गणतंत्र दिवस पर कविता – Short Poem on Republic Day in Hindi

गणतंत्र दिवस के इस शुभ अवसर पर आज मै आपके साथ गणतंत्र दिवस पर कविता प्रस्तुत करने जा रहा हूँ.

कविता शुरू करने से पहले आप सभी भारत देशवासियों को HimanshuGrewal.com की तरफ से भारतीय गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.

इससे पहले भी मैंने गणतंत्र दिवस पर शायरी और गणतंत्र दिवस पर कवितायें लिखी है जिनको काफ़ी सारे लोगो ने पसन्द भी किया है| आप चाहों तो मेरा वो पुराना लेख पढ़ सकते हो.

अक्सर काफ़ी सारें लोगो के मन में एक सवाल जरुर आता है की 26 जनवरी गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है और गणतंत्र का अर्थ क्या है ?

अगर आपको इसके बारे में अच्छे से पढ़ना है तो आप गणतंत्र दिवस पर निबंध, यह क्यों और कब मनाया जाता है वाला आर्टिकल पढ़े.

तो चलिए अब हम अपनी हिन्दी कविता (Poem on 26 January in Hindi) को शुरू करते है.

6 ऐसी बाते जो 26 जनवरी को बनाती है खास

बच्चों के लिए गणतंत्र दिवस पर कविता हिंदी में

नोट :- अगर आपको यह कविता पसन्द आये तो इस कविता को आप अपने दोस्तों और चाहने वालो के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे.”

माह जनवरी छब्बीस को हम
सब गणतंत्र मनाते |
और तिरंगे को फहरा कर,
गीत ख़ुशी के गाते ||

संविधान आजादी वाला,
बच्चो ! इस दिन आया |
इसने दुनिया में भारत को,
नव गणतंत्र बनाया ||

क्या करना है और नही क्या ?
संविधान बतलाता |
भारत में रहने वालों का,
इससे गहरा नाता ||

यह अधिकार हमें देता है,
उन्नति करने वाला |
ऊँच-नीच का भेद न करता,
पण्डित हो या लाला ||

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
सब हैं भाई-भाई |
सबसे पहले संविधान ने,
बात यही बतलाई ||

इसके बाद बतायी बातें,
जन-जन के हित वाली |
पढ़ने में ये सब लगती हैं,
बातें बड़ी निराली ||

लेकर शिक्षा कहीं, कभी भी,
ऊँचे पद पा सकते |
और बढ़ा व्यापार नियम से,
दुनिया में छा सकते ||

देश हमारा, रहें कहीं हम,
काम सभी कर सकते |
पंचायत से एम.पी. तक का,
हम चुनाव लड़ सकते ||

लेकर सत्ता संविधान से,
शक्तिमान हो सकते |
और देश की इस धरती पर,
जो चाहे कर सकते ||

लेकिन संविधान को पढ़कर,
मानवता को जाने |
अधिकारों के साथ जुड़ें,
कर्तव्यों को पहचानो ||

Republic Day Poem in Hindi For School Students

मोह निंद्रा में सोने वालों, अब भी वक्त है जाग जाओ,
इससे पहले कि तुम्हारी यह नींद राष्ट्र को ले डूबे,
जाति-पाती में बंटकर देश का बन्टाधार करने वालों,
अपना हित चाहते हो, तो अब भी एक हो जाओ,
भाषा के नाम पर लड़ने वालों,
हिंदी को जग का सिरमौर बनाओ,
राष्ट्र हित में कुछ तो बलिदान करो तुम,
इससे पहले कि राष्ट्र फिर गुलाम बन जाए,
आधुनिकता केवल पहनावे से नहीं होती है,
ये बात अब भी समझ जाओ तुम,
फिर कभी कहीं कोई भूखा न सोए,
कोई ऐसी क्रांति ले आओ तुम,
भारत में हर कोई साक्षर हो,
देश को ऐसे पढ़ाओ तुम||

26 January Republic Day Poetry Messages in Hindi

जब सूरज संग हो जाए अंधियार के, तब दीये का टिमटिमाना जरूरी है|
जब प्यार की बोली लगने लगे बाजार में, तब प्रेमी का प्रेम को बचाना जरूरी है|
जब देश को खतरा हो गद्दारों से, तो गद्दारों को धरती से मिटाना जरूरी है|
जब गुमराह हो रहा हो युवा देश का, तो उसे सही राह दिखाना जरूरी है|
जब हर ओर फैल गई हो निराशा देश में, तो क्रांति का बिगुल बजाना जरूरी है|
जब नारी खुद को असहाय पाए, तो उसे लक्ष्मीबाई बनाना जरूरी है|
जब नेताओं के हाथ में सुरक्षित न रहे देश, तो फिर सुभाष का आना जरूरी है|
जब सीधे तरीकों से देश न बदले, तब विद्रोह जरूरी है||

26 January Republic Day Speech in Hindi For School Teachers

⇓ गणतंत्र दिवस पर कविता ⇓

तेरी जिंदगी से बहुत दूर चले जाना है,
फिर न लौट कर इस दुनिया में आना है,
बस अब बहुत हुआ,
अब किसी का भी चेहरा इस दिल में कभी नहीं बसाना है,
तुम्हारी जिंदगी में अब मैं नहीं,
तुम्हारी जिंदगी में अब कोई और सही,
पर मेरे दिल में तुम हमेशा रहोगे,
मेरा अधूरा ख्वाब बनकर, मेरे हमनशीं,
न कर मुझे याद करके मुझपर और एहसान,
ऐसा न हो मुझे पाने की तमन्ना में,
चली जाए तेरी जान,
मैं भी कोशिश करूँगा भुलाने की तुझे,
नहीं तो हो जाऊँगा तेरे नाम पर कुर्बान ,
हसरतें दिल में दबी रह गयी,
तुझे पाकर भी जिंदगी में कुछ कमी रह गयी,
आँखों में तड़प और दिल में दर्द अब भी है,
न जाने तेरे जाने के बाद भी,
आँखों में नमी रह गयी,
मन करता है जो दर्द है दिल में,
बयां कर दूँ हर दर्द तुझसे,
अब ये दर्द छुपाए नहीं जाते,
लेकिन नहीं कह सकता कुछ तुझसे,
क्योंकि दिलो के दर्द दिखाए नहीं जाते!

देश भक्ति भाषण ⇓

गणतंत्र दिवस पर शुभकामनायें सन्देश ⇓

राष्ट्रीय गीत ⇓

गणतंत्र दिवस पर कविता का यह लेख अब यही पर खत्म होता है| ऐसे और भी कविता हम आपके लिए लिखते रहेंगे| 🙂

आपको यह कविता कैसी लगी हमको कमेंट करके जरूर बताये और इस लेख को फेसबुक, ट्विटर, गूगल+, व्हाट्सएप्प पर शेयर करें जिससे और लोग भी कविता कॉपी कर पाए. 🙂 आपको हिमांशु ग्रेवाल की और से गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें!

31 Comments

  1. somu January 24, 2017
    • Amar mani January 26, 2018
  2. Rahulparjapti January 26, 2017
  3. Vikas Kumar sharma July 15, 2017
  4. Amit kumar January 17, 2018
  5. mohit singh January 17, 2018
    • Himanshu Grewal January 17, 2018
  6. Sureandr January 18, 2018
  7. Neeraj mishra January 22, 2018
  8. Hari shankar January 24, 2018
  9. sherali January 24, 2018
    • Himanshu Grewal January 24, 2018
      • vinod kumar January 26, 2018
  10. Er. Arbab Khan January 25, 2018
  11. Dr. Anita singh January 25, 2018
  12. अनुराग मिश्र January 25, 2018
  13. Iram naz January 26, 2018
  14. Iram naz January 26, 2018
  15. Jinam Gugale January 26, 2018
  16. Shweta Saini.A.T U.Ps Bhartana,Bareilly January 12, 2019
    • Himanshu Grewal January 12, 2019
  17. Chetna January 22, 2019
  18. सूरज प्रसाद January 23, 2019
  19. Pooja January 24, 2019
  20. Krishna Joshi January 24, 2019
  21. Arvind Rathore January 25, 2019
  22. Arvind Rathore January 25, 2019
  23. Prince pradhan January 25, 2019
  24. Balwan January 25, 2019

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