Father's Day

हैप्पी Fathers Day Poems in Hindi – पिता की भावनायें

Fathers day Poems in Hindi from Kids
Written by Himanshu Grewal

हेल्लो मेरे प्यारे दोस्तों आपका HimanshuGrewal.com पर हार्दिक स्वागत है, आजका हमारे टॉपिक पर शिर्षक है Fathers day poems in hindi (पिता की भावनायें).

इसमें कोई कहने की बात नही है की मम्मी पापा हमसे कितना प्यार करते है, वो हमारे लिए कितना कुछ करते है, हमारी सभी खुवाइश को पूरा करते है, अगर हम खाना ना खाये तो वो भी खाना नही खाते.

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तो क्या आप भी अपनी मम्मी पापा से उतना ही प्यार करते हो जितना वो आपसे करते है?

इसमें कोई कहने की बात नही है की आप भी अपने मोम डैड से उतना ही प्यार करते हो जितना वो आपसे करते है.

पर अक्सर ऐसा होता है की बच्चे ज्यादातर पापा से ज्यादा माँ से जुड़े हुए होते है, उनसे अपनी इच्छा जाहिर करते है और माँ के साथ ही सोते हैं.

पर क्या आप जानते हो जब आप अपना सारा प्यार माँ की तरफ जताते हो तो आपके पापा को केसा लगता फ़ील होता होगा, उनको केसा लगता होगा?

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अगर आपको नही पता की उनको केसा लगता है तो आज में आपको एक ऐसी हिन्दी पोएम बताने जा रहा हूँ जिसमे खुद एक पिता ने अपनी फीलिंग शेयर करी है. तो आईये पढ़ना शुरू करते है.

Short Fathers day poems in hindi from kids

नोट : यह जो Happy Father’s day hindi poem में आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ अगर आपको पसन्द आये तो इस hindi poems को आप फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर शेयर जरुर करें.

आप अपने पापा से कितना प्यार करते है हमको कमेंट करके भी बता सकते है और अपनी फीलिंग हमारे और हमारे सभी विजिटर के साथ शेयर कर सकते है. I love you dad.

माँ को गले लगाते हो, कुछ पल मेरे भी पास रहो!
‘पापा याद बहुत आते हो’ कुछ ऐसा भी मुझे कहो!
मैंने भी मन में जज्बातों के तूफान समेटे हैं,
जाहिर नही किया, न सोचो पापा के दिल में प्यार न हो!

थी मेरी ये जिम्मेदारी घर में कोई मायूस न हो,
मैं सारी तकलीफें झेलूँ और तुम सब महफूज रहो,
सारी खुशियाँ तुम्हें दे सकूँ, इस कोशिश में लगा रहा,
मेरे बचपन में थी जो कमियाँ, वो तुमको महसूस न हो!

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है समाज का नियम भी ऐसा पिता सदा गम्भीर रहे,
मन में भाव छुपे हो लांखो, आँखों से न नीर बहे!
करे बात भी रुखी-सूखी, बोले बस बोल हिदायत के,
दिल में प्यार है माँ जैसा ही, किंतु अलग तस्वीर रहे!

भूली नही मुझे है अब तक, तुतलाती मिठी बोली,
पल-पल बढ़ते हर पल में, जो यादों की मिश्री घोली,
कन्धों पे वो बैठा के जलता रावण देख के खुश होना,
होली और दिवाली पर तुम बच्चो की अल्हड टोली!

माँ से हाथ-खर्च मांगना, मुझको देख सहज जाना,
और जो डांटू जरा कभी, तो भाव नयन में थम जाना,
बढ़ते कदम लडकपन को कुछ मेरे मन की आशंका,
पर विशवास तुम्हारा देख मन का दूर वहम जाना!

कॉलेज के अंतिम उत्सव में मेरा शामिल न हो पाना,
ट्रेन हुई आँखों से ओझल, पर हाथ देर तक फहराना,
दूर गये तुम अब, तो इन यादों से दिल बहलाता हूँ,
तारीखें ही देखता हूँ बस, कब होगा अब घर आना!

अब के जब तुम घर आओगे, प्यार मेरा दिखलाऊंगा,
माँ की तरह ही ममतामयी हूँ, तुमको ये बतलाऊंगा,
आकर फिर तुम चले गये, बस बात वही दो-चार हुई,
पिता का पद कुछ ऐसा ही हैं फिर खुद को समझाऊंगा!
फिर खुद को समझाऊंगा, फिर खुद को समझाऊंगा…..

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आज मेने आपके साथ fathers day poems in hindi font में शेयर करी है और मुझे उम्मीद है की आपको यह पोएम पसन्द आई होगी.

आपको Fathers day inspirational poems केसी लगी हमको कमेंट के माध्यम से जरुर बताए और इस पोएम को सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें. अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद! 🙂

About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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