Independence Day (India) Poem

15 August Independence Day Poem in Hindi 2021

स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविता
Written by Himanshu Grewal

आप सभी को मेरी ओर से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज के इस देश भक्ति लेख में मैं आपके साथ 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविता शेयर करने जा रहा हूँ, जिसको आप अपने विद्यालय या कॉलेज में स्टेज पर बोल कर स्वतंत्रता दिवस की शोभा बढ़ा सकते हो।

जब पूरी दुनिया के लोग सो रहे थे तब ब्रिटिश शासन से जीवन और आजादी पाने के लिये भारत में लोग संघर्ष कर रहे थे।

दोस्तों, आपको यह जान कर बहुत खुशी होगी कि आजादी के बाद, दुनिया में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारा देश विविधता में एकता के लिये प्रसिद्ध है। भारतीय लोग हमेशा अपनी एकता से जवाब देने के लिये तैयार रहते है। जैसा कि हम जानते है कि स्वतंत्रता दिवस हम सभी के लिये एक मंगल अवसर है, हम सब इस दिन को इसलिए मनाते है क्योंकि 15 अगस्त 1947 को ही हमारा देश आजाद हुआ था, और ब्रिटिश राज से हमें मुक्ति मिली थी।

इस वर्ष 2021 में हम भारत का 75 वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने इकठ्ठा हुए है।

हम सभी भारतीय नागरिकों के लिये स्वतंत्रता दिवस का यह दिन बहुत महत्वपूर्ण दिन है, और यह इतिहास में सदा के लिये उल्लिखित हो चुका है।

15 अगस्त 2021 के दिन सभी स्कूल में एक अलग ही चमक होती है, क्योंकि इस दिन पढ़ाई नहीं होती लेकिन बच्चे स्कूल जरूर आते हैं। अपने देश का झंडा फहरते हुए देखते हैं, इसके साथ ही कई बच्चों का समूह कुछ देशभक्ति गानों पर नृत्य भी पेश करता है, वहीं कुछ बच्चे देश भक्ति गीत गाते हैं।

अगर आपका भी मन है कि आप इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर अपने स्कूल में स्टेज पर कोई देश भक्ति कविता बोलना चाहते हैं, तो इससे अच्छी और क्या बात होगी?

मैं इस लेख में आपके लिए Hindi Poem For Indian Independence Day शेयर करूंगा, आपको जो कविता सबसे अच्छी और आसान लगे उसे आप एक्शन के साथ याद कर के जरूर सुनाए। मैं यकीन के साथ बोल सकता हूँ कि आपकी प्रशंसा जरूर होगी। तो चलिए पहली 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर कविता को पढ़ते हैं-

स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविता 2021

स्वतंत्रता दिवस पर कविता 2021

नोट: इस लेख में हम बच्चों के लिए 15 अगस्त पर बाल कविता शेयर करने जा रहे है। अगर आप अपने विद्यालय या कॉलेज के लिए स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर भाषण लिखना चाहते हो तो आप 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण वाला लेख पढ़ सकते है।

देश भक्ति पर भाषण पढ़ने के लिए आप स्वतंत्रता दिवस पर प्रेरणादायक भाषण पर क्लिक करें।

तो आइए मेरे प्यारे साथियों, अब हम अपनी आजादी पर कविता को पढ़ना शुरू करते है।


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स्वतंत्रता संग्राम पर कविता | ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है

Independence Day Poem in Hindi

Poems for Independence Day in Hindi

15 अगस्त पर कविताएं

विश्व भर में भारती की ये अमित पहचान है।
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े,
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े,

ये तिरंगा दिल की धड़कन ये हमारी जान है,
ये तिरंगा वीरता का गूँजता इक मंत्र है,
ये तिरंगा वंदना है भारती का मान है..

ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का संदेश है,
ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है,
ये तिरंगा इस धरा पर शांति का संधान है...

इसके रेशों में बुना बलिदानियों का नाम है,
ये बनारस की सुबह है, ये अवध की शाम है,
ये तिरंगा ही हमारे भाग्य का भगवन है...

ये कभी मंदिर कभी ये गुरुओं का द्वारा लगे,
चर्च का गुंबद कभी मस्जित का मिनारा लगे,
ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है....

ये तिरंगा बाईबल है भगवत का श्लोक है,
ये तिरंगा आयत-ए-कुरआन का आलोक है,
ये तिरंगा वेद की पावन त्रांचा का ज्ञान है...

ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है,
ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है,
ये तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है...

ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है,
ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धूप है,
ये तिरंगा भव्य हिमगिरि का अमर वरदान है...

शीत की ठंडी हवा, ये ग्रीष्म का अंगार है,

सावनी मोसम में मेघों का छलकता प्यार है,
झंझावातों में लहरता ये गुणों की खान है...

ये तिंरगा लता की इस कुहुकती आवाज है,
ये रवि शंकर के हाथों में थिरकता सांज है,
टैगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है...

ये तिरंगा गांधी जी की शांति वाली खोज है,
ये तिरंगा नेता जी के दिल से निकला ओज है,
ये विवेकानंद जी का जगजयी अभियान है..

रंग होली के है इसमें ईद जैसा प्यार है,
चमक क्रिसमस की लिए यह दीप-सा त्यौहार है,

ये तिरंगा कह रहा-ये संस्कृति महान है...

ये तिरंगा अंदमानी काला पानी जेल है,
ये तिरंगा शांति ॐ क्रांति का अनुपम मेल है,
वीर सावरकर का ये इक साधना संगान है...

ये तिरंगा शहीदों का जलियाँवाला बाग़ है,
ये तिरंगा क्रांति वाली पुण्य पावन आग है,
क्रांतिकारी चंद्रशेखर का ये स्वाभिमान है...

कृष्ण की ये नीति जैसा का वनवास है,
आघ शंकर के जतन-सा बुद्ध का सन्यास है,
महावीर स्वरूप ध्वज ये अहिंसा का गान है...

रंग केसरिया बताता वीरता ही कर्म है,
श्वेत रंग यह कह रहा है, शांति ही धर्म है,
हरे रंग के स्नेह से ये मिट्टी ही धनवान है...

ऋषि दयानंद के ये सत्य का प्रकाश है,
महाकवि तुलसी के पूज्य राम का विश्वास है,
ये तिंरगा वीर अर्जुन और ये हनुमान है[email protected]

यहाँ पर हमारी पहली देशभक्ति बाल कविता 2021 के लिए समाप्त होती है, अगर आप 10, 11 या 12 कक्षा के छात्र है तो मुझे यकीन है कि यह Hindi Poems About India आपके लिए कठिन नहीं होगी। अब हम अपनी दूसरी स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविता को पढ़ना शुरू करते है जो इस प्रकार है:-

Independence Day Poem in Hindi (प्यारा हिंदुस्तान है)

Independence Day Poem in Hindi

Poetry for Independence Day in Hindi

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर कविता

अमरपुरी से भी बढ़कर के जिसका गौरव-गान है-

तीन लोक से न्यारा अपना प्यारा हिंदुस्तान है।
गंगा, यमुना सरस्वती से सिंचित जो गत-क्लेश है।
सजला, सफला, शस्य-श्यामला जिसकी धरा विशेष है।
ज्ञान-रश्मि जिसने बिखेर कर किया विश्व-कल्याण है-
सतत-सत्य-रत, धर्म-प्राण वह अपना भारत देश है।

यहीं मिला आकार ‘ज्ञेय’ को मिली नई सौग़ात है-
इसके ‘दर्शन’ का प्रकाश ही युग के लिए विहान है।

वेदों के मंत्रों से गुंजित स्वर जिसका निर्भ्रांत है।
प्रज्ञा की गरिमा से दीपित जग-जीवन अक्लांत है।
अंधकार में डूबी संसृति को दी जिसने दृष्टि है-
तपोभूमि वह जहाँ कर्म की सरिता बहती शांत है।
इसकी संस्कृति शुभ्र, न आक्षेपों से धूमिल कभी हुई-
अति उदात्त आदर्शों की निधियों से यह धनवान है।।

योग-भोग के बीच बना संतुलन जहाँ निष्काम है।
जिस धरती की आध्यात्मिकता, का शुचि रूप ललाम है।

निस्पृह स्वर गीता-गायक के गूँज रहें अब भी जहाँ-
कोटि-कोटि उस जन्मभूमि को श्रद्धावनत प्रणाम है।
यहाँ नीति-निर्देशक तत्वों की सत्ता महनीय है-
ऋषि-मुनियों का देश अमर यह भारतवर्ष महान है।

क्षमा, दया, धृति के पोषण का इसी भूमि को श्रेय है।
सात्विकता की मूर्ति मनोरम इसकी गाथा गेय है।
बल-विक्रम का सिंधु कि जिसके चरणों पर है लोटता-
स्वर्गादपि गरीयसी जननी अपराजिता अजेय है।
समता, ममता और एकता का पावन उद्गम यह है
देवोपम जन-जन है इसका हर पत्थर भगवान है।

-डॉ. गणेश दत्त सारस्वत द्वारा लिखी गई यह कविता, भारत का बहुत ही सुन्दर शब्दों में विवरण कर रही है। आप चाहे तो इस कविता को भी याद कर सकते हैं।

Patriotic Poems in Hindi For Class 2

हमारी तीसरी हिंदी कविता का शीर्षक है “स्वतंत्र हिन्दू वासियों”।

Short Poem on 15 August in Hindi

स्वतंत्र हिन्दू वासियों आजाद भारत की शान,
फूलों फलों खुब तुम दुआ करता है हिंदुस्तान...

चलो सिर ऊंचा करके भारत देश वासियों,
स्वतंत्रता पे करलो नाज मेरे प्यारे भारत हिन्द वासियों...

स्वतंत्रता दिवस है याद करलो उन महान वीरों को,
आजाद हिन्दू फोज है सभी सहिदों को..

स्वतंत्रता सेनानी को बापू और पटेल को,
भारत के फोजियों को सीमाओं पे खड़े जो...

हिफाजद में हम सबकी हो रहे है कुर्बान,
इमानदारी से है दे रहे वो लाखो के है दान...

माना की दे सकते नही सभी वतन के लिए जान,
पर सच्चाई और इमानदारी से तो कर सकते है अपने काम...

भरष्टाचार का गंदा धब्बा न लगे तिरंगे पे,
बनता है फर्ज इतना तो हमारा देश के लिए,

आओ सत्यता ईमानदारी से सब काम को करें
मिलजुल के मिलजुल के वतन को उचाइओ पे ले चले...

अनेकता में एकता की प्रचण्ड शक्ति हम,
माता को गर्व है हम पे अरबो की शक्ति हम..

कैसे है कोई एक दुर्बल है रह न पाए,
अरबो है हम देश में प्रबल उसको बनाये हम...

करे आओ कुछ ऐसा हम जो हो स्वार्थ से परे,
को फोजी भी कभी फक्र करें हमारे काम पे...

|| जय हिन्द ||

दोस्तों मैं बोलना चाहूँगा कि यह भी एक खूबसूरत कविता है और काफी छोटी भी है आप इसे बहुत ही आसानी से याद कर सकते हैं। यकीनन ही यह आपको बहुत जल्द याद हो जाएगी।

Poem on Independence Day in Hindi for Nursery Class

Poem on Independence Day in Hindi for Nursery Class

Poem on Independence Day for Kids

Swatantrata Diwas Par Kavita in Hindi

नाला-ए-बुलबुल (अज्ञात रचनाकार)

दे दे मुझे तू ज़ालिम, मेरा ये आशियाना,
आरामगाह मेरी, मेरा बहिश्तख़ाना।

देकर मुझे भुलावा, घर-बार छीनकर तू,
उसको बना रहा है, मेरा ही कै़दख़ाना।

उसके ही खा के टुकड़े, बदख़्वाह बन गया तू,
मुफ़लिस समझ के जिसने, दिलवाया आबो-दाना।

मेहमां बना तू जिसका, जिससे पनाह पाई,
अब कर दिया उसी को, तूने यों बेठिकाना।

उसके ही बाग़ में तू, उसके कटा के बच्चे,
मुंसिफ़ भी बन के ख़ुद ही तू कर चुका बहाना।

दर्दे-जिगर से लेकिन चीखूंगी जब मैं हरदम,
गुलचीं सुनेगा मेरा पुर-दर्द यह फ़साना।

सोजे़-निहां की बिजली सर पर गिरेगी तेरे,
ज़ालिम! तू मर मिटेगा, बदलेगा यह ज़माना।

मुझको न इस तरह का, अब कुछ मलाल होगा,
गुलज़ार फिर बनेगा मोहन का कारख़ाना।

Independence Day in Hindi Poem 2021

Independence Day in Hindi Poem

Independence Day in Hindi Poem

Patriotic Poems in Hindi For Class 1, 2, 4, 5, 7, 8

अरुण यह मधुमय देश हमारा (जयशंकर प्रसाद)

अरुण यह मधुमय देश हमारा।
जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा।।
सरल तामरस गर्भ विभा पर, नाच रही तरुशिखा मनोहर।
छिटका जीवन हरियाली पर, मंगल कुंकुम सारा।।
लघु सुरधनु से पंख पसारे, शीतल मलय समीर सहारे।
उड़ते खग जिस ओर मुँह किए, समझ नीड़ निज प्यारा।।
बरसाती आँखों के बादल, बनते जहाँ भरे करुणा जल।
लहरें टकरातीं अनन्त की, पाकर जहाँ किनारा।।
हेम कुम्भ ले उषा सवेरे, भरती ढुलकाती सुख मेरे।
मंदिर ऊँघते रहते जब, जगकर रजनी भर तारा।।

आजादी पर कविता और आजादी की कविता

अल्लाह नाम वालो (प्रीतम)

अल्लाह नाम वालो, सुन लो कथा हमारी,
मस्जिद के तुम हो बंदे, मंदिर के हम पुजारी।

हैं नाम उसके कितने, पर एक ही ख़ुदा है,
हज़रत हुसैन वो ही, वंशी थी जिसकी प्यारी।

वह करबला में आया, गोकुल में भी वही था,
गीता बनाई उसने, जिसकी अज़ां है जारी।

कुरआन है जो उसका, तो वेद भी उसी का,
‘प्रीतम’ न फ़र्क़ समझो, दुनिया उसी की सारी।

Desh Bhakti Poem in Hindi For Class 1 | भारतीय तिरंगे का गीत | स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

स्वतंत्रता दिवस पर कविता

हरी भरी धरती हो
नीला आसमान रहे
फहराता तिरँगा,
चाँद तारों के समान रहे।
त्याग शूर वीरता
महानता का मंत्र है
मेरा यह देश
एक अभिनव गणतंत्र है

शांति अमन चैन रहे,
खुशहाली छाये
बच्चों को बूढों को
सबको हर्षाये

हम सबके चेहरो पर
फैली मुस्कान रहे
फहराता तिरँगा चाँद
तारों के समान रहे।

-कमलेश कुमार दीवान जी हैं इस कविता के कवी, आप चाहे तो कविता बोलने के बाद या पहले इनका नाम भी स्टेज पर बोल सकते हैं।

बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस पर कविता हिंदी में | आया स्वतंत्रता दिवस महान | Short Poem on Independence Day in Hindi
आया स्वतंत्रता दिवस महान
हर चहरे पर है मुस्कान
खुली हवा है खुला आकाश,
देश खड़ा है सीना तान

रहे न कोई भूखा प्यासा
मन में रहे न कहीं निराशा
खून पसीने से सीचेंगे,

नया जोश है नयी है आशा

पंद्रह अगस्त हमें है प्यारा
आजादी का पर्व ये न्यारा
मुट्ठी में आकाश कर लिया,
यश गाता है ये जग सारा...

Swatantrata Diwas Poem Hindi 2021
लहू से लिखा गया हैं जिसका, आजादी का इतिहास
गर्व है हमें इस देश पर जहां करते हैं हम निवास ।।

यहां गली गली पर चौराहों पर चिड़ियां चह चहाती है
अपनी मीठी बोली में देश भक्ति गुनगुनाती हैं।।

जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एक साथ रहते है
अनेकता में एकता की वाणी कहते हैं।।

उत्तर में खड़ा है हिमालय पर्वत बड़ा विशाल।
यह सिर्फ पर्वत नहीं है यारो, यह है देश की शान।।

धन दौलत की नहीं हम प्यार की वाणी कहते हैं
पैसे से ऊपर उठकर सपनों को सजोंते हैं।।

शहर शहर में गांव गांव में लोग प्यार बाटते फिरते है
भाईचारे का महत्व दुनिया को सिखाते हैं।।

हमें आजादी देने के लिए जिन्होंने गवाए हैं, अपने प्राण।
ऐसे वीर जवानों को हम करते हैं प्रणाम।।

स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर हम वीरों को याद करते हैं।
उनके याद में हम सब बच्चे हर साल तिरंगा फहराते हैं।

~सुष्मिता साव

How do you write an Poems on India Independence Day (15 August) for School?

स्वतंत्रता दिवस पर बाल कविता लिखने के लिए आपको अपने अंदर देश प्रेम की भावना जगानी होगी और स्वतंत्रता दिवस से संबंधित कविताओं को पढ़ना होगा। जब आप 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कविता को पढ़ेंगे तब आपके मन में कविता की पंक्तियाँ स्वयं आने लगेगी।


एक देशभक्त कवि कौन है?

देशभक्त कवि उन कवियों को कहते हैं, जो अपनी कविताओं से देशभक्ति की भावना, वीरों की कुर्बानी का गुणगान करते है और जवान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इन कवियों की कविताओं में इतनी शक्ति होती है कि यह कविताएं किसी भी व्यक्ति के मन में देशभक्ति की भावना का संचार कर सकती हैं।

👉 हिंदी साहित्य में कई सारे ऐसे कवि हैं। जो देशभक्ति कविताएं लिखते हैं। हालाँकि देशभक्ति की कविताएं लिखने का दौर आजादी के पहले से ही शुरू हो चुका था।

👉 कविताओं के माध्यम से लोग दूसरों के मन में और विशेष तौर पर अंग्रेजों की गुलामी सहन कर रही भारतीय जनता के दिलों में देशभक्ति जाग्रत की जा सके।

👉 गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर, सरोजिनी नायडू, बंकिम चंद्र चटर्जी, हरिवंश राय बच्चन, जयशंकर प्रसाद‌ जैसे कवियों ने कई सारी देशभक्ति कविताएं लिखी हैं। इन कवियों ने अपनी कविताओं में न सिर्फ देश भक्ति के बोल कहें है बल्कि वीरों की कुर्बानी का वर्णन भी किया है। इन कवियों की कविताओं को पढ़कर बच्चों के मन में देश प्रेम की भावना तो भर जाती है साथ ही साथ देश में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने के लिए वह हर कदम उठाने को तैयार हो जाते हैं।

👉 देश में व्याप्त भ्रष्टाचार कुरीतियों को समाप्त करने के लिए देश भक्त कवि अपनी कविताओं में कुछ ऐसे बोल लिखते हैं। जिसके द्वारा देशवासियों के मन में अपने देश के लिए प्रेम और जोश भर जाता है।

👉 देश में व्याप्त कुरीतियों और अंधविश्वास का वर्णन करने के लिए यह देश भक्त कवि आलोचक बन कर बच्चों को अपने कविताएं सुनाते हैं।


Who are the real enemies of a nation?

देश के असली दुश्मन कौन हैं? हम समझते है कि हमारा देश आजादी के बाद स्वतंत्र हो गया है हम सभी स्वतंत्र भारत में जीते हैं। लेकिन अगर आप गौर करेंगे तो आपको समझ में आएगा कि हमारा देश आज भी किसी ना किसी की गुलामी कर रहा है। जहां पहले हम प्रत्यक्ष रूप से अंग्रेजों के गुलाम थे। वही आज हम अप्रत्यक्ष रूप से राजनीति, जाति भेद, कुरीतियों, अंधविश्वास और भ्रष्टाचार की गुलामी कर रहे हैं।

देश भर में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। ढोंगी नेता जातिवाद के नाम पर हिंदू मुसलमान को आपस में लड़ा कर अपने मंसूबे पूरे कर रहे हैं। देश को बचाने के लिए आए दिन जवान बॉर्डर पर शहीद हो रहे हैं। विदेश अप्रत्यक्ष रूप से हमारे देश की आर्थिक स्थिति को खराब करने का प्रयत्न कर रहा है और हम सभी देशवासियों जाने अनजाने विदेशी सामानों पर इस कदर निर्भर हो चुके हैं कि उन सामानों के बिना हमारी जिंदगी अधूरी लगती हैं।

यह गुलामी नहीं तो और क्या है! वे विदेशी जो हमारे आर्थिक व्यवस्था को दीमक की तरह नष्ट कर रहे हैं वही तो हमारे देश के असली दुश्मन है। इन लोगों से भी बड़े अपराधी तो हम सभी हैं। जो अपने आनंद और खुशी के लिए इन सभी चीजों पर निर्भर हो चुके हैं। जिस देश में कल्पना चावला, एपीजे अब्दुल कलाम आजाद जैसे विद्वान जन्में है। जीरो का आविष्कार करने वाले आर्यभट्ट और प्रकांड पंडित चाणक्य ने जिस देश का मान बढ़ाया है। उस देश में आज नौजवानों की स्थिति दिन प्रतिदिन बेकार होती जा रही है।

नौजवान देश में व्याप्त बेरोजगारी को इसका कारण मानते हैं। लेकिन आज हमारे देश के नौजवान अपने देश को मजबूत करने के लिए कोई प्रयत्न नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अपने देश को ऐसे लोगों के ऊपर सौंप दिया है जिन्हें अपने फायदे के अलावा किसी और से कोई मतलब नहीं है।

आज हमारे देश की जो अवस्था है उसका कारण कोई और नहीं बल्कि हम भारतवासी हैं। क्योंकि हमने अपने दुश्मनों को ही अपना देश दे दिया है।


आशा है आपको स्वतंत्रता दिवस पर कविता 2021 पसंद आई होंगी, आपको 15 अगस्त पर कविता 2021 कैसी लगी कमेंट के माध्यम से बताना जरूर। आप चाहे तो स्वतंत्रता दिवस कविता के इस लेख को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर भी कर सकते हैं ताकि वो अपने विद्यालय में 15 अगस्त कविता को बोल सके। “धन्यवाद”

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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