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Republic Day

26 January Speech in Hindi For Everyone – 26 जनवरी पर भाषण हिंदी में

रिपब्लिक डे 26 जनवरी पर भाषण हिंदी में
Written by Himanshu Grewal

मेरे देशवासियों, आज के इस लेख में मै आपके लिए “26 January Speech in Hindi Language” पर लेख लिख रहा हूँ.

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भारत में गणतंत्र दिवस (रिपब्लिक डे ऑफ़ इंडिया) बहुत बड़े उत्सव (राष्ट्र दिवस) के रूप में मनाया जाता है, विशेष रूप से स्कूलों में छात्रों के द्वारा|

विद्यार्थी, गणतंत्र दिवस पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में भाग लेते है जो की उनके अद्वितीय कौशल और ज्ञान को दर्शाता है, भाषण देना और समूह चर्चा कुछ ऐसी महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं जिसमे बच्चे बढ़ चढ़ कर भाग लेते हैं और अपना कौशल दिखाते है.

इस लेख को शुरू करने से पहले चलिए दोस्तों इस लेख से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बाते आपको बताता हूँ, आज के इस लेख में आपको कुल 4
भाषण मिलेंगे जैसे की:-

  1. 26 January Speech in Hindi (150 Words)
  2. Motivational Speech on 26 January in Hindi For student (200 Words)
  3. 26 जनवरी पर भाषण हिंदी में (350 शब्द)
  4. Speech on Happy Republic Day in Hindi (500 Words)

आप आने वाले गणतंत्रता दिवस पर अपनी उम्र के अनुसार यदि आप या आपका कोई छोटा भाई बहन पहली या दूसरी कक्षा में है तो आप उसको 150 या 200 शब्दों वाला देशभक्ति भाषण याद करा सकते हैं.

यदि आप आठवी से दसवी कक्षा के बीच के छात्र हैं तो आप 500 शब्द वाला रिपब्लिक डे स्पीच पढ़िए और याद कर के गणतंत्र दिवस के उपलक्ष पर अपने विद्यालय में स्टेज पर सुनाए.

तो चलिए अब ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुए अपनी स्पीच पढना शुरू करते हैं.

26 January Speech in Hindi For School Student (150 शब्द)

26 January Speech in Hindi For School Student

यहाँ उपस्थित सभी को मेरा नमश्कार…!

हम सभी जानते हैं कि आज हम सब यहाँ गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में एकत्रित हुए हैं| इस विषय पर मै अपने कुछ भाव आपके सामने प्रकट करना चाहता हूँ-

जैसा की हम सभी जानते हैं, भारत के निडर स्वतंत्रता सेनानी की वजह से 15 अगस्त 1947 में ही भारत ब्रिटिश शासन से मुक्त हो एक देश बन गया था| लेकिन, वर्ष 1950 में 26 जनवरी के दिन से ही हम हर वर्ष को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं.

गणतंत्र दिवस मनाने के पीछे की वजह यह है कि उस दिन भारत का संविधान, नियम कानून 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ|

आज वर्ष 2019 मे, हम भारत का 70वां गणतंत्र दिवस मना रहें हैं और इस बात पर मुझे बहुत गर्व है.

मै भारत का नागरिक होने के कारण यह प्रण लेता हूँ कि मै हमेशा भारत के संविधान का पालन करूँगा.

वन्दे मातरम[email protected]

जरुर पढ़े » रुला देने वाले और दिल को छू देने वाले 7 देश भक्ति गीत

26 January Republic Day Best Speech in Hindi (200 शब्द)

अध्यापक द्वारा 26 जनवरी पर दिया गया भाषण

मेरी आदरणीय प्रधानाध्यापक मैडम, मेरे आदरणीय सर और मैडम और मेरे सभी सहपाठियों को सुबह का नमस्कार।

हमारे गणतंत्र दिवस पर कुछ बोलने के लिये ऐसा एक महान अवसर देने के लिये मैं आपको धन्यवाद देना चाहूंगा|

मेरा नाम (विद्यर्थी का नाम) है और मैं कक्षा (जिसमे आप पढ़ते हो) में पढ़ता हूँ|

आज, हमारे राष्ट्र के 70वें गणतंत्र दिवस को मनाने के लिये हम सभी यहाँ पर एकत्रित हुए हैं| हम सभी के लिये ये एक महान और शुभ अवसर है.

हमें एक-दूसरे को बधाई देना चाहिये और अपने राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिये भगवान से दुआ करनी चाहिये|

हर वर्ष 26 जनवरी को भारत में हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था| हमलोग 1950 से ही लगातार भारत का गणतंत्र दिवस मना रहें हैं क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था.

भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां देश के नेतृत्व के लिये अपने नेता को चुनने के लिये जनता अधिकृत है|

1947 में ब्रिटिश शासन से जब से हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है, हमारे देश ने बहुत विकास किया है और ताकतवर देशों में गिना जाने लगा है.

अपने देश को विश्व का एक बेहतरीन देश बनाने के लिये समाज में ऐसे समस्याओं को सुलझाने के लिये हमें आज प्रतिज्ञा लेने की जरुरत है।

धन्यवाद, जय हिन्द!

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अध्यापक द्वारा 26 जनवरी पर दिया गया भाषण (350 शब्द) – गणतंत्र दिवस पर भाषण हिंदी में

26 January Republic Day Best Speech in Hindi

मैं अपने आदरणीय प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षिका, और मेरे सभी सहपाठियों को सुबह का नमस्कार कहना चाहूंगा|

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम सभी यहाँ अपने राष्ट्र का 70वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिये एकत्रित हुए हैं| ये हम सभी के लिये बेहद शुभ अवसर है.

1950 से, हम गणतंत्र दिवस को हर वर्ष ढ़ेर सारे हर्ष और खुशी के साथ मनाते हैं| उत्सव की शुरुआत के पहले, हमारे मुख्य अतिथि देश के राष्ट्रीय ध्वज़ को फहराते हैं|

इसके बाद हम सभी खड़े होते हैं और राष्ट्र-गान गाते हैं जो कि भारत की एकता और शांति का प्रतीक है| हमारा राष्ट्र गान महान कवि रबीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया है.

हमारे राष्ट्रीय ध्वज़ में तीन रंग और 24 बराबर तीलियों के साथ मध्य में एक चक्र है| भारतीय राष्ट्रीय ध्वज़ के सभी तीन रंगों का अपना अर्थ है।

  1. सबसे ऊपर का केसरिया रंग हमारे देश की मजबूती और हिम्मत को दिखाता है|
  2. मध्य का सफेद रंग शांति को प्रदर्शित करता है|
  3. जबकि सबसे नीचे का हरा रंग वृद्धि और समृद्धि को इंगित करता है|
  4. ध्वज़ के मध्य में 24 बराबर तीलियों वाला एक नेवी नीले रंग का चक्र है जो महान राजा अशोक के धर्म चक्र को प्रदर्शित करता है|

हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि 1950 में ही इस दिन भारतीय संविधान अस्तित्व में आया था|

गणतंत्र दिवस के उत्सव में, इंडिया गेट के सामने नयी दिल्ली में राजपथ़ पर भारत की सरकार द्वारा एक बड़ा आयोजन किया जाता है.

हर साल, इस उत्सव की चमक को बढ़ाने के साथ ही “अतिथि देवो भव:” के कथन के उद्देश्य को पूरा करने के लिये एक मुख्य अतिथि (देश के प्रधानमंत्री) को बुलाया जाता है.

भारतीय सेना इस अवसर पर परेड के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज़ को सलामी देती है| भारत में विविधता में एकता को प्रदर्शित करने के लिये अलग-अलग राज्यों के द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपरा की एक बड़ी प्रदर्शनी भी दिखायी जाती है.

अंत में मै आप सभी का धन्यवाद करना चाहूँगा, जिन्होंने मेरी बात को ध्यान से सुना| आइये साथ में 3 बार जय हिन्द बोलते हैं…

Republic Day 26 January Speech in Hindi (500 शब्द) – Speech on Republic Day in Hindi  For Teacher

Speech on Republic Day in Hindi  For Teacher

मैं अपने आदरणीय प्रधानाध्यापक, मेरे शिक्षकगण, मेरे वरिष्ठ और सहपाठीयों को सुबह का नमस्कार कहना चाहूंगा।

चलिये मैं आप सबको इस खास अवसर के बारे में कुछ जानकारी देता हूँ.

आज हम सभी अपने राष्ट्र का 70वां गणतंत्र दिवस मना रहें हैं। 1947 में भारत की आजादी के ढाई साल बाद इसको मनाने की शुरुआत सन् 1950 से हुई| हम इसे हर वर्ष 26 जनवरी को मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान अस्तित्व में आया था.

1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी पाने के बाद, भारत एक स्व-शासित देश नहीं था आर्थात् एक संप्रभु राज्य नहीं था|

भारत एक स्व-शासित देश बना जब 1950 में इसका संविधान लागू हुआ, उससे पूर्व भारत एक लोकतांत्रिक देश नहीं था.

लेकिन अब भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसका यहाँ पर शासन करने के लिये कोई राजा या रानी नहीं है हालांकि यहाँ की जनता यहाँ की शासक है|

इस देश में रहने वाले हरेक नागरिक के पास बराबर का अधिकार है, बिना हमारे वोट के कोई भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है|

देश को सही दिशा में नेतृत्व प्रदान करने के लिये हमें अपना सबसे अच्छा प्रधानमंत्री या कोई भी दूसरा नेता चुनने का ह़क है|

हमारे नेता को अपने देश के पक्ष में सोचने के लिये पर्याप्त दक्षता होनी चाहिये| देश के सभी राज्यों, गाँवों और शहरों के बारे में उसको एक बराबर सोचना चाहिये जिससे नस्ल, धर्म, गरीब, अमीर, उच्च वर्ग, मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, अशिक्षा आदि के बिना किसी भेदभाव के भारत एक अच्छा विकसित देश बन सकता है.

देश के पक्ष में हमारे नेताओं को प्रभुत्वशाली प्रकृति का होना चाहिये जिससे हर अधिकारी सभी नियमों और नियंत्रकों को सही तरीके से अनुसरण कर सकें.

इस देश को एक भष्ट्राचार मुक्त देश बनाने के लिये सभी अधिकारियों को भारतीय नियमों और नियामकों का अनुगमन करना चाहिये।

“विविधता में एकता” के साथ केवल एक भष्टाचार मुक्त भारत ही वास्तविक और सच्चा देश होगा|

हमारे नेताओं को खुद को एक खास व्यक्ति नहीं समझना चाहिये, क्योंकि वो हम लोगों में से ही एक हैं और देश को नेतृत्व देने के लिये अपनी क्षमता के अनुसार चयनित होते हैं.

एक सीमित अंतराल के लिये भारत के लिये अपनी सच्ची सेवा देने के लिये हमारे द्वारा उन्हें चुना जाता है। इसलिये, उनके अहम और सत्ता और पद के बीच में कोई दुविधा नहीं होनी चाहिये.

भारतीय नागरिक होने के नाते, हम भी अपने देश के प्रति पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। हमें अपने आपको नियमित बनाना चाहिये, ख़बरों को पढ़ें और देश में होने वाली घटनाओं के प्रति जागरुक रहें, क्या सही और गलत हो रहा है, क्या हमारे नेता कर रहें हैं और सबसे पहले क्या हम अपने देश के लिये कर रहें हैं.

पूर्व में, ब्रिटिश शासन के तहत भारत एक गुलाम देश था जिसे हमारे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के द्वारा बहुत वर्षों के संर्घषों के बाद आजादी प्राप्त हुई|

इसलिये, हमें आसानी से अपने सभी बहुमूल्य बलिदानों को नहीं जाने देना चाहिये और फिर से इसे भ्रष्टाचार, अशिक्षा, असमानता और दूसरे सामाजिक भेदभाव का गुलाम नहीं बनने देना है.

आज का दिन सबसे बेहतर दिन है जब हमें अपने देश के वास्तविक अर्थ, स्थिति, प्रतिष्ठा और सबसे जरुरी मानवता की संस्कृति को संरक्षित करने के लिये प्रतिज्ञा करनी चाहिये|

धन्यवाद, जय हिन्द…!

दोस्तों मेरा यह लेख यही पर समाप्त हो रहा है, आपको यह लेख कैसा लगा कमेंट कर के बताना मत भूलियेगा|

यदि आप चाहे तो ’26 January Speech in Hindi’ के इस लेख को अपने दोस्तों और भाई या बहनों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर कर उनके विद्यालय में हो रहे प्रतियोगिता में शामिल हो कर कुछ करने में मदद कर सकते हैं.

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About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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