शिक्षा

What Are The Soft Skills Required For Physical Education?

What Are The Soft Skills Required For Physical Education
Written by Himanshu Grewal
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आज के पाठ्यक्रम में Physical Education एक महत्वपूर्ण विषय है, यदि आप भी इस विषय से जुड़ा करियर अपने लिए सोच रहे है तो What are the soft skills required for physical education आपके लिए जानना बेहद ही आवश्यक है।

लेख को शुरू करने से पहले चलिए जानते हैं कि Physical Education में आपको किस प्रकार की शिक्षा दी जाती है और आज के समय में इस तरह के शिक्षा पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है?

What Are The Soft Skills Required For Physical Education?

शब्द के अर्थ के अनुसार यदि हम देखें तो Physical Education शब्द का अर्थ है “शारीरिक शिक्षा” अब आपको आइडिया लग गया होगा कि इस शिक्षा के अंतर्गत शरीर से जुड़ा ज्ञान दिया जाता है।

यदि हम जानने का प्रयास करें तो आखिरकार आज का समय कुछ ऐसा हो गया है कि ना तो हम शुद्ध खाना खाते हैं, ना शुद्ध पानी पीते हैं यहाँ तक की जो हम सांस ले रहे हैं वो हवा भी शुद्ध नहीं है। और इन सभी दूषित चीज़ों को अपने अंदर लेने के कारण हम शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं है और यही कारण है कि हमें शारीरिक शिक्षा लेने की आवश्यकता पड़ रही है।

यदि हम आज से 50 साल पहले के बारे में बात करें तो उस वक्त इंसान जिम जाकर अपने शरीर को बैलेंस में नहीं रखता था या फिर कुछ अलग से पोषण की चीजें नियम अनुसार नहीं लेता था, लेकिन आज इंसान खाना तो दूषित खाता ही है इसके साथ – साथ जिम में जाता है शरीर को फिट रखने के लिए और उसके पीछे का मुख्य कारण है हमारा रोज का शेड्यूल।

आज हम सुबह उठने के साथ खाते हैं और कम्प्यूटर या लैपटॉप के आगे बैठ जाते हैं और रात तक उसी लैपटॉप पर हमारे साथ तो चलते रहते है लेकिन कोई फिजिकल एक्टिविटी नहीं हो पाती है जिस पर हम स्वस्थ जीवन व्यतीत नहीं कर पाते हैं।

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बच्चों के साथ – साथ गर्भवती महिलाओ को भी अक्सर कहा जाता है कि वो फास्ट फूड कम खाया करें और एक्सरसाइज किया करें, लेकिन होता बिलकुल उल्टा है और यही कारण है कि बच्चे जन्म के साथ बीमारियों से ग्रस्त होते है।

अक्सर स्कूल में भी यह पाया जाता है कि एक समय हुआ करता था जब बच्चे खेल के लंच ब्रेक का बेसब्री से इंतज़ार करते थे, वही अब बच्चों को ज़बरदस्ती खेल के मैदान में लिजाया जाता है। अब बच्चे मोबाइल में और लैपटॉप में ऑनलाइन गेम खेलना ज्यादा पसंद करते हैं।

दोस्तों, ऊपर बताए गए सभी उदाहरण से अब आपको आइडिया अच्छे से लग गया होगा कि आज के समय में छोटे बच्चों से लेकर कॉलेज के बच्चों को शारीरिक शिक्षा देना अनिवार्य होता जा रहा है।

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Definition of Physical Education in Hindi

Physical Education is defined as instruction in the development and care of the body ranging from simple calisthenics exercises to a course of study providing training in hygiene, gymnastics, and the performance and management of athletic games.

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शारीरिक शिक्षा की परिभाषा क्या है?

शारीरिक शिक्षा (Physical education) प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के समय में पढ़ाया जाने वाला एक पाठ्यक्रम है। इस शिक्षा से तात्पर्य उन प्रक्रियाओं से है जो मनुष्य के शारीरिक विकास तथा कार्यों के समुचित संपादन में सहायक होती है।

जैसा कि आपने सुना ही होगा कि हमारे भारत में एक धारणा है “स्वच्छ शरीर में ही स्वच्छ मस्तिष्क का निवास होता है” और यह बिलकुल सत्य है। किसी भी समाज में शारीरिक शिक्षा का महत्व उसका अकटायुद्धोन्मुख प्रवृत्तियों, धार्मिक विचारधाराओं, आर्थिक परिस्थिति तथा आदर्श पर निर्भर होती है।

प्राचीन काल में जब शारीरिक शिक्षा दी जाती थी तो उसका उद्देश्य मांसपेशियों को विकसित करके शारीरिक शक्ति को बढ़ाने तक ही सीमित था और इस सब का तात्पर्य यह था कि मनुष्य आखेट में, भार वाहन में, पेड़ों पर चढ़ने में, लकड़ी काटने में, नदी, तालाब या समुद्र में गोता लगाने में सफल हो सके। किंतु शारीरिक शिक्षा के उद्देश्य में भी परिवर्तन होता गया और शारीरिक शिक्षा का अर्थ शरीर के अवयवों के विकास के लिए सुसंगठित कार्यक्रम के रूप में होने लगा।

वर्तमान काल में शारीरिक शिक्षा के कार्यक्रम के अंतर्गत व्यायाम, खेलकूद, मनोरंजन आदि विषय आते हैं। साथ साथ वैयक्तिक स्वास्थ्य तथा जनस्वास्थ्य का भी इसमें स्थान है।

कार्यक्रमों को निर्धारित करने के लिए शरीररचना-विज्ञान तथा शरीर-क्रिया-विज्ञान, मनोविज्ञान तथा समाज विज्ञान के सिद्धान्तों से अधिकतम लाभ उठाया जाता है। वैयक्तिक रूप में शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य शक्ति का विकास और नाड़ी स्नायु संबंधी कौशल की वृद्धि करना है तथा सामूहिक रूप में सामूहिकता की भावना को जाग्रत करना है।

चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि शारीरिक शिक्षा जो व्यक्ति देता है उसमे कौन – कौन से कौशल होना जरूरी होता है? लेकिन उससे भी पहले हम जानते हैं कि सॉफ्ट स्किल क्या होता है?

सॉफ्ट स्किल की परिभाषा

सॉफ्ट स्किल्स आपके जीवन में आपके द्वारा विकसित किए गए व्यक्तिगत कौशल को संदर्भित करते है। इनका अध्ययन, कार्य, इंटर्नशिप, स्वयं सेवा या अतिरिक्त गतिविधियों (खेल या क्लब सहित) सहित विभिन्न अनुभवों के माध्यम से किया जा सकता है।

शब्द “सॉफ्ट स्किल्स” में कई प्रकार के कौशल शामिल होते है जो यह निर्धारित करते हैं कि हम अपने आस-पास के लोगों से कैसे संबंधित है, हम कैसे काम करते हैं, और जीवन पर हमारा दृष्टिकोण। इन कौशलों में शामिल हो सकते हैं: समय प्रबंधन, संगठनात्मक कौशल, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, टीम वर्क, संघर्ष समाधान या स्व-प्रेरित होना।

Soft Skills for Physical Education in Hindi

एक व्यक्ति के अंदर जितने ज्यादा कौशल होंगे वह व्यक्ति उतना ही सफल व्यक्ति बन सकेगा, लेकिन शारीरिक शिक्षा देने वाले व्यक्ति में नीचे दिये गए 5 नरम कौशल होने अनिवार्य हैं।

  1. Communication
  2. Team Work
  3. Problem Solving
  4. Time Management
  5. Goal Orient
What Are The Soft Skills Required For Physical Education?
  • Communication Skill

जितना बेहतर आपके अंदर संचार करने की कला होगी उतना ही बेहतर आपके लिए होगा, दोस्तों मैं आपको बता दूँ कि लिखित रूप में और मौखिक रूप से अपने विचारों को प्रभावी ढंग से संप्रेषित करने में सक्षम होने के बाद भी कौशल की अत्यधिक मांग है। इसमें अच्छी तरह से सोचे गए ईमेल, ड्राफ्ट दस्तावेज़, आचरण प्रस्तुतियों, पिच विचारों और अन्य संचार आवश्यकताओं की एक विशाल श्रृंखला शामिल है।

  • Team Work

अधिकांश भूमिकाओं के लिए आवश्यक है कि आप अन्य लोगों के साथ काम करें, जिसका अर्थ है कि आप विचारों को संप्रेषित करने में सक्षम होना चाहिए, अपने आस-पास के लोगों को सक्रिय रूप से सुनना, एक सामान्य लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दूसरों के साथ काम करना, निर्देशों का पालन करना, या प्रतिक्रिया प्रदान करना।

यदि आपके पास मजबूत टीमवर्क कौशल नहीं है, तो आपको अन्य लोगों से बात करने, परियोजनाओं पर नियंत्रण छोड़ने, या किसी और के साथ स्पॉटलाइट साझा करने में मुश्किल हो सकती है।

यदि यह आप हैं, तो यह एक अतिरिक्त गतिविधि (जैसे कि एक खेल, क्लब या समाज) में भाग लेने के बारे में सोचना शुरू करने का समय हो सकता है, जहां आप अपेक्षाकृत कम दबाव वाले वातावरण में इस कौशल को मजबूत कर सकते है।

  • Problem Solving

सॉफ्ट स्किल के रूप में, प्रॉब्लम सॉल्विंग का मतलब यह हो सकता है कि आप जिस जॉब और इंडस्ट्री में हैं, उसके आधार पर कई सारी चीजें हो सकती हैं। अधिक सामान्य अर्थों में इस बारे में बात करना, प्रॉब्लम सॉल्व करने में सक्षम होने का मतलब है कि आप किसी ऐसे मुद्दे को देख सकते है, जो किसी के पास है और विकसित हो रहा है।

इसे हल करने के लिए आप कई तार्किक कदम उठा सकते हैं। इसका मतलब यह भी है कि आप किसी प्रणाली या चीजों को करने के तरीके को देख सकते हैं, और समान परिणाम प्राप्त करने के लिए एक सरल तरीके के साथ आ सकते हैं।

  • Time Management

अपने समय को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में सक्षम होने का मतलब है कि आप किसी विशेष समय सीमा में कार्यों को पूरा कर सकते हैं, प्राथमिकताओं का प्रबंधन कर सकते हैं और प्रभावी ढंग से शेड्यूल कर सकते हैं। यदि आप एक तेज़-तर्रार नौकरी में हैं तो यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

  • Goal Oriented

लक्ष्य उन्मुखी जैसा कौशल हर व्यक्ति में होना चाहिए, जिससे निश्चित किए गए समय के अंदर ही हासिल करने के लिए हम खुद को मेहनत करने से कभी पीछे ना हटने दें। कुछ लक्ष्य कम समय के सीमा दर के अंदर के लिए निश्चित किए जाते हैं वही कुछ लक्ष्य लंबे समय के अंदर के लिए निश्चित किए जाते है।

दोस्तों, अब हम इस लेख के अंत पर आ पहुचे है और अंत में मैं सिर्फ यही कहना चाहूँगा कि खुद भी स्वस्थ रहिए और अपने आस पास रहने वाले सभी लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरणा दीजिए।

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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