C और C++ में क्या अंतर है – Difference Between C and C++ in Hindi

क्या आपको Difference Between C and C++ in Hindi पता है? यदि आपका जवाब ना है, और आप इसका जवाब हाँ में परिवर्तित करना चाहते हैं तो C और C++ में क्या अंतर है के इस लेख को अंत तक ध्यान पूर्वक पढे.

क्यूंकि आज के इस लेख में मैं हिमांशु आपको बताने जा रहा हूँ कि C और C++ एक दूसरे से कैसे भिन्न हैं, इनमें क्या फर्क है? तो चलिये शुरू करते हैं:-

इसे पढ़े : इंटरनेट क्या है और इंटरनेट का मालिक कौन है?

C और C++ में फर्क क्या हैं – C and C++ in Hindi

दोस्तों, “C” एक Procedure Oriented Programming Language है और “C++” एक तरह का Object Oriented Programming Language होता है.

तो अब आप यह भी बोल सकते हैं कि अब हम Procedure Oriented Programming Language और Object Oriented Programming Language में फर्क देखने एवं समझने जा रहे हैं.

C and C++ Difference in Hindi

जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया की “C” एक Procedure Oriented Programming Language होती है, तो चलिये पहले हम इसके फिचर के बारे में डीटेल में जान लेते हैं| तत्पश्चात हम “C++” जो कि एक तरह का Object Oriented Programming Language है, उसके फिचर के बारे में डीटेल में समझेंगे| तो चलिये शुरू करते हैं.

Features About “C” Procedure Oriented Programming Language in Hindi

जब भी हम कोई प्रोग्राम को इसके अंदर बनाते हैं तो हमारा खास तौर पर ध्यान Procedure पर ही होता है, Procedure शब्द से मेरा यहाँ यह मतलब है कि किस तरह के इन्सट्रक्शन के अनुसार हमे अपने प्लान को एक्सीक्यूट करना है| उसका हमने एक ग्रुप बना लिया.

कैसे या फिर किस Sequence में Algorithm हमारा इम्प्लीमेंट होगा, और इस तरह के ग्रुप को हम फंक्शन नाम से पुकारेंगे.

अब आपको समझ आ गया होगा की यहाँ हमने ज्यादा Emphasize इसके प्रोग्रामिंग पर ही किया है.

चलिये अब हम इसके स्ट्रक्चर पर ध्यान देते हैं-

C Program Structure in Hindi

सबसे पहले होता है मेन प्रोग्राम, और फिर उसके बाद उसके कई मॉड्यूल बनाए जाते हैं कोई भी टास्क करवाने के लिए और इन मॉड्यूल को फंकशन कहा जाता है.

Difference Between C and C++ in Hindi

आशा है कि इस पिक्चर की मदद से आपको समझ में आ गया होगा, इसी तरीके से आप इसके और भी फंक्शन बना सकते हैं और अपने प्रोग्राम को रन कर सकते हैं.

यहाँ हमारी कौन सी अप्रोच फॉलो हो रही है? क्या आपको ज्ञात है, यदि है तो अच्छी बात है और यदि नहीं है तो कोई बात नहीं क्यूंकी मैं आपको बताता हूँ की यहाँ हमारा Top to Down Approach Follow हो रही है.

यहाँ जो ग्लोबल डाटा होता है वो सभी फंक्शन के द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है, इसीलिए यहाँ पर डाटा जो है वो सिक्योर नहीं होता है.

एक बार जरुर पढ़े ⇓

Drawbacks of Procedure Oriented Programming Language in C++ in Hindi

इसमें हम रियल वर्ल्ड से मैच करते हुए प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, क्यूंकि यहाँ हम फंक्शन बना रहे हैं और एक्शन पर ज्यादा फोकस है.

दोस्तों, इसके बारे में यहाँ आपको इतना ही ज्ञात होगा, यदि आपको इससे जुड़ा कोई डाउट है तो नीचे दिये गए कमेंट बॉक्स में कमेंट करके अपना डाउट क्लियर कर सकते हैं.

चलिये अब हम आगे बढ़ते हैं, और समझते हैं Object Oriented Programming Language यानि C++ को|

Object Oriented Programming Language in Hindi – सी और सी++ के बीच अंतर क्या है?

इसमें हमारे पास जो डाटा होता है और डाटा पर काम करने वाले जो फंक्शन होते हैं वो ऑब्जेक्ट के पास होते हैं.

कोई भी एंटिटी आपका टेबल हो गया या कोई भी एंटिटी हो सकता है जिसके बारे में आप बात कर रहे हैं| तो हमारे पास उससे संबन्धित जो हमारे पास वैरिएबल हमारे पास होंगे उसको हम डाटा और फंक्शन के साथ बाइंड कर के और फिर ऑब्जेक्ट के थ्रू उसे कॉल करके हम कोई भी पर्टिक्युलर टास्क हम करा सकेंगे.

तो यहाँ पर हमने मुख्य तौर पर क्या काम किया ?

हर डाटा को उसके फंक्शन के साथ बाइंड कर दिया, जिसको की Property of Encapsulationभी कहा जाता है.

यहाँ पर ऑब्जेक्ट आपस में संचार कर सकते हैं लेकिन डाटा और फंक्शन यहाँ बाइंड होने के साथ-साथ सिक्योर भी होते हैं.

चलिये अब आप पहले इसके स्ट्रक्चर को देख लीजिये, क्यूंकी हो सकता है ऐसे समझ में कम आए.

तो अब आपको समझ में आ रहा होगा, कि यहाँ सभी ऑब्जेक्ट के वैरिएबल को बाकी सभी दूसरे ऑब्जेक्ट के साथ डाटा शेयर करना Allow नहीं है.

इसलिए अब हम ऐसा बोल सकते हैं कि डाटा की सिक्योरिटी Object Oriented Programming Language में Procedure Oriented Programming Language के मुकाबले ज्यादा है.

क्यूंकि Object Oriented Programming Language में डाटा पर ज्यादा फोकस है इसलिए इसको bottom up approach का नाम दिया गया है.

इसमें हम छोटे-छोटे डाटा और फंक्शन को डिफाइन करते हुए बाद में हम मेन प्रोग्राम में ऑब्जेक्ट को डिक्लेयर करते हुये फिर उस फंक्शन को कॉल करेंगे|

तो दोस्तों हमारा जो मेन फंकशन है वो यहाँ बाद में लिखा जाएगा और इसलिए हम इसे bottom up approach फॉलो करने वाली प्रोग्रामिंग लैड्ग्वेज भी बोलते हैं.

तो चलिये अब हम टेबल की फॉर्म में C और C++ में क्या अंतर है वो पढ़ते हैं.

C और C++ में अंतर क्या है – Difference Between C and C++ in Hindi Language
CC++
Procedure Oriented Programming Language
Object Oriented Programming language
ज्यादा ध्यान प्रोसीजर पर होता है|
प्रोसीजर के मुकाबले यहाँ ज्यादा ध्यान डाटा पर किया जाता है|
यहाँ पर प्रोग्राम को छोटे-छोटे ग्रुप जिसको कि फंकशन का नाम दिया गया है, में बाटा जाता है|
यहाँ प्रोग्राम को ऑब्जेक्ट के रूप में बाटा जाता है|
फंक्शन ग्लोबल डाटा के माध्यम से शेयर किया जा सकता है|
फंक्शन सिर्फ सेम क्लास के डाटा को शेयर कर सकता है|
यहाँ पर डाटा सेफ नहीं है, फंक्शन के द्वारा यह इधर उधर जा सकता है|
यहाँ पर डाटा बिलकुल सुरक्षित है, और फंक्शन के माध्यम से यह कही भी नहीं जा सकता है|
इसमे TOP – Bottom Approach को फॉलो किया जाता है|
यहाँ पर Bottom Up Approach को फॉलो किया जाता है|

इस लेख में इतना ही क्यूंकि अब मैं इस लेख को यही पर समाप्त करने जा रहा हूँ| आशा है आपको सब कुछ समझ में आया होगा.

यदि आपके मन में कोई डाउट है तो झिझकना मत, आप चाहे तो नीचे दिये कमेंट बॉक्स में कमेंट करके अन्यथा आप मुझे मेल भी भेज कर अपना डाउट क्लियर कर सकते हैं.

यदि आपका कोई दोस्त है जो कंप्यूटर की फील्ड में अपना करियर बनाना चाहता है तो उसके साथ आप इस लेख को सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर करना ना भूले.

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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