Children’s Day Essay – भारत के बाल दिवस पर निबंध और महत्व

आप सभी बच्चो और मेरे प्यारे दोस्तों का HimanshuGrewal.com पर बहुत बहुत अभिनंदन है| आज के इस लेख में हम भारत का राष्ट्रीय त्यौहार बाल दिवस अर्थात Children’s Day Essay के विषय में बात करेंगे.

बाल दिवस पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाता है| ये 1956 से ही पूरे भारत में हर साल 14 नवंबर के दिन बहुत उल्लास से मनाया जाने वाला राष्ट्रीय पर्व है.

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जीवन परिचय

Children’s Day Essay in Hindi For Students

पंडित जवाहर लाल नेहरू के अनुसार, बच्चे देश का भविष्य है| उन्हें ये अच्छे से पता था कि देश का उज्जवल भविष्य बच्चों के भविष्य पर निर्भर करेगा.

वह कहते थे कि कोई भी देश कभी भी अच्छे से विकास नहीं कर सकता अगर उसके बच्चे कमजोर और गरीब होंगे और उनकी उचित ढंग से विकास न हो.

जब उनको ये महसूस हुआ कि बच्चे देश का उज्जवल भविष्य हैं तो उन्होंने अपने जन्मदिन को बाल दिवस के रुप में मनाने का निश्चय किया जिससे देश के बच्चों पर ध्यान केन्द्रित किया जाये तथा उनकी स्थिति में सुधार लाया जा सके.

बाल दिवस का उत्सव सभी के लिये मौका उपलब्ध कराता है खासतौर से भारत के उपेक्षित बच्चों के लिये| इसे पढ़े : बाल दिवस का महत्व बाल दिवस क्यों मनाया जाता है ?

बच्चों के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारीयों के एहसास के द्वारा उन्हें अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचने पर मजबूर करता है|

ये देश में बच्चों के बीते हुई स्थिति और देश के उज्जवल भविष्य के लिये उनकी सही स्थिति क्या होनी चाहिये के बारे में लोगों को जागरुक करता है.

ये केवल तब ही मुमकिन है जब सभी लोग बच्चों के प्रति अपनी जिम्मदारी को गंभीरता से समझेंगे|

बाल दिवस 14 नवम्बर को मनाने जाना ये राष्ट्रीय त्यौहार ढ़ेर सारे उत्साह और आनन्द के साथ मनाया जाता है|

यह त्यौहार भारत के पहले प्रधान मंत्री को श्रद्धांजलि देने साथ ही पूरे देश में बच्चों की स्थिति को सुधारने के लिये मनाया जाता है|

बच्चों के प्रति पंडित जवाहरलाल नेहरु का प्यार और जूनून की वजह से उनके जन्मदिवस पर बच्चो को सम्मान देने के लिये बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है|

बच्चों के मन में नेहरु के प्रति गहरे लगाव और प्यार की वजह से बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कह कर पुकारते थे|

इसे पढ़े : चाचा नेहरु कोन थे? पण्डित जवाहरलाल नेहरु की जीवन गाथा

हमने जान लिया की बाल दिवस के मनाने की वजह क्या है? अब हम जानते हैं की आज के समय में कैसे मनाते हैं बाल दिवस?

Essay on Children’s Day in Hindi (बाल दिवस कैसे मनाया जाता है)

लगभग सभी स्कूल और कॉलेजों में राष्ट्रीय स्तर पर हर वर्ष चाचा नेहरु का जन्मदिन ज़रूर याद किया जाता है|

बच्चों पर ध्यान केन्द्रित करने और उनको खुशी देने के लिये स्कूलों में बाल दिवस मनाया जाता है|

एक राष्ट्रीय नेता और प्रसिद्ध हस्ती होने के बावजूद वह बच्चों से बेहद प्यार करते थे और उनके साथ खूब समय बिताया करते थे|

इसे एक महान उत्सव के रुप में इसे चिन्हित करने के लिये पूरे भारत भर के शैक्षणिक संस्थान और स्कूलों में बहुत खुशी के साथ मनाया जाता है.

इस दिन स्कूल खुला रहता है जिससे बच्चे स्कूल जाये और ढ़ेर सारी गतिविधियों और कार्यक्रमों में भाग लें| जैसे की-

  • बाल दिवस पर भाषण
  • बाल दिवस के गीत-संगीत
  • कला
  • नृत्य
  • कविता पाठ
  • फैंसी ड्रेस

Few Lines on Children’s Day Essay in Hindi Language

  1. प्रतियोगिता आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिये शिक्षकों द्वारा आयोजित किया जाता है|
  2. जो विद्यार्थि कार्यक्रम को जीतते हैं उनको स्कूल की तरफ से पुरस्कार दे कर सम्मानित भी किया जाता है|
  3. इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करना केवल स्कूल की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि सामाजिक और संयुक्त संस्थानों की भी है|
  4. विद्यार्थी इस दिन पर पूरी मस्ती करते है क्योंकि वह कोई भी दूसरा रंग-बिरंगा कपड़ा पहन सकते है|
  5. उत्सव खत्म होने के बाद विद्यार्थियों को दोपहर के स्वादिष्ट भोजन के साथ मिठाई भी बाँटी जाती है|
  6. अपने प्यारे विद्यार्थियों के लिये शिक्षक भी कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते है जैसे – ड्रामा और डांस आदि|
  7. कई विद्यालयों में इस दिन पर शिक्षक अपने विद्यालय के बच्चों को पिकनिक पर भी ले जाते है|
  8. इस दिन पर बच्चों को सम्मान देने के लिये टीवी और रेडियो मीडिया द्वारा खास कार्यक्रम भी चलाया जाता है क्योंकि वह देश के भावी भविष्य होते है|

दोस्तों मेरा मानना है की हमारे पहले प्रधान मंत्री बिलकुल सही बोलते थे, की देश के बच्चे ही देश का उज्जवल भविष्य है|

ज़रूरी है की उनको जितना हो सके अच्छी फैसिलिटी देनी चाहिए फिर चाहे वो पढ़ाई से जुडी हो या उनकी निजी जीवन से|

देश के बच्चे राष्ट्र की बहुमूल्य संपत्ति और कल के एकमात्र उम्मीद और कुलदीपक होते है|

हर पहलू में बच्चों की स्थिति पर ध्यान देने के लिये, चाचा नेहरु ने अपने जन्मदिन को बाल दिवस के रुप में घोषणा की जिससे भारत के हर बच्चे का भविष्य बेहतर हो सके.

दोस्तों अगर आपकी छोटी सी मदद से किसी बच्चे को कोई मदद मिलती है, उनके हालात सुधरते हैं तो ज़रूर करे फिर चाहे वो आर्थिक हो शारीरिक|

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दोस्तों मेरा आज का Children’s Day Essay का यह लेख यही समाप्त हो रहा है, अगर आपको मेरा ये आर्टिकल अच्छा लगे तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं.

आप चाहे तो इसे याद कर के आने वाले बाल दिवस 2018 पर अपने स्कूल या कॉलेज में सबके सामने भी बोल सकते हैं| आपको बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनायें! 🙂

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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