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बुलेट ट्रेन क्या है, भारत में कब चलेगी और इतिहास

Bullet Train in Hindi
Written by Himanshu Grewal
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Information About Bullet Train in Hindi: आज के इस लेख के माध्यम से मैं आपको Bullet Train क्या है से जुड़ी पूरी जानकारी हिन्दी में दूंगा।

आए दिन खबरों के माध्यम से हमे यह ज्ञात होता है कि बुलेट ट्रेन एक ऐसी ट्रेन है जो साधारण ट्रेन के मुकाबले काफी तेजी में चलती है और कही ना कही बुलेट ट्रेन देश की संस्कृति, आर्थिक, व्यापार और सोसाइटी को भी प्रभावित करती है।

दोस्तों यह तो आप भी जानते हैं कि जापान अपने efficient public transportation system के लिए पूरी दुनिया भर में मशहूर है और मैं आपको यह भी बता दूँ कि जापान में बुलेट ट्रेन को Shinkansen भी कहा जाता है।

भारत में भी बुलेट ट्रेन के लिए ट्रक बनने का कार्य शुरू हो चुके हैं और इस कार्य में जापान भारत कि मदद भी कर रहा है इसलिए अब हम कह सकते हैं कि भारत का कल्चर, इकॉनमी, बिज़नस और सोसाइटी भी प्रभावित होने वाला है।

What is Bullet Train in Hindi

बुलेट ट्रेन, या “शिंकानसेन”, एक प्रकार की यात्री ट्रेन है जो जापान के हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क पर संचालित होती है। प्रति घंटे 320kms की अधिकतम गति तक पहुंचने में सक्षम, बुलेट ट्रेन एक असाधारण अद्वितीय और कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करती है।

शिंकानसेन ट्रेन लाइनों की सूची में अकिता, होकुरिकु, जोत्सु, क्यूशू और यामागाटा शामिल हैं। हालांकि कुछ मार्ग यात्रियों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हैं – टोक्यो से नागानो, टोक्यो से क्योटो, शिन-ओसाका से हिरोशिमा तक – सभी में अक्सर, सप्ताह भर में समय पर प्रस्थान होता है।

Bullet Train को आप High-speed rail (HSR) भी बोल सकते हैं, रेलगाड़ी के कई तरीकों में से एक है। ये Bullet Train जो कि बहुत ही तेज़ी से चलती है और यह साधारण ट्रेफिक ट्रेन या traditional railway की तुलना में काफी आरामदायक भी है।

क्या कभी आपके जेहन में यह सवाल आया है कि इसका नाम Bullet Train ही क्यों रखा गया है? यदि हाँ तो चलिये आज मैं आपको बताता हूँ कि इसके पीछे की वजह क्या है?

बुलेट ट्रेन क्या है और बुलेट ट्रेन भारत में कब चलेगी?

Bullet Train का नाम Bullet Train इसलिए पड़ा है क्योंकि यह Bullet यानि गोली के स्पीड से चलती है, और मैं आपको बता दूँ कि बुलेट ट्रेन साधारण ट्रक पर नहीं चल सकती है इसलिए इसके लिए स्पेशल ट्रक बनाए जाते हैं।

जैसा कि मैं आपको ऊपर भी बता चुका हूँ कि भारत में भी बुलेट ट्रेन के लिए ट्रक बनने का कार्य शुरू हो चुके हैं और अंदाजा यह लगाया जा रहा है 2-3 वर्ष के भीतर ही भारत की जनता भी बुलेट ट्रेन में सफर करना शुरू कर देगी।

बुलेट ट्रेन स्पीड इन इंडिया

Bullet Train HD Images

भारत में हाई स्पीड रेल (HSR), पारंपरिक रेल के मुकाबले बहुत ही स्पीड में संचालित होती है, और इसके लिए इसमें एक integrated system (एकीकृत प्रणाली) का भी इस्तेमाल होता है।

जब तक ट्रेन कम से कम 250 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से ना दौड़े तब तक उन्हें हम High-speed rail के श्रेणी में नहीं रख सकते हैं।

Bullet Train History in Hindi

रेलवे तेजी से भूमि परिवहन का पहला रूप था और 20 वीं शताब्दी के शुरुआती दौर में मोटर कार और विमान के विकास तक लंबी दूरी के यात्री यातायात पर एक प्रभावी एकाधिकार था।

गति हमेशा से रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण कारक रही है और उन्होंने लगातार उच्च गति और यात्रा के समय को कम करने की कोशिश की।

19 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में रेल परिवहन आज गैर-उच्च गति वाली ट्रेनों की तुलना में बहुत धीमा नहीं था और कई रेलमार्ग नियमित रूप से अपेक्षाकृत तेज गति वाली ट्रेनों का संचालन करते थे जो लगभग 100 किमी / घंटा (62 मील प्रति घंटे) की औसत गति थी।

बुलेट ट्रेन का इतिहास: जब कभी बुलेट ट्रेन के बारे में बात होती है तो हमारे दिमाग में जापानी बुलेट ट्रेन ही आता है और इसके पीछे की वजह है कि जापानी बुलेट ट्रेन पूरी दुनिया में सबसे तेज़ चलते हैं और यह मैं आपको पहले भी बता चुका हूँ कि जापान में बुलेट ट्रेन को Shinkansen कहा जाता है।

शायद यह जान कर आपको हैरानी हो कि जापान में बुलेट ट्रेन 50 वर्ष पूर्व ही शुरू कर दिया गया था, इससे हम अंदाजा लगा सकते हैं जापान कितना आगे निकल चुका है।

धीरे – धीरे Shinkansen की popularity बढ़ती चली गई और सन् 1992 में यह दुनिया का सबसे busiest bullet train line बन गया जहाँ डाटा यह मिला कि एक दिशा में एक बार करीब 23,000 यात्री इसमें सफर करते हैं।

जैसे – जैसे बुलेट ट्रेन में विकास होता गया वैसे – वैसे ट्रेन की स्पीड पर भी फोकस किया गया और स्पीड को समय के साथ बढ़ाया गया।

Sanyo Shinkansen, Joetsu Shinkansen, Chuo Shinkansen & Tohoku Shinkansen कुछ ऐसे ट्रेन मॉडेल हैं जिन्हें समय – समय पर चेक कर बुलेट ट्रेन में ही शामिल कर दिया गया।

बुलेट ट्रेन का आविष्कार किसने और कब किया?

दोस्तों ये एक महत्वपूर्ण प्रश्न है जिसका उत्तर आपको ज्ञात होना चाहिए क्योंकि इसके बारे में आपसे इंटरव्यू के समय पूछा जा सकता है।

Bullet Train का आविष्कार Hideo Shima (Shima Hideo, 20 May 1901 – 18 March 1998) ने किया था, वो जापानी इंजीनियर थे जो कि main driving force थे पहला बुलेट ट्रेन के विकास के पीछे।

Bullet Train Ka Avishkar Kisne Kiya Tha Uska Naam

नामHideo Shima
जन्म20 मई 1901 ओसाका, जापान
मृत्यु18 मार्च 1998 (आयु 96 वर्ष) टोक्यो, जापान
व्यवसायइंजीनियर, शिंकानसेन परियोजना के मुख्य अभियंता

भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना

भारत सरकार ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के आधार पर मुंबई – अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के रूप में चुना है, जो कि इस वक़्त under construction है।

इस परियोजना की शुरुआत अगस्त 2018 में हुई थी जब Sabarmati terminus की ज़मीन अधिकरण की गई थी, और इसके साथ ही इस परियोजना की समाप्ति का समय 15 अगस्त 2022 का निश्चय किया गया है।

जब इस परियोजना का कार्य समाप्त हो जाएगा तो यह भारत के दो बड़े शहरों गुजरात और भारत की इकोनॉमिक हब मुंबई को आपस में जोड़ेगा। यह भारत का पहला हाई स्पीड रेल लाइन होने वाला है।

Essay on Bullet Train in Hindi – Facility

यहाँ dedicated child feeding room से लेकर extra – spacious toilets (शौचालय), separate washrooms (स्त्रियों और पुरुषों के लिए) सच में दोस्तों इस ट्रेन में यात्रियों के लिए एक luxury experience (लक्जरी अनुभव) होने वाला है।

  1. बच्चों और रोग पीड़ित के लिए इसमें स्पेशल फैसिलिटी होने वाली है।
  2. इस ट्रेन में 750 सीट और 10 कोच होने वाला है।
  3. Wheel chair – bound passenger के लिए दो अलग से spacious toilets भी होंगे।
  4. बच्चों के लिए इसमे हाथ धोने के लिए छोटे और नीचे लगाए जाएँगे सिंक, टॉयलेट सीट, diaper disposal के लिए टेबल इत्यादि।
  5. इसमें आपको freezer, tea, coffee maker भी मिलेगा।
  6. पुरुषों के लिए wall mounted type urinal का भी इसमें प्रबंध किया जाएगा।
  7. बिज़नस क्लास की इसमें 695 सीट उपलब्ध है।
  8. Blue print के हिसाब से इसमें Urinal & Toilet को एक कोच छोर कर एक कोच में इन्स्टाल किया जाएगा।
  9. इसमें आपको ऑटोमेटिक सीट रोटेशन सिस्टम भी मिलेगा।
  10. कोच में LCD Screen भी होगी जिसके माध्यम से अभी आप किस स्टेशन पर हैं, अगले स्टेशन का नाम क्या है कब तक ट्रेन पहुंचेगी, ट्रेन टाइम पर है या नहीं है इत्यादि जैसी सभी जानकारी देखने को मिलेगी।
How Bullet Train Work in Hindi

बुलेट ट्रेन के कार्य करने के तरीके के बारे में जानने के लिए ज़रूरी है कि आप पहले Magnet के काम करने के तरीके को समझे। वही यह भी समझना होगा कि Maglev (magnetic levitation) trains की टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है?

दसवीं कक्षा के science (विज्ञान) में हमने Magnet के बारे में विस्तार में पढ़ा था जहाँ हमे ज्ञात हुआ था कि Magnet के दो pole (North Pole & South Pole) होते हैं और दो अपोजिट पोल एक दूसरे को attract करते हैं अर्थात एक दूसरे को अपनी ओर खींचते है वही दो एक तरह के पोल एक दूसरे repel यानि दूर करते हैं।

Magnet की यही Principle है जो कि maglev trains की levitation को govern करती है। Permanent Magnet हमेशा magnetic होते हैं वही electromagnets सिर्फ तब magnetic होते हैं जब उनमें से electric current flow करता है।

Electromagnet के पोल से ही current के direction का पता लगाया जाता है वही यदि direction कभी reverse हो जाती है तो यकीनन ही पोल भी reverse हो जाते हैं। वही maglevs में यही levitate करता है। Magnetic repulsion के द्वारा, इसमें train guideway के ऊपर लिटा हुआ होता है।

Magnets जो कि guideway के ऊपर में होता है वो orient होते है। Magnets के similar poles को repel करने के लिए जो कि maglev के bottom में होता है। इससे होता यह है कि ये ट्रेन के ऊपर धकेलती है जिससे कि ट्रेन एक hovering position (तैरता) है, इस सिस्टम को डिज़ाइन किया गया होता है।

Maglevs के लिए जिसमें कि extremely powerful superconducting electromagnets के ग्रुप स्थित होते हैं। Conventional electromagnets की तुलना में यह magnets बहुत ही कम electricity का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इन्हे बहुत low temperatures में (-269 degree Celsius से -196degree Celsius) में cool भी करना होता है।

Maglevs में जो कि levitate होता है magnetic attraction के द्वारा, इसमें ट्रेन का bottom wrap होता है। Guideway के आस – पास|

Levitation Magnets जो कि guideway के underside में होता है उन्हे position किया गया होता है। Attract करने के लिए magnets के opposite poles को वो ही maglev के wraparound section में।

इससे Train track के ऊपर उठा हुआ होता है, यहाँ magnets जिनका इस्तेमाल guideway में हुआ होता है wraparound section को attract करने के लिए, वो सिर्फ उतने ही strong होने चाहिए जिससे कि वो train को केवल कुछ centimeters ही ऊपर उठा सके वो भी एक floating position में, इसमें wraparound section guideway को touch नहीं करता है।

यदि आपको पिक्चर के तौर पर यह समझना है कि कैसे एक maglev train आगे बढ़ता है तब इसके लिए आपको सोचना होगा तीन bar magnets के बारे में जो कि एक लाइन में ज़मीन पर रखे गए हो। इसमें जो magnet सबसे आगे है वो अपने अपोजिट वाले magnet जो कि उसके पीछे है उसको अपनी ओर खिचेगा, जो कि बैक में पुष हो रहा है एक repulsing (similar) magnetic pole के द्वारा।

यहाँ magnets जो कि बीच में है वो आगे की ओर बढ़ेगा। एक maglev guideway में एक long line होती है electromagnets की, यही ट्रेन को आगे खींचता है और पीछे से धक्का देता है।

यहाँ पर electromagnets powered होते है controlled alternating current के द्वारा, जिससे कि वो आसानी से बदले जा सकते हैं pull or push को, और इससे train continually ही आगे proper हो सके forward जाने के लिए।

Technology that is used in Bullet Trains are

Bullet Train Images

बुलेट ट्रेन के सफलता के पीछे बहुत सारे अनेक प्रकार के टेक्नोलॉजी का हाथ रहा है, चलिये एक – एक कर इन टेक्नोलॉजी के बारे में जानते हैं-

  • Streamlined Body

यदि ट्रेन को 200 या 200 से ज्यादा किलोमीटर प्रति घंटे के स्पीड से चलना है तो उसके लिए ज़रूरी है कि ट्रेन की बॉडी aerodynamic (जिससे कि उन्हे कम wind resistance मिले) होनी चाहिए, और यही कारण है कि बुलेट ट्रेन का आगे का हिस्सा एरोप्लेन के भाती नाक के तरह होता है।

  • Minimizing Vibration

यकीनन ही आपने महसूस किया होगा कि जब आप प्लेटफॉर्म पर खड़े होते हैं और ट्रेन आती है ट्रक पर तो प्लेटफॉर्म में Vibration (कंपन) होती है। उस कंपन को कम करने के लिए ट्रेन के कोच को फ्लॅट कार के टॉप पर रखा जाता है, इन्हें फिट किया जाता है।

एक एयर स्प्रिंग से जो कि इस्तेमाल करता है compressed air का जिससे wheel vibration को absorb कर लें और कोच तक वो ना पहुचे।

  • Modern Track

बुलेट ट्रेन कभी भी साधारण ट्रक पर नहीं चल सकते हैं, यदि वो साधारण ट्रक पर चलेंगे तो उनकी स्पीड कम हो जाएगी इसलिए बुलेट ट्रेन के लिए Wide gauge का निर्माण किया गया है।

  • Automatic Train Control

बुलेट ट्रेन की स्पीड बहुत ही ज्यादा होती है ऐसे में ड्राईवर के पास इतना वक़्त नहीं होता कि वो सिग्नल को पढ़े और फिर स्पीड को एडजस्ट करे। इसलिए बुलेट ट्रेन में एक स्पीड कंट्रोल सिस्टम को जोड़ा गया है जिसे ATC कहा जाता है। इस सिस्टम में, स्पीड इन्फॉर्मेशन को भेजा जाता है ट्रक के अनुसार ताकि ट्रेन अच्छे से सेफ तरीके से चल सके।

तो दोस्तों, यह थी कुछ खास टेक्नोलॉजी जिनका इस्तेमाल कर बुलेट ट्रेन का निर्माण सही ढंग से चल रहा है, जब से इसकी शुरुआत हुई है।

आइये अब मैं कुछ प्रश्नों के उत्तर आपको देता हूँ जो आम – तौर पर सभी इंसान के मन में ज़रूर उठते हैं:

Advantages of Bullet Train in Hindi

(बुलेट ट्रेन के लाभ)

  1. Dependable: हाई स्पीड रेलवे ट्रांसपोर्ट का सबसे ज्यादा फायदा यही होता है कि यह किसी भी मौसम में कोई गलत प्रभाव नहीं डालता है जैसे कि बारिश, कोहरा इत्यादि।
  2. Organized: यह रेल दूसरे रेल के मुताबिक एकदम सही समय, स्पीड और नियमित रहती है। इसके साथ ही इसका रूट हमेशा फिक्स होता है इसलिए हम बोल सकते हैं कि यह Organized होता है।
  3. High Speed Long Distance: कम समय में लम्बी दूरी के लिए इस मोड से बेहतर और कोई ट्रांसपोर्ट नहीं हो सकता है।
  4. Suitable for heavy and bulky goods: रेलवे ट्रांसपोर्ट वज़नदार चीजों को एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाने के लिए सहायक होते है।
  5. Cheaper Transport: जिस हिसाब से इसकी स्पीड है उस मुकाबले तो इसका खर्चा कम ही है और उसके साथ ही यह सरकार के द्वारा नियंत्रण में रहता है इसलिए इसका ज़्यादातर खर्चा सरकार खुद देती है।
  6. Safety: इस ट्रेन के निर्माण के समय सुरक्षा को मध्य नज़र रखा जाता है, और यही वजह है कि इसमें नुक्सान के केस बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
  7. Larger Capacity: लगभग सभी रेल में ज्यादा चीजें ले जाने की capacity होती है, वही इसमें कोच को बढ़ाया भी जा सकता है।
Drawbacks of Bullet Train in Hindi

(बुलेट ट्रेन के नुकसान)

  1. यदि हम बुलेट ट्रेन की टिकट की कीमत की बात करें तो साधारण ट्रेन के मुकाबले वह बहुत ज्यादा है जिस वजह से आम जनता के हित में यह नहीं समा सकता है।
  2. इस ट्रेन की देखभाल में भी सरकार का काफी पैसा खर्चा होता है।
Q&A on Bullet Train in Hindi

प्रश्न: बुलेट ट्रेन की स्पीड कितनी होती है?

उत्तर: जापान में एक टेस्ट के दौरान यह पता लगाया गया कि बुलेट ट्रेन अधिकतम 500-600 किलोमीटर प्रति घंटे के स्पीड से दौड़ सकती है, लेकिन भारत में इसकी अधिकतम स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जाएगी|

प्रश्न: बुलेट ट्रेन का किराया कितना है?

उत्तर: साधारण ट्रेन की तुलना में बुलेट ट्रेन का किराया अधिक होता है, यहाँ 500 किलोमीटर के सफर के लिए एक इंसान को 1500-2000 रुपए तक का किराया देना होगा।

प्रश्न: बुलेट ट्रेन भारत में कब चलेगा?

उत्तर: 15 अगस्त 2022 तक अहमदाबाद – मुंबई का ट्रैक बन कर तैयार हो जाएगा उसके बाद से भारत में बुलेट ट्रेन चलना शुरू हो जाएगी, लेकिन निश्चित समय से दो – चार महीने का समय ज्यादा भी लग सकता है।

प्रश्न: भारत में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए कौन सा देश मदद कर रहा है?

उत्तर: जैसा कि मैं आपको ऊपर भी बता चुका हूँ कि यह एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है और इसके लिए भारत की मदद जापान कर रहा है।

प्रश्न: किस देश ने सबसे लंबी बुलेट रेल लाइन लॉन्च की है?

उत्तर: चीन में सबसे लंबी बुलेट रेल लाइन स्थित है, जिसकी लम्बाई 2298 किलोमीटर है और यह चीन के दो मुख्य शहरों (Beijing & Guangzhou) को आपस में जोड़ती है। दिसंबर 2012 में इस Beijing Guangzhou हाई स्पीड लाइन का निर्माण हुआ था।

प्रश्न: बुलेट ट्रेन में ड्राइवर होता है या नहीं?

उत्तर: यह सवाल कई लोगों के मन में आता है और मैं आपको बता दूँ कि हाँ दोस्तों बुलेट ट्रेन में भी ड्राइवर होते हैं, यदि ड्राइवर नहीं होंगे तो यदि कभी कोई परेशानी आती है तो कंट्रोल रूम तक जानकारी किसके माध्यम से पहुंचेगी?

प्रश्न: किन – किन देशों में बुलेट ट्रेन मौजूद है?

उत्तर: चीन, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड स्टेट्स, उज़्बेकिस्तान, पोलैंड, पुर्तगाल, रूस, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, ताइवान, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम इन सभी देशों में बुलेट ट्रेन मौजूद है।

प्रश्न: बुलेट ट्रेन कौन सी एनर्जी से चलती है?

उत्तर: आम तौर पर यह ट्रेन बिजली के मदद से ही चलती है, इन ट्रेन में over head power supply line को पूरी तरह से dedicate किया जाता है।

प्रश्न: बुलेट ट्रेन में over head supply line का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

उत्तर: इसके पीछे कई कारण हैं, आइए एक – एक कर सभी कारण को जानते हैं-

  1. क्या आप जानते है electric supply को रेल में दिया जाएगा तब high precaution (उच्च सावधानी) लेना पड़ेगा, ये भी ध्यान देना होगा कि जैसे सप्लाइ कभी भी grounded न हो।
  2. Rail में Electricity को supply किया जाए, तब इसकी बहुत ज्यादा सुरक्षा करनी होगी क्योंकि इसमें लोगों को बिजली का झटका लगने के ज्यादा संभावना बन जाती हैं।
  3. इसका रखरखाव अन्य ट्रेन के मुकाबले ज्यादा महंगा होगा।
  4. जीतने भी कर्मचारी है उनके लिए rail check up करना मुमकिन नहीं है।

प्रश्न: बुलेट ट्रेन कितनी तेजी से जा सकती है?

उत्तर: 2014 के बाद से, शिंकानसेन ट्रेनें 320 किमी / घंटा (200 मील प्रति घंटे) की गति से नियमित रूप से चलती हैं, जो उन्हें फ्रेंच टीजीवी और जर्मन आईसीई के साथ दुनिया की दूसरी सबसे तेज ट्रेनों के रूप में रखती है। 1970 के बाद से, टोक्यो से ओसाका के लिए योजनाबद्ध मैग्लेव लाइन चो शिंकानसेन के लिए भी विकास चल रहा है।

इस लेख को आपने अपना समय दिया उसके लिए आपका धन्यवाद, यदि इस लेख से जुड़ा कोई प्रश्न आपके मन में है तो नीचे दिये गए टिप्पणी बॉक्स का प्रयोग करें और अपने प्रश्न को क्लियर ज़रूर करें।

अंत में आपसे एक गुजारिश करना चाहूँगा कि इस लेख को अपने मित्रों, रिश्तेदारों और भाई – बहनों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर करना ना भूलें।

  • शीर्षक: Paragraph on Bullet Train in Hindi

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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