होली पर कविता – बेस्ट हिंदी कविताएं फॉर किड्स

नमस्ते दोस्तों और प्यारें बच्चो आप सभी का HimanshuGrewal.com पर स्वागत हैं आज में आपको होली पर कविता सुनाने जा रहा हूँ जिसको आप अपने स्कूल में या फिर अपने निबंध में उतार सको.

होली का त्योहार भारत देश का बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार हैं. होली के दिन सभी एक दूसरे के गाल पर गुलाल लगाकर ओर गले मिलकर एक दूसरे को होली की बधाई देते हैं.

बच्चे एक दूसरे को पिचकारी से गिला कर देते है, गुब्बारे में पानी भरकर एक दूसरे को मारते है और खूब मोज-मस्ती है. अगर आपको होली फेस्टिवल के बारे में और अधिक जानना हैं या फिर होली के बारें में लिखना हैं तो आप होली पर निबंध वाला आर्टिकल पढ़े.

होली के दिन बच्चे हो या बड़े सभी होली का गाना डाउनलोड करके खूब नाचते हैं ओर इस फेस्टिवल को अच्छे से सेलिब्रेट करते हैं.

तो चलिए अब में आपके साथ होली पर कवितायेँ शेयर करने जा रहा हूँ जो आपको बहुत पसन्द आयेगी ओर इनको आप अपने सभी दोस्तों के साथ फेसबुक, ट्विटर, गूगल+ ओर व्हाट्सएप्प पर शेयर कर सकते हो.

होली पर कविता (आओ मिलकर खेलें होली)

यह जो हिन्दी कविता में आपके साथ प्रस्तुत करने जा रहा हूँ अगर आपको पसन्द आये तो कमेंट करके अपने विचार हम सभी लोगो के साथ शेयर जरुर करें और होली पर छोटी कविता का यह आर्टिकल सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें.

आओ मिलकर खेलें होली
सब एक दूजे के संग
खाओ गुजिया पी लो भांग
हर घर महके खुशियों की तरंग

हर गलियों में बाजे ढोल
और संग बाजे मृदंग
हिमांशु-रुपेश हो हर अंग खेलें
सब लाल, पीले रंगों के संग
हर गली में मचा दें हम सब
आज रंगों की हुडदंग

दे दो नफरत की होलिका में
आहूति
रंगों से लगा दो हर माथे पर
भभूती

नफरत के सब मिटा दो रंग
प्यार को जगा कर नई उमंग
खेलो सब संग प्यार के रंग
आओ मिलकर खेलो सब संग

सबको मिलकर भांग पिलाएं
पी कर कोई हसंता जाए
कोई देर तक हुडदंग मचाए
खेलों सब खुशियों के संग

आओ मिलकर खेलें होली
सब एक दूजे के संग!!!

होली पर बाल कविता (होली की बोली)

यहाँ पर एक और holi kavita in hindi में आपके साथ प्रस्तुत करने जा रहा हूँ. यह hindi kavita भी आपको बहुत पसन्द आयेगी. तो चलिए होली पर कविता पढ़ना शुरू करते हैं:-

निकल पड़ी मद-मस्त ये टोली,
सबकी जुबाँ पे एक ही बोली
फिर से सजेगी रंग की महफिल,
प्यार की धारा बनेगी होली|

होली के ओजार कई हैं, जोड़ने वाले तार कई हैं
रंग बिरंगे बादल से होने वाली बोछार कई है
पिचकारी का ज़ोर क्या कम है, बन्दूक में ही रहने दो गोली
फिर से सजेगी रंग की महफिल, प्यार की धारा बनेगी गोली|

कब तक रूठे रहोगे तुम, बोलो कुछ क्यों हो गुमसुम
तुमको रंग लगाने में लगता कट जाएगी दुम
कड़वाहट की कैद से निकलो; अब तो बन जाओ हमजोली
फिल से सजेगी रंग की महफिल, प्यार की धारा बनेगी होली|

मन में नहीं कपट छल हो, ऊँचा बहुत मनोबल हो
होली के हर रंग समेटे दिल पावन गंगाजल हो
अंतर मन भी स्वच्छ हो पूरा, सूरत अगर है प्यारी भोली
फिर से सजेगी रंग की महफिल, प्यार की धारा बनेगी होली|

निकल पड़ी मद-मस्त ये टोली,
सबकी जुबाँ पे एक ही बोली
फिर से सजेगी रंग की महफिल,
प्यार की धारा बनेगी होली|

होली पर मजेदार हास्य व्यंग्य कविताएँ

यहा पर में आपके साथ 5 होली पर हास्य कविता शेयर करने जा रहा हूँ क्योंकि बहुत से लोगो को हास्य कविता पढ़ने का भी बहुत शोक है और उन सभी लोगो के साथ-साथ आपको भी हिन्दी हास्य कविता पसन्द आयेगी.

“…**हिन्दुस्तान का कवि
कितना आसान है
दुश्मनी को भुलाना
बस दुश्मन को घेरना
और उसे रंग है लगाना..**>>..!

-_- अच्छा हुआ दोस्त जो तूने
होली पर रंग लगा कर हंसा दिया
वरना अपने चेहरे का रंग तो
महंगाई ने कब का उड़ा दिया -_-

<“!”>मेरे रंग तुम्हारा चेहरा
होली के दिन बिठाना पहरा
दिल तुम्हारा पास है मेरे
अब बचाना अपना चेहरा<“!”>

;;::*अलग-अलग धर्मों के फ्लेग्स ने होली मनाई,
एक-दूसरे को खूब रंगा
बाद में सबने देखा तो पता चला
उनमें से हर एक बन चुका था तिरंगा ::;;*

*>$<-*आपको रंगों से एलर्जी है
चलिए आपको रंग नहीं लगाएंगे
मगर साथ तो बैठिएगा
रंगीन बातों से ही होली मनाएंगे->$<-*

भारत देश के बेहतरीन त्योहार

दोस्तों और प्यारे बच्चो आज मेने आपके साथ होली पर कविता और हास्य व्यंग्य कविताएँ शेयर करी है आपको यह कविता केसी लगी हमको कमेंट के माध्यम से जरुर बताए ओर अगर आपके पास कोई कविता है जिसको आप हम सभी के साथ शेयर करना चाहते हो तो आप कमेंट करके शेयर कर सकते हो.

Leave a Reply