Republic Day

भारतीय गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर निबंध

Republic Day Essay in Hindi, गणतंत्र-दिवस (26 जनवरी)
Written by Himanshu Grewal
FREE YouTube Video Tutorials

– Republic Day Essay in Hindi Wikipedia

गणतंत्र दिवस भारत का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, भारत में तीन राष्ट्रीय पर्व मनाए जाते है, जिनमें से एक भारतीय गणतंत्र दिवस है अन्य दो स्वतंत्र दिवस और गांधी जयंती हैं.

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी का वह दिन है जिस दिन भारत देश में गणतंत्र और संविधान की स्थापना हुई थी। (26 जनवरी 1950 के दिन भारत का संविधान लागू किया गया था।)

गणतंत्र दिवस भारत देश का सबसे प्रमुख त्यौहार है। पूरा देश इस त्योहार हो बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाते है। गणतंत्र दिवस नेपाल, भारत और कई अन्य देशों में मनाया जाता है.

इस दिन लोग टीवी पर Republic Day Parade देखते है, गणतंत्र दिवस के गाने सुनते है, विद्यालय में Republic Day English Speech सुनाते है और इतना ही नही सभी लोग Republic Day 2020 Images Download करके उसको social media पर शेयर करते है.

स्कूल में तो छोटे-छोटे बच्चे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भाषण देते है और गणतंत्र दिवस पर कविता (Republic Day Hindi Poem) लिख कर उसको सभी के सामने प्रकट करते है.

तो चलिए छात्रों, अब हम Essay on Republic Day in Hindi for School Students को पढ़ना शुरू करते है.”

इसे पढ़े: 6 ऐसी बातें जो 26 जनवरी को बनाती है खास

Long and Short Essay on Republic Day of India 2020 in Hindi

इस दिन विद्यालयों तथा सरकारी कार्यलयों में कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते है, प्रतियोगिताएं होती है जिसे बच्चे और बड़े बड़ी ही धूम-धाम के साथ मनाते है।

विद्यालयों तथा कार्यलयों में 26 जनवरी पर भाषण लेखन जैसे प्रतियोगिताओं भी की जाती हैं।

गणतंत्र दिवस का महत्व देखते हुए मैंने आप सभी के लिए यहाँ 26 January Essay in Hindi Language में लिखा है जिसका उपयोग आप अपनी प्रतियोगिता में कर सकते हो।

हमने गणतंत्र दिवस निबंध बहुत ही आसान और सरल शब्दों में लिखा है। हमारी वेबसाइट पर आपको निबंध के अलावा Republic Day Speech in Hindi, गणतंत्र दिवस पर शायरी, गणतंत्र दिवस स्लोगन इत्यादि मिल जाएंगे। जिनका उपयोग आप अपने अनुसार कर सकते हो।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भाषण के लिए यहां क्लिक करें

यहाँ हमने छात्रों के लिए हिंदी में गणतंत्र दिवस पर भाषण और निबंध 100, 150, 200, 250, 300, 400, 600 शब्दों में अपडेट करा है।

Republic Day Essay in Hindi 10 Lines (400 Words)

  • परिचय (Introduction)

भारत के लोगों द्वारा हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है.

यह एक लोकतांत्रिक गणराज्य होने के महत्व का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है जिसे 1950 में 26 जनवरी को भारत के संविधान के लागू होने के बाद घोषित किया गया था.

यह ब्रिटिश शासन से भारत की ऐतिहासिक स्वतंत्रता का आनंद लेने और उसे याद करने के लिए भी मनाया जाता हैं.

स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए प्रस्तोता स्क्रिप्ट

स्कूल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं। सभी छात्र इन कार्यक्रमों में बड़े जोश और उत्साह के साथ भाग लेते हैं.

सभी शिक्षण संस्थानों में विभिन्न प्रतियोगिताएं जैसे 26 जनवरी पर निबंध लेखन, गणतंत्र दिवस पर भाषण, ड्राइंग और पेंटिंग आदि आयोजित की जाती हैं.

छात्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को दिखाने वाले नाटक और स्क्रिप्ट भी करते हैं.

राजपथ, नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस आयोजन

भारत सरकार हर साल राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली में एक प्रमुख कार्यक्रम आयोजित करती है जहाँ पर ध्वजारोहण कार्यक्रम, भारतीय सशस्त्र बल परेड और विभिन्न अन्य गतिविधियाँ इंडिया गेट के सामने आयोजित की जाती हैं.

इस महान घटना को देखने के लिए लोग सुबह राजपथ पर इकट्ठा होते हैं और राजपथ पर आयोजित कार्यक्रम का आनंद उठाते हैं.

भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों (आर्मी, नेवी और एयर फोर्स) की एक परेड विजय चौक से शुरू होती है जो देश की उन्नत युद्ध क्षमताओं को भी प्रदर्शित करती है.

सभी रेजिमेंट के सैन्य बैंड, एनसीसी कैडेट और पूर्व सेना के लोग भी परेड में हिस्सा लेते हैं। भारत की समृद्ध परंपरा को दर्शाने वाली परेड के बाद सभी राज्यों के तबले भी प्रदर्शित किए जाते हैं.

राजपथ पर प्रतिभागियों और सेना के कर्मियों द्वारा लोक नृत्य और विभिन्न स्टंट भी प्रदर्शित किए जाते हैं.

निष्कर्ष

गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय त्योहार नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और स्वतंत्रता का उत्सव है। यह वह दिन है जब हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं और उनके असीम बलिदान के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देकर उनका धन्यवाद करते हैं। यह उनकी वजह से है कि हम एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में रह रहे हैं और एक स्वतंत्र देश में सांस ले पा रहे हैं।

Essay on 26 January in Hindi For Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10

  • 26 January Republic Day 2020 Essay in Hindi 700 Words (परिचय)

26 जनवरी 1950 वह दिन था जब भारत का संविधान लागू हुआ था। यह वह दिन था जब 200 साल के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के बाद भारत एक गणतंत्र देश में बदल गया था। तब से हम हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मना कर उस दिन को याद करते हैं.

भारत का संविधान, जिसे हमारे देश के सर्वोच्च कानून के रूप में भी माना जाता है, इसको डॉ भीम रो अंबेडकर जी के द्वारा लिखा गया था जो संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे.

डॉ भीम रो अंबेडकर जी की कठिन परिश्रम और बुद्धिमत्ता और प्रारूप समिति के सदस्यों ने हमारे राष्ट्र को हमारा अपना संविधान प्राप्त करने में मदद की, जो भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में घोषित करता है.

गणतंत्र दिवस का महत्व (Paragraph on Republic Day in Hindi)

भारतीय के हर नागरिक के दिल में 26 जनवरी का महत्व है, यह भारत के राष्ट्रीय त्योहारों में से एक है जो हर किसी के मन में देशभक्ति की भावना का संचार करता हैं.

यह एक ऐसा अवसर है जो युवा पीढ़ी को हमारे महान भारतीय इतिहास और संस्कृति से परिचित कराने में मदद करता है।

यह वह दिन है जब हम अपने महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया.

गणतंत्र दिवस हमें एकता के महत्व को भी सिखाता है और इसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बहुत शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य को हराने में कैसे मदद की|

महात्मा गांधी का अहिंसा आंदोलन हमें सिखाता है कि हम बिना हथियार उठाए या खून की बूंद बहाए एक बहुत शक्तिशाली दुश्मन को कैसे हरा सकते हैं.

गणतंत्र दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि देश के सभी नागरिक संविधान के लिए समान हैं और जाति, पंथ या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है.

गणतंत्र दिवस समारोह पर प्रतिवेदन

देशभक्ति की वास्तविक भावना के साथ देश भर में गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, जोश और खुशी के साथ मनाया जाता है।

इस दिन स्कूलों में उत्सव बहुत आम देखने को मिलते हैं। जहाँ बच्चों को चालाकी से तिरंगा ले जाने और हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों के बैज पहनने के लिए तैयार किया जाता है.

सभी स्कूलों के साथ-साथ सरकारी और निजी कार्यालयों में भी ध्वजारोहण समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं.

भारत के राष्ट्रपति 25 जनवरी को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित करते हैं और सभी रेडियो और टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित होते हैं।

मुख्य उत्सव 26 जनवरी को इंडिया गेट के पास राजपथ पर नई दिल्ली में होता हैं।

राजपथ नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह (26 जनवरी गणतंत्र दिवस 2020)

गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत राजपथ पर भारत के राष्ट्रपति द्वारा माननीय मुख्य अतिथि की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ होती है।

जिसके बाद राष्ट्रगान गाया जाता है और उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया.

राष्ट्रपति उन नागरिकों और सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान करते हैं जिन्होंने उत्कृष्ट साहस और वीरता का प्रदर्शन किया.

गणतंत्र दिवस समारोह की सुरम्य घटना भारतीय सशस्त्र बलों की परेड (26 जनवरी की परेड) के साथ शुरू होती है जिसकी अध्यक्षता भारत के राष्ट्रपति करते हैं।

वह भारतीय सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ होने की परेड की सलामी भी लेते हैं.

परेड में हमारे देश की सैन्य क्षमता से लेकर टैंक से लेकर मिसाइल और फाइटर जेट से लेकर बंदूक तक शामिल हैं। भारतीय वायु सेना, नौसेना और सैन्य कर्मियों द्वारा कई तरह की मनमोहक प्रस्तुति भी की जाती हैं।

इसके बाद विभिन्न राज्यों से रंगीन झांकी निकलती है जो राज्य की संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करती हैं.

रिट्रीट समारोह को हराया – Gantantra Diwas Par Nibandh

बीटिंग द रिट्रीट गणतंत्र दिवस समारोह का अभिन्न अंग है और गणतंत्र दिवस के बाद एक पुराना पारंपरिक समारोह भी है.

यह समारोह 29 जनवरी को नई दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित किया जाता हैं.

सैन्य बैंड, ट्रम्पेट, ड्रम आदि विभिन्न सेना रेजिमेंट से विभिन्न देशभक्ति धुनों को बजाते हुए प्रदर्शन करते हैं.

बीटिंग द रिट्रीट एक सकारात्मक नोट के साथ 4 दिन लंबे गणतंत्र दिवस समारोह के आधिकारिक समापन का प्रतीक हैं.

निष्कर्ष

गणतंत्र दिवस लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाता है। यह वह दिन है जब हमारे देश के सभी नागरिक एकजुटता के एकल कंबल के तहत एकजुट होते हैं और उत्साह और उत्साह के साथ दिन मनाते हैं.

यह हमें लोकतंत्र के मूल्य की भी याद दिलाता है और हमारे देश को आत्मनिर्भर, विकसित और लचीला बनाने के लिए अपने मौलिक कर्तव्यों का पालन करता है.

Essay on Republic Day in Hindi Language For Students
  • गणतंत्र दिवस पर निबंध (800 शब्द)

हर साल भारत में तीन राष्ट्रीय त्योहार मनाए जाते हैं। 26 जनवरी के दिन मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस उन सभी में सबसे प्रमुख एवं महत्वपूर्ण पर्व या उत्सव है.

हमारा देश 15 अगस्त, सन् 1947 के दिन लगभग दो शताब्दी तक परतंत्रता की या रहने और अनेक प्रकार के त्याग और बलिदान करने के बाद कहीं जाकर भारत देश स्वतंत्र हुआ था.

स्वतंत्र भारत में विदेशी, ब्रिटिश शासन द्वारा अपने स्वार्थ साधने के लिए बनाया गया संविधान ही चलाया करते थे। उस शोषक और प्रपोज का मनोवृत्ति वाले संविधान के बल पर ही अंग्रेज यहाँ राज-काज चलाया करते थे.

अत: स्वतंत्रता प्राप्ति के तत्काल बाद इस कटु तथ्य का अनुभव किया गया, साथ ही यह निर्णय भी किया गया कि भारत जैसे सांस्कृतिक दृष्टि से बहुआयामी देश में ऐसा संविधान लागू होना चाहिए कि जो सामूहिक स्तर पर सभी का हित-साधन कर सके.

भारत की सांस्कृतिक गरिमा और अनेकता के साथ-साथ एकता के तत्त्वों को भी उजागर कर सके। विशेषज्ञों की गठित समिति द्वारा बड़े परिश्रम से स्वतंत्र भारत का अपना और नया संविधान तैयार किया गया.

वह संविधान जो वास्तव में 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस जैसा पवन राष्ट्रीय पर्व मनाने का मूल कारण है.

स्वतंत्र भारत का अपना संविधान 26 जनवरी, सन् 1950 के दिन लागू किया गया.

इस दिन से भारतीय संविधान की प्रमुख धाराएं के अनुसार भारत को एक सर्व सत्ता-सम्पन्न गणराज्य और गणतंत्र घोषित किया गया.

इसी गणतंत्र संविधान के अनुसार यह भी इसी दिन घोषित किया गया कि देश की सर्वोच्च सत्ता जिस व्यक्ति के अधीन रहेगी, उसे राष्ट्रपति कहा जाएगा.

भारत का पहला राष्ट्रपति कौन होगा, इसकी घोषणा भी इसी तारीख को की गई।

मुख्यत: इन्हीं कारणों से सारा भारत हर वर्ष छब्बीस जनवरी (छब्बीस जनवरी पर भाषण) का दिन ‘गणतंत्र-दिवस’ के रूप में एक महान राष्ट्रीय पर्व मानकर बड़ी सजधज के साथ पूर्ण उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है.

गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय त्योहार भारत तथा भारत के बाहर प्रत्येक उस स्थान पर मनाया जाता है जहां पर भारतीय मूल का एक भी व्यक्ति निवास कर रहा है।

पर एक तो दिल्ली के राजधानी होने और दूसरे राष्ट्रपति का निवास यहीं पर होने के कारण केन्द्रीय स्तर पर यह पर्व यहीं नई दिल्ली में ही मनाया जाता है.

इसकी तैयारी एक महीने पहले से आरम्भ हो जाया करती है।

यहाँ पर प्रत्येक लोक सांस्कृतिक दल बनाकर अपने-अपने प्रान्त की सम्पूर्णता प्रकट करने वाली झांकियों को बनाने लग जाया करते हैं, नृत्य-संगीत आदि लोक कलाओं के प्रदर्शन की तैयारियों में भी जुट जाया करते हैं।

दिल्ली के छावनी क्षेत्र में भी सैनिकों, एन०सी०सी० आदि के द्वारा परेड के पूर्वाभ्यासों के कारण विशेष हलचल सुनाई देने लग जाती है.

समाचार पत्र 26 जनवरी की तैयारियों का जायजा और उसको प्रस्तुत करने का काम पहले से ही करने लगते हैं.

अपनी जानकारियों के आधार पर यह भी बता देते हैं कि इस बार गणतंत्र परेड के अवसर पर राष्ट्रपति के साथ किस देश का व्यक्ति मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेगा.

26 जनवरी की सुबह प्रधानमंत्री तीनों सेनाओं के सेनापतियों के साथ मिलकर पहले इण्डिया गेट पर जल रही अमर जवान ज्योति पर पहुँचकर अज्ञात-अमर शहीदों को सलामी – श्रद्धांजलि देते हैं।

फिर राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति भवन के सामने स्थित विजय चौक पर आ जाते हैं। तब तक अन्य गण्य मान्य अतिथि, दर्शक आदि भी आ चुके होते हैं.

इसके बाद आगमन होता है विदेशी अतिथि के साथ राष्ट्रपति का, जिनका बिगुल आदि बजाकर स्वागत किया जाता है.

कई बार इस अवसर पर राष्ट्रपति कुछ विशिष्ट अलंकरण र्बो प्रदान किया करते हैं। इसके ध्वजारोहण और फिर सेना के तीनों अंगों, इक्कीस तोपों की सलामी दी जाती है.

अन्य सैनिक और अर्धसैनिक बल भी एक-एक करके सलामी देते हुए मंच के सामने से गुजर जाते हैं।

फिर आधुनिकतम शस्त्रों का प्रदर्शन, तरह-तरह के बैंड, प्रान्तों की झांकियां और उनके साथ लोक-कलाकारों के प्रदर्शन, स्कूलों की छात्र-छात्राओं द्वारा रंग-बिरंगे प्रदर्शन आदि का कार्यक्रम दोपहर तक चलता रहता है.

दोपहर तक परेड प्रदर्शन करने वाले सभी जन जब मार्च करते लाल किले पर पहुँच जाया करते हैं, तब मुरप्न पर्व थमता है।

फिर दो दिन बाद जब परेड का राष्ट्रपति भवन तक प्रत्यावर्तन हो जाया करता है, तभी गणतंत्र पर्व का समापन माना जाता है.

इन दिनों सायंकाल विजय चौक के लीन में सैनिक बैंड का सुन्दर संगीतमय कार्यक्रम भी प्रस्तुत करने की परम्परा है.

रात के समय राष्ट्रपति भवन, संसद भवन तथा अन्य सभी प्रमुख सरकारी भवन विद्युत प्रकाश की अनोखी छटा का प्रदर्शन किया करते हैं। रंगारंग आतिशबाजी भी चलाई जाती है.

इस प्रकार सभी तरह के आयोजन भारतीय गणतंत्र की गरिमा और गौरव के अनुरूप ही हुआ करते हैं। उन्हें निहार कर प्रत्येक भारतीय का सीना गर्व से भरकर कहने को बाध्य हो उठा करता है.

अमर रहे भारतीय गणतंत्र ।

Essay on Republic Day 2020 in Hindi and English
26 January Best Quotes

26 January Best Quotes

“भारत को सलाम! जहां प्रत्येक कली अपने असली रंगों में खिलती है जहां प्रत्येक दिन एकता सद्भाव और संश्लेषण का उत्सव है। गणतंत्र दिवस मुबारक हो”

  1. परिचय – गणतंत्र दिवस
  2. गणतंत्र दिवस कब मनाया जाता है?
  3. गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?
  4. हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और हमारे संविधान को तैयार करने वाले लोगों को श्रद्धांजलि।
  5. निबंध का निष्कर्ष

Introduction – The Republic Day

गणतंत्र दिवस वास्तव में भारत के लिए एक महान दिन है। लाखों लोग इंडिया गेट पर इकट्ठा होते हैं, इमारतें, घर, कार्यालय स्कूल राष्ट्र के गौरव में सजे होते हैं। झंडा हमारे राष्ट्र के गौरव, हमारी एकजुटता का प्रतीक है।

झंडा आसमान में ऊंचा उठता है, और उसके पैरों में गुलाब की पंखुड़ियां होती हैं, हम सभी इसे गर्व और भव्यता के साथ देखते हैं, वैसे भी हमारे देश के इतिहास से बड़ा और क्या हो सकता है?

राष्ट्रपति भवन को विशेष रूप से रात में रोशन किया जाता है। टाउन हॉल, सरकारी कार्यालय देखने लायक हैं। वह दिन हमें भारत के इतिहास, उसके संघर्ष, उसके लोगों, खून-खराबा और उसकी महानता की याद दिलाता है।

हम भारत को अपनी मातृभूमि भी कहते हैं, हम भारत को भारत कहते हैं। लोग, पदाधिकारी हर कोई एक सुर में रो रहा है। – भारत माता की जय

Keep reading this republic day speech and essay…..

When is Republic Day Celebrated?

भारत हर दिन 26 जनवरी को अपना गणतंत्र दिवस मनाता है। यह भारतीय आबादी के लिए बहुत बड़ी बात है, हम सब एकजुट होकर अपना दिल रोते हैं और देश के गौरव और उसकी कहानी को श्रद्धांजलि देते हैं।

Keep reading this republic day speech and essay…..

Why do we celebrate Republic Day?

यह तब था जब हमारा संविधान लागू हुआ था। संविधान बनाने की लंबी प्रक्रिया के बाद 26 जनवरी 1950 को, यह वह दिन था जब भारत को गणतंत्र, संप्रभु राष्ट्र घोषित किया गया।

हम इस दिन को भारत की महानता के उपलक्ष्य में मनाते हैं और यह भव्य संविधान है।

Keep reading this republic day speech and essay…..

A tribute to our freedom fighters, and the people who drafted our constitution

हर साल जब हम इस दिन को मनाते हैं, हम उन लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने भारत को हमारे हाथों में सौंप दिया।

वे हमारे स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने भारत के लोगों के लिए खुद को पर्याप्त व्यक्ति कहने के मानवीय मूल्यों के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने हमें उच्च सिद्धांतों वाले भारत के साथ छोड़ दिया, वह भारत जो अपना संरक्षण लिखने के लिए स्वतंत्र था।

हम डॉ. बीआर अम्बेडकर को नमन करते हैं, जिन्होंने जवाबदेही के कड़े अभ्यासों का मुकाबला किया और एक समतावादी समाज की इस अवधारणा के साथ आए। हम अभी भी अपने भारतीय संविधान में इस तरह के मानवीय और न्यायसंगत विचारों को अपनी नियम पुस्तिका में शामिल करने के लिए आभारी हैं।

Keep reading this republic day speech and essay…..


इस लेख में मैंने Republic Day Essay in Hindi की पूरी जानकारी शेयर कर दी है और आपसे भी बस इतनी सी गुजारिश है कि इस जानकारी को आप अपने दोस्तों के साथ फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प पर शेयर साझा करें।

आप सभी लोगो को हिमांशु ग्रेवाल की तरफ से गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं. 🙂

About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

16 Comments

  • हिंदुस्तान के बजाय हिन्दोस्तां होना चाहिये
    सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा।

  • हिमांशु भाई गणतंत्र दिवस पर आपने एक लेख लिखा उसके लिए आपका धन्यवाद।
    आपने अपने लेख में कुछ अधूरा सा वर्णन किया है संविधान को किसने लिखा जो महत्व पूर्ण बिंदु था वो आपने उसमे कही पर भी नही बताया है बच्चों की जानकारियों के लिए सभी बिंदुओं को लिखा जाये या बताया जाये। धन्यवाद

    • हम जल्दी इस लेख को अपडेट करेंगे और आपकी बताई हुई बात को ऐड करेंगे|

      इस जानकारी के लिए धन्यवाद 🙂

      आपको गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें|

      || जय हिन्द, जय भारत ||

  • I like your essay sir,,, but sir ji savidhan ko app desh ki grima samajhte h,,,,, apne apne speech ye batana jruri kyo nahi samjha baba sahab doctor bhimrow ambedker ji swidhan banaya or desh ko samarpit kya,,,,,,,,,, ya svidhan divas per svidhan ke nirman ke bare me nhi batana chahiye

  • Why do we celebrate republic day .because hamara desh 26 Jan 1950 samvidhan aur usee din hamare desh ka rashtripati bhi chune gaye the

Leave a Comment