Mother's Day

Poems on Mother in Hindi – माँ के प्रेम में 4 बेहतरीन हिंदी कविता

Emotional Poems on Mother in Hindi
Written by Himanshu Grewal

शीर्षक : Poems on Mother in Hindi – माँ पर हिंदी कविता|

आज मै आपके साथ माँ पर कविता का लेख शेयर करने जा रहा हूँ| आप सब इस कविता को मदर्स डे वाले दिन या फिर अपने विद्यालय में जाकर इन सुंदर कविया को सुना सकते है या फिर आप अपनी माँ के सामने भी इस कविता को पढ़ कर सुना सकते है.

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एक कविता हर माँ के नाम

एक माँ ही है जो हमे चलना सिखाती है और दुनिया में सही गलत का हमे पाठ भी सिखाती है| यदि अगर दुनिया में माँ ही ना हो तो इस दुनिया का कोई अस्तित्व ही नही है.

माँ ही है जो हमारा पूरा ध्यान रखती है| अगर हम भूके रहते है तो माँ भी खाना नही खाती जब तक हम अपने मुह एक भी निवाला नही डाल लेते| वह भूके पेट ही रहती है.

अगर हम बीमार पड़ जाते है तो माँ हमारे अच्छे स्वास्थ के लिए हमारी पूरी तरह से देख रेख करती है और हमारी हर छोटी से छोटी बातो का भी ध्यान रखती है.

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हम सब अपनी अपनी माँ से कितना प्रेम करते है वेसे यह कहने वाली बात तो हे ही नही…!

माँ कहने को ये शब्द बहुत छोटा है मगर इस शब्द की गहराई को दुनिया में कोई नाप नही सकता है|

हम दुनिया के लिए बेशक कुछ भी नही है| पर हर इंसान अपनी माँ के लिए सब कुछ होता है, एक ओरत जो अपनी जिन्दगी अपना घर अपने बच्चे और अपने परिवार के लिए समर्पित कर दे और बदले में सिवाए प्यार के और कुछ ना मांगे वो सिर्फ एक माँ ही हो सकती है एक माँ का ही दिल इतना बड़ा हो सकता है.

तो अपनी माँ की याद में, अपनी माँ के प्यार में आज मै आपके साथ माँ को समर्पित कविता का लेख प्रस्तुत करने जा रहा हूँ जो इस प्रकार है:-

जरुर पढ़े : माँ के ऊपर प्यार भरा और रुला देने वाला भाषण

Emotional Poems on Mother in Hindi

Happy Mothers Day Poems in Hindi

घुटनों से रेंगते-रेंगते,
कब पैरो पर खड़ा हुआ|

तेरी ममता की छाओ में,
जाने कब बड़ा हुआ|

काला टिका दूध मलाई|
आज भी सब कुछ वैसा है|

मैं ही मैं हूँ हर जगह,
प्यार ये तेरा कैसा है?

सीधा-साधा, भोला-भला,
मैं ही सबसे अच्छा हूँ|

कितना भी हो जाऊ बड़ा,
माँ ! मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ|

Sad Poem on Maa in Hindi – (प्यारी प्यारी मेरी माँ)

Sad Poem on Maa in Hindi

प्यारी प्यारी मेरी माँ
सारे जग से न्यारी माँ…

लोरी रोज सुनाती है,
थपकी दे सुलाती है….

जब उतरे आगन में धुप,
प्यार से मुझे जगाती है….

देती चीजे सारी माँ,
प्यारी प्यारी मेरी माँ….

ऊँगली पकड़ चलाती है,
सुबह-शाम घुमाती है….

ममता भरे हुए हातो से,
खाना रोज खिलाती है….

देवी जैसी मेरी माँ,
सारी जग से न्यारी माँ….

प्यारी प्यारी मरी माँ
प्यारी प्यारी मेरी माँ…

Maa Par Kavita in Hindi – मैं माँ को मानता हूँ|

बचपन में माँ कहती थी
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए…

बचपन में माँ कहती थी
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए…

मैं आज भी रुक जाता हूँ
कोई बात है जो डरा
देती है मुझे…

यकीन मानो,
मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ…
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता…

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक…
दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..

चाहे हम बड़े हो जाये मगर हम अपनी माँ के लिए तो बच्चे ही है…

माँ कहती थी|

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घर से दही खाकर निकलो
तो शुभ होता है..
मैं आज भी हर सुबह दही
खाकर निकलता हूँ…
मैं शगुन-अपशगुन को भी नही मानता….

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

आज भी मैं अँधेरा देखकर डर जाता हूँ,
भूत-प्रेत के किस्से खोफा पैदा करते हैं मुझमें,
जादू, टोने, टोटके पर मैं यकीन कर लेता हूँ|

बचपन में माँ कहती थी
कुछ होते हैं बुरी नज़र लगाने वाले,
कुछ होते हैं खुशियों में सताने वाले…
यकीन मानों, मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ…
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता….

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

मैंने भगवान को भी नहीं देखा जमीं पर
मैंने अल्लाह को भी नहीं देखा
लोग कहते है,
नास्तिक हूँ मैं
मैं किसी भगवान को नहीं मानता

लेकिन माँ को मानता हूँ
में माँ को मानता हूँ||

हम सब की माँ हमारी अच्छे से देखभाल करती है और यदि अगर हम कही बाहर घुमने भी जाते है और हमे घर आने में यदि किसी भी तरह की देरी हो जाती है तब उस समय माँ हमे फोन करती रहती है, और हमारा हालचाल पूछती रहती है.

एक माँ ही है जो हमारी जिन्दगी को सवराती है और हमे अपनी जिन्दगी को किस तरीके से जिया जाए वो भी सिखाती है… मेरी माँ तो बहुत अच्छी है.

Heart Touching Poems on Mother in Hindi – (माँ पर कविता)

जितना मैं पढता था, शायद उतना ही वो भी पढ़ती,
मेरी किताबों को वो मुझसे ज्यादा सहज कर रखती थी,

मेरी कलम, मेरी पढने की मेज़, उसपर रखी किताबे,
मुझसे ज्यादा उसे नाम याद रहते, संभालती थी किताबे,

मेरी नोट-बुक पर लिखे हर शब्द, वो सदा ध्यान से देखती,
चाहे उसकी समझ से परे रहे हो, लेकिन मेरी लेखनी देखती थी,

अगर पढ़ते पढ़ते मेरी आँख लग जाती, तो वो जागती रहती,
और जब मैं रात भर जागता, तब भी वो ही तो जागती रहती,

और मेरी परीक्षा के दिन, मुझसे ज्यादा उसे भयभीत करते थे,
मेरे परीक्षा के नियत दिन रहरह कर, उसे ही भ्रमित करते थे,

वो रात रात भर, मुझे आकर चाय काफी और बिस्कुट की दावत,
वो करती रहती सब तैयारी, बिना थके बिना रुके, बिन अदावात,

अगर गलती से कभी ज्यादा देर तक मैं सोने की कोशिश करता,
वो आकर मुझे जगा देती प्यार से, और मैं फिर से पढना शुरू करता,

मेरे परीक्षा परिणाम को, वो मुझसे ज्यादा खोजती रहती अखबार में,
और मेरे कभी असफल होने को छुपा लेती, अपने प्यार दुलार में,

जितना जितना मैं आगे बढ़ता रहा, शायद उतना वो भी बढती रही,
मेरी सफलता मेरी कमियाबी, उसके ख्वाबों में भी रंग भरती रही,

पर उसे सिर्फ एक ही चाह रही, सिर्फ एक चाह, मेरे ऊँचे मुकाम की,
मेरी कमाई का लालच नहीं था उसके मन में, चिंता रही मेरे काम की,

वो खुदा से बढ़कर थी पर मैं ही समझता रहा उसे नाखुदा की तरह जैसे,
वो मेरी माँ थी, जो मुझे जमीं से आसमान तक ले गयी, ना जाने कैसे…

दोस्तों, आपसे बस इतना ही कहना चाहूँगा की कभी अपनी माँ का दिल मत तोड़ना, कभी उनसे उची अवाज में बात मत करना|

आपको Poems on Mother in Hindi का लेख कैसा लगा हमको कमेंट करके जरुर बताए और अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो माँ के इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें जिससे बाकि लोग भी अपनी माँ के लिए कविता लिख सके. “धन्यवाद”

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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