Mother's Day

माँ पर कविताएं (मैं माँ को मानता हूँ) (एक कविता हर माँ के नाम)

माँ पर कविताएं - Emotional poems on Mother in hindi
Written by Himanshu Grewal

मेरी प्यारी और सुंदर माँ के लिए उनके बेटे हिमांशु ग्रेवाल की और से माँ पर कविताएं.

माँ ही है जो हमे चलना सिखाती है, माँ ही है जो हमें सही गलत का मतलब बताती है अगर इस दुनिया में माँ नही होती तो हमारा कोई अस्तित्व नही होता.

अगर हम भूखे रहते है तो माँ का पेट भी नही भरता, अगर हम दुखी होते है तो माँ भी दुखी हो जाती है माँ सबसे प्यारी है जो हमसे बहुत प्यार करती है.

वैसे इसमें कोई कहने की बात नही है की हम सभी अपनी माँ से कितना प्रेम करते है और अपनी माँ के लिए कुछ न कुछ स्पेशल करते रहते है.

उसी तरह आज में आप सभी बच्चो के लिए मेरी मां पर कविता लेकर आया हूँ. यहाँ पर में आपके साथ 2 हिंदी कविता शेयर करूंगा.

ये जो Maa par kavita में आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ इनको आप किसी पेपर पर उतार सकते हो और मदर्स डे के दिन अपने विद्यालय में या फिर अपनी माँ के सामने जाकर Maa ki mamta poem सुना सकते हो.

इस आर्टिकल को जितने भी लोग पढ़ रहे है उनमे नर्म निवेदन है की अगर आपको माँ की ममता पर कविता पसंद आये तो इस पोएम को आप शेयर जरुर करें और कमेंट करके अपनी विचार हमारे साथ व्यक्त करे.

आईये अब हम अपनी hindi poem on maa ki mamta को शुरू करते है और अपनी माँ के सामने प्रस्तुत करते है.

माँ पर कविताएं – Emotional poems on Mother in hindi

अब में आपके साथ अपनी पहली माँ पर कविताएं शेयर करने जा रहा हूँ जिसका शीर्षक है मैं माँ को मानता हूँ.

मुझे पूरी उम्मीद है की आपको ये hindi kavita पसंद आयेगी. तो चलिए शुरू करते है.

बचपन में माँ कहती थी
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए…

बचपन में माँ कहती थी
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए…

मैं आज भी रुक जाता हूँ
कोई बात है जो डरा
देती है मुझे..

यकीन मानो,
मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ…
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता…

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..
दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..

माँ कहती थी
घर से दही खाकर निकलो
तो शुभ होता है..
मैं आज भी हर सुबह दही
खाकर निकलता हूँ…
मैं शगुन-अपशगुन को भी नही मानता….

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

आज भी मैं अँधेरा देखकर डर जाता हूँ,
भूत-प्रेत के किस्से खोफा पैदा करते हैं मुझमें,
जादू, टोने, टोटके पर मैं यकीन कर लेता हूँ|

बचपन में माँ कहती थी
कुछ होते हैं बुरी नज़र लगाने वाले,
कुछ होते हैं खुशियों में सताने वाले…
यकीन मानों, मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ…
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता….

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

मैंने भगवान को भी नहीं देखा जमीं पर
मैंने अल्लाह को भी नहीं देखा
लोग कहते है,
नास्तिक हूँ मैं
मैं किसी भगवान को नहीं मानता

लेकिन माँ को मानता हूँ
में माँ को मानता हूँ||

माँ पर कविताएं – Short hindi poem on Maa for class 1, 2, 3, 4, 5

आशा है की उपर जो माँ के उपर कविता है आपको पसंद आई होगी. अगर आपको Mother’s day hindi poem पसंद आयी तो इनको आप फेसबुक, ट्विटर, गूगल+ और व्हाट्सएप्प पर शेयर भी कर सकते हो.

अब हमारी जो अगली मदर्स डे हिंदी पोएम है एक कविता हर माँ के नाम”

यह एक छोटी हिंदी पोएम है जिसको स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपनी माता के सामने या फिर स्कूल में सुना सकते है. तो चलिए शुरू करते है:-

घुटनों से रेंगते-रेंगते,
कब पैरों पर खड़ा हुआ,
तेरी ममता की छाँव में,
जाने कब बड़ा हुआ..

काला टीका दूध मलाई
आज भी सब कुछ वैसा है,
मैं ही मैं हूँ हर जगह,
माँ प्यार ये तेरा कैसा है?

सीधा-साधा, भोला-भाला,
मैं ही सबसे अच्छा हूँ,
कितना भी हो जाऊ बड़ा,
“माँ!” मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ|

मैं आशा करता हूँ की आपको ये वाली माँ पर छोटी कविता भी पसंद आयी होगी.

अगर आपको कविता है अलावा Mothers day wallpaper भी डाउनलोड करने है जिसको आप मदर्स डे के दिन अपनी माँ के साथ या फिर फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर शेयर कर सको तो आप Mothers day images वाले आर्टिकल पर जाकर फ्री में तस्वीरे डाउनलोड कर सकते हो.

अब यह आर्टिकल यही पर खत्म होता है, आपको माँ पर कविताएं कैसी लगी हमको कमेंट करके जरुर बताये और इस आर्टिकल को सोशल मीडिया पर शेयर न भूले….! 🙂

About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

16 Comments

  • काफी अच्छी पोस्ट थी भाई…..
    मेने भी मेरे एक दूसरे ब्लॉग पे एल मैसेज लिखा है और शायरी लिखी है मातृ दिन के लिए। dekhna jarur bhai…

    • आपने बस शायरी ही लिखी है कुछ एक्स्ट्रा वर्ड नही लिखे है, आर्टिकल को थोडा और लॉन्ग लिखो 🙂 वेसे आपकी टेम्पलेट बहुत अच्छी है.

    • आप कुछ भी लिख सकते हो जिसकी आपको सबसे ज्यादा जानकारी हो और आपको लिखने में भी अच्छा लगे.

  • Poems were nice but not up to what i wanted.. Please don’t take it in negative tone.. I wanted poems which were more creative himanshu grewal..

  • Sir, mai bhi poetry lekin ka aadi hu, so sir kya app mujhe bata sakte hai ki, sir yadi hum apni kavita ko kisi blog or YouTube or other social network per upload karte hai to sir usme hamari poetry chori bhi ho Sakti hai kya? To kya bina book chape meri poetry ki ise post karna sahi hai galat

    • Kavita, Poetry ऐसी चीज है जिसको कोई भी कॉपी कर सकता है, जैसे अपने एक कविता लिखी और अपने ब्लॉग पर बना पब्लिश करदी और किसी और को आपकी कविता अच्छी लगी तो वो भी अपने ब्लॉग पर लिख सकता है थोड़े बहुत वर्ड चेंज करके इसमें कॉपीराइट नही होता. आप YouTube पर भी अपलोड कर सकते हो.

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