आर्टिकल 370 क्या है? जम्मू और कश्मीर पर कैसे पड़ा इसका प्रभाव

आर्टिकल 370 क्या है? (Article 370 in Hindi) : जैसे कि हम सभी जानते है कि भारत देश को ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्रता 15 अगस्त, 1947 में मिली.

15 अगस्त 1947 को जब भारत ब्रिटिश साम्राज्य से आजाद हुआ था उसी वक्त जम्मू और कश्मीर को भी उसकी आजादी (स्वतंत्रता) मिल गयी थी.

आर्टिकल 370 कब लागू हुआ – Article 370 News in Hindi

History of Article 370 in Hindi : 17 नवम्बर 1952 को आर्टिकल ३७० लागू किया था, यह कश्मीर की प्रजा को सुविधाएँ देता है जो कि भारत में रह रहे अन्य भारतीय लोगो को नही मिलती हैं.

Article 370 Detail में बताया गया है कि यह रक्षा, संचार अथवा विदेशी मामले में पहल भारत की सरकार ही करेगी.

इस आर्टिकल की वजह से जम्मू और कश्मीर का अपना खुद का एक अलग सविधान है अथवा इसका प्रशासन इसी के अनुसार चलाया जाता है ना कि भारतीय सविधान के अनुसार. (आर्टिकल 35A)

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What is Article 370 in Hindi – Article 370 Explanation in Hindi

भारत की स्वतंत्रता के वक्त राजा हरि सिंह इस जगह के शासक थे जो अपनी रियासत को स्वतंत्र ही रखना चाहते थे.

लेकिन 20 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान समर्थित कश्मीर सेना से पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर कश्मीर पर आक्रमण कर काफी हिस्से पर अपना कब्जा कर लिया था.

फिर क्या था, इन सभी परिस्थिति को देखते हुए महाराजा हरि सिंह ने शेख़ मोहम्मद अब्दुल्ला की सहमति से जम्मू & कश्मीर की सुरक्षा के लिए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी के साथ मिलकर उन्होंने 26 अक्टूबर 1947 को जम्मू और कश्मीर के अस्थायी विलय की घोषणा करी जो कि भारत के साथ मिलकर किया था.

इतना ही नहीं, उन्होंने अपने हस्ताक्षर “Instruments of Accession of Jammu & Kashmir to India” पर भी किये थे.

इस समझौते से भारत के पास जम्मू और कश्मीर के तीन अधिकार आ गये थे जोकि रक्षा, संचार और विदेशी मामले है.

जब भारत सरकार ने समझौते पर हस्ताक्षर किया तो उन्होंने जम्मू कश्मीर से वादा किया कि:

  • “इस राज्य में वो अपने सविधान के माध्यम जी सकते है अर्थात राज्य के आंतरिक सविधान का निर्माण करेंगे”.
  • “भारत का सविधान जम्मू कश्मीर के राज्य के बारे में एक अंतरिम व्यवस्था प्रदान कर सकता है”.

इसी वचन के साथ आर्टिकल 370 को भारत के सविधान में शामिल किया गया| जिससे स्पष्ट होता है कि जम्मू&कश्मीर राज्य में ये प्रावधान केवल अस्थायी हैं| जिसको लागू 17 नवम्बर सन् 1952 में करा.

क्या है आर्टिकल 370 ? इसका आपको अब पता चल गया होगा, आइये इस विषय में थोड़ी और चर्चा करते हैं.

Article 370 Jammu Kashmir Rights and Facilities in Hindi

आर्टिकल 370 जम्मू कश्मीर की जनता को कई प्रकार के अधिकार और सुविधाएं देता है जो इस प्रकार है:

Article 370 of Indian Constitution in Hindi

आर्टिकल 370 क्या है? जम्मू और कश्मीर पर कैसे पड़ा इसका प्रभाव

1. क्या आपको पता है जम्मू & कश्मीर के पास 2 झन्डे हैं ?

जैसे कि भारत सरकार ने इनको अपना सविधान चलाने की आजादी दे रखी है, इसलिए वहां के राज्य में इनका अपना खुद का ध्वज है.

  • एक तो उनके राज्य कश्मीर का राष्ट्रीय झंडा है.
  • दूसरा भारत का झंडा यहाँ का राष्ट्रीय ध्वज है.

2. Article 370 in hindi news के अनुसार जम्मू एंड कश्मीर का अपना खुद का सविधान है और इसकी जनता अपने सविधान के अनुसार चलती है| भारत का सविधान जम्मू कश्मीर में मान्य नही हैं.

3. ऊपर मैंने बताया कि रक्षा, विदेशी मामले और संचार भारत सरकार देखती है| इन सभी के अलावा अन्य कानून को लागू करने के लिए इनके केंद्र सरकार को राज्य से मंजूरी लेनी पड़ती है.

4. जम्मू & कश्मीर, भारत का ही एक संवैधानिक राज्य है लेकिन जम्मू & कश्मीर की राज्य सरकार की अनुमति के बिना ना तो भारत सरकार इसका नाम बदल सकती है, ना ही क्षेत्रफल और सीमा बदल सकती है.

5. अगर आप जम्मू कश्मीर के बहार के नागरिक हो तो आपको यहाँ सरकारी नौकरी नही मिलेगी| केवल जम्मू कश्मीर में रह रहे नागरिक को सरकारी नौकरी मिलेगी जो वहां के परमानेंट नागरिक हो.

इसके अलावा यहां के लोकल व्यक्तियों को ही जम्मू और कश्मीर से स्कॉलरशिप मिलती हैं.

6. अगर जम्मू & कश्मीर के अंदर किसी प्रकार के गड़बड़ का अभाव होता है तो ‘केंद्र सरकार’ वहां राष्ट्रीय आपातकाल नही लगा सकता है, उसको ऐसा करने के लिए सर्वप्रथम राज्य सरकार से परमिशन लेनी पड़ेगी.

7. यदि भारत में किसी कारणवश गड़बड़ी का अभाव होता है तो भारत में राष्ट्रीय आपातकाल लगा दिया जाता है परन्तु इसका कोई भी प्रभाव जम्मी और कश्मीर राज्य पर नही पड़ता है.

अगर हमको जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रीय आपातकाल लगाना है तो पहले हमे जम्मू & कश्मीर की राज्य सरकार की मंजूरी लेनी होगी उसके बाद ही आपातकाल लगा पाएंगे.

8. केंद्र सरकार, जम्मू और कश्मीर पर आपातकाल केवल दो ही वजह से लगा सकता है:

  • पहला है युद्ध
  • दूसरा है बाहरी आक्रमण

9. भारत के राष्ट्रपति के द्वारा लागू करने अथवा अनुमति पाने के पश्चात ही भारतीय सविधान को जम्मू & कश्मीर और संशोधन कर सकते है| अगर राष्ट्रपति आदेश लागू नही करेंगे तो जम्मू & कश्मीर पर कोई सविधान लागू नही किया जायेगा.

10. आर्टिकल 370 की वजह है केंद्र सरकार; राज्य पर वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) जैसा कोई भी कानून नहीं लगा सकता है.

इसका मतलब यह है कि यदि किसी कारणवश भारत पर किसी प्रकार का कोई संकट आता है और भारत सरकार वित्तीय आपातकाल की घोषणा करती है तो इसका प्रभाव जम्मू और कश्मीर की जनता पर नही पड़ेगा.

11. यदि कोई व्यक्ति जम्मू और कश्मीर में भारत के राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज इत्यादि का अपमान करता है तो वो अपराध की श्रेणी में नहीं आता है.

12. भारतीय सविधान में कुछ भाग ऐसे भी है जो जम्मू और कश्मीर में लागू नही होता है जैसे:

  • भाग 4 जिसमे राज्य के नीति निर्देशक तत्व हैं.
  • भाग 4A जिसमे मूल कर्तव्य हैं.

इसका मतलब यह है कि इस प्रदेश के नागरिक गायों की रक्षा, महिलाओं की अस्मिता, देश के झंडे इत्यादि का सम्मान करे ये जरूरी नही है.

13. आपने ऐसा सुना भी होगा कि जब कोई भारतीय नागरिक भारत के किसी भी राज्य को छोरकर किसी दुसरे देश चला जाता है और वहां की नागरिकता ले लेता है तो उस व्यक्ति की भारत की नागरिकता खत्म हो जाती है.

परन्तु जम्मू कश्मीर में ऐसा कुछ नही है, इसमें जब कोई व्यक्ति पाकिस्तान चला जाता है और जब बाद में कभी वो वापिस जम्मू कश्मीर आता है तो उसको वापिस से भारत के नागरिक के रूप में स्वीकार कर लिया जाता हैं.

14. अगर कोई पकिस्तान का लड़का किसी कश्मीरी लड़की से विवाह कर ले तो उस पाकिस्तानी लड़के को भारत की नागरिकता मिल जाती है.

15. अब भारत में इसका उल्टा है वो कैसे? बताता हूँ.

यदि कोई कश्मीरी लड़की किसी भारत के लड़के से विवाह कर लेती है तो उसकी कश्मीरी नागरिकता समाप्त हो जाती है परन्तु वही लड़की अगर किसी पाकिस्तानी लड़के से विवाह करे तो उसकी कश्मीरी नागरिकता पर कोई फर्क नही पड़ेगा.

16. कश्मीर में सभी को 2 प्रकार की नागरिकता मिली हुई है जिसमे से एक कश्मीर की है और दूसरी भारत की.

17. अगर आप किसी अन्य राज्य से कश्मीर जाते है तो आप इस राज्य में किसी भी प्रकार से कोई सम्पति नही खरीद सकते, मतलब इस राज्य में सम्पति खरीदने का अभी कोई नियम लागू नही करा गया है.

What is The Difference Between Article 370 and 35A in Hindi

आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35A को लेकर भारतीय सविधान में लगातार बहस छिड़ी हुई रहती है| पूरा देश इसी मामले पर अपनी निगाह लगाये बैठा है.

आपकी सूचना के लिए मैं आपको बता दूँ कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में एक तथ्य पर अपने विचार प्रकट करे थे जिसमें उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 अस्थायी है.

जम्मू और कश्मीर भारत जा ही एक हिस्सा है और इसको भारत से कोई भी अलग नही कर सकता हैं.

आइये आर्टिकल 35A और आर्टिकल 370 में क्या अंतर है उसके बारे में जानते है.

Difference Between Article 35A and 370 in Hindi

Article 370 (आर्टिकल 370)Article 35A (आर्टिकल 35A)
17 नवम्बर 1952 को आर्टिकल ३७० लागू किया था।
35ए को 1954 में राष्ट्रपति के आदेश के माध्यम से संविधान में जोड़ा गया था।
इसी विशेष दर्ज़े के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती.
Article 35ए Jammu and Kashmir विधानसभा को राज्य के ‘स्थायी निवासी’ की परिभाषा तय करने का अधिकार देता है।
जम्मू-कश्मीर के लोगों के पास 2 तरह की नागरिकता है (भारत और कश्मीर) की|
Article 35A में राज्य जिन नागरिकों को स्थायी घोषित करता है केवल वही राज्य में संपत्ति खरीदने, सरकारी नौकरी प्राप्त करने एवं विधानसभा चुनावों में मतदान का अधिकार रखते हैं.
गायों की रक्षा, महिलाओं की अस्मिता, देश के झंडे इत्यादि का सम्मान जम्मू कश्मीर में अनिवार्य नही है.
अनुच्छेद 35A दरअसल अनुच्छेद 370 से ही जुड़ा है|
यदि कोई पाकिस्तानी लड़का कश्मीरी लड़की से विवाह करता है तो उसको भारत की नागरिकता मिल जाती है.
यदि जम्मू-कश्मीर का निवासी राज्य से बाहर के किसी व्यक्ति से विवाह करता है तो वह यह नागरिकता खो देगा.
Conclusion – निष्कर्ष

आर्टिकल 370 (Article 370 in Hindi) को पढ़कर ये तो समझ आ ही गया है कि जम्मू और कश्मीर भारत का ही एक राज्य है परन्तु इस राज्य में रह रहे लोगों को कुछ अलग अधिकार दिए गए हैं जो भारत में और किसी राज्य में नही हैं.

वैसे जम्मू & कश्मीर को भारत का स्विट्ज़रलैंड भी कहा जाता है क्यूंकि यहाँ की वादियाँ हरी भरी है, यहां की हवा और पानी साफ़ और स्वच्छ है.

लेकिन कुछ बुरे लोगों की वजह से आज जम्मू और कश्मीर में दंगे फसाद, लड़ाई इत्यादि होती रहती है, जिसको वहां की सरकार को रोकना चाहिए.

तो दोस्तों अब आपको समझ आ गया होगा कि आर्टिकल 370 क्या है ? अगर आपको और भी Article 370 Explanation in Hindi Language में चाहिए तो कमेंट के माध्यम से हमे बताये हम इस लेख में और Article 370 Information ऐड कर देंगे.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

6 thoughts on “आर्टिकल 370 क्या है? जम्मू और कश्मीर पर कैसे पड़ा इसका प्रभाव”

  1. hi Himanshu,
    Your article is very good. last day I spent a complete day to watching RSTV. But when I read your article, I complete know but 370 articles. thanks for this article.

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  2. hi sir..
    your post is very helpful about article 370..in this post so much information about article 370…thnku so much sir

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