बाल दिवस कब है और बाल दिवस क्यों मनाया जाता है ?

इस लेख के माध्यम से मै आपको बताऊंगा कि भारत में बाल दिवस कब आता है और बाल दिवस को क्यों और कैसे मनाया जाता है ?

तो सबसे पहले मै आपको Children’s Day Date बता देता हूँ|

विश्व अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस कब मनाया जाता है ? प्रतिवर्ष 14 नवम्बर के दिन बाल दिवस मनाया जाता है|

अब आप सोच रहे होंगे की मैंने भारत में बाल दिवस डेट क्यों लिखा है, तो मैं आपको बता देता हूँ कि भारत के अलावा और भी कई ऐसे देश है जहाँ बाल दिवस मनाया जाता है.

लगभग सभी देशों में इस दिन विद्यालय के बच्चों के लिए खास तौर पर प्रोग्राम का आयोजन किया जाता है और फिर इस दिन को बच्चे काफी मस्ती करते है.

तो आईये दोस्तों, बाल दिवस के बारे में जानकारी प्राप्त करते है और जानते है की स्कूल में बाल दिवस कैसे मनाया जाता है, और किस – किस तरह के प्रोग्राम का इस दिन विद्यालय में आयोजन किया जाता है?

हो सकता है कि बाल दिवस के दिन आपके विद्यालय में “बाल दिवस का महत्व” के ऊपर आपको निबंध या स्पीच को ले कर प्रतियोगिता हो और तब आप यदि इस लेख को ध्यानपूर्वक अंत तक पढ़ लेंगे तो यकीनन ही आप उसमे अपना अच्छा प्रदर्शन दिखा सकते हैं.

तो चलिये, सबसे पहले आप यह जान लो कि चिल्ड्रेन डे क्यों मनाया जाता है.

आपके लिए ⇓

बाल दिवस पर निबंध – बाल दिवस क्यों मनाया जाता है ?

बाल दिवस क्यों मनाया जाता है

आप मैसे काफी लोगो को बाल दिवस के बारे में नही पता होगा की बाल दिवस का महत्व क्या है ?

तो सबसे पहले आप बाल दिवस का इतिहास जान लो|

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवम्बर के दिन हुआ था| यह बच्चों से बहुत प्यार करते थे और बच्चे इनको प्यार से चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे तो उन्ही के जन्मदिन के मोके पर बाल दिवस मनाया जाता है.

जिस प्रकार आज हम नरेंद्र मोदी जी को देखते हैं कि जब भी वो बच्चों से कही मिलते हैं तो ऐसे उनके साथ व्यवहार करते हैं जैसे उनको कब से जानते हो या वो उनके ही दोस्त हैं.

एक उदाहरण के लिए हम भारत के मिसाइल मैन ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम जी का भी ले सकते हैं, वो भी अपना ज्यादातर समय बच्चों के साथ ही व्यतीत करते थे.

यहाँ तक की वो अपने आखरी समय में भी एक कॉलेज में बच्चों को भाषण के माध्यम से मोटीवेट करने ही गए थे और वहाँ उनको दिल का दौरा आया और वो भारत देश को छोर कर चले गए.

ठीक इन्ही के तरह जवाहर लाल नेहरू जी को भी बच्चो से बहुत प्यार था और बच्चे इनको प्यार से चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे.

अब आपको यह तो पता होगा की पंडित जवाहरलाल नेहरू कौन है? लेकिन अगर आपको इनके बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करनी है तो मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मैंने इस विषय पर पहले ही लेख लिखा हुआ है जिसमे मैंने जवाहरलाल नेहरू जी का जीवन परिचय दिया है.

तो आप चाहे तो उस लेख को पढ़ कर पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के बारे में और भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, मैं आपके लिए उसका लिंक नीचे शेयर कर रहा हूँ.

» पंडित जवाहरलाल नेहरू का इतिहास और जीवन परिचय

यदि आपके पास समय का आभाव है और अभी इस वक्त ऊपर दिये गए लिंक पर नहीं जा सकते हैं, तो आपके लिए मैं शॉर्ट में जवाहरलाल नेहरू जी के बारे में बता देता हूँ| तो चलिये शुरू करते हैं :-

पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध – Pandit Jawaharlal Nehru in Hindi

Essay on Pandit Jawaharlal Nehru in Hindi

चाचा नेहरू हमारे देश भारत (India) के पहले प्रधानमंत्री बने थे| इन्होने महात्मा गांधी के साथ हमारे देश को आजादी दिलाने में बहुत मदद करी थी और 1947 में भारत स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह भारत के पहले प्रधानमंत्री बने.

चाचा नेहरू पर निबंध हिंदी में – Chacha Nehru Biography in Hindi

14 नवम्बर 1889 में भारत के एक नामी राज्य उत्तर प्रदेश के अल्लाहाबाद शहर में इनका जन्म हुआ, इनके पिता जी का नाम मोतीलाल नेहरू था, जो एक धनाढ्य परिवार के थे और माता का नाम स्वरूप रानी था.

मैं आपको बता दूँ की जवाहरलाल नेहरू अपने माता-पिता के मात्र इकलौते पुत्र थे और उनके अलावा उनकी 3 बहने थीं.

यदि हम इनके पिता जी के पेशे के बारे में जाने तो पेशे से इनके पिता जी एक वकील थे, और यही वजह थी कि उन्होने अपने बेटे को भी इसी लाइन में डाला.

आइए अब हम भारत के पहले प्रधानमंत्री जी के शिक्षा के बारे में विख्यात में जान लेते हैं.

जवाहरलाल नेहरू की शिक्षा – Bal Diwas Kab Aur Kyu Manaya Jata Hai

नेहरू जी एक अच्छे परिवार से थे तो पैसों की कोई कमी नहीं थी और इसी वजह से जवाहरलाल नेहरू को दुनिया भर के बेहतरीन स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिला था.

  1. स्कूली शिक्षा – हैरो
  2. कॉलेज की शिक्षा – ट्रिनिटी कॉलेज, लंदन
  3. लॉ की डिग्री – कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय

लॉ की डिग्री पूरी होने के उपरांत 1912 में नेहरू जी ने बार-एट-लॉ की उपाधि ग्रहण की और फिर अपने देश भारत वापस लौट आए.

ज़ाहिर सी बात है कि लॉ की पढ़ाई करने के बाद पंडित नेहरू को भारत में एक वकील का काम करना था, लेकिन भारत लौटने के बाद उन्होने कई ऐसी बातों को अपने सामने होता हुआ देखा कि जिससे उन्होंने वकालत छोड़ दी|

और भारत के स्वतंत्रता के युद्ध प्राप्ति के लड़ाई में गांधी जी से प्रभावित होकर 1912 में कांग्रेस से जुड़ गए और अपना सहयोग देने लगे.

आइए अब हम जवाहरलाल नेहरू जी का काँग्रेस के एक नेता से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के सफर पर एक नजर डालते हैं:-

Jawaharlal Nehru Biography in Hindi – Essay on Jawaharlal Nehru in Hindi For Class 3

Bal Diwas Poem in Hindi

यदि आपने इतिहास पढ़ी है तो शायद आपको ज्ञात हो कि 1920 के प्रतापगढ़ में जो सबसे पहले किसान मोर्चे को संगठित किया गया था उसका श्रेय जवाहरलाल नेहरू को ही दिया जाता है.

उसके बाद वर्ष 1928 में उत्तर प्रदेश की राजधानी में लखनऊ में जब वे साइमन कमीशन के विरोध लड़ाई कर रहे थे तो वहाँ नेहरू घायल हो गए थे.

उसके उपरांत 1930 मार्च के महीने में जो नमक आंदोलन हुआ था “जिसे हम सभी ने इतिहास में ज़रूर पढ़ा है” उस दौरान जवाहरलाल नेहरू गिरफ्तार हुए.

सजा के रूप में उन्होंने तब 6 महीने जेल में रह कर अपनी जिन्दगी काटी, और फिर उसके 5 बाद 1935 में जब वो दुबारा जेल गए तो वहाँ अलमोड़ा जेल में उन्होंने “आत्मकथा” लिखी.

यदि आप चाहे तो इस किताब को Amazon से खरीद कर जवाहरलाल नेहरू जी के खूद के शब्दों में उनकी जिन्दगी के एक-एक पल को पढ़ कर समझ सकते हैं.

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मैं आपको बता दूँ की वकालत की डिग्री लेने के बाद जब वो भारत वापस आए और फिर भारत को आजादी दिलाने तक में उन्होंने कुल 9 बार जेल यात्राएं कीं|

अब जब भारत आज़ाद हो गया था तो उसके बाद भारत को एक लोकतांत्रिक देश बनाने का सुझाव रखा गया जिसमे अब प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और इसके अलावा और भी कई पद के किसी एक नेता को मत दे कर चुना जाना था|

भारत के अंग्रेज़ों से मुक्त कराने के जंग में कई वीरों ने तो अपनी जान गवा दी थी लेकिन फिर भी भारत के पास एक से बढ़ कर एक वीर नेता थे.

तभी सवाल यह आया कि प्रधानमंत्री के पद कर किसे नियुक्त किया जाए, और फिर इसके लिए मत दान भी कराया गया था.

प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस पार्टी के तीन ऊमीद्वार थे, चलिये पहले मैं उनके नाम आपको बता देता हूँ-

  1. जवाहरलाल नेहरू
  2. वल्लभभाई पटेल
  3. आचार्य कृपलानी

जब मतदान हुआ तो जवाहरलाल नेहरू के मुकाबले सरदार वल्लभभाई पटेल और आचार्य कृपलानी को सर्वाधिक मत मिले थे|

लेकिन फिर सिर्फ महात्मा गांधी के कहने पर दोनों (आचार्य कृपलानी और वल्लभ भाई पटेल) ने अपना नाम वापस ले लिया और फिर जवाहरलाल नेहरू को भारत का पहला प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया.

आजादी के बाद 1947 में हुआ पहला मतदान से नियुक्त हुये भारत के प्रधानमंत्री बने और 27 मई 1964 (को जब उनका निधन हुआ) तब तक वो इस पद पर बने रहे.

आखिरी मुख्य बात – नेहरू जी की मृत्यु कैसे हुई ?

पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु कैसे हुई – पंडित जवाहरलाल नेहरू की मौत का कारण क्या हैं ?

यह तो आप सभी जानते हैं कि नेहरू जी पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के जो खराब संबंध हैं उनको सुधार नहीं पाए|

उन्होंने कोशिश करते हुए चीन की तरफ मित्रता का हाथ भी बढ़ाया था, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी और फिर 1962 में चीन ने धोखे से भारत पर आक्रमण कर दिया.

चीन का आक्रमण जवाहरलाल नेहरू के लिए एक बड़ा झटका था क्यूंकी उन्होंने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि चीन कभी ऐसा कदम भी उठाएगा.

शायद इसी वजह से उनकी मौत भी हुई, जवाहरलाल नेहरू को 27 मई 1964 को दिल का दौरा पडा़ जिसमें उनकी मृत्यु हो गई|

इस महान हस्ती के याद में इनके जन्म दिन के दिन स्कूल में एक तरह का फेस्टिवल होता है| बच्चे स्कूल में डांस करते है, खाने का सामान लाते है और Children’s Day Par Poem बोलते एवं लिखते है.

बाल दिवस बच्चो के लिए बहुत ही लोक प्रिय दिन होता है तो आप फिर चाहे बच्चे हो या फिर बड़े आपको भी Bal Diwas Par Kavita लिखनी चाहिए और उसको फेसबुक, व्हाट्सएप्प और ट्विटर पर सब लोगो के साथ शेयर करना चाहिए.

नोट : इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर करके अपने दोस्तों को बाल दिवस की शुभकामनाएं जरूर दे|

आपको लेख कैसा लगा हमको कमेंट करके जरुर बताये| अगर आपके मन में कुछ है और उसको आप सभी के सामने प्रकट करना चाहते हो तो आप अपनी बात कम्मेंट कर जरिये बता सकते है.

!…Happy Children’s Day…!

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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