3 New Essay on Christmas in Hindi For Class 1 To 8

शीर्षक : Short and Long Essay on Christmas in Hindi For School Student.

आज एक बार फिर से मै हिमांशु ग्रेवाल आप सभी प्यारे दोस्तो का अपनी वैबसाइट में हार्दिक अभिनंदन करता हूँ, दोस्तों आज का विषय है क्रिसमस, आज के इस लेख में मै आपको ईसाई धर्म के सबसे बड़े त्योहार क्रिसमस पर निबंध लिख कर शेर करूंगा.

जिस तरह बच्चो को शुद्ध भोजन देना आवश्यक है ठीक उसी तरह से बच्चो को शुद्ध ज्ञान देना भी अति आवश्यक है, इसलिए आप पहले खूद पढिए और फिर अपने नन्हें-मुन्हें बच्चों को पढ़ने एवं याद करने के लिए दीजिये, क्यूंकी बच्चो की बुद्धि बिलकुल खाली होती है वो हम पर ही निर्भर करता है कि उसमे कितना और किस तरह का ज्ञान डाले.

3-4 वर्ष के बच्चो को बाहरी दुनिया की कुछ भी जानकारी नहीं होती है, आप जो चाहे जैसे चाहे उनको सीखा सकते हैं और फिर वही बाते उनका बेस बन जाती है और उन्ही बातों को वो मध्य नज़र रखते हुये वो अपनी आगे की जानकारी लेते हैं.

दोस्तो यही तो एक कारण है कि पढ़े लिखे व्यक्तियों के बच्चे बचपन से ही होशियार होते हैं, और गरीब व्यक्ति के पास जानकारी का अभाव होने के कारण वो अपने बच्चो को निजी शिक्षा (जो की घर पर दी जाती है) अच्छी नहीं दे पाते हैं|

एक अच्छे विद्यालय का पहला और आखिरी सिद्धांत उस विद्यालय मे पढ़ रहे बच्चो का हर तरह से विकास करवाना होता है, फिर चाहे बात शारीरिक विकास की हो, चाहे बौद्धिक विकास की|

विद्यालय हर उस तरह की प्रक्रिया को ज़रूर करवाएगा जिसमे बच्चो का विकास ही होगा, इसलिए मेरा आप सभी पाठकों से एक दरख्वास्त है की आप कभी भी अपने बच्चो को स्कूल मे हो रहे कार्यक्रमों मे भाग लेने से ना रोके, बल्कि आप उनको और प्रेरित करे की वो स्कूल के हर कार्यक्रम मे बढ़ चढ़ के हिस्सा ले और जीत हासिल करे.

तो चलिये मेरे प्रिय पाठकों बहुत हो गई आपके ज्ञान की बाते अब बात करते हैं आपके बच्चो के ज्ञान की बाते:-

अक्सर विद्यालयों मे आने वाले त्योहारो पर बच्चो को निबंध लिखने का कॉन्पिटिशन कराया जाता है जिसमे कक्षा के अनुसार बच्चो को अलग-अलग वर्गो मे विभाजित कर दिया जाता है|

आज के इस “Hindi Christmas Essay” के लेख को मै अलग अलग वर्गो में विभाजित कर देता हूँ, जिससे आप अपने बच्चो को उनके कक्षा के हिसाब से लिखे हुये निबंध ही पढ़ने दे, इससे उनको याद करने मे भी आसानी होगी और वो आसानी से कॉन्पिटिशन के वक्त तक पंक्तियों को याद रख सकेंगे.

तो चलिये अब मै आपको बताता हूँ कि मै किन-किन कक्षा के लिए कितने-कितने शब्दो का निबंध लिख कर अपडेट करूंगा.

  1. कक्षा 3 के छात्रों के लिए 200 शब्दों का क्रिसमस डे पर निबंध हिंदी में
  2. कक्षा 4 से 5 के छात्रों के लिए 300 शब्दों का क्रिसमस पर निबंध
  3. कक्षा 6 से 8 के छात्रों के लिए 400 शब्दों में क्रिसमस पर एस्से

इन से बड़ी यानिकी कक्षा 9, 10, 11 और 12 मे इन विषय पर कॉम्पटिशन होने के बहुत ही कम चान्स होते हैं| तो चलिये आइये अब “Essay On Christmas in Hindi” के इस लेख को पढ़ना शुरू करते हैं.

Short Essay on Christmas in Hindi For Class 3

Short Essay on Christmas in Hindi For Class 3

क्रिसमस एक बड़ा त्योहार है जिसे सभी लोगों द्वारा ठंड के मौसम में मनाया जाता है| इस दिन त्योहार होने के उपलक्ष पर सभी एक सांस्कृतिक अवकाश का लुत्फ उठाते है तथा इस अवसर पर सभी सरकारी (स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, शिक्षण संस्थान, प्रशिक्षण केन्द्र आदि) तथा गैर-सरकारी संस्थान भी बंद रहते है.

बच्चे ज़्यादातर क्रिसमस का बेसब्री से इंतजार करते है| वो मानते है कि सांता क्लॉज़ आएगा और उन लोग के लिए ढेर सारा गिफ्ट भी अपने साथ मे लाएगा.

इस उत्सव को लोग बहुत उत्साह और ढ़ेर सारी तैयारियों तथा सजावट के साथ मनाते है| यह हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है| इसे ईसा के भोज दिवस के रुप में भी जाना जाता है तथा प्रभु ईसा के जन्मदिवस के सम्मान में मनाया जाता है| ईसाई धर्म के लोगों के लिये ये एक बड़े महत्व का दिन है.

क्रिसमस का त्यौहार 25 दिसंबर को मनाया जाता है| इस दिन लोग एक-दूसरे को मिठाई की जगह केक खिलाकर त्यौहार की बधाई देते हैं|

सांता क्लॉज़ का रूप धारण कर व्यक्ति बच्चों को टॉफियां-उपहार आदि बांटता है और यह त्योहार वर्ष का आखिरी त्योहार होने के कारण भी बहुत धूम धाम से मनाया जाता है.

क्या आपको इसके बारे में पता है ? ⇓

Essay on Christmas in Hindi For Student 300 Words

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ईसाई समुदायों के लिये क्रिसमस एक महत्वपूर्ण त्योहार है| हालाँकि ये पूरी दुनिया में दूसरे धर्मों के लोगों द्वारा भी मनाया जाता है| ये एक प्राचीन उत्सव है जो वर्षों से शीत ऋतु में मनाया जाता है| ये प्रभु यीशु के जन्मदिवस के विषय पर मनाया जाता है.

पारिवारिक सदस्यों में सभी को सांता क्लाज़ के द्वारा क्रिसमस की मध्यरात्रि में उपहार बाँटने की बड़ी परंपरा है| सांता रात के समय सभी के घरों में जाकर उनको उपहार बाँटते है खासतौर से बच्चों को वो मजाकिया उपहार देते है|

बच्चे बड़ी व्याकुलता से सांता और इस दिन का इंतजार करते है| वो अपने माता-पिता से पूछते है कि कब सांता आयेगा और अंतत: बच्चों का इंतज़ार खत्म होता है और ढ़ेर सारे उपहारों के साथ सांता 12 बजे मध्यरात्रि को आते है.

क्रिसमस के त्यौहार में यह एक परंपरा है कि लोग इस दिन अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को सुन्दर ग्रीटिंग कार्ड भेजते और देते हैं| हर कोई परिवार के लोग और दोस्त रात के दावत में शामिल होते है.

इस पर्व में मिठाई, चॉकलेट, ग्रीटिंग कार्ड, क्रिसमस पेड़, सजावटी वस्तुएँ आदि भी पारिवारिक सदस्यों, दोस्तों, रिश्तेदार और पड़ोसियों को देने की परंपरा है|

लोग पूरे जुनून के साथ महीने के शुरुआत में ही इसकी तैयारियों में जुट जाते है| इस दिन को लोग गाने गाकर, नाचकर, पार्टी मनाकर, अपने प्रियजनों से मिलकर मनाते है.

प्रभु ईसा, ईसाई धर्म के संस्थापक के जन्मदिवस के अवसर पर ईसाईयों द्वारा इस उत्सव को मनाया जाता है| लोगों का ऐसा मानना है कि मानव जाति की रक्षा के लिये प्रभु ईसा को धरती पर भेजा गया है.

ऐसा कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा कि पूरी दुनिया में क्रिसमस, युवा और बूढ़े लोगों द्वारा प्यार किया जाने वाला एक विशेष और जादुई अवकाश है| दुनिया भर में क्रिसमस के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ है| अन्य देशों में भी बच्चे और बूढ़े क्रिसमस का जश्न मनाते हैं|

इस तरह क्रिसमस का त्योहार लोगों को सबके साथ मिल-जुलकर रहने का संदेश देता है| ईसा मसीह कहते थे की दीन-दुखियों की सेवा संसार का सबसे बड़ा धर्म है.

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क्रिसमस ईसाइयों का त्यौहार है यह पूरे विश्व में 25 दिसंबर को बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है| लोगों द्वारा पूरी दुनिया में क्रिसमस को मनाया जाता है, इसे खासतौर से ईसाई धर्म के लोगों द्वारा हर साल 25 दिसंबर के दिन मनाया जाता है| इसे प्रभु ईसा के जन्मदिन पर मनाया जाता है, ये ईसाइयों के भगवान है जिन्होंने ईसाई धर्म की शुरुआत की|

ये त्योहार हर साल ठंड के मौसम में आता है हालाँकि लोग इसे पूरी मस्ती, क्रिया-कलाप और खुशी के साथ मनाते है| ये ईसाइयों के लिये एक महत्वपूर्ण त्योहार है जिसके लिये वो लोग ढेर सारी तैयारियाँ करते है|

इस उत्सव की तैयारी एक महीने पहले ही शुरु हो जाती है और क्रिसमस के 12 दिनों के बाद ये पर्व खत्म होता है.

इस दिन केक का बहुत महत्व होता है। लोग एक दूसरे को उपहार स्वरूप केक भी देते है और अपने यहां भोज पर आमंत्रित करते है|

ईसाई लोग अपने घर में तरह-तरह के केक बनाते है। इस दिन लोग क्रिसमस के पेड़ को सजाते है, अपने दोस्त, रिश्तेदार और पड़ोसियों के साथ खुशियाँ मनाते है और उपहार बाँटते है|

इस दिन की मध्यरात्रि को 12 बजे सेंटा क्लाज हर एक के घर आते है और चुपचाप बच्चों के लिये उनके घरों में प्यारे-प्यारे उपहार रखते है| अगली सुबह ही अपनी पसंद के उपहार पाकर बच्चे भी बहुत खुश होते है.

इस दिन सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, कार्यालय और दूसरे सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान आदि बंद रहते है| पूरे दिन ढेर सारे क्रिया-कलापों द्वारा क्रिसमस अवकाश के रुप में लोग इसका आनन्द उठाते है.

लोग बड़े डिनर पार्टी का लुत्फ उठाते है जिसे भोज कहते है| इस खास मौके पर ढ़ेर सारे लजीज़ व्यंजन, मिठाई, बादाम आदि बनाकर डाइनिंग टेबल पर लगाते है| सभी लोग रंग-बिरंगे कपड़े पहनते है, नृत्य करते है, गाते है, और मज़ेदार क्रिया-कलापों के द्वारा खुशी मनाते है|

इस दिन ईसाई समुदाय अपने ईश्वर से दुआ करते है, अपने सभी गलतियों के लिये माफी माँगते है, क्रिसमस के पवित्र गीत गाते है और अपने प्रियजनों से खुशी से मिलते है.

इस दिन को लोग देर रात तक नृत्य-संगीत में झूम कर या मॉल और रेस्टोरेंट में जाकर मनाते है| ईसाई धर्म के लोग प्रभु ईशू की पूजा करते है| ऐसा माना जाता है कि प्रभु (भगवान के संतान) को लोगों के पास उनके जीवन को बचाने और उनको पाप और दुखों से रक्षा करने के लिये पृथ्वी पर भेजा गया था.

ईसा मसीह के अच्छे कार्यों को याद करने के लिये क्रिसमस का ये उत्सव ईसाई समुदाय के लोगों द्वारा मनाया जाता है और हम ढ़ेर सारा प्यार और सम्मान देते है। ये सार्वजनिक और धार्मिक अवकाश होता है जब लगभग सभी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान बंद रहता है.


आशा है आपको आपके बालको एवं बालिकाओं के लिए अपडेट किये गए निबंध मे जानकारी प्राप्त हुई होगी और आपके बच्चो का ज्ञान का विकास ज़रूर हुआ होगा|

लेख का अंत करने से पहले मै आपको बताना चाहता हूँ कि क्रिसमस का यह त्यौहार व्यापारियों के लिए भी सबसे ज्यादा मुनाफा वाला समय होता है, एक पुस्तक के अनुसार क्रिसमस के पेड़ की शुरुआत सन् 1570 में किया गया था| धीरे-धीरे क्रिसमस के पेड़ का क्रेज़ इतना ज्यादा बढ़ गया कि आकड़े कि हिसाब से यह बताया गया है कि क्रिसमस के पर्व के लिए प्रति वर्ष यूरोप (Europe) में 60 लाख पेड़ उगाये जाते हैं.

मै अब इस लेख का अंत यही पर कर रहा हूँ, आप चाहे तो सोश्ल मीडिया के मदद से अपने दूर बैठे बच्चो को शेयर कर के भी उनकी मदद कर सकते हैं| आपको ये निबंध कैसा लगा कमेंट के माध्यम से हमे बताना मत भूलिएगा, मै आपको बताना चाहता हूँ कि आपके कमेंट पढ़ कर मुझे काफी खुशी मिलती है|

अपना ज्ञान बढ़ाते रहे एवं अपने ज्ञान को दूसरों के साथ भी शेयर करते रहे, क्यूंकी उससे आपके ज्ञान कि और वृद्धि होगी| Essay on Christmas in Hindi के इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आपका धनयवाद. 🙂

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Himanshu Grewal

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