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Christmas in Hindi | Santa Claus ki story 2017

Christmas in Hindi, About Christmas in Hindi Language
Written by Himanshu Grewal

दोस्तों इस आर्टिकल को शुरू करने से पहले आप सभी को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं. आज Christmas in Hindi मैं, में बच्चो के लिए Santa Claus ki kahani लेकर आया हूँ.

क्रिसमस जो की 25 दिसम्बर को मनाया जाता है. इस दिन सभी लोग और बच्चे Christmas day images download करते है, क्रिसमस पर कविता लिखते है. उसी को देखते हुए मैं यहा आपके लिए लेकर आया हूँ Christmas Essay in Hindi जिनको आप पढ़ सकते हो और पसन्द आने पर social media पर शेयर भी कर सकते हो. तो चलिए शुरू करते है सांता की कहानी.”

Christmas Essay in Hindi

Christmas in Hindi | About Christmas in Hindi Language

25 december का इंतजार आप सभी बच्चे बड़ी बेसबरी से करते है, क्योंकि santa claus अपनी sledge पर बहुत सारे गिफ्ट लेकर आते है. पर कभी आपको यह ख्याल आया की अगर santa बिमार हो जाए और आपके मोज़े मैं gift ना डाल पाए तब क्या होगा ?

एब बार ऐसा ही कुछ हुआ. December के सर्दी भरे दिन थे. नीला आसमान साफ़ था और लम्बे-लम्बे pine trees यानी देवदार के पैड सफ़ेद बरफ की चादर ओढ़े हुए थे. हवाओ मैं मानो merry christmas छाया हुआ था.

Christmas festival की तियारी जोरो से शुरू हो चुकी थी. घर, शेहेर, बाज़ार, सब सज रहे थे. पर उपर north pole यानी उत्तरी ध्रुव मैं santa के घर मैं ना कोई उत्सव था और ना ही उल्हास.”

क्रिसमस डे, जो की santa के लिए सबसे खास दिन है उसकी कोई तैयारियां नही हो रही थी. बस सन्नाटा छाया हुआ था और उनके दरवाजे पर उनके सुंदर रेंदीर्स याने baaraha singha उदास बैठे हुए थे. इसका कारन था santa की बिमारी.”

Santa पलंग पर लेते थे और बिल्लियाँ, गिल्ल्हारी, पोलर बेयर सब उदास बैठे उनके चर्रों तरफ एक घेरे बनाए हुए थे. Santa ने उदास स्वर में कहा,

“Hey Ishwar यह क्या हो गया मुझे. अब मेरे प्यारे-प्यारे बच्चों का क्या होगा जो पूरे साल मैरे आने का इंतजार करते है. मुझे देखते ही उनके चेहरे खिल उठते है और उनकी खुशी का ठिकाना नही होता. क्रिसमस के आने के पहले से ही उनकी आँखें आसमान में मुझे तारों के बीच ढूँढा करती है”

यह कहकर santa उदास हो गए और येही सोचने लगे के अब क्या करें?

अचानक कुछ आवाजें santa का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने लगी. शोर बढ़ता ही जा रहा था. Santa खिड़की के पास गए और देखा के उनके 9 baarasingha चुप-चाप खड़े थे और जोर-जोरसे हांफ रहे थे, मानो लम्बी दूरी का सफ़र तै करके आये हो.”

वहा पर एकदम से बच्चों की आवाज आने लगी. Santa सोचने लगे की यह आवाज़ कहाँ से आ रही थी? Santa यहाँ-वहां देखने लगा. और यह क्या….

Santa को अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हो रहा था. Baarasingha के पीछे लगी sledge पर एक लम्बी कतार लगी हुई थी. यही नही… उन पर रंग बिरंगे पोशाक पहने प्यारे-प्यारे बच्चे बैठे थे.

Santa को देखते ही एक-एक करके सब sleigh से कूद कर santa के घर के तरफ दौड़ पड़े. बच्चों ने अब दरवाजा ख़त-खटाया… Santa दरवाजे की तरफ दौड़े और दरवाजा खोला. उनके सामने मुस्कुराते हुए प्यारे-प्यारे बच्चे खड़े थे. इतने में नन्ही शिवानी ने अपना टेडी बेयर santa को देते हुए कहा.”

“आप बिमार है ना santa यह मेरा सबसे प्यारा टेडी है आपके लिए.”

Santa बोले

“oh ho नन्ही शिवानी.”

इतने में नटखट हिमांशु हाथ में एक येलो पैकेट लिए आया और तुतलाते हुए बोला, “Santa यह शाल खास आपके लिए मैरी माँ ने बुनी है. यह इतनी गर्म है की आपको ठण्ड नही लगेगी और आप अब कभी बिमार ही नहीं पड़ोगे.”

राजू की बात सुनते ही santa जोर से हंस पड़े… ha ha ha ha..

इस्सी तरह एक-एक करके सारे बच्चे santa के लिए कोई ना कोई गिफ्ट लेकर आये थे. Santa का घर तोहफों से भर गया. बच्चों का प्यार देखकर santa की आँखों से ख़ुशी के आंसू निकल पड़े.” Santa बच्चो के साथ बाहर आये और बोले,

“चलो बच्चो हम सब मिल कर christmas tree को सजाते है और christmas manate hai.”

सारे बच्चे क्रिसमस ट्री को रंग बिरंगी बत्तियो से, रिबन से, स्टार्स से सजाने लगे. Santa के पास जो गिफ्ट थे उससे उन्होंने बच्चों मैं वही बाँट दिया. तभी बर्फ गिरना भी शुरू हो गई तो बच्चो ने snowman भी बना दिया.

सारे बच्चे christmas tree aur snowman को घेरे एक सर्किल बना कर नाचने लगे. Santa claus भी अपनी लम्बी ड्रेस पहनकर बच्चो के बीच में नाच रहे थे. Santa ने पहले कभी क्रिसमस को इतना मज्जे से नही मनाया था जितना वोह आज बच्चो के साथ माना रहे थे.”

तभी शिवानी santa के पास आई और पूछने लगी, “Santa आपको किसका gift सबसे अच्छा लगा?

Santa मुस्कुराए और बोले, “तुम सब ने आज जो मेरे प्रत्ति प्यार और स्नेह सिखाया है, वही मेरे लिए एक नायब तोहफा और सबसे अच्छा गिफ्ट है.

सांता ने सारे बच्चों को एक-एक करके गले लगाया और इस्सी के साथ बच्चों की किल्कारिया पूरे उत्तरी ध्रुव, याने north pole में क्रिसमस की हवा के साथ बहने लगी.

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यह कहानी अब यही पर फिनिश हुई, इस कहानी से हमको यह सिखने को मिलता है की खुशिया हमेशा बाटने से बढती है और गम, दुख बाटने से कम होते है. तो खुशिया बाटते रहो, खुश रहो और मुस्कुराते रहो.

आपको Christmas in Hindi की यह कहानी कैसी लगी हमको जरुर बताए और इस कहानी को अपने दोस्त और फॅमिली के साथ शेयर जरुर करे. 🙂

नोट: यह जो स्टोरी है YouTube की विडियो से ली गई है अगर आपको यह story youtube पर देखनी है तो इस link पर क्लिक करे.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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