Independence Day (India)

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर भाषण – 15 August Independence Day Best Speech in Hindi – (जय हिन्द, भारत माता की जय, वन्दे मातरम्)

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण हिंदी में
Written by Himanshu Grewal

-{ स्वतंत्रता दिवस पर भाषण }-

नमस्कार ! आजादी के 72 वे साल के जशन में आप सभी का स्वागत है आज 15 अगस्त के दिन हम सब साथ होकर भारत का झंडा (भारत का ध्वज) साथ मिलकर लहराते है क्योंकि 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजो के चंगुल से आजाद होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र बना था.

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देश के वीर जवानो ने भारत की आजादी के लिए अपनी जान भी कुर्बान कर दी थी आओ आज हम सब मिलकर…

  1. चलो फिर से आज वो नज़ारा याद कर ले|
  2. शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर ले|
  3. जिसमे बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पर देश भक्तो के खून की वो धारा याद कर ले|

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भारत का स्वतंत्रता दिवस पर भाषण – 15 अगस्त स्पीच हिंदी में

15 अगस्त स्पीच हिंदी में

हम सभ जानते है की एक समय में भारत सोने की चिड़िया कहलाता था उस समय हिन्दुस्तान में बेशुमार धन दौलत, हिरे जवारात और धन धान्य था.

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उस समय भारत में संस्कृत पढ़ाई जाती थी अंग्रेजी तो थी ही नहीं अंग्रेजो ने यहां आकर अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा दिया ताकि हम उनसे उनकी भाषा में बात कर सके.

अंग्रेजो ने भारत पर कब्ज़ा कर भारतीयों की ऐसी दुर्दशा कर दी की भारतीय अग्रेजो की गुलामी कर रहे थे परन्तु भारत माँ ने कुछ ऐसे वीर पुत्र भी जन्मे थे जिन्होंने भारत में क्रांति की लहर उठाकर भारत को क्रांति कारी देश से एक स्वतंत्र देश बनाया.

वैसे तो आजादी की लड़ाई में सम्पूर्ण भारत ने भाग लिया था परन्तु कुछ भारतीय विरो ने अहिंसक आंदोलन से अंग्रेजो को भारत छोड़ने पर विवश कर दिया था.

मंगल पण्डे, गांधी जी, भगत सिंह, चंद्र शेखर आज़ाद, नेता जी शुभाष चंद्र बॉस, सरदार वल्भ भाई पटेल, महिला क्रांतिकारी झाँसी की रानी लक्ष्मी बाई जिन्होंने भारतीय राज्यों को हड़पने की नीति के विरोध स्वरूप अंग्रेजो के खिलाफ युद्ध कि नीति का उद्धोष किया.

इन सभी क्रांतिकारियों का भारत को एक आज़ाद राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण स्थान है इन सभी ने भारत देश को आज़ाद करने के लिए कई बार जेल की हवा खाई, अपना खून बहाया और लड़ते-लड़ते इस देश की मिट्टी के लिए शहीद भी हो गए.

इसे भी पढ़े : भारत का स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त पर निबंध और महत्व

इन सभी की याद में भी दो लाइन कहना चाहूंगा| (देशभक्ति स्लोगन)

  1. अनगिनत क्रांतिकारियों ने लहू देकर दिलाई है स्वतंत्रता
  2. वीर सैनिको ने लहू देकर बचाई है स्वतंत्रता
  3. चार दिनों में नहीं मिली है सदियों की कमाई है स्वतंत्रता
  4. कुर्बानियो पर क़ुरबानी दी तब जाकर हमने पाई है स्वतंत्रता

सम्पूर्ण विश्व मे भारत एक अकेला ऐसा देश है जहा अलग अलग जाती के अलग अलग धर्म के लोग रहते है.

भारत माँ के सपूतों की क़ुरबानी के कारण अंग्रेज तो भारत छोड़ गए लेकिन जात पात को बढ़ावा देकर विवाद उत्पन्न कर गए और अंग्रेजो के भारत से जाने के बाद ही हिन्दुस्तांन पाकिस्तान का बटवारा शुरू हो गया.

एक ही धरती पर जन्म लेने वाले लोग एक दूसरे के साथ दंगा फसाद करने लगे एक दूसरे का खून बहाने लगे उस दौरान 5 लाख से 30 लाख लोग दंगो में मारे गए थे तथा फलस्वरूप भारत व् पाकिस्तान का विभाजन हो गया.

गद्दार थे वो लोग जिन्होंने सरहद पर रेखा खींची है यूही नहीं मिली आजादी शहीदों ने खून से सींचि है|

भारत और पाकिस्तान का बंटवारा (भारत का विभाजन)

15 अगस्त 1947 को आधी रात को भारत और पाकिस्तान क़ानूनी तोर कर दो स्वतंत्र राष्ट्र बने और भारत में बटवारे के बाद भी हिन्दू, मुस्लिंम, सिख अन्य कई धर्म आज भी एक साथ है और सबने साथ मिलकर सन् 1947 से 2017 तक का सफर साथ में खुशी से काटा है.

हम सब ने साथ रहकर आज भी सबको ये साबित किया हुआ है कि भारत आज भी किसी सोने कि चिड़िया से कम नहीं है क्योंकि जहा अलग अलग धर्म अलग अलग जाती के लोग एक साथ रहते हो वहा तो सबकी एकता के अनोखे रंग के सामने सोने का रंग भी फीका है क्योंकि यही एक ऐसा देश है जहा:-

  1. आरती है अजान है
  2. हिन्दू है मुसलमान है

हमे गर्व है इस देश पर की ये हमारा हिदुस्तान है| अमर है हमारा भारत देश, अमर में हम सबके विचार|

आप सभी भारत देशवासियों को हिमांशु ग्रेवाल की तरफ से आजादी की ढ़ेरों शुभकामनायें 🙂 भारत माता की जय, भारत माता की जय, वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्!

धन्यवाद!

»»भारत के महान देशवासियों के लिए देशभक्ति भाषण, स्पीच और कविता

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भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भाषण – 15 अगस्त 1947 पर भाषण और निबंध

भारत के स्वतंत्रता दिवस पर भाषण

15 अगस्त 1947, भारतीय इतिहास का सर्वाधिक भाग्यशाली और महत्वपूर्ण दिन है, जब हमारे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर भारत देश के लिये बहुत समस्या का सामना कर आजादी हासिल की थी.

भारत की आजादी के साथ ही भारतीयों ने अपने पहले प्रधानमंत्री का चुनाव पंडित जवाहर लाल नेहरु के रुप में किया था और तब से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के लाल किले पर हर वर्ष इस दिन तिरंगे झंडे को फहराया जाता है.

आज हर भारतीय इस खास दिन को एक उत्सव के रूप में मनाता है|

ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने की वजह से भारत में स्वतंत्रता दिवस सभी भारतीयों के लिये एक महत्वपूर्णं दिन है। हम इस दिन को हर साल 15 अगस्त 1947 से मना रहे है.

महात्मा गांधी, भगत सिंह, लाला लाजपत राय, तिलक और चन्द्रशेखर आजाद जैसे हजारों देशभक्तों की कुर्बानी से स्वतंत्रत हुआ भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रुप में गिना जाता है.

आजादी के इस पर्व को सभी भारतीय अपने-अपने तरीके से मनाते है, जैसे उत्सव की जगह को सजाना, फिल्में देखकर, अपने घरों पर राष्ट्रीय
झंडे को लगा कर, राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत गाकर, तथा कई सारे सामाजिक क्रियाकलापों में भाग लेकर.

राष्ट्रीय गौरव के इस पर्व को भारत सरकार द्वारा बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराया जाता है और उसके बाद इस उत्सव को और खास बनाने के लिये भारतीय सेनाओं द्वारा परेड, विभिन्न राज्यों की झांकियों की प्रस्तुति और राष्ट्रगान की धुन के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो उठता है.

राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस को इसी उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री मुख्य अतिथी के तौर पर होते है.

कुछ लोग सुबह जल्दी ही तैयार होकर प्रधानमंत्री के भाषण का इंतजार करते है। भारतीय स्वतंत्रता इतिहास से प्रभावित होकर कुछ लोग 15 अगस्त के दिन देशभक्ति से ओतप्रोत फिल्में देखते है साथ ही सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं.

महात्मा गांधी के अहिंसा आंदोलन की वजह से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को खूब मदद मिली और 200 साल के लंबे संघर्ष के बाद ब्रिटिश शासन से आजादी मिली.

स्वतंत्रता के लिये किये गये कड़े संघर्ष ने उत्प्रेरक का काम किया जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपने अधिकारों के लिये हर भारतीय को एक साथ किया, चाहे वो किसी भी धर्म, वर्ग, जाति, संस्कृति या परंपरा को मानने वाले हो.

यहां तक कि अरुणा आसिफ अली, एनी बेसेंट, कमला नेहरु, सरोजिनी नायडु और विजय लक्ष्मी पंडित जैसी महिलाओं ने भी चुल्हा-चौका छोड़कर आजादी की लड़ाई में अपनी महत्वपूर्णं भूमिका अदा की… “धन्यवाद”

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के लिए भाषण ⇓

भारतीय गणतंत्र दिवस⇓

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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