Difference Between RTGS vs NEFT vs IMPS in Hindi – आरटीजीएस, एनईएफटी और आईएमपीएस में क्या अंतर है?

शीर्षक : Difference Between RTGS vs NEFT vs IMPS in Hindi.

आज हम RTGS और NEFT जो कि इंटरनेट बैंकिंग के दौरान पैसे ट्रांसफर करने के वक्त इस्तेमाल किया जाता है| उसके बारे में डिटेल में चर्चा करेंगे.

Difference Between RTGS vs NEFT vs IMPS in Hindi

एक समय हुआ करता था जब यदि कस्टमर को पैसे अपने खाते से निकालने हो या खाते में डालने हो तो उनको दोनों ही कार्य के लिए लम्बी-लम्बी लाइन में लगना पड़ता था, जिसमे परेशानी के साथ उनका काफी वक्त भी बर्बाद हुआ करता था.

लेकिन फिर जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी एडवांस होते गए, बैंक सेक्टर में भी अब बहुत से कार्य ऑनलाइन करने के प्रावधान आ गया है| जिसे इंटरनेट बैंकिंग का नाम दिया गया है.

इसके साथ ही अब पासबुक प्रिंटिंग, एटीएम कार्ड के लिए अप्लाई करने के लिए, चेक बुक अप्लाई करने के लिए भी ऑनलाइन प्रावधान निकाला जा चुका है.

दिल्ली में तो कई जगह अब ऐसी मशीन भी लग गई हैं, जिनके माध्यम से आपको जब आपका मन करे (बैंक के टाइम की कोई पाबंदी या शनिवार, रविवार का भी कोई इशू नहीं रहा है|) पैसे अकाउंट में डाल सकते हैं.

जहाँ अब लम्बी-लम्बी लाइन में लगने से इंसान बच रहा है और इसके साथ ही आपका इस कार्य को करने में अधिक से अधिक 2 मिनट का वक्त लगता है.

दोस्तों हमने पैसे अकाउंट में डालने की बात तो कर ली, अब बात करते हैं पैसे निकालने की|

आज के समय में बस आपके पास डेबिट कार्ड का होना आवश्यक है| ताकि जब आपको पैसो की जरूरत हो, जब आप फ्री हो या जब आपका मन करें आप अपनी गली के एटीएम में जाकर उपयुक्त राशि ला सकते हैं.

पैसे निकालने और पैसे अकाउंट में डालने इन दोनों प्रक्रिया के अलावा भी एक बहुत ही आवश्यक प्रक्रिया है जिसके बारे में आप सभी जानते हैं और वो है अपने अकाउंट से पैसे दूसरे के अकाउंट में ट्रांसफर करना.

हालांकि आज कल तो गली-गली में दुकान खुल गए हैं, जहाँ जाकर आप पैसे दूसरों के अकाउंट में डलवा सकते हैं| लेकिन वहाँ आपको कैश लेकर जाना होगा|

इसके साथ ही आज कल भारत सरकार ने ग्राहक सेवा केंद्र का कान्सैप्ट भी शुरू किया है, जो कि निशुल्क है अर्थात आप एक फिक्स अमाउंट तक के पैसे किसी को भेज सकते हैं लेकिन उसके लिए आपको कुछ अधिक राशि पे नहीं करना होगा.

लेकिन ग्राहक सेवा केंद्र के कुछ कार्यकरता ने वहाँ से भी पैसा कमाना शुरू कर दिया है, आप कितनी भी राशि जमा कराने जाये आपको कुछ ना कुछ उसपर एक्सट्रा पैसे देने ही होंगे.

तो अब सवाल यहाँ यह उठता है कि बिना कैश लिए आप अपने अकाउंट के पैसे किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक अकाउंट में पैसे कैसे डालेंगे?

तो दोस्तों इसी सवाल का जवाब है नेट बैंकिंग| जब आपके सामने कुछ इस तरह की परिस्थिति आए, जैसे-

  1. रविवार का दिन हो और बैंक बंद हो|
  2. हाथ में कैश ना हो|
  3. ग्राहक सेवा केंद्र भी बंद हो|
  4. मनी ट्रांसफर करने वाली सभी दुकाने बंद हो|
  5. कोई एमर्जेन्सी आ जाए|

तो ऐसे में आप किसके पास जाओगे मदद मांगने बताओ?

उस समय यदि आपने बैंक से (जिसमें आपका अकाउंट हो) वहाँ से नेट बैंकिंग की सेवा चालू करा रखी हो तो आपको किसी के पास मदद मांगने जाने की जरूरत नहीं होगी.

तो, यदि आपने अभी तक नेट बैंकिंग की सेवा शुरू नहीं करवाई है तो अब इंतजार ना करें| जिस बैंक में आपका अकाउंट है वहाँ जाए साथ अपना स्मार्ट फोन, जो नंबर आपने बैंक में दिया है वो जरूर लेकर जाएँ और मात्र 10-15 मिनट में इंटरनेट बैंकिंग की सेवा को शुरू करवाएँ|

» ऑनलाइन यूनियन बैंक नेट बैंकिंग चालू करने का सबसे आसान तरीका

नोट : यदि आपको इंटरनेट की अच्छी जानकारी है तो आप घर बैठे भी इंटरनेट बैंकिंग की सेवा को एक्टिवेट करा सकते हैं, बस उसके लिए आपके पास इंटरनेट कनेक्शन, स्मार्टफोन, आपके अकाउंट का पासबुक, रजिस्टर किया हुआ मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है.

महत्वपूर्ण जानकारी ⇓

RTGS and NEFT Difference in Hindi

Difference Between RTGS vs NEFT vs IMPS in Hindi

नेट बैंकिंग के माध्यम से सबसे ज्यादा आपको पैसे ट्रांजैक्शन करने में राहत मिलती हैं, तो फिर अब आपको नेट बैंकिंग RTGS, NEFT, और तीसरी IMPS टर्म के बारे में आपको जरूर मालूम होना चाहिये.

वैसे तो आज कल धन राशि ट्रांजेक्शन के लिए व्यक्तियों द्वारा कई तरह के मोबाइल एप की सहायता ली जाती है, किन्तु आपको यदि ज्यादा धन राशि का ट्रांजेक्शन करना है तो ऑनलाइन बैंकिग सुविधा का ही उपयोग करना आपके लिए बेहतर फैसला हो सकता है.

नेट बैंकिंग से थर्ड पार्टी ट्रांसफर : जानें IMPS vs RTGS vs NEFT Information in Hindi

इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से आरटीजीएस, एनईएफटी और आईएमपीएस धन राशि ट्रांसफर करने की तीन अलग-अलग प्रक्रिया हैं, और इन तीनो प्रक्रियाओं से आप जब चाहे धन राशि ट्रांसफर कर सकते हैं.

आवश्यक सूचना ⇓

  1. आईएमपीएस सेवाओं द्वारा कोई भी बैंक अकाउंट होल्डर कहीं से और किसी भी समय फंड़ यानि पैसो का तुरन्त ट्रांसफर कर सकता है|
  2. आरटीजीएस व एनइएफटीएस सेवाओं में अन्तर केवल सेटलमेंट के समय और धनराशि का ही होता है|

Difference Between RTGS vs NEFT vs IMPS in Hindi – RTGS और NEFT में अंतर क्या है?

चलिये अब मैं आपको एक-एक करके सभी टर्म को समझाता हूँ, तो दोस्तों शुरुआत करते हैं – RTGS से और फिर बाद में हम NEFT जानेंगे|

Information About RTGS in Hindi – आरटीजीएस क्या है?

RTGS Full Form : Real Time Gross Settlement (आरटीजीएस) ग्रास सेटलमेंट पर आधारित है, जिसके तहत धन राशि का स्थानान्तरण निर्देशों के तहत और निर्देशों के आधार पर होता है|

Information About NEFT in Hindi – एनईएफटी क्या है?

NEFT Full Form : National Electronic Fund Transfer नेशनल (एनइएफटी) एक इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर सिस्टम है, जिसके विधान के अनुसार धन राशि का ट्रांसफर एक साथ नहीं, बैचेज में करने की व्यवस्था होती है.

अधिक जानकारी के लिए आप NEFT क्या है और नेट बैंकिंग से ऑनलाइन पैसे कैसे भेजे वाला लेख पढ़े.

अब दोस्तों यहाँ आपका अगला प्रशन होगा कि पैसो को एनईएफटी और आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करने के लिए आपके पास क्या – क्या मूल जानकारी होनी आवश्यक है?

What is The Difference Between RTGS vs NEFT vs IMPS in Hindi

फण्ड ट्रान्सफर करने के लिए आपके पास निम्न जानकारी का होना आवश्यक है-

  • जिसको आप पैसे भेजेंगे उसका नाम
  • बैंक अकाउंट नम्बर
  • बैंक की ब्रांच का आइएफसी कोड़
  • जितना पैसा आपको ट्रान्सफर करना है उतनी राशि आपके अकाउंट में मौजूद होनी चाहिए|

चलिये अब हम आरटीजीएस, एनइएफटीएस, और आइएमपीएस में मुख्य तौर पर क्या अंतर है, इस बात को समझते हैं.

जरुर पढ़े ⇓

What is NEFT in Hindi – एनइएफटीएस – NEFT क्या है ? – Difference Between RTGS and NEFT in Hindi

Difference Between RTGS vs NEFT vs IMPS in Hindi - आरटीजीएस, एनईएफटी और आईएमपीएस में क्या अंतर है?

नेशनल इलैक्ट्रोनिक फंड ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की एक प्रक्रिया है, जिसे सरकारी वित्तीय संस्थान, जिनमें बैंक प्रमुख है द्वारा व्यवहार में लाई जाती है.

इस प्रक्रिया को विविध फंड समझौतों (डीएनएस) है, जिसका मूल आधार है – फंड को ट्रांसफर करने का समझौता होने पर इसे बैचेज में भेजा जाना है|

एनइएफटी प्रक्रिया से फंड भेजने की कोई सीमा नहीं होती है, अतः आप जितना चाहे ज्यादा या कम पैसा भेज सकते है| ऐसे फंड़ को ट्रांसफर करने के लिए ही एनइएफटी सेवाएं व्यवहार में लाई जाती है.

What is RTGS in Hindi – आरटीजीएस – RTGS क्या है ?

What is RTGS in Hindi

आरटीजीएस ग्रास सेटलमेंट आधारित प्रक्रिया हैं, जिसमें धन राशि का निर्देश प्रक्रिया के द्वारा तथा निर्देशन के तहत ट्रांजेक्शन किया जाता है.

आरजीटीएस के माध्यम से यदि आप धन राशि भेजना चाहते हैं तो जान लें कि सीमा न्यूनतम दो लाख से ऊपर और अधिकतम दस लाख तक होती है.

What is IMPS in Hindi – आईएमपीएस – IMPS क्या है ?

What is IMPS in Hindi

आईएमपीएस तकनीक के तहत मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए फण्ड ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है|

कुछ चुने हुए बैंक ही इस तकनीक को अपनाने की अनुमति देते है, जिसमें प्रमुख है: आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ोदा और एक्सिस बैंक है.

बैंको द्वारा एक लिमिट तय कर दी जाती है, उसके अनुसार ही फंड़ का ट्रांसफर किया जाता है.

उदाहरण के लिए आईसीआईसीआई बैंक किसी एक व्यक्ति को दिन में एक ही बार किसी अन्य व्यक्ति को धनराशि भेजने की अनुमति देता है.

चलिये अब एक-एक कर हम एनईएफटी, आरटीजीएस एवं आईएमपीएस प्रक्रिया के ट्रांजेक्शन करने के लिए बैंको द्वारा निर्धारित शुल्क जान लेते हैं-

एनईएफटी, आरटीजीएस एवं आईएमपीएस का इस्तेमाल करने पर कितना चार्ज लगता है ?

ट्रांजेक्सन शुल्क – एनईएफटी

  1. दस हजार रुपये तक की धन राशि पर 2 रुपये 50 पैसे का चार्ज लगेगा|
  2. दस हजार रुपये ज्यादा, किन्तु एक लाख रुपये तक की धन राशि पर 5 रुपये तक का चार्ज लगेगा|
  3. एक लाख से ज्यादा किन्तु दो लाख तक की धन राशि पर 15 रुपये तक का चार्ज लगेगा|
  4. दो लाख से ज्यादा, किन्तु पांच लाख रुपये तक की धन राशि पर 25 रुपये तक का चार्ज लगेगा|
  5. पांच लाख रुपये ज्यादा, किन्तु दस लाख रुपये तक की धन राशि पर 50 रुपये तक का चार्ज लगेगा|

ट्रांजेक्शन शुल्क – आरटीजीएस

इसके तहत जो धन राशि प्राप्त होती है उस पर कोई ट्रांजेक्सन चार्ज नहीं लगता है, किन्तु जब आप राशि भेजेंगे तो उस पर आपका चार्ज लगता है, जो निम्न प्रकार है:-

  1. दो लाख रुपये से ज्यादा किन्तु पांच लाख रुपये तक की धन राशि पर 25 रुपये तक का चार्ज लगेगा|
  2. पांच लाख रुपये से ज्यादा पर दस लाख रुपये तक की धन राशि तक 50 रुपये तक का चार्ज लगेगा|

जो भी राशि ट्रांसफर की जाती है उस पर सर्विस टेक्स लगता है। 12:30 अपरान्ह के बाद कोई भी ट्रांजेक्शन किया जाता है उस पर एक से पांच रुपये तक अतिरिक्त चार्ज लगता है.

ट्रांजेक्शन शुल्क – आईएमपीएस

  1. दस हजार रुपये तक की धन राशि पर 2 रुपये 50 पैसे तक का चार्ज लगेंगे|
  2. दस हजार से ज्यादा किन्तु एक लाख तक की राशि पर 5 रुपये तक का चार्ज लगेगा|
  3. एक लाख से ज्यादा परन्तु दो लाख रुपये तक की राशि पर 15 रुपये तक का चार्ज लगेगा|

आप जो भी राशि ट्रांसफर करते है उस पर आपका कोई भी सर्विस टेक्स लगता है|

आईएमपीएस प्रक्रिया के तहत फंड सप्ताह के किसी दिन या सप्ताह के अंत में ट्रांसफर किया जा सकता है|

तो दोस्तों अब आपको NEFT, IMPS और RTGS तीनों के बारे में ज्ञात हो गया ना? यदि आपको कोई डाउट है तो नीचे दिये गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके क्लियर कर सकते हैं.

अंत में मैं बस आपसे निवेदन करूंगा की आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर करना न भूलें|

इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद, अब बैंक जाइए और नेट बैंकिंग की सेवा को शुरू करवाइए.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

1 thought on “Difference Between RTGS vs NEFT vs IMPS in Hindi – आरटीजीएस, एनईएफटी और आईएमपीएस में क्या अंतर है?”

  1. ab samjh me aaya mujhe inme andar kya hota hai ..jankari dene ke kiye thank you sir …
    aage hi aise hi accha accha post likhte rho

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