratePress या फिर Genesis Framework की ही थीम इस्तेमाल करने को बोलूँगा.
  • जो प्लगइन काम की हो उसी का इस्तेमाल करे| एक्स्ट्रा प्लगइन न डाले.
  • Image का साइज़ कम-से-कम रखे| हो सके तो इमेज का साइज़ (50 kb) तक ही रखे.
  • W3 Total Cache या WP super Cache Plugins का इस्तेमाल करें.

#2. वेबसाइट की नेविगेशन सिंपल रखे – Website Navigation

वेबसाइट की नेविगेशन सिंपल रखे

अपनी साईट की नेविगेशन easy to use (आसान और सिंपल) रखना जिससे कोई भी विजिटर और गूगल को एक पेज से दूसरे पेज में जाने में कोई परेशानी ना हो.

आप जब भी केटेगरी बनाये तो एक बात का ध्यान रखे की केटेगरी का URL इंग्लिश में ही ले| टाइटल आप चाहे तो हिंदी में ले सकते हो पर केटेगरी का URL इंग्लिश में ही रहे| यह SEO के लिए लाभदायक है.

#3. टाइटल टैग – Title Tag

अपनी वेबसाइट में टाइटल टैग बहुत ही अच्छा बनाए जिससे कोइ भी Visitor (विजिटर) उसे पड़े तो आपके टाइटल पर क्लिक करदे| इससे आपका CTR भी Increase होगा.

How To Optimize Title Tag For Search Engines in Hindi

  • अपने “Focus Keyword” को टाइटल टैग में सबसे पहले ले|
  • टाइटल टैग में 50 से 60 करैक्टर तक ही शब्दों का उपयोग करें| अधिकतम शब्दों का उपयोग करोगे तो आपके शब्द गूगल के सर्च रिजल्ट में नही दिखेंगे.
  • अपने टाइटल टैग में नम्बर का उपयोग करें| जैसे की:- 7 Ways To Increase Website / Blog Traffic in 2020
  • अपने टाइटल टैग में Best, Top जैसे शब्द का इस्तेमाल करें| जैसे :- Top 15 Most Recommended SEO Tools

अच्छा टाइटल टैग बनाने की टिप्स

How To Optimize Title Tag For Search Engines in Hindi

  • Bad Title Tag : SEO क्या है – What is SEO ? – SEO Tips in Hindi
  • Good Title Tag : SEO क्या है और कैसे करें – उदाहरण सहित समझे

Good Title Tag में आप देख सकते हो कि मैंने किसी भी वर्ड को रिपीट नही किया है और Bad वाले में SEO 3 बार आ रहा है तो आप अच्छा सा टाइटल बनाए अपनी साईट के लिए.

उसी तरह आपको Description भी लिखना है और उसमे आपको 160 वर्ड तक इस्तेमाल करने है इससे ज्यादा शब्द इस्तेमाल मत करना.

#4. पोस्ट का URL कैसा होना चाहिए – Post URL Example in Hindi

अपने पोस्ट का URL आप सिंपल और छोटा रखना जैसे की:-

  • Good URL :- https://www.himanshugrewal.com/what-is-seo
  • Bad URL :- https://www.himanshugrewal.com/p?123
  • Bad URL :- https://www.himanshugrewal.com/what-is-seo-kya-hai-or-kaise-kare-0011920

#5. इंटरनल लिंक – Internal Link

Internal linking examples

विकिपीडिया

जब आप कोई भी पोस्ट लिखते हो तो उसमे आप कुछ इंटरनल लिंक लगा सकते हो| उदाहरण के लिए आप एक पेज को दूसरे पेज से लिंक कर सकते हो यह एक बहुत ही अच्छा On Page SEO Technique है.

अगर आप इंटरनल लिंक का अच्छा सा उदाहरण देखना चाहते हो तो आप विकिपीडिया के आर्टिकल देख सकते हो.

#6. Alt Tag

Search Engine Optimization Tips in Hindi

आप अपनी वेबसाइट में इमेज (तस्वीर) जरुर इस्तेमाल करे क्योंकि इमेज से आप बहुत सारा ट्रैफिक पा सकते हो गूगल इमेज सर्च से| पर एक बात का ध्यान जरुर रखे की आप अपनी इमेज में ALT Text लगाना ना भूले.

क्योंकि अगर आप कोई इमेज अपलोड करते हो और उस इमेज पर आप Alt Text नही लगाते हो तो गूगल को नही पता चलेगा कि आपकी इमेज इस विषय पर है| इसलिए जब भी कोई इमेज अपलोड करो तो Alt Text अवश्य लगाये.

इमेज को अपलोड करने पहले इमेज का Rename अवश्य चेंज करें| Rename में अपना Keyword डाले|

#7. Content, Heading और Keyword

कंटेंट ही एक ऐसा जरिया है जिसके रहिये आप अपनी वेबसाइट पर लाखों का ट्रैफिक पा सकते हो| अगर आपका कंटेंट अच्छा है, सही जानकारी है और कॉपी नही है तो आपकी साइट को रैंक करने से कोई नही रोक सकेगा.

वो बोलते है न की “content is king” बस यही समझ लो| आपको अपना कंटेंट बहुत ही अच्छा लिखना होगा और कम-से-कम आप 1200+ शब्द का इस्तेमाल जरुर करें| यही अगर आप अंग्रेजी में लिख रहे है तो 2000+ शब्द का इस्तेमाल करें.

अगर ज्यादा कर सकते हो तो अच्छी बात है वेबसाइट रैंकिंग के लिए और जो आप कंटेंट लिखोगे वो आपका खुद का बना हुआ होना चाहिए कही से कॉपी मत करना.

Heading: आप अपने आर्टिकल में हैडिंग का इस्तेमाल अवश्य करें| Heading SEO के लिए बहुत जरूरी है|

एक बात का खास ख्याल रखे की आर्टिकल में जब भी आप हैडिंग का इस्तेमाल करें तो उसे Heading 2 (H2) लेना क्यूंकि आपका जो टाइटल है वो Heading 1 (H1) होता है.

आप अपने हैडिंग में ‘Focus Keyword’ का इस्तेमाल जरुर करें| उसी तरह आप Heading 3 (H3) और Heading 4 (H4) का इस्तेमाल कर सकते हो.

Keyword : आपको अपने आर्टिकल में LSI Keyword भी इस्तेमाल करने चाहिए और थोड़े बहुत जरूरी कीवर्ड को Bold कर देना जिससे गूगल को पता चले कि यह एक जरूरी वर्ड है और विसिटर का ध्यान भी उधर जरुर जाता है.

#8. Mobile Friendly Website

आपकी Website Mobile Friendly होनी चाहिए अगर आपकी साईट मोबाइल फ्रेंडली नही है तो आपकी साईट रैंक नही करेगी और गूगल में और विजिटर में इसका गलत इम्पैक्ट जायेगा.

यह थे कुछ पॉइंट On-Page SEO के बारें में| अब मै आपको इसका दूसरा स्टेप बताऊंगा जो है Off-Page SEO का|

Off Page SEO in Hindi – Off Page SEO कैसे करे

Off Page SEO Technique in Hindi

उपर आपने जाना On Page Optimization के बारे में| अब हम बात करेंगे ऑफ-पेज की:-

जैसे की आपने देखा की on-page में हमने सिर्फ अपनी वेबसाइट में काम किया था पर Off-page में इसका उल्टा है इसमें हम दूसरो की वेबसाइट में जाकर काम करते है.

Off Page SEO Technique करने के बहुत सारे तरीके है जो आप नीचे जानेंगे|

Off Page SEO Checklist in Hindi

1. Search Engine Submission : आपको अपनी वेबसाइट को सारे सर्च इंजन में सबमिट करना है|

2. Bookmarking : अपने ब्लॉग / वेबसाइट के पेज और पोस्ट को बुकमार्किंग वाली वेबसाइट में जाकर सबमिट करदो|

3. Directory Submission : अपने ब्लॉग / वेबसाइट को Popular High PR वाली डायरेक्टरी में जाकर सबमिट करदो|

4. Social Media : अपनी वेबसाइट का पेज और सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाओ और अपनी वेबसाइट का Link Add करदो जैसे की फेसबुक, गूगल+, ट्विटर, LinkedIn इत्यादि|

5. Classified Submission : फ्री क्लासिफाइड वेबसाइट में जाकर आपको अपनी वेबसाइट को फ्री में Advertise करना चाहिए.

6. Q & A Site : आप Question and Answer वाली वेबसाइट में जाकर कोई भी Question या Answer कर सकते हो और अपनी साईट का लिंक लगा सकते हो| जैसे की: Quora.com, AskHindi.com इत्यादि|

7. Blog Commenting : अपने ब्लॉग से रिलेटेड ब्लॉग पर जाकर उनके पोस्ट में कमेंट कर सकते हो और अपनी वेबसाइट या पोस्ट का लिंक (URL) लगा सकते हो| (Link वही लगाना जहा Website लिखा होता है|)

8. Pin : आप अपनी इमेज को Pinterest पर पोस्ट करदो| यह बहुत अच्छा तरीका है Traffic Increase करने का|

9. Guest Post : आप अपनी वेबसाइट से रिलेटेड ब्लॉग में जाकर गेस्ट पोस्ट कर सकते हो यह सबसे अच्छा तरीका है जहा से आप Do-Follow Link ले सकते हो.

What is The Difference Between Digital Marketing and SEO in Hindi

काफी लोगो को जो इस फील्ड में काम कर रहे हैं, उनको भी SEO और Internet Marketing के बीच का अंतर भी ज्ञात नहीं है.

कई लोगो को लगता है कि यह दोनों एक ही प्रक्रिया है, अर्थात एक ही काम है| परंतु ऐसा बिलकुल भी नहीं है, हम यदि आसान शब्दो में बात करे तो SEO, Internet Marketing का ही एक पार्ट है| जिसके द्वारा आप Internet Marketing कि फील्ड में काफी अच्छा काम कर सकते हो.

SEO और SEM में क्या अंतर है – What is The Difference Between SEO and SEM in Hindi

यदि हम आसान और छोटे वाक्य में इसके बीच का अंतर समझे तो SEO एक महत्वपूर्ण हिस्सा है SEM का| चलिये अब हम इन दोनों टर्म को डीटेल में समझते हैं.

SEO क्या है – SEO in Hindi

SEO (Search Engine Optimization) एक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से हर ब्लॉगर अपने ब्लॉग या वैबसाइट को सर्च इंजन में इस तरह से Optimize करता है कि वो अपने ब्लॉग या वैबसाइट पर फ्री में ट्रैफिक पा सके.

 SEM क्या है – SEM in Hindi

SEM (Search Engine Marketing) : फुल्ल फॉर्म से ही आप यह ज्ञात लगा सकते हैं कि यह मार्केटिंग की एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा आप अपने ब्लॉग को सर्च इंजन में ज्यादा विसिबल कर सकते हैं| जिससे आपकी वैबसाइट पर चाहे पैड ट्रेफिक आए या फ्री ट्रेफिक आए.

अब आपको शायद यह ज्ञात हो गया होगा कि SEO का मुख्य काम है वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करना है ताकि सर्च इंजिन में उसकी रैंकिंग बेहतर हो सके और फिर ट्रेफिक आए.

वही दूसरी और SEM में वेबसाइट की रैंकिंग बेहतर होने के साथ-साथ आपको कई दूसरे मेथड भी मिलते हैं जैसे कि PPC Advertising इत्यादि.

आइये अब हम SEO के कुछ Important Term को जानते हैं, जिसको पढ़ कर यदि आप फॉलो करे तो आप अपनी वेबसाइट की रैंकिंग को बेहतर कर सकते हैं-

दोस्तों, SEO कोई छोटी प्रक्रिया तो नहीं है लेकिन हाँ कई ऐसी बाते हैं जिसको कि आप Basic SEO भी बोल सकते हैं|

इसके बारे में कई लोगो को जानकारी नहीं होती है, और इसी वजह से मैंने सोचा कि क्यूँ ना आपको कुछ बेसिक टिप्स दूँ, जिसके बारे में आपको भी ज्ञात हो सके और आप अपनी वेबसाइट पर और अच्छा काम कर सके.

SEO क्या है – Some Important Point About Search Engine Optimization in Hindi
  • Backlink ⇒ यह SEO का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जिसको कि Inlink या फिर Simple Link भी कहा जाता है.

जब किसी दूसरी वेबसाइट पर आपकी वेबसाइट का लिंक डाला जाये जिसपर क्लिक करने से विजिटर सीधे आपकी वेबसाइट पर आ जाता है और आपकी साइट की अथॉरिटी भी बढती थी.

जिस लिंक के माध्यम से विजिटर आपकी वेबसाइट पर आएगा उसी को बैकलिंक कहा जाता है| इसके माध्यम से वेबसाइट की रैंकिंग में काफी फर्क पड़ता है, इसलिए आपको इस पॉइंट पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

  • Page Rank ⇒ यह एक तरह का Algorithm है, जो कि गूगल के माध्यम से इस्तेमाल किया जाता है और इसका मुख्य तौर पर यह अनुमान लगाने का काम है कि वेब में कौन-कौन से Relative Important Pages है|
  • Anchor Text ⇒ यह वह Text है, जो कि clickable है और यदि इसमे आपका कोई कीवर्ड मौजूद हो तो ये आपके SEO के अनुसार काफी हद तक मदद करता है.
  • Title Tag ⇒ Google Search Algorithm का यह (टाइटल टैग) बहुत ही महत्वपूर्ण फेक्टर है, किसी भी वेब पेज का टाइटल ही टाइटल टैग होता है इसलिए आप कन्फ्यूज ना होए|
  • Meta Tags ⇒ टाइटल टैग के तरह ही इसके इस्तेमाल से सर्च इंजिन को यह ज्ञात होता है कि कंटैंट में किस टॉपिक पर लिखा गया है, आप इसे शॉर्ट डीटेल भी बोल सकते हैं.
  • Search Algorithm ⇒ इसके माध्यम से हमे यह ज्ञात होता है कि पूरे इंटरनेट में कौन सा वेब पेज रिलेवेंट है|

मैं आपको बता दूँ कि करीबन 200 Algorithm गूगल के Search Algorithm में काम करते है|

  • SERP ⇒ यदि हम इसके फूल फॉर्म के बारे में बात करे तो – Search Engine Results Page है| और यह सिर्फ उन्ही पेज को दिखाता है जो Google Search Engine के अनुसार से Relevant हो|
  • Keyword Density ⇒ यह भी SEO का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसके माध्यम से हमे यह ज्ञात होता है कि कोई भी कीवोर्ड हमारे आर्टिक्ल में कितने बार इस्तेमाल हुआ है|
  • Keyword Stuffing ⇒ इसको आप Keyword Density के अपोजिट में भी समझ सकते हैं, अर्थात कि कीवोर्ड इस्तेमाल करने के भी लिमिट है|

यदि आप ज़रूरत से ज्यादा बार एक ही कीवोर्ड को इस्तेमाल करते हैं तो यह Keyword Stuffing कहलता है|

इन पॉइंट का भी आप एक ब्लॉग या आर्टिक्ल लिखते समय ध्यान रखे, क्यूंकी यह Negative SEO के नाम से जाना जाता है, जो कि आपके ब्लॉग या वेबसाइट के लिए अच्छा नहीं है.

  • Robots.txt ⇒यह एक तरह कि फ़ाइल है जो कि डोमैन के रूट में रखा जाता है, इसके इस्तेमाल से सर्च बोट्स को यह ज्ञात होता है कि वेबसाइट में स्ट्रक्चर कैसा है.

दोस्तों मैं अब इस पोस्ट को यही पर फिनिश कर रहा हूँ, क्यूंकि मेरे हिसाब से मैंने इस लेख में आपके लिए अब SEO क्या है से जुड़ी पूरी जानकारी इस लेख के माध्यम से आप तक पंहुचा दिया है|

यदि फिर भी आपको इससे रिलेटेड कोई भी प्रश्न है तो आप नीचे Comment Box में जाकर अपना सवाल पूछ सकते हो|

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About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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