राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण – National Youth Day Speech in Hindi

मै हिमांशु ग्रेवल आप सभी का दिल से अपनी वेबसाइट HimanshuGrewal.com पर हार्दिक स्वागत करता हूँ| मित्रों आज के लिए मैंने आने वाले वर्ष में राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण के बारे में लेख लिखने का निर्णय लिया है.

यदि आपको राष्ट्रीय युवा दिवस से जुड़ी जानकारी नहीं है और आप इससे जुड़ी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो यकीनन ही आपको इस लेख को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ना होगा| तो चलिये लेख के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करना शुरू करते है.

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राष्ट्रीय युवा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है ?

राष्ट्रीय युवा दिवस शब्द से ही आपको अर्थ मालूम हो रहा होगा की यह यकीनन ही युवा से जुड़ा होगा, यदि आपको मालूम ना हो तो मै आपको बताना चाहता हूँ कि, संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्णयानुसार सन् 1985 को “अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष” घोषित किया गया|

इसके महत्त्व का विचार करते हुए भारत सरकार ने घोषणा की कि सन् 1985 से 12 जनवरी यानी स्वामी विवेकानंद जयंती का दिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में देशभर में सर्वत्र मनाया जाए.

शायद अब आपके मस्तिष्क में यह सवाल आ रहा होगा कियुवा दिवस स्वामी विवेकानंद जी के जयंती पर ही क्यों मनाई जाती है ? तो चलिये राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण पढ़ने से पहले हम इसी प्रशन का उत्तर जान लेते हैं.

National Youth Day Information in Hindi

वास्तव में स्वामी विवेकानन्द आधुनिक मानव के आदर्श प्रतिनिधि हैं, विशेषकर भारतीय युवकों के लिए स्वामी विवेकानन्द से बढ़कर दूसरा और कोई भी नेता नहीं हो सकता है| उन्होंने हमें कुछ ऐसी वस्तु दी है जो हममें अपनी उत्तराधिकार के रूप में प्राप्त परम्परा के प्रति एक प्रकार का अभिमान जगा देती है.

स्वामी जी ने जो कुछ भी लिखा है वह हमारे लिए हितकर है और होना ही चाहिए तथा वह आने वाले लम्बे समय तक हमें प्रभावित करता रहेगा|

प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में उन्होंने वर्तमान भारत को दृढ़ रूप से प्रभावित किया है| यकीनन ही भारत की युवा पीढ़ी स्वामी विवेकानन्द से निःसृत होने वाले ज्ञान, प्रेरणा एवं तेज के स्रोत से लाभ उठाएगी.

यदि आप भारत की राजधानी दिल्ली के नागरिक है तो यकीनन ही आपको मालूम होगा की दिल्ली मे वीर नेता स्वामी विवेकानंद जी के नाम पर कई विद्यालय एवं विश्वविद्यालय भी खुले हुये है|

प्रति वर्ष इस दिन देश भर के विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में तरह-तरह के कार्यक्रम होते हैं; रैलियाँ निकाली जाती हैं; योगासन कीस्पर्धाआयोजित की जाती है; पूजा-पाठ होता है; व्याख्यान होते हैं; विवेकानन्द साहित्य की प्रदर्शनी लगती है.

यदि आप अभी छात्र है या आपके बच्चे स्कूल जाते हैं तो यकीनन ही उनके विद्यालय में इस दिन ज़रूर कुछ न कुछ समारोह का आयोजन होता होगा जिसमे बच्चे अपना बढ़ चढ़कर अपना योगदान देते होंगे.

यदि आप भी माता-पिता है तो यह आपका फर्ज़ बनता है कि आप अपने बच्चो को विद्यालय में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करे.

इस लेख के माध्यम से ही सही मै आपको एक बात बताना चाहता हूँ, कई माता पिता का मानना है कि बच्चे का सर्वांगीण विकास सिर्फ पढ़ाई से ही होता है, और यदि आपका भी यही मानना है तो मै आपको बता दूँ कि आपका सोचना बिलकुल ही गलत है|

एक स्कूल अपना कार्यक्रम बच्चो के हर तरह के विकास को मध्य नज़र रखते हुये बनाता है और यही वजह है कि विद्यालय मे आए दिन कुछ
न कुछ प्रतियोगिता होती ही रहती है.

तो चलिये अब मै आपको बता दूँ कि इस लेख मे मै स्पीच को 4 अलग-अलग हिस्सो मे बाट कर अपडेट कर रहा हूँ, जिससे आप अपने बच्चो के उनके कक्षा और बुद्धि के हिसाब से उनको याद करवाएँ, ताकि वो उनको अच्छे से याद कर के भाषण दे सके.

अब मै आपको बताता हूँ कि मै किन-किन कक्षा के लिए कितने-कितने शब्दों का भाषण लिख कर अपडेट करूंगा.

  1. कक्षा 3 के छात्रों के लिए 100 शब्दों का राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण
  2. कक्षा 4 एवं 5 के छात्रों के लिए 300 शब्दों का राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण
  3. कक्षा 7 एवं 8 के छात्रों के लिए 500 शब्दों का राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण

राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण – 12 January Speech in Hindi 100 Words

राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण

सुप्रभात मित्रों एवं शिक्षको, आज मै आप सभी के सामने राष्ट्रीय युवा दिवस पर कुछ शब्द बोलना चाहता हूँ:-

स्वामी विवेकानन्द जी का जन्म सन् 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता के एक रूढ़िवादी हिन्दू परिवार में हुआ था, उनका बचपन का नाम नरेंद्र दत्त था| इनके पिता जी का नाम विश्वनाथ दत्त और माता जी का नाम भुवनेश्वरी देवी था| इन्होने अपनी बचपन की शिक्षा ईश्वर चंद्र विद्यासागर इंस्टीट्यूट से पूरी की थी.

01मई 1897 को रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी| वे बचपन से ही दर्शन, धर्म, इतिहास, सामाजिक विज्ञान, कला और साहित्य सहित विषयो में रुचि थी और इनके गुरु जी का नाम रामकृष्ण परमहंस था.

National Youth Day Speech in Hindi 300 Words

National Youth Day Speech in Hindi

नमस्कार मेरे मित्रों, अध्यापकगण एवं निर्णायक मण्डल| आज मै आप सभी के समक्ष राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्पीच देने के लिए परस्तुत हुया हूँ आशा है आप सभी मेरे भाव ध्यानपूर्वक सुनेंगे.

भारत में, ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी को मनाया जाता है| इस दिन महान भारतीय दार्शनिक, स्वामी विवेकानंद जी का जन्म हुआ था|

भारत सरकार ने 1984 में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में 12 जनवरी की तिथि को घोषित किया और 1985 से हर साल 12 जनवरी को भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है.

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 में कोलकाता (कलकत्ता) में हुआ था| उनका मूल नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था, उनके पिता, विश्वनाथ दत्त कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक वकील थे, उनकी माता भुवनेश्वरी देवी एक ग्रहणी थीं.

स्वामी विवेकानंद ने पैदल ही पूरे भारत की यात्रा की, वो 1893 में शिकागो धर्म संसद में गए और 1896 तक अमेरिका में रहे|

स्वामी विवेकानंद ने 9 दिसंबर 1898 को कलकत्ता के निकट गंगा नदी के किनारे बेलूर में ‘रामकृष्ण मठ’ की स्थापना की| उन्होंने ‘रामकृष्ण मिशन’ की स्थापना की| स्वामी विवेकानंद एक संत व भारत के सच्चे देशभक्त थे| उन्होंने कई विषयों पर अपने बहुमूल्य विचार दिये हैं.

स्वामी विवेकानंद ने योग, राजयोग तथा ज्ञानयोग जैसे ग्रंथों की रचना की| स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं देश की सबसे बड़ी दार्शनिक संपत्ति हैं| इस दार्शनिक गुरु की जन्म तिथि पर युवा दिवस घोषित करने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी में इन पवित्र आदर्शों को पैदा करना है.

सन् 1985 से राष्ट्रीय युवा दिवस के दिन यानिकी 12 जनवरी को प्रतिवर्ष रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय के साथ ही उनकी शाखा केन्द्रों पर स्वामी विवेकानंद के प्रति काफी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है|

विभिन्न स्थानों पर इस दिन मंगल आरती, होम, ध्यान, भक्ति-गीत, धार्मिक प्रवचन और संध्या आरती आदि का आयोजन होता है.

देश की लगभग सभी शिक्षण संस्थाओं में राष्ट्रीय युवा दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है|

धन्यवाद…!

Speech on National Youth Day in Hindi 500 Words – राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण हिंदी भाषा में

राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण - National Youth Day Speech in Hindi

नमस्कार मेरे मित्रों, अध्यापकगण एवं निर्णायक मण्डल| आज मै आप सभी के समक्ष राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण देने के लिए परस्तुत हुया हूँ आशा है आप सभी मेरे भाव ध्यानपूर्वक सुनेंगे.

युगपुरुष, वेदांत दर्शन के पुरोधा, मातृभूमि के उपासक, विरले कर्मयोगी, दरिद्र नारायण मानव सेवक, तूफानी हिन्दू साधु, करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत व प्रेरणापुंज स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता (आधुनिक नाम कोलकाता) में पिता विश्वनाथ दत्त और माता भुवनेश्वरी देवी के घर हुआ था.

दरअसल, यह वो समय था, जब यूरोपीय देशों में भारतीयों व हिन्दू धर्म के लोगों को हीनभावना से देखा जा रहा था व समस्त समाज उस समय दिशाहीन हो चुका था.

भारतीयों पर अंग्रेजीयत हावी हो रही थी तभी स्वामी विवेकानंद ने जन्म लेकर न केवल हिन्दू धर्म को अपना गौरव लौटाया अपितु विश्व फलक पर भारतीय संस्कृति व सभ्यता का परचम भी लहराया|

“नरेन्द्र” से “स्वामी विवेकानंद” बनने का सफर उनके हृदय में उठते सृष्टि व ईश्वर को लेकर सवाल व अपार जिज्ञासाओं का ही साझा परिणाम था|

बचपन में नरेन्द्र का हर किसी से यह सवाल पूछना- “क्या आपने भगवान को देखा है ?”, “क्या आप मुझे भगवान से साक्षात्कार करवा सकते हैं ?” लोग बालक के ऐसे सवालों को सुनकर न केवल मौन हो जाते, अपितु कभी-कभार जोरों से हंसने भी लगते थे| पर नरेन्द्र का सवाल हंसी बौछारों के बाद भी वही रहता- “क्या आपने भगवान को देखा है ?”

समय की करवट के साथ नरेन्द्र, स्वामी रामकृष्ण परमहंस से जा मिले और वही सवाल दोहराते हैं- “क्या आपने भगवान को देखा है ? क्या आप मुझे भगवान के दर्शन करवा सकते हैं ?”

तब उन्हें उत्तर मिलता है- “हां! जरूर क्यूं नहीं।”

रामकृष्ण परमहंस ने नरेन्द्र को माँ काली के दर्शन करवाए और नरेन्द्र ने माँ काली से 3 वरदान मांगे => ज्ञान, भक्ति और वैराग्य|

यहां से ही नरेन्द्र के मन में अंकुरित होता धर्म और समाज परिवर्तन का बीज वटवृक्ष में तब्दील होने लगता है|

स्वामी विवेकानंद देश के कोने-कोने में गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस के आशीर्वाद से धर्म, वेदांत और संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने के लिए निकल पड़ते हैं| इसी श्रृंखला में स्वामी विवेकानंद का राजस्थान भी आना होता है|

यहीं खेतड़ी के महाराजा अजीतसिंह ने उन्हें “विवेकानंद” नाम दिया और सिर पर स्वामिभान की केसरिया पगड़ी पहनाकर अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म परिषद में हिन्दू धर्म व भारतीय संस्कृति का शंखनाद करने के लिए भेजा.

स्वामी विवेकानंद को विश्व धर्म परिषद में पर्याप्त समय नहीं दिया गया| किसी प्रोफेसर की पहचान से अल्प समय के लिए स्वामी विवेकानंद को शून्य पर बोलने के लिए कहा गया|

अपने भाषण के प्रारंभ में जब स्वामी विवेकानंद ने “अमेरिकी भाइयों और बहनों” कहा तो सभा के लोगों के बीच करबद्ध ध्वनि से पूरा सदन गूंज उठा|

उनका भाषण सुनकर विद्वान चकित हो गए| यहां तक कि वहां की मीडिया ने उन्हें “साइक्लॉनिक हिन्दू” का नाम दिया|

स्‍वामी विवेकानन्‍द की मृत्‍यु 39 वर्ष की अवस्‍था में बेलूर मठ में 4 जुलाई 1902 को हो गई थी, और तभी भारत ने अपना एक नेता खो दिया|

अंत मे मै यह ज़रूर बोलना चाहूँगा कि भले ही स्वामी विवेकानन्द आज हमारे बीच नहीं रहे परंतु उनकी कही हुई बाते भारत के भविष्य में हमेशा अमर रहेंगी| ऐसे वीर नेता को मेरा सलाम…धन्यवाद|

अगर आपको स्वामी विवेकानन्द की जीवनी के बारे में अच्छे से पढ़ना है तो आप स्वामी विवेकानन्द का जीवन परिचय वाला लेख पढ़ सकते है.

मै इस लेख का अंत अब यही पर कर रहा हूँ, आशा है यह स्पीच आपके लिए आसान होगी अथवा आपके बच्चों को याद करने में किसी भी तरह कि कोई समस्या नहीं आई होगी.

आपको राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण का यह लेख कैसा लगा कमेंट के मध्यम से बताना बिलकुल भी मत भूलिएगा और यदि आप चाहे तो इस लेख को सोशल मीडिया कि मदद से अपने दोस्तो के साथ या फिर दूर बैठे बच्चे या भाई-बहन के साथ शेयर कर सकते हैं.

अपने ज्ञान के भंडार को और बढ़ाते रहे, यह लेख से आपने क्या सीखा कमेंट के माध्यम से आप हम से शेयर कर सकते हैं|

इस लेख को अंत तक पढ़ने के लिए आप सभी का धन्यवाद| यदि आप मेरी वैबसाइट को रोज़ विसिट करके नये लेख को पढ़ते हैं तो मै आपको बता दूँ कि जल्द ही मै आपके लिए एक नया लेख ज़रूर अपडेट करूंगा.

अगर आपको कोई लेख पढ़ना है और वो जानकारी आपको हमारी वेबसाइट पर नही मिलती तो आप कमेंट के माध्यम से अपना टॉपिक हमे बता सकते हो हम जल्द से जल्द आपके लिए उस विषय पर लेख लिखेंगे.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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