Independence Day (India)

Independence Day Speech in Hindi – स्वतंत्रता दिवस पर प्रेरणादायक भाषण जिसको आप अपने विद्यालय और कॉलेज में बोल सको

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण
Written by Himanshu Grewal

अगर आप अपने स्कूल एवम कॉलेज में Independence Day Speech (स्वतंत्रता दिवस पर भाषण) बोलना चाहते हो तो इस लेख में आपको Best 15 August Speech in Hindi मिलेगी जिसको आप अपने भाषण में इस्तेमाल कर सको.

15 अगस्त के भाषण को पढ़ने के बाद हमको कमेंट करके जरुर बताये की आपको 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण कैसा लगा और अगर आपको Latest Independence Day Speech पसंद आई हो तो इस स्पीच को जितना हो सके उतना शेयर करे.

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इससे पहले भी मैंने आप सभी देशभक्तों के लिए स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर भाषण लिखा है जिसको आप पढ़ सकते हो और अगर आपको देशभक्ति पर भाषण पढ़ना है तो आप लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हो.

तो चलिए मित्रों, आपका ज्यादा समय नष्ट ना करते हुए 15 अगस्त पर भाषण के इस लेख को प्रारंभ करते है:-

इसको भी आवश्य पढ़े ⇒ 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति कविता

Short Speech on Independence Day in Hindi For School Students

Short Speech on Independence Day in Hindi For School Students

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आदरणीय प्रधानाचार्यजी, सभी अध्यापकगण और मेरे प्यारे मित्रों, आज हम सब यहाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं आज ही के दिन 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की गुलामी से हमारे देश को आजादी मिली थी.

आजादी का क्या मतलब है?

आजादी कहने को सिर्फ एक शब्द है लेकिन इसकी भव्यता को कोई भी शब्दों में नही बांध सकता.

आजादी का अर्थ है – विकास के पथ पर आगे बढकर देश और समाज को ऐसी दिशा देना, जिससे हमारे देश की संस्कृति की सोंधी खुशबू चारों और फ़ैल सके.

आजादी का मूल्य देश ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, सुभाषचंद्र बोस आदि के प्राण खोकर चुकाया हैं.

देश की आजादी की कहानी में शायद ही कोई ऐसा पन्ना हो जो आंसुओं से होकर ना गुजरा हो.

झाँसी की रानी से गाँधी जी के असहयोग आन्दोलन तक की मेहनत के बाद आजादी प्राप्त हुई.

तो चलिए आज इस आजादी की कहानी पर एक नजर डालें.

महत्वपूर्ण जानकारी » भारत का स्वतंत्रता दिवस का इतिहास और महत्व

Best Independence Day Speech For Students in Hindi

Best Independence Day Speech For Students in Hindi

सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महायज्ञ का प्रारम्भ झासी की रानी और मंगल पांडे ने किया और अपने प्राणों को भारत माता पर न्योछावर किया.

देखते ही देखते यह चिंगारी एक महासंग्राम में बदल गयी जिसमें पूरा देश कूद पड़ा.

इस आजादी के लिए तिलक ने ‘स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का सिंहनाद किया.

चंद्रशेखर आजाद ने अपना धर्म ही आजादी को बताया. भगतसिंह ने देशभक्ति की जो लो पैदा की वह अद्भुत है.

ईट का जवाब पत्थर से देने की क्रांतिकारियों की ख्वाहिश का सम्मान यह देश हमेशा करेगा.

देश को गर्व है कि उसके इतिहास में भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु और असंख्य ऐसे युवा हुए जिन्होंने अपने प्राणों की भारतमाता के लिए हंसते-हंसते न्योछावर कर दिया.

देश के इतिहास में अगर किसी को असली सुपरहीरो माना जाता है तो वह हैं हमारे नेताजी सुभाषचंद्र बोस.

सुभाष चंद्र बोस एक आम भारतीय ही थे. उच्च शिक्षा प्राप्त और अच्छे उज्ज्वल करियर को त्याग देश के इस महान हीरो ने दर-दर भटक कर देश की आजादी के लिए प्रयास किए.

महात्मा गाँधी यूँ तो किसी परिचय के मोहताज नहीं लेकिन यह राष्ट्र उन्हें राष्ट्रपिता के रूप में जनता है. “गाँधीजी ने दुनिया की अहिंसा और असहयोग नाम के दो महा अस्त्र दिए.

‘अहिंसा’ और ‘असहयोग’ लेकर गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए महात्मा गाँधी, ‘लोह पुरुष’ सरदार पटेल, चाचा नेहरु, बाल गंगाधर तिलक जैसे महापुरुषों ने कमर कस ली.

90 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त, 1947 को भारत को स्वतंत्रता का वरदान मिला.

वर्षों की गुलामी सहने और लाखों देशवासियों का जीवन खोने के बाद हमने यह बहुमूल्य आजादी पाई है. लेकिन आज की युवा पीढ़ी आजादी का वास्तविक अर्थ भूलती जा रही है.

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पश्चिमी संस्कृति का अनुसरण कर वह अपनी सभ्यता, संस्कृति और विरासत से दूर होते जा रहे है. इस संदर्भ में किसी कवि ने खूब लिखा है कि:

“भगतसिंह इस बार न लेना, काया भारतवासी की
क्यूंकि देशभक्ति के लिए आज भी सज़ा मिलेगी फांसी की”

जिस आजादी के लिए हमने देश के लिए कई महान वीरों की आहुति ही है उस आजादी को ऐसे बर्बाद करना बिलकुल सही नही है.

हमें देश को भ्रष्टाचार, गरीबी, नशाखोरी, अज्ञानता से आजादी दिलाने की कोशिश करनी चाहिए.

देश को शायद आज एक नए स्वतंत्रता संग्राम की जरूरत है इस स्वतंत्र देश के नागरिक होने के नाते हमे अपने आप से ये वादा करना है कि हम अपने देश को विकास की ऊंचाइयों तक ले जायेंगे और भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनाएगे ताकि हमारे देशभक्तों और शहीदों का बलिदान व्यर्थ ना जाए!

15 August Independence Day Speech in Hindi Language For Teachers

15 August Independence Day Speech in Hindi Language For Teachers

आदरणीय प्रधानाचार्यजी, सभी अध्यापकगण और मेरे प्यारे मित्रों को मेरा प्रणाम..!

15 अगस्त 1947 का वह दिन जिस दिन हमने नियति से मिलने का वचन पूरा किया था| एक दुर्भाग्य पूर्ण युग का अंत जब वर्षो से शोषित एक देश की आत्मा अपनी बात कहने में समर्थ हो सकी थी, एक जुवान जहाँ सच कहने में काँपती थी|

इस दिन हमने जय हिन्द जय भारत का उद्घोष स्वतंत्रता के साथ किया था|

इसी दिन हमने जनता की सेवा और उससे भी आगे जाकर समस्त मानवता में शिव के दर्शन करके मानवता की सेवा करने की प्रतिज्ञा ली थी.

हमारे महापुरुषो ने एक विराट युग का स्पंदन गागर में सागर की तरह छलक उठा था| भारत की सीमाए एक रहस्य विस्तार से आंदोलित हो उठी थी, उनकी आँखों के सामने एक विस्मृत प्राचीन अतिहसिक युग, एक नवीन युग मूर्तिमान हो उठे थे.

भारत माँ की गुलामी का प्रतिशोध अत्याचारी को अटल अन्धकार में डाल देने के लिए व्याकुल हो उठा था| हमारी आजादी की कल्पना में समुद्र की तरह उदेलित होकर साकार हो उठी थी.

आजादी के गर्जन में सभी भारत वासी घुल मिलकर एक भरा भारत अपनी राख से फिनिक्स की तरह आवरित होने के लिए व्याकुल हो उठा था.

हमारी विराट कल्पना साकार होने के लिए मचल उठी थी| एक ही प्रशन सारे भारत की आँखों में था – आखिर कब भारत आज़ाद होगा ? कब उस पर केसरी ध्वज फहरायेगी, कब उस पर तिरंगा फहरायेगा|

15 अगस्त 1947 को आज से 71वर्ष पूर्व भारत अपने पार्थिव धरातल से उठकर आज के ही दिन भगवान भास्कर के चरणों का स्पर्श किया था|

आज के ही दिन स्वतंत्र भारत के वियोग के बादलो पर सूर्य की किरने बिखरी थी और स्वंतंत्रता का सतरंगी इन्द्रधनुष ने समस्त भारत को छा दिया था|

आज़ाद भारत को अभी बहुत कुछ करना बाकी है| आज भी कही स्वतंत्र भारत के पीछे पढ़े है| हमे उन तक पहुचना होगा, हमे उनसे विरक्त नहीं होना है.

भारत के एक भी व्यक्ति की आँखे यदि इस करुण कंदन से नम होती है तो हमे उन आंशुओ को अपनी उजली में लेना है, और उनके चेहरों पर तभी सच है कि हम स्वतंत्रता के युग में है|

भारत माँ ने हमे बहुत कुछ बताया पर सब कुछ नहीं, भारत माँ ने ही हमे शक्ति दी थी जिसके बल पर आजादी का बीज धरती फोड़कर नये जीवन का प्रतीक बना है.

15 अगस्त 1947 को रात बारह बजे सभी महान पुरुषो की साधनाये फलीभूत होकर आह्लाद और उन्माद में भर उठी थी|

15 अगस्त के इस शुभ अवसर पर आप सभी को मेरी ओर से ढेर सारी शुभकामनाये…..

गणतंत्रता दिवस ⇓

मेरे प्रिय मित्रो, Independence Day Hindi Speech का यह लेख अब यही पर खत्म होता है| अगर आपको Indian Independence Day Speech पसंद आयी हो तो आप इस स्पीच को अपने विद्यालय में भाषण के रूप में इस्तेमाल कर सकते हो.

आपसे नर्म निवेदन है की देश के प्रति अपने अनमोल विचार कमेंट के माध्यम से हम सब लोगो के साथ शेयर करे और इस देशभक्ति स्पीच को जितना हो सके फेसबुक, ट्विटर, गूगल+ और व्हाट्सएप्प पर शेयर करें| आपको स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनायें!

About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

13 Comments

  • भाषण के लिए धन्यवाद……।
    यह बहुत ही सुंदर एवं प्रेरक था…।
    जय हिंद…..

  • हिमांशु भाई गणतंत्र दिवस पर आपने जो भी लेख लिखा उसके लिए आपका धन्यवाद।
    लेकिन आपने अपने लेख में वो सब वर्णन नही किया यानि संविधान किसने लिखा ये आपने इसका कही ही उल्लेख नही किया जो करना चाहिए था।जो महत्त्वपूर्ण बिंदु था वो ही आपने छोड़

  • Himanshu bhai aap jo bhi article likhe usme likhte time un sbhi important points ko aap apne article m jaror include kre ..

  • हिमांशु जी बहुत ही बढ़िया पोस्ट हैं। और आपने लिखा भी बहुत अच्छे तरीके से हैं। आपके वेबसाइट का में बहुत पुराना पाठक हूँ मोटिवेशनल पोस्ट पढ़ के आपके वेबसाइट को जान था।
    हिमांशु जी मैंने एक निबंध पर पोस्ट लिखा हैं उसे एकबार देखने के लिए request करता हूं। जरूर देखिएगा।

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