Essay on Mother in Hindi – माँ के महत्व पर निबंध

माँ, माँ ही जननी है, माँ ही भगवान है, माँ सब कुछ है| आई लव यू माँ, मेरी प्यारी माँ – ये आर्टिकल मेरी सभी माँ के लिए.

हेल्लो दोस्तों और प्यारे बच्चो, मेरी प्यारी माँ के इस प्यारे से आर्टिकल में आपका HimanshuGrewal.com पर में तहे दिल से स्वागत करता हूँ.

इस आर्टिकल मै आज में आपके साथ Mother’s Day Hindi Essay शेयर करने जा रहा हूँ, जिसको आप अपने स्कूल और कॉलेज में सभी छात्रों के सामने प्रस्तुत कर सको.

माँ पर निबंध के अलावा अगर आप माँ के ऊपर स्पीच (भाषण) बोलना चाहते हो तो आप Heart Touching Speech on Mother पर क्लिक करके इमोशनल स्पीच किसी पेपर पर उतार सकते हो और उसको अपने भाषण में इस्तेमाल कर सकते हो.

Essay on Mother in Hindi को शुरू करने से पहले अगर आप अपनी माँ के लिए कविता डाउनलोड करना चाहते हो तो आप Maa Par Kavita पर क्लिक करके बेस्ट मदर्स डे कविता डाउनलोड कर सकते हो.

आईये दोस्तों अब हम अपनी Mothers Day Essay (Speech) को पढ़ना शुरू करते है:-

नोट:- अगर आपको Mother essay पसंद आया तो इस आर्टिकल में अपना कमेंट जरुर करे और जितना हो सके माँ के इस आर्टिकल को सोशल मीडिया पर शेयर करे. 🙂

Essay on Mother in Hindi – माँ पर निबंध हिंदी में

Essay on Mother in Hindi

माँ के बिना जीवन संभव नही है| माँ जननी है, असहनीय शारीरिक कष्ट के उपरान्त वह शिशु को जन्म देती है.

व्यक्तिगत स्वार्थो को त्यागकर, अपने कष्टों को भूलकर वह शिशु का पालन-पोषण करती है.

अपनी संतान के सुख के लिए माँ अनेक कष्टों और प्रताड़नाओ को भी सहर्ष स्वीकार कर लेती हैं.

माँ के स्नेह एवं त्याग का पृथ्वी पर दूसरा उदाहरण मिलना सम्भव नहीं है| हमारे शास्त्रों में माँ को देवताओं के समान पूजनीय बताया गया है.

इस संसार में माँ की तुलना किसी अन्य से नहीं की जा सकती| परिवार में माँ का महत्व सबसे बड़ा है.

घर-परिवार को सम्भालने के साथ माँ अपनी सन्तान का पालन-पोषण भी करती है और उसका प्रत्येग दुःख-दर्द दूर करने के लिए दिन-रात सजग रहती है.

परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने निजी कार्यों में व्यक्त रहते हैं परन्तु माँ सन्तान के लिए समर्पित रहती है.

माँ का सर्वाधिक समय सन्तान की देखभाल में व्यतीत होता है| सन्तान की देखभाल के लिए माँ को रात में बार-बार जागना पड़ता है| परन्तु अधूरी नींद के उपरान्त भी माँ सदैव संतान के प्रति चिंतित रहती है.

सन्तान को संस्कार प्रदान करने में माँ का विशेष योगदान होता है| माँ ही संतान को चलना-बोलना सिखाती है.

आरम्भ में माँ ही संतान के अधिक सम्पर्क में रहती है, माँ के मार्ग-दर्शन में ही संतान का विकास होता है.

महान संत, महा पुरुषों की जीवनी सुनाकर माँ सन्तान में महान व्यक्ति बनने के संस्कार कूट-कूटकर भरती है| वह सन्तान को सामाजिक मर्यादाओं का ज्ञान कराती है और उच्च विचारों का महत्व बताती है.

सन्तान को चरित्रवान, गुणवान बनाने में सर्वाधिक योगदान माँ का होता है| एक और वह सन्तान को लाड़-प्यार से सुरक्षा एवं शक्ति प्रदान करती है, दूसरी और डांट-डपटकर उसे पतन के मार्ग पर जाने से बचाती है.

किसी भी व्यक्ति का चरित्र-निर्माण उसकी माँ की बुद्धिमत्ता पट निर्भर करता है| एक माँ ही किसी भी व्यक्ति की प्राथमिक शिक्षिका होती है.

प्रत्येक माँ को अपनी सन्तान सर्वाधिक प्रिय होती है| अपनी सन्तान के लिए माँ सारे संसार से लड़ सकती है, परन्तु संतान के प्रति माँ का अन्धा मोह प्राय: सन्तान के लिए अहितकर सिद्ध होता है.

सन्तान के पालन-पोषण में माँ को लाड़-प्यार के साथ बुद्धिमत्ता की भी आवश्यकता होती है.

अत्यधिक लाड़-प्यार में माँ की सन्तान के प्रति लापरवाही सन्तान को पथभ्रष्ट कर सकती है.

माँ का अत्यधिक मोह सन्तान को कामचोर और जिधि बना सकता है| वास्तव में योग्यता कठिन परिश्रम के उपरान्त ही प्राप्त होती है.

एक बुद्धिमान माँ अपनी सन्तान से प्रेम अवश्य करती है, परन्तु उसे योग्य बनाने के लिए उसके प्रति कठोर बनने में कोताही नहीं करती.

लाड़-प्यार के नाम पर सन्तान को अधिक ढील देने वाली माँ को बाद में पशचाताप ही करना पड़ता है.

आधुनिक समाज में माँ को दोहरा जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है.

नारी–स्वतंत्रता के नाम पर अधिकांश महिलाएँ विभिन्न श्रेत्रों में नोकरी, व्यवसाय कर रही हैं| उन्हें घर-परिवार की देखभाल के लिए अधिक समय नहीं मिलता परन्तु घर-परिवार की देखभाल नारी को ही करनी पड़ती है.

सुबह परिवार में सबसे पहले जागकर वह घर के काम-काज करती है| दिन में उसे नोकरी, व्यवसाय में खटना पड़ता है और शाम को घर आने पर पुन: परिवार का दायित्व उसके कंधों पर आ जाता है.

इस दोहरे जीवन में स्पष्टतया नारी अथवा माँ को कठिनाई अवश्य होती है, परन्तु वह प्रत्येक परिस्थिती से मुकाबला करते हुए अपनी शक्ति को प्रमाणित करती है.

वास्तव में माँ की आंतरिक शक्ति अतुलनीय है| यद्यपि हमारे पुरष-प्रधान समाज में पुरुषों को अधिक अधिकार प्राप्त हैं, परन्तु माँ के बिना परिवार की कल्पना नही की जा सकती.

दिन में घर से बाहर काम-काज में खटने के बाद भी घर-परिवार का दायित्व संभालने की सामर्थ्य माँ में ही सम्भव है.

एक पुरुष काम-धंधे के लिए कठोर परिश्रम कर सकता है, परन्तु घर-परिवार और विशेषतया बच्चों को सम्भालने की योग्यता पुरुष में नही होती.

हमारे शास्त्रों में सत्य ही कहा गया है कि माँ देवताओं के समान पूजनीय होती है. वास्तव में माँ परिवार में सर्वाधिक सम्मान की अधिकारी है. माँ का महत्व सबसे बड़ा है.

ये कहानी shareyouressays वेबसाइट से ली गयी है.

Essay on Mother in Hindi Language – Mother Essay in Hindi Font

Happy Mother's Day Essay in Hindi Font

माता का दिन यानि मदर डे बच्चों और माँ दोनों के लिए ही वर्ष का एक विशेष दिन यानि उत्सव के रूप में मनाया जाता है|

हमारे भारत देश में मई के महीने के दूसरे रविवार को कई वर्षों से यह उत्सव मनाया जा रहा है|

लगभग सभी स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों द्वारा उनकी माताओं को आमंत्रित करके उस दिन का गौरव और बढ़ाया जाता है, छात्र अपनी माताओं को प्रभावित करने के लिए कई सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं.

स्कूल प्रधानाचार्य और शिक्षकों के आदेश पर माताओं को विशेष रूप से अपने बच्चों द्वारा स्कूल में आमंत्रित किया जाता है, इस दिन माताओं को उनके बच्चों द्वारा बहुत सारे उपहार, प्यार और सम्मान दिए जाते हैं उसके साथ – साथ बच्चे अपनी माताओं के लिए हिंदी या अंग्रेजी में विशेष कविता पाठ या वार्तालाप तैयार करते हैं जिसके माध्यम से उनकी माता को बहुत खुशी मिलती है.

हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में माँ की भूमिका को उजागर करने के लिए विभिन्न दिनों में कई देशों में मातृ दिवस मनाया जाता है, सभी माताएं अपने बच्चों के जीवन में जन्म देने से लेकर उन्हें अच्छी तरह से मानव बनाने तक बहुत सारी भूमिका निभाती हैं.

यह केवल माँ है जो बच्चे के चरित्र और फिर पूरे जीवन को आकार देती है, प्रत्येक माँ अपने बच्चे की वृद्धि और विकास में एक अहम भूमिका अदा करती है.

वह अपने बच्चे से जुड़ी हर छोटी से छोटी चीज के बारे में ध्यान रखती है जिससे उसे अपने बच्चे के बारे में हर चीज के बारे में पता चलता रहता है.

वह सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक अपने बच्चे के लिए खुद को पूरी तरह से जिम्मेदार समझती है, और उस अनुसार अपनी भूमिका भी निभाती है.

वह सुबह हमें जगाती है, ब्रश करने, नहाने, स्कूल के लिए नाश्ता और दोपहर का भोजन तैयार करने में मदद करती है, हमें तैयार करती है, हमारे पीटीएम (parents teacher meeting) में जाती है, घर के काम यानी कि गृह कार्य में हमारी मदद करती है, उचित समय पर भोजन, दूध और फल देती है, सही समय पर दवा देती है जब हम बीमार पड़ जाते है.

इसके साथ ही वो बहुत सारी गतिविधियों के लिए हमे स्वादिष्ट डिनर भी तैयार करके खिलाती है ताकि हम बाहर का खाना कम खाए और कम बीमार हो.

यह तो कुछ ही कार्य हैं वास्तव में हम अपनी माँ की दैनिक गतिविधियों की गिनती नहीं कर सकते हैं, वह पूरे दिन असीमित काम करती है, ताकि हमारा समय अच्छा बीते|

ना सिर्फ हमे ही बल्कि हमारे परिवार के सभी सदस्यों के सभी कार्यों के लिए वो ही जिम्मेदारी लेती है| अंत में बस हम इतना ही बोल सकते हैं कि माता महान हैं.

हैप्पी मदर्स डे पर निबंध – मातृ दिवस पर निबंध – Essay on Mother in Hindi

मातृ दिवस पर निबंध

मदर्स डे हर साल मई के महीने में दूसरे रविवार को मनाया जाता है, इस साल यह रविवार 12 मई 2019 को होगा| एक माँ सबसे कीमती उपहार है जो भगवान ने हम सभी को उपहार में दिया है.

बाइबल में बहुत ही सुंदर अक्षरो में यह लिखा गया है कि भगवान अपने बच्चे की रक्षा करने के लिए हर जगह नहीं हो सकते हैं इसलिए उन्होंने एक माँ की सर्चना की है, अर्थात हम यह बोल सकते हैं कि हमारे जीवन में माँ भगवान की जगह है.

माँ एक ऐसा शब्द होता है जो हर शिशु जब जीवन में पहली बार बोलना सीखता है तो वो उसी शब्द को बोलता है और फिर जीवन में जब कभी वो कोई दुःख या दर्द का सामना करता है तो उसके मुह से माँ शब्द ही निकलता है.

कई बार इंसान भगवान का नाम भी लेना भूल जाता है लेकिन एक इंसान दुःख दर्द में अपनी माँ का नाम लेना कभी नहीं भूलता है.

हमारे जीवन में कई ऐसे मनुष्य होते हैं जिनके बिना हम अपनी ज़िंदगी के बारे में सोच भी नहीं सकते, उसी में से एक होती है हमारी प्यारी माँ जिसके बिना जीवन जीना बहुत ही कठिन है, शायद ज़िंदगी के किसी मोड़ पर बच्चे का उसकी माँ के प्रति प्यार कम हो सकता है लेकिन माँ का उसके बच्चे के प्रति कभी भी प्यार कम नहीं होता.

चाहे माँ कितनी भी गरीब क्यों ना हो वो रात को खूद भूखी सो सकती है लेकिन अपने बच्चों को कभी भूखा नहीं सुलाती.

दोस्तों यह बिलकुल सच है कि हम अपनी माँ की गतिविधियों की गिनती नहीं कर सकते हैं, वह 24 घंटे काम करती है और उसके परिवार और खास तौर पर अपने बच्चों के लिए हफ्ते के पूरे 7 दिन काम को करती है जिसकी कोई सीमा नहीं होती है, अर्थात हम कह सकते हैं कि माता महान हैं.

माँ अपने बच्चे की हर ख्वाहिश को पूरा करने की कोशिश में अपनी पूरी ज़िंदगी बिता देती है, वो खुद चाहे फटे पुराने कपडे पहन ले मगर अपने बच्चों के लिए नए कपडे खरीद कर देती है, खुद गिली जगह सो जाएगी लेकिन अपने बच्चों को सूखे में सुलाती है.

माँ के बारे में तो जितना कहा जाए उतना ही कम है वो लोग बहुत किस्मत वाले होते हैं जिनकी माँ होती है.

यदि आपको न पता हो तो मैं बता दूँ की एक माँ अपने बच्चो के लिए कुछ भी कर सकती है, और सिर्फ इंसान ही नहीं जानवरों में भी जो माँ होती है उदाहरण के लिए मैं मेमने को ले रहे हैं जो कि एक बकरी का बच्चा होता है, तो बकरी भी अपने बच्चे के लिए उसकी माँ शेर से भी लड़ने की हिम्मत रखती है, और अपने बच्चे की रक्षा करती है.

यदि किसी कारण माँ अपने बच्चे से नाराज हो जाये तब भी वो हर वो काम अपने बच्चे के लिए करती है जो बिना गुस्सा हुए वो करती है, क्यूंकि माँ उसे अपना फर्ज़ समझती है और दोस्तों यह भी तो है ना की माँ अपने बच्चे से ज्यादा देर तक बिना बोले नहीं रह पाती है, इसलिए माँ और उसके बच्चे का रिश्ता अनमोल होता है.

माँ अपने बच्चो की कामयाबी भरी ज़िंदगी के लिए रोज भगवान से दुआ करती है और निर्जल उपवास भी रखती है जिसमे वो बिना खाना खाए, पानी पिए पूरा दिन रहती है.

पता नहीं चलता की भगवान ही माँ हैं या फिर माँ के रूप में भगवान आते हैं| इस दुनिया में, हमारी रक्षा करने के लिए हमारी ज़िंदगी स्वारने के लिए?

अंत में मैं बस यही बोलना चाहूँगा कि माँ मुझे नहीं पता की मैं आज क्या हूँ और कल क्या बनूँगा मगर मैं भगवान से हमेशा आपकी लम्बी उम्र के लिए प्रार्थना करूँगा, और हर वो काम करने की कोशिश करूंगा जिससे आपको खुशी मिले.

धन्यवाद माँ मुझे इस दुनिया में लाने के लिए मैं कसम खाता हूँ… की आपकी आँखों में कोई आंसू नहीं आने दूंगा.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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