Republic Day

Republic Day 2021 Speech in Hindi For School Students

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Written by Himanshu Grewal
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शीर्षक: Speech on 26 January in Hindi For Student.

सर्वप्रथम आप सभी को हिमांशु ग्रेवाल की और से 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आज के इस लेख में मैं आपके लिए 26 जनवरी पर एक साथ 5 गणतंत्र दिवस भाषण अपडेट करूंगा। भारतवासियों के लिए जितना आवश्यक दिवाली, दशहरा और होली होती है, उतनी ही आवश्यक स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस भी होता है। और शायद इसीलिए हम गणतंत्र दिवस को हर साल 26 जनवरी 1950 से मनाते आ रहे है।

इस लेख को लिखने में मुझे बहुत मेहनत लगती है क्योंकि कभी किताबों से तो कभी किसी मंत्री के भाषण से और कभी-कभी यूट्यूब की सहायता से मैं आपके लिए एक लेख तैयार करता हूँ। आशा करता हूँ कि इस लेख के द्वारा आप अपने बच्चों को गणतंत्र दिवस से जुड़े इतिहास के बारे में अवगत करा पाएंगे।

मित्रों, आपका ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुये आइये मैं आपको बता देता हूँ कि मैं आज एक साथ इतने सारे गणतंत्र दिवस पर भाषण क्यू अपडेट कर रहा हूँ? लेकिन उससे पहले मैं आप सभी माता-पिता से गुजारिश करना चाहता हूँ कि आप अपने बच्चों को स्टेज पर भेजिये और भाषण देने के लिए प्रेरणा दीजिये क्योंकि इससे आपके बच्चों में एक लीडरशिप की क्वालिटी आएगी, जो की हर व्यक्ति में होनी आवश्यक है।

एक विद्यालय में कक्षा 1 से लेकर 12 तक के भी छात्र पढ़ते हैं और उनको भी शायद कभी मन करता है कि वो स्टेज पर जाये और कुछ बोले। परंतु अक्सर शिक्षक यह मौका बड़े बच्चों को ही देते हैं, क्योंकि उनको लगता है एक छोटा बच्चा स्टेज पर क्या बोलेगा। आइये, आज सभी बच्चों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं। दोस्तों, 26 जनवरी पर भाषण के शब्द बहुत ही आसान है तो आप उनको ये भाषण आसानी से याद करा सकते हैं, बस आपको थोड़ा अध्यन रखना होगा। तो चलिये अपनी 26 जनवरी स्पीच पढ़ना शुरू करते हैं:-

Speech on 26 January in Hindi 100 Words

Speech on 26 January in Hindi 100 Words

नमस्कार, आज मैं यहां आपको गणतंत्र दिवस पर एक छोटा सा भाषण सुनाने के लिए आया हूँ। 26 जनवरी को पूरा भारतवर्ष हर साल बड़े धूमधाम से मनाता है क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। 26 जनवरी 1950 के इस खास दिन पर भारतीय संविधान ने शासकीय दस्तावेजों के रूप में भारत सरकार के 1935 के अधिनियम का स्थान ले लिया। भारत सरकार द्वारा इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है।

भारत के लोग इस महान दिन को अपने तरीके से मनाते है। इस दिन पर भारत के राष्ट्रपति के समक्ष नई दिल्ली के राजपथ (इंडिया गेट) पर परेड का आयोजन होता है। अब मैं 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर 250 शब्दों का भाषण अपडेट कर रहा हूँ जो कि कक्षा 4 एवं 5 के छात्रों के लिए है।

26 जनवरी पर भाषण कैसे दें?

गणतंत्र दिवस के पर्व पर हिंदी भाषण की सामग्री इंटरनेट पर उपलब्ध है। लेकिन अगर आप स्कूल में छोटी कक्षा में पढ़ते हुए अगर आप खुद से भाषण तैयार करना चाहते है तो नीचे दिए गए टिप्स एक अच्छी स्पीच तैयार करने में आपकी मदद करेंगे।

  1. भाषण के पहले पैराग्राफ में आप गणतंत्र दिवस का संक्षिप्त (brief) वर्णन करें। जिससे लोगों को गणतंत्र दिवस की महत्वता पता चल सके।
  2. अपने भाषण में होने वाले शब्द साधारण रखें। ताकि किसी को भी स्पीच में शामिल शब्दों को समझने में दिक्कत न हो।
  3. भाषण में गणतंत्र दिवस को बनाने की शुरुआत, कारण और इसकी महत्वता का उल्लेख करें।
  4. भाषण में कम से कम शब्दों में अधिक बातें लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करें। क्योंकि छोटी कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी स्पीच को बोलना थोड़ा मुश्किल होता है। अतः अपने भाषण को छोटा एवं सिंपल रखने का प्रयास करें।
  5. अंत में भाषण को positive way में खत्म करे। अर्थात आपके भाषण के अंत में लोगों को देशभक्ति से जुड़ा संदेश पहुंचना चाहिए। और ध्यान से सुनने के लिए जनता के धन्यवाद के साथ आपका भाषण समाप्त होना चाहिए।

तो यह थे कुछ टिप्स जिनको ध्यान में रखकर आप अपने लिए एक अच्छी सी स्पीच तैयार कर सकते हैं।

26 January Speech in Hindi For School Students 200 Words

26 January Speech in Hindi For School Students 200 Words

आप सभी को मेरा नमस्कार, आज मैं (अपना नाम) यहाँ आपको गणतंत्र दिवस पर एक छोटा सा भाषण सुनाने के लिए आया हूँ। गणतंत्र दिवस को 26 जनवरी भी कहा जाता है जो कि हर साल मनाया जाता है। ये दिन हर भारतीयों के लिये मायने रखता है क्योंकि इसी दिन 1950 में भारत को एक गणतांत्रिक देश घोषित किया गया था।

आजादी के बाद एक ड्राफ्टिंग कमेटी को 28 अगस्त 1947 की मीटिंग में भारत के स्थायी संविधान का प्रारूप तैयार करने को कहा गया। 4 नवंबर 1947 को डॉ भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में भारतीय संविधान के प्रारूप को सदन में रखा गया। इसे पूरी तरह तैयार होने में लगभग तीन साल का समय लगा और आखिरकार इंतजार की घड़ी 26 जनवरी 1950 को इसको लागू होने के साथ ही खत्म हुई। साथ ही पूर्णं स्वराज की प्रतिज्ञा का भी सम्मान हुआ।

भारत में गणतंत्र दिवस का दिन राष्ट्रीय अवकाश के रूप में मनाया जाता है, और इस महान दिन का उत्सव लोग अपने-अपने तरीके से मनाते है, जैसे – समाचार देखकर, स्कूल में भाषण के द्वारा या भारत की आजादी से संबंधित किसी प्रतियोगिता में भाग लेकर आदि। इस दिन भारतीय सरकार द्वारा नई दिल्ली के राजपथ पर बहुत बड़ा कार्यक्रम रखा जाता है, जहाँ झंडारोहण और राष्ट्रगान के बाद भारत के राष्ट्रपति के समक्ष इंडिया गेट पर भारतीय सेना द्वारा परेड किया जाता है।

जय हिन्द…!

दोस्तो, यह दो भाषण प्राथमिक कक्षा के छात्रों के लिए था अब मैं एक और 26 जनवरी पर देश भक्ति भाषण हिंदी में अपडेट करूंगा जो कक्षा 6, 7 एवं 8 के बच्चे अपने पसंद के अनुसार पढ़ के सुना सकते हैं।

Motivational Speech on 26 January in Hindi 300 Words

Motivational Speech on 26 January in Hindi 300 Words

Republic Day 2021 Speech in Hindi for School Students

यहां प्रस्तुत सभी को मेरा नमस्कार, आज मैं यहाँ आपको गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक छोटा सा भाषण सुनाने के लिए प्रस्तुत हुआ हूँ।

भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में जाना जाता है जो कि भारत के लोगों द्वारा बेहद खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य होने के महत्व को सम्मान देने के लिये इसको मनाया जाता है जो 26 जनवरी 1950 में भारत के संविधान के लागू होने के बाद घोषित किया गया था। इसे ब्रिटिश शासन से भारत की ऐतिहासिक आजादी को याद करने के लिये मनाया जाता है।

इस दिन को भारत सरकार द्वारा पूरे देश में राजपत्रित अवकाश के रूप में घोषित किया गया है। इसे पूरे भारत वर्ष में विद्यार्थीयों द्वारा स्कूल, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में मनाया जाता है। भारत सरकार हर साल राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित करती है जिसमें इंडिया गेट पर खास परेड का आयोजन होता है। सुबह-सुबह ही इस महान कार्यक्रम को देखने के लिये लोग राजपथ पर इकट्ठा होने लगते है। इसमें तीनों सेनाएं विजय चौक से अपनी परेड को शुरू करती है जिसमें तरह-तरह अस्त्र-शस्त्रों का भी प्रदर्शन किया जाता है।

आर्मी बैंड, एन.सी.सी कैडेट्स और पुलिस बल भी विभिन्न धुनों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करते है। राज्यों में भी इस उत्सव को राज्यपाल की मौजूदगी में बेहद शानदार तरीके से मनाया जाता है। भारत में आजादी के बाद “विविधता में एकता” के अस्तित्व को दिखाने के लिये देश के विभिन्न राज्य भी खास झांकियों के माध्यम से अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रगति को प्रदर्शित करते है। लोगों द्वारा अपनी तरफ का लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाता है साथ ही गायन, नृत्य और वाद्य यंत्रों को बजाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में तीन रंगों (केसरिया, सफेद, और हरा) के फूलों की बारिश वायु सेना द्वारा की जाती है जो आकाश में राष्ट्रीय झंडे का चिन्ह प्रदर्शित करता है। शांति को प्रदर्शित करने के लिये कुछ रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में छोड़ा जाता है।

जय हिन्द…!

अब मैं विद्यालय में पड़ा रहे अध्यापकों के लिए गणतंत्र दिवस पर भाषण प्रस्तुत करने जा रहा हूँ जोकि 400 शब्दों का होगा।

Republic Day Speech in Hindi For School Teachers 400 Words

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26 January 2021 Speech in Hindi

यहाँ प्रस्तुत सभी को मेरा नमस्कार, आज मैं (अपना नाम एवं जिस कक्षा में आप पढ़ रहे हैं) यहाँ आपको गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक भाषण सुनाने के लिए प्रस्तुत हुआ हूँ।

हमारी मातृभूमि भारत लंबे समय तक ब्रिटिश शासन की गुलाम रही जिसके दौरान भारतीय लोग ब्रिटिश शासन द्वारा बनाये गये कानूनों को मानने के लिये मजबूर थे, भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा लंबे संघर्ष के बाद अंत: 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली। लगभग ढाई साल बाद भारत ने अपना संविधान लागू किया और खुद को लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में घोषित किया। लगभग 2 साल 11 महीने और 18 दिनों के बाद 26 जनवरी 1950 को हमारी संसद द्वारा भारतीय संविधान को पास किया गया। खुद को संप्रभु, लोकतांत्रिक, गणराज्य घोषित करने के साथ ही भारत के लोगों द्वारा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

भारत में निवास कर रहे लोगों और विदेश में रह रहे भारतीयों के लिय गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाना सम्मान की बात है। इस दिन की खास महत्ता है और इसमें लोगों द्वारा कई सारे क्रिया-कलापों में भाग लेकर और उसे आयोजित करके पूरे उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है। इसका बार-बार हिस्सा बनने के लिये लोग इस दिन का बहुत उत्सुकता से इंतजार करते है।

गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी एक महीन पहले से ही शुरू हो जाती है और इस दौरान सुरक्षा कारणों से इंडिया गेट पर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी जाती है जिससे किसी तरह की अपराधिक घटना को होने से पहले रोका जा सके। पूरे भारत में इस दिन सभी राज्यों की राजधानीयों और राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भी इस उत्सव पर खास प्रबंध किया जाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा झंडा रोहण और राष्ट्रगान के साथ होता है, इसके बाद तीनों सेनाओं द्वारा परेड, राज्यों की झाकियोँ की प्रदर्शनी, पुरस्कार वितरण, मार्च पास्ट आदि क्रियाएं होती है और अंत में पूरा वातावरण “जन गण मन गण” से गूँज उठता है। इस पर्व को मनाने के लिये स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी बेहद उत्साहित रहते है और इसकी तैयारी एक महीने पहले से ही शुरू कर देते है।

इस दिन विद्यार्थियों एकेडमी में, खेल या शिक्षा के दूसरे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिये पुरस्कार, इनाम, तथा प्रमाण पत्र आदि से सम्मान किया जाता है। पारिवारिक लोग इस दिन अपने दोस्त, परिवार,और बच्चों के साथ सामाजिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर मनाते है| सभी सुबह 8 बजे से पहले राजपथ पर होने वाले कार्यक्रम को टी.वी पर देखने के लिये तैयार हो जाते है। इस दिन सभी को ये वादा करना चाहिये कि वो अपने देश के संविधान की सुरक्षा करेंगे, देश की समरसता और शांति को बनाए रखेंगे साथ ही देश के विकास में सहयोग करेंगे।

जय हिंदी…!

Speech on 26 January in Hindi

26 January Speech in Hindi For Children

Speech on Republic Day 2021 in Hindi To Principal

सम्मानीय प्रधानाचार्य, अध्यापक, अध्यापिकाएं, मेरे सहपाठियों को सुबह की नमस्ते| मेरा नांम …….। मैं कक्षा ……. में पढ़ता/पढ़ती हूँ|

मैं आपके सामने गणतंत्र दिवस पर भाषण देने जा रहा/रही हूँ| मैं अपने कक्षा अध्यापक की बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे गणतंत्र दिवस के इस महान अवसर पर अपने विचार रखने का मौका दिया.

मेरे प्यारे मित्रों, हम इस राष्ट्रीय उत्सव को हर साल संविधान निर्माण की याद और इसके सम्मान में मनाया जाता है| ये सभी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा मनाया जाता है, हांलाकि, पूरे देश के सभी राज्यों के सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में भी मनाया जाता है.

मुख्य कार्यक्रम, भारत के राष्ट्रपति और दूसरे देश के आमंत्रित मुख्य अतिथि के सामने राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली, राजपथ, इंडिया गेट पर होता है.

एक भव्य समारोह परेड भारत के लिये अपनी कृतज्ञता प्रदर्शित करने के लिये राजपथ पर आयोजित की जाती है| इस दिन पर, भारत का संविधान 1950 में अस्तित्व में आया था, हांलाकि, इसे संविधान सभा के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को ग्रहण किया गया था.

26 जनवरी को, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित किया गया था यही कारण है कि 26 जनवरी को ही भारत के संविधान को लागू करने के लिये चुना गया.

इसके क्रियाशील होने के बाद, भारतीय संघ, आधिकारिक रुप से इसी समय से भारत गणतंत्र राज्य हो गया जिसने भारतीय सरकार अधिनियम 1935 को मौलिक सरकार कागजातो से प्रतिस्थापित कर दिया.

हमारा देश संविधान के द्वारा समप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणतंत्र घोषित कर दिया गया| हमारा संविधान भारत के नागरिकों के बीच न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान को सुनिश्चित करता है.

हमारे संविधान का प्रारुप संविधानिक सभा (389 सदस्य) द्वारा बनाया गया था| इसके निर्माण में लगभग तीन साल (वास्तव में, 2 साल, 11 महीने और 18 दिन) लगे थे.

संविधान सभा के द्वारा 1947 में, 29 अगस्त को, डॉ. भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारुप समिति का निर्माण किया था|

प्रारुप समिति के मुख्य सदस्य डॉ. भीमराव अम्बेडकर, जवाहरलाल नेहरू, गणेश वासुदेव मालवंकर, सी. राजगोपालाचार्य जी, संजय पाखे, बलवंत राय मेहता, सरदार वल्लभभाई पटेल, कन्हैया लाल मुंशी, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, नलिनी रंजन घोष, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और संदीप कुमार पटेल थे.

प्रारुप समिति के सभी सदस्यों में से लगभग 30 से ज्यादा सदस्य अनुसूचित जाति से थे| समिति की कुछ महत्वपूर्ण महिलाएं सरोजनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, दुर्गा देवी देशमुख, हंसा मेहता और विजय लक्ष्मी पंड़ित थी.

भारत का संविधान नागरिकों को खुद की सरकार चुनने के लिये अधिकार देता है| भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, हांलाकि, संविधान को ग्रहण करने के बाद ये सम्प्रभु, लोकतांत्रिक और गणतंत्र बना था|

राष्ट्रीय राजधानी में, राष्ट्रीय तिरंगे को 21 तोपो की सलामी दी जाती है और इसके बाद राष्ट्रीय गान जन-गण-मन गाया जाता है.

भारत के राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि के सामने भारतीय सेना के द्वारा आयोजित की जाती है| स्कूल के बच्चे भी परेड में भाग लेकर नृत्य और गाने के माध्यम से अपनी कलात्मकता को प्रदर्शित करते हैं|

भारत की विविधता में एकता दिखाने के लिये ये राजपथ पर राज्यों के अनुसार झांकियों को शामिल करता है|

धन्यवाद, जय हिन्द…!


26 जनवरी का महत्व क्या है?

हम भारतीयों के लिए 26 जनवरी के मायने बेहद खास है। इस दिन को हम गणतंत्र दिवस के तौर पर जानते हैं। इसे भारत का एक राष्ट्रीय पर्व कहा जाता है जिस दिन सभी विद्यालयों, कार्यालयों में अवकाश होता है। तथा लोग अपने सगे संबंधियों को इस दिन की बधाई देकर 26 जनवरी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाते हैं।

आजादी के उपरांत 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू किया गया। हमारे देश के संविधान में देश के नागरिकों को दिए जाने वाले सभी अधिकारों का लिखित तौर पर वर्णन किया गया है। इन अधिकारों की बदौलत ही आज हम एक स्वतंत्र राष्ट्र में जीवन यापन कर अपने विचारों को व्यक्त कर रहे हैं। तथा एक ऐसे देश में रहते है, जहां पर नागरिकों को समान रूप से न्याय और कानून की व्यवस्था की गई है।

लेकिन आजादी के पूर्व देश के नागरिक इन अधिकारों से वंचित थे। अंग्रेजों द्वारा अपने हितों के लिए जनता का शोषण किया जाता था। अंग्रेजों कि नियम कानूनों को तोड़कर भारत के हित के लिए बनाए गए नियमों कानूनों का एक दस्तावेज जिसे हम संविधान कहते हैं इसकी स्थापना 26 जनवरी वर्ष 1950 को हुई। तभी से यह तिथि भारत के नागरिकों के लिए बेहद खास हो गई और हर साल 26 जनवरी के दिन बड़ी धूमधाम से संविधान दिवस को मनाया जाता है।


26 जनवरी को कौन सी वर्षगांठ है?

26 जनवरी 2021 को देश 72 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। गणतंत्र दिवस के इस मौके पर इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति Boris Johnson को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। बता दें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और अमेरिका दोनों देशों के संबंध काफी अच्छे हैं। 27 नवंबर को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच फोन में हुई वार्तालाप के अनुसार यह बात सिद्ध हुई है।


26 जनवरी गणतंत्र दिवस को इंग्लिश में क्या बोलते हैं?

अंग्रेजी में गणतंत्र दिवस को ‘Republic Day’ कहा जाता है।


भारत एक गणतंत्र देश है कैसे?

भारत को एक लोकतांत्रिक और एक गणतंत्र राष्ट्र के तौर पर जाना जाता है। गणतंत्र शब्द अंग्रेजी के रिपब्लिक डे का हिंदी अनुवाद है। भारत को एक गणतंत्र देश इसलिए कहा जाता है। क्योंकि इस शब्द का अगर संधि विच्छेद किया जाए तो गण का अर्थ है “जनता” और “तंत्र” का अर्थ है “प्रणाली” अर्थात जनता के लिए एक ऐसी शासन प्रणाली जिसे जनता के हित के लिए बनाया गया हो उसे गणतंत्र कहा जाता है। इसलिए किसी भी गणतंत्र राज्य का अर्थ है वहां पर जनता का, जनता के लिए, जनता के द्वारा शासन स्थापित होता है।

भारत एक गणतांत्रिक देश है, जहां जनता के मत के आधार पर शासक का चयन किया जाता है। जनता की मर्जी से हमारे देश में कोई पार्टी जीतती है और उस पार्टी का सदस्य सत्ता पर बैठता है। जनता चाहे तो सत्ता पर बैठे उस व्यक्ति को हटा सकती है इसलिए किसी भी गणतांत्रिक देश में जनता का निर्णय सर्वमान्य होता है। हमारे देश का संविधान बिना जाति, धर्म, लिंग के भेद के बगैर 18 वर्ष के सभी नागरिकों को वोट का अधिकार देता है। तथा सत्ता पर बैठने का अवसर भी प्रदान करता है। इसलिए भारत को भी एक लोकतांत्रिक देश कहा जाता है।


झंडारोहण का समय?

26 जनवरी के मौके पर सरकार द्वारा झंडारोहण का समय निर्धारित किया गया है। झंडारोहण 9 बजे किया जाता है। तथा परेड की शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली में 9:30 बजे से शुरू हो जाती है।


झंडा उतारने का समय?

क्या आप जानते हैं किसी भी अवकाश के दिन संडे या फिर अन्य छुट्टियों पर झंडा सभी सरकारी कार्यालयों में फहराया जाता है। और कभी-कभी रात्रि के समय भी झंडा फहराया जाता है। लेकिन स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त के मौके पर तिरंगे को सूर्योदय के बाद ही फहराने का नियम है और सूर्यास्त से पहले झंडे को उतारा जाता है।


ध्वजारोहण के नियम?

स्वाधीनता दिवस हो या फिर गणतंत्र दिवस दोनों राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण के बारे में पता होना सामान्य सी बात है। लेकिन क्या आप जानते हैं वर्ष 2002 से पहले देश के आम नागरिकों को केवल 15 अगस्त या फिर 26 जनवरी के दिन ही झंडा फहराने की अनुमति थी लेकिन वर्ष 2002 में इंडियन फ्लैग कोड में संशोधन कर इस नियम को हटाया गया और तब से कोई भी भारतीय किसी भी दिन झंडारोहण कर सकता है। लेकिन उसके भी कुछ नियम है जिनका पालन करके ही झंडारोहण करना चाहिए।

  • 👉 सूर्योदय के पश्चात तथा सूर्यास्त से पहले ही झंडारोहण किया जा सकता है।
  • 👉 झंडे को कभी भी जल में नहीं डुबोया जा सकता। साथ ही झंडे के किसी भाग को जलाया या फाड़ा नहीं जा सकता है। इसके अलावा मौखिक या लिखित रूप से झंडे के अपमान के लिए व्यक्ति पर भारी जुर्माना या 3 साल तक की जेल या फिर यह दोनों ही सजा भुगतनी पड़ सकती हैं।
  • 👉 तिरंगे को कमर से नीचे पहनना अपमान माना जाता है अर्थात तिरंगे का अंडरवियर बनियान या फिर तकिया बनाना इसका अपमान माना जाता है।
  • 👉 हमारे देश के झंडे पर किसी भी अक्षर को लिखने कि अनुमति नहीं दी गई है।
  • 👉 झंडे का इस्तेमाल किसी भी इमारत में पर्दा लगाने के लिए या फिर किसी टेबल को ढकने के लिए पर्दे के रूप में नहीं किया जा सकता।
  • 👉 गंदे, मैले झंडे को भी फहताने की अनुमति नहीं है। अगर झंडा फट जाए या मैला हो जाए तो इसे मर्यादित रूप से गोपनीयता के साथ नष्ट कर देना चाहिए।
  • 👉 कमर्शियल उपयोग के लिए झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
  • 👉 झंडे का इस्तेमाल कभी भी किसी को सलामी देने के लिए नहीं किया जा सकता। यही नहीं अगर तिरंगा को वस्त्र बना दिया जाए, मूर्ति में लपेटा जाए या फिर किसी मृत शव से ढक दिया जाए तो यह तिरंगे का अपमान माना जाएगा।
  • 👉 झंडारोहण के दौरान कोई भी झंडा, राष्ट्रीय झंडे से ऊंचा या फिर उसके समान नहीं लगाया जा सकता।
  • 👉 झंडारोहण के दौरान झंडे के ऊपर कोई फूल माला यानी कोई वस्तु झंडे के ऊपर होनी चाहिए।
  • 👉 झंडे को जमीन में रखना उसका अपमान माना जाता है। अतः झंडे को कभी भी जमीन में नहीं रखा जा सकता।
  • 👉 केसरिया रंग नीचे की तरफ हो तो इस स्थिति में तिरंगा फहराया नहीं जा सकता।
  • 👉 झंडे को आधा फहराना सामान्य बात नहीं है, झंडे को आधा तभी फहराया जा सकता है जब इसके लिए विशेष तौर पर सरकारी आदेश मिले हुए हो।

उम्मीद है आपको लेख पसंद आया होगा और आपको याद करने में भी आसानी रही होगी। आप चाहे तो इस लेख को सोशल मीडिया कि मदद से अपने मित्रों के साथ शेयर भी कर सकते है। लेख को पढ़कर आपको कैसा महसूस हुआ कमेंट करके बताना मत भूलिएगा। लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

3 Comments

  • Himanshu ji aap hame bahut acchi lagi aap ki Kavitayen Aap Ki Boli Bhasha Bahut Khoobsurat जो हमें यह हमारे दिल को सो गया धन्यवाद

  • हमारे पूर्वजों ने बहुत खोया हैं इस दिन को पाने के लिए
    हमारा कर्तव्य हैं हम अपने देश की रक्षा हर तरीके से करे
    आपका आर्टिक्ल बहुत अच्छा हैं
    इस तरह की जानकारी बहुत जरूरी होती हैं
    हमारा कर्तव्य हैं हम आने वाली पीढ़ी को इतिहास का सही सही ज्ञान दे ।

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