Easter

Easter in Hindi – ईस्टर क्या है और यह पर्व क्यों मनाते है?

Information About Easter in Hindi
Written by Himanshu Grewal
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नमस्ते दोस्तों, में हिमांशु ग्रेवाल आपका HimanshuGrewal.com पर स्वागत करता हूँ. आजके हमारे टॉपिक का शिर्षक है ‘Easter in hindi’. तो चलिए टॉपिक शुरू करते है.

ईस्टर का पर्व, यूनानी (ईसाई) पूजन-वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण और धर्मिक पर्व व उत्सव है. ईसाई धर्म के अनुसार, जब यीशु को सूली पर लटकाया गया था तो उसके तीसरे दिन वह पुनर्जीवित हो गये थे.

तभी से इस मृतोत्थान को ईसाई ईस्टर दिवस (Easter festival) और ईस्टर सन्डे (Easter sunday) के नाम से मनातें है. कुछ लोग इस त्यौहार को मृतोत्थान दिवस और मृतोत्थान रविवार भी कहते हैं.

यह फेस्टिवल गुड फ्राइडे के 2 दिन बाद और पुन्य बृहस्पतिवार या मौण्डी थर्सडे के 3 तीन बाद ईस्टर मनाया जाता है.

यीशु की मृत्यु 26 और 36 ई.प. के बीच में हुई थी. इनकी मृत्यु और उनके जी उठने के कालक्रम को अनेकों और भिन्न-भिन्न प्रकार से बताया जाता है.

Information About Easter in Hindi – ईस्टर का महत्व

ईस्टर को भिन्न-भिन्न नाम से कहा जाता हैं जैसे की चर्च के वर्ष का काल, द ईस्टर सीज़न अथवा ईस्टर काल.

ईस्टर का जो काल होता है वो परंपरागत चालीस दिनों का होता है. ये पर्व ईस्टर दिवस से होकर स्वर्गारोहण दिवस तक होता आया है. परन्तु अब यह फेस्टिवल आधिकारिक तौर पर पंचाशती तक पचास (50) दिनों का होता है.

ईस्टर सीज़न और ईस्टर काल का जो पहला सप्ताह होता है उसको ईस्टर सप्ताह या ईस्टर अष्टक या ओक्टेव ऑफ़ ईस्टर भी कहते हैं.

ईस्टर के पर्व को चालीस सप्ताहों के काल और एक चालिसे के अंत के रूप में भी देखा जाता है, इस पवित्र काल को प्रायश्चित, प्रार्थना और उपवास करने के लिए भी माना जाता है.

ईस्टर का त्योहार एक बहुत ही प्रमुख त्यौहार है, ये एक गतिशील त्यौहार है, जिसका अर्थ है (Easter meaning) की ये नागरिक कैलेंडर के अनुसार नही चलता हैं.

जब (325) में नाईसीया की पहली सभा हुई थी तब ईस्टर की तिथि का निर्धारण पूर्णिमा (पास्का-विषयक पूर्णिमा) और वसंत विषुव के बाद आने वाले प्रथम सन्डे के रूप में किया गया.

March, April Easter Date Calculation?

ईस्टर की कोई फिक्स डेट नही हैं. गिरिजाघर के अनुसार, गणना के आधार पर विषुव की तारिक 21 मार्च है. इसलिए ईस्टर की डेट कभी 22 मार्च और कभी 25 अप्रैल के बीच बदलती रहती है.

पर जितने भी पूर्वी ईसाइयत है उनकी गणना जूलियन कैलेंडर पर आधारित की है, इस कैलेंडर के अनुसार 21 मार्च की तिथि इक्कीसवी सदी के दौरान ग्रीगोरियन कैलेंडर के 3 अप्रैल के दिन पड़ती है.

जूलियन कैलेंडर के अनुसार ईस्टर के त्योहार व पर्व व उत्सव 4 अप्रैल से 8 मई के बीच में पड़ता है.

ईस्टर डेट सिर्फ संकेतों के प्रयोग के आधार पर ही नही बल्कि कैलेंडर में अपनी स्थिति के अनुसार भी यहूदी पास्का या यहूदी ईस्टर से सम्बंधित हैं.

सर्वप्रथम रूप से कुछ नयी चीजें जैसे की ईस्टर बनी (Easter bunny) अथवा ईस्टर एग्ग हंट्स (Easter eggs hunts) छुट्टियों में भी इसका बहुत बड़ा महत्व है.

ईस्टर को ईसाई समुदाय के लोगो के अलावा गैर-ईसाई लोग भी इस पवित्र त्यौहार को बहुत ही ख़ुशी और सामान रूप से मनाते हैं. परन्तु कुछ ईसाई वर्ग के लोग ऐसे भी है जो ईस्टर नही मनाते हैं.

यह थी थोड़ी बहुत जानकरी Easter festival के बारे में, अगर आपको Easter in hindi के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करनी है तो आप Wikipedia (विकिपीडिया) पर जाकर इसके बारे में और अधिक जानकरी प्राप्त कर सकते हो.

Easter history के उपर ऐसी कोई बात जो आप जानते हो और उसको आप हमारे साथ शेयर करना चाहते हो तो आप कमेंट के माध्यम से हमारे साथ और बाकि सभी रीडर के साथ शेयर कर सकते हो.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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