Mother's Day

माँ पर कविताएं: (एक कविता हर माँ के नाम)

माँ पर कविताएं - Emotional poems on Mother in hindi
Written by Himanshu Grewal
Subscribe to our YouTube channel 🙏

मेरी प्यारी और सुंदर माँ के लिए उनके बेटे हिमांशु ग्रेवाल की और से माँ पर कविता।

माँ ही है जो हमें चलना सिखाती है, माँ ही है जो हमें सही गलत का मतलब बताती है। अगर इस दुनिया में माँ नही होती तो हमारा कोई अस्तित्व नही होता। अगर हम भूखे रहते है तो माँ का पेट भी नही भरता, अगर हम दुखी होते है तो माँ भी दुखी हो जाती है, माँ सबसे प्यारी है जो हमसे बहुत प्यार करती है।

वैसे इसमें कोई कहने की बात नही है कि हम सभी अपनी माँ से कितना प्रेम करते है और अपनी माँ के लिए कुछ न कुछ स्पेशल करते रहते है। उसी तरह आज मैं आप सभी बच्चों के लिए मेरी माँ पर कविताएं लेकर आया हूँ। यहाँ पर मैं आपके साथ 3 हिंदी कविता शेयर करूंगा।

यह जो Maa Par Kavita मैं आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ इनको आप किसी पेपर पर उतार सकते हो और मदर्स डे के दिन अपने विद्यालय में या फिर अपनी माँ के सामने जाकर Maa Ki Mamta Poem सुना सकते हो।

इस लेख को जितने भी लोग पढ़ रहे है उनसे नर्म निवेदन है कि अगर आपको माँ की ममता पर कविता पसंद आई तो आप इस पोएम को शेयर अवश्य करें और कमेंट करके अपनी विचार हमारे साथ व्यक्त करें।

आइए, अब हम अपनी Hindi Poem on Maa Ki Mamta को पढ़ना शुरू करते है और अपनी माँ के सामने प्रस्तुत करते है।

अन्य लेख ⇓

माँ पर कविता

मां की ममता के बारे में उसकी अच्छाइयों को शब्दों में मैं बयां कर दूं इतनी मेरी औकात नहीं क्योंकि मां, भगवान द्वारा दिया गया वह तोहफा है जिसका न तो मूल्य लगाया जा सकता है और ना ही उनके एहसानों को कभी चुकाया जा सकता है। इसलिए कहते हैं जिसके पास मां है उसके लिए यह धरती स्वर्ग है क्योंकि एक अच्छी संतान हर मां की नसीब में नहीं होती लेकिन हर संतान के नसीब में जरूर अच्छी मां होती है इसलिए जब दवा काम ना करे तो दुआ मांगती है।

मां है वो जनाब वह हार कहां मानती है…

इसलिए जिस तरह हम भगवान की पूजा करते है ठीक उसी प्रकार हमारे दिल में मां का स्थान भगवान के समान होना चाहिए।

Best Poem on Mother in Hindi

अब मैं आपके साथ अपनी पहली Hindi Kavita on Maa शेयर करने जा रहा हूँ जिसका शीर्षक है मैं माँ को मानता हूँ.

मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको माँ पर मार्मिक कविता पसंद आयेगी। तो चलिए माँ पर कविता पढ़ना शुरू करते हैं।

बचपन में माँ कहती थी
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए...

बचपन में माँ कहती थी
बिल्ली रास्ता काटे,
तो बुरा होता है
रुक जाना चाहिए...

मैं आज भी रुक जाता हूँ
कोई बात है जो डरा
देती है मुझे..

यकीन मानो,
मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ...
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता...

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..
दही खाने की आदत मेरी
गयी नहीं आज तक..

माँ कहती थी
घर से दही खाकर निकलो
तो शुभ होता है..
मैं आज भी हर सुबह दही
खाकर निकलता हूँ...
मैं शगुन-अपशगुन को भी नही मानता....

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

आज भी मैं अँधेरा देखकर डर जाता हूँ,
भूत-प्रेत के किस्से खोफा पैदा करते हैं मुझमें,
जादू, टोने, टोटके पर मैं यकीन कर लेता हूँ|

बचपन में माँ कहती थी
कुछ होते हैं बुरी नज़र लगाने वाले,
कुछ होते हैं खुशियों में सताने वाले...
यकीन मानों, मैं पुराने ख्याल वाला नहीं हूँ...
मैं शगुन-अपशगुन को भी नहीं मानता....

मैं माँ को मानता हूँ|
मैं माँ को मानता हूँ|

मैंने भगवान को भी नहीं देखा जमीं पर
मैंने अल्लाह को भी नहीं देखा
लोग कहते है,
नास्तिक हूँ मैं
मैं किसी भगवान को नहीं मानता

लेकिन माँ को मानता हूँ
में माँ को मानता हूँ॥

Emotional and Sad Poem on Maa in Hindi

आशा है कि उपर जो माँ के ऊपर कविता है आपको पसंद आई होगी। अगर आपको Mothers Day Hindi Poem पसंद आयी है तो जो मैंने कविता माँ के लिए लिखी है इसको आप फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर शेयर भी कर सकते है।

अब हमारी जो अगली मदर्स डे हिंदी पोएम है उसका शीर्षक है एक कविता हर माँ के नाम”

यह एक छोटी हिंदी कविता है जिसको स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपनी माता के सामने या फिर स्कूल में सुना सकते है। तो चलिए शुरू करते है:-

Maa Par Kavita in Hindi

घुटनों से रेंगते-रेंगते,
कब पैरों पर खड़ा हुआ,
तेरी ममता की छाँव में,
जाने कब बड़ा हुआ..

काला टीका दूध मलाई
आज भी सब कुछ वैसा है,
मैं ही मैं हूँ हर जगह,
माँ प्यार ये तेरा कैसा है?

सीधा-साधा, भोला-भाला,
मैं ही सबसे अच्छा हूँ,
कितना भी हो जाऊ बड़ा,
"माँ!" मैं आज भी तेरा बच्चा हूँ।

माँ पर कविताएं (माँ पर कविता)

इस प्यारी सी कविता का शीर्षक है “माँ वो शब्द है जिसमें कायनात समाई है”

Poem on Mother in Hindi For Class 10

मां वो शब्द है जिसमे कायनात समाई है…
जिसकी कोख मे शुरु हुआ था जिन्दगी का सफर,
जिसकी गोद मे खोली थी आखें पहली बार,
जिसकी नजरो से ही दुनिया को देखा था, जाना था,
जिसकी उन्गलियां पकड कर चलना सीखा था पहली बार !!

उसी ने हमारी खुद से करायी थी पेह्चान,
दुनिया का समना करना भी उसी ने सिखाया,
जनम से ही दर्द से शुरु हुआ था रिश्ता हमारा,
शायद हर दर्द पे ईसीलिये निकलता है शब्द मां हर बार !!

मां की जिन्दगी होती है उसके बच्चे मे समायी,
पर बडे होते ही दूर हो जाती है राहे उसकी जिन्दगी की,
भुला देता है इस शब्द की एहमियत अपनी व्यस्तता मे कही,
फिर अचानक कही से सुनाई देती है आवाज मां,

आखें भर आती है बस धार धार !!
मां का कर्ज नही चुका सकता कभी कोई इस दुनिया मे,
भगवान से भी बडा है मां क दर्जा इस दुनिया मे,
ना होती वो तो ना बसता ये सन्सार कभी,
ना होगी वो तो भी खत्म हो जाएगा सन्सार ये सभी!!

कस्ती है इसलिये ‘मुस्कान’ जागो अब भी वक्त है,
ना करो शर्मसार अपनी जननी को, ना करो अत्याचार औरत के अस्तित्व पर,
न मारो बेटी के अन्श को यु हर बार.
नही तो इक दिन तरस जाएगा मां के एह्सास को ही ये सारा सन्सार !!
क्योंकि मां वो शब्द है जिसमे कायनात समाई है…

मैं आशा करता हूँ कि आपको माँ पर छोटी कविता पसंद आई होगी।

अगर आपको माँ की ममता पर कविता के अलावा Mothers Day Wallpaper Download करने है जिसको आप मदर्स डे के दिन अपनी माँ के साथ या फिर फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर शेयर कर सके तो आप Mothers Day Images वाले लेख पर जाकर फ्री में तस्वीर डाउनलोड कर सकते हैं।

10 Lines on Mother in Hindi

बचपन से देख रहा हूं आज भी मेरी मां अपने सभी कार्यों को बड़ी शिद्दत से करती है।

कहने को तो पिता की तरह दफ्तर नहीं जाती परंतु उसकी ड्यूटी में कभी भी रविवार आता नहीं है।

साल के 365 दिनों में (सर्दी, गर्मी) में प्रातः जल्दी उठते ही घर के कार्यों में लग जाना तथा दिन भर के सभी कार्यों को बड़ी ही लगन के साथ करना, सास-ससुर का ध्यान रखना, बच्चों का ख्याल रखना, पति को मनाना, घर के सभी सदस्यों की भावनाओं को समझना आसान तो बिल्कुल भी नहीं।

कभी-कभी तो मानो लगता है अगर जिंदगी में मां नहीं होती तो यह जीवन कितना बेरंग और कठिन हो जाता इसलिए किसी भी व्यक्ति की जिंदगी में मां वह सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है जिसे हम भले ही सुख के पलों में भूल जाएं लेकिन जब भी दुख आता है सबसे पहले मां का ही नाम जुबान से निकलता है। मेरे सिर पर मेरी माँ का आशीर्वाद है, वरना यह मतलबी दुनिया हमें कब का मार देती।

माँ शायरी: Maa Shayari 2 Lines
प्रत्येक दिन गिन लेती है मेरे बगैर गुजारे दिनों को
भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी...
किसी भी ​मुश्किल का हल आज इसीलिए नहीं मिलता
​शायद अब पहले की तरह माँ के पैर छूकर नहीं निकलता!
न जाने क्यों ये जिद्दी इंसान
इस बात से अनजान
छोड़ देते हैं बुढ़ापे में जिसे
वो माँ तो हमारे लिए एक वरदान है।
माँ से बढ़कर कोई नाम क्या होगा
इस नाम का हमसे एहतराम क्या होगा
जिसके पैरों के नीचे जन्नत है
उसके सिर का मुकाम क्या होगा।
अभी ज़िन्दा है मां मेरी
भरोसा है मुझे कु्छ भी नहीं होगा
मैं जब घर से निकलता हूं
दुआ भी साथ चलती है।
ख़्वाहिश है मेरी
कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊं
मां से इस तरह लिपट जाऊं
कि बच्चा बन जाऊं...
साथ छोड़ देती है दुनिया
पर वो साथ चलती है,
कैसे भी हो हालात
माँ की ममता नहीं बदलती है।
वो लाख छिपाए परेशानियां जो उसे जकड़ लेती हैं,
माँ तो मां होती है औलादों की खामोशियाँ को पढ़ लेती है।
मैं रात भर जन्नत की सैर करता रहा यारों,
सुबह आँख खुली तो सर ‘माँ’ के कदमो में था..
Maa Status in Hindi 2 Line
हर पल में ख़ुशी देती है माँ,
अपनी ज़िंदगी से जीवन देती है माँ..
भगवान कौन है माँ की पूजा करो बस आप
क्योंकि भगवान को भी जन्म देती है माँ..
फना कर दो अपनी सारी ज़िन्दगी,
अपनी ‘माँ’ के कदमो में यारो..
दुनिया में यही एक सच्ची मोहब्बत है।
हालातों के आगे जब साथ
न जुबाँ होती है,
पहचान लेती है
ख़ामोशी में हर दर्द
वो सिर्फ “माँ” होती है।
तेरे ही आँचल में निकला बचपन,
तुझसे ही तो जुड़ी हर धड़कन,
कहने को तो माँ सब कहते है तुझे
पर मेरे लिए तो तू भगवान है।
जब भी बैठता हूँ तन्हाई में
मैं तो उसकी यादें रुला देती हैं,
आज भी जब आँखों में नींद न आये
तो उसकी लोरियां
मुझे झट से सुला देती हैं।
जब भी मेरे होठों पर झूठी मुस्कान होती है,
माँ को न जाने कैसे छिपे हुए दर्द की पहचान होती है,
सर पर हाथ फेरते ही दूर हो जाती है परेशानियाँ
सच है माँ की भावनाओं में बहुत जान होती है।
गम हो, दुःख हो या खुशियाँ
माँ जीवन के हर किस्से में साथ देती है,
खुद सो जाती है वो भूखी
पर बच्चों में रोटियां अपने हिस्से की बाँट देती है।
कैसे भुला दूँ मैं अपने पहले प्यार को
कैसे तोड़ दूं उसके ऐतबार को,
सारा जीवन उसके चरणों में न्योछावर कर दूँ
छोड़ दूँ उसकी खातिर मैं इस संसार को।

माँ पर कविता का लेख यही पर खत्म होता है, आपको माँ पर कविताएं कैसी लगी हमको कमेंट करके जरूर बताए और इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूले।

अन्य लेख ⇓

About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

37 Comments

Leave a Comment