Mother's Day

मेरी प्यारी माँ पर निबंध (हिंदी में भाषण) – 100, 200, 300, 500 अथवा 1000 शब्द

मेरी प्यारी माँ पर निबंध
Written by Himanshu Grewal

मेरी माँ पर निबंध : माँ वह प्राणी है| जो हमे जन्म देती है हमारी जिन्दगी की सबसे पहली गुरु हमारी माँ होती है और हम उसके शिष्य होने के नाते अपनी माँ को कोई गुरु दक्षिणा भी नही दे पाते क्यूंकि माँ का कर्ज एक ऐसा कर्ज है जो हम अपनी पूरी जिन्दगी की कमाई देकर भी अदा  नही कर सकते.

परन्तु हम अपनी माँ को उसकी अच्छाई बताकर उसे उसके माँ रूप से मिलाकर उसे थोड़ी ख़ुशी जरुर दे सकते है.

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लेकिन दोस्तों हम अपनी माँ का कर्ज कभी नही चूका सकते है इसीलिए हमे उनकी कद्र करनी चाहिए क्युकी अगर माँ न होती तो हम न होते और हमे अपनी माँ को हर वो ख़ुशी देने की कोशिश जरुर करनी चाहिये जिससे की हमारी माँ के चहेरे की मुस्कान बनी रहे.

नमस्ते दोस्तों, मैं हिमांशु ग्रेवाल आपका आपकी अपनी वेबसाइट HimanshuGrewal.com पर हार्दिक स्वागत करता हूँ| आज मै आप सबके साथ व्याख्यान का लेख प्रस्तुत करने जा रहा हूँ.

इस व्याख्यान को आप अपने स्कूल व कॉलेज में माँ के उपर भाषण के रूप में भी प्रयोग कर सकते है| विद्यालय में दिए जाने वाले माँ के उपर निबंध आज हम आपको बहुत ही आसान शब्दों में देने जा रहे है.

माँ बिना जिन्दगी वीरान होती है, तनहा सफ़र में हर राह सुनसान होती है जिन्दगी में माँ का होना जरूरी है क्युकी माँ की दुआओं से ही हर मुश्किल आसान होती है.

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जरुर पढ़े : माँ के महत्व पर हिंदी निबंध (मेरी प्यारी माँ)

मेरी माँ पर निबंध (100 शब्द) – Mother Essay in Hindi

Short Mother Essay in Hindi For School Student

माँ एक ऐसा अनमोल रत्न है जिसके बारे में शब्दों में बयाँ करना बहुत कठिन है| कहते है की भगवान् हर किसी के साथ नही रह सकते थे इसलिए उन्होंने माँ जेसे अनमोल रत्न को बनाया.

माँ भगवान के समान होती है| कितना भी पूजा पाठ करलो लेकिन अगर आप अपनी माँ को खुश नही रख सकते तो सब नष्ट है क्युकी माँ उस भगवान् का बनाया हुआ वो अनोखा किस्सा है जिसे आज तक कोई नही समझ पाया.

क्योंकि अगर डांटती वो है तो मनाती भी वो ही है क्युकी अगर मारती वो है तो प्यार भी वही करती है अजीब होती है माँ लेकिन जिसके नसीब में होती है उसकी जिन्दगी खुशनसीब होती है.

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माँ की ममता पर निबंध (200 शब्द) – Maa Ki Mamta Par Essay Hindi Main

Maa Ki Mamta Par Essay Hindi Main

जीवन में माँ का महत्व : माँ वो होती है जो मन की बात को कहने से पहले जान ले, जो हमारी आँखों को अपनी आँखों से देखते ही पहचान ले दर्द हो या ख़ुशी, हमारी हर हरकत को दूर से ही देखकर जान ले| माँ वो अहसास है जो हर किसी को नही मिलता जिसे मिलता है वो खुशकिस्मत होता है.

अगर कोई दुनिया में हमसे बेपनाह प्यार करता है वो हमारी माँ ही होती है जो सिर्फ और सिर्फ हमारे लिए जीती है हमारी हर ख़ुशी में अपनी ख़ुशी मानती है जो हमारी गलतियों को पापा से छुपाकर हमे पापा की डांट से बचाती है हमे भूखा न छोडकर खुद भूकी रह लेती है हमे दो रोटी खिलाकर खुद आधी खा लेती है वो होती है.

माँ एक ममता का आंचल है जो आँचल हमे आने वाले हर तूफ़ान से बचाता है जो हमे उस तूफ़ान से लड़ना सिखाता है जो दुनिया की हर बुरी नज़र से हमे काले टिके की तरह बचाता है.

में क्या तारीफ करू उस माँ की जिसने नो महीने मुझे अपनी कोख में रख कर पाला है जिसने मुझ्रे हर दर्द में संभाला है| अब बस इतना ही कहना चाहूँगा मेरी दुनिया में जितनी भी शोहरत है वो मेरी माँ के बदोलत है.

ओ उपर वाले क्या मांगू में तुझसे क्युकी मेरी माँ मेरी दुनिया की सबसे बड़ी दोलत है.

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माँ पर निबंध (350 शब्द) – Happy Mothers Day Speech in Hindi

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हिंदी में हमारे जीवन में मां के महत्व को समझिये (मेरी माँ पर भाषण) ⇓

हमारे जीवन में माँ सबसे अलग होती है क्युकी माँ की भूमीका सबसे अलग होती है| हमारे जीवन में लोग तो बहुत होते है लेकिन माँ की भूमिका हर कोई अदा नही कर सकता.

माँ सबसे अनमोल होती है माँ का पूरा दिन हमारी जरूरतों को पूरा करने में निकल जाता है जहा माँ अपनी किसी भी जरूरत पर ध्यान नही दे पाती.

हम अपनी माँ से बहुत सारी जरूरतों की मांग करते है जिसके बदले हमारी माँ हमसे कोई भी मांग नही करती है वो हमे अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करती है इतना की हमे दुनिया में और कोई नही कर सकता.

माँ सुबह उठकर हमारे लिए नाश्ता बनाती है और फिर हमे स्कूल छोडकर घर के कामो में लग जाती है और जब तक हम स्कूल से वापस घर पहुचते है तब तक माँ घर के सारे काम निपटाकर हमारे लिए लंच तैयार रखती है फिर हमे खाना खिलाकर हमारा होमवर्क करवाती है.

पता नही हमे इस बिच वो खुद कुछ खाती है या नही खाती है लेकिन हमे जरुर खिलाती है| हमारी यूनिफार्म चमक नही जाती जब तक, तब तक उसे चमकाती है और खुद की चमक को तो भूल ही जाती है.

हम अगर बीमार पड जाए तो रात भर जगती है और माँ तो नाम है उस छत का जो सिर्फ माँ के आंचल में मिल्लती है जो उस घर के आंगन में मिलती है जहा हम पैदा हुए होते है.

कितनी भी कड़ी धुप क्यों न हो माँ हमेशा हमे छाव देती है| जब माँ डाटती है तो लगता है वो प्यार नही करती लेकिन वो प्यार इतना करती है की हमारी हर शेतानी को झेलकर भी हमारे किसी काम को इनकार नही करती.

हमने फरीश्तो का नाम सुना था लेकिन अपनी माँ के रूप में देख भी लिया है| माँ एक सामान्य महिला है लेकिन उस अकेली माँ के सामने हर कोई असामन्य है क्युकी माँ अपने बच्चो की ख़ुशी के आगे अपनी ख़ुशी को कुछ भी नही समझती| वो हमारी हर ख़ुशी में बराबर साथ देती है.

दोस्तों कभी कुछ भी करना लेकिन अपनी माँ का दिल न दुखाना क्युकी माँ भगवान का बनाया गया सबसे अनमोल रत्न है.

(600 शब्द) – Essay on Mother in Hindi For Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12

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जीवन में माँ का महत्व क्या है हिंदी में जानिए ⇓

हर किसी के जीवन में माँ होती है जिनकी नही होती है उनको माँ शब्द की कीमत होती है| माँ की जगह हमारे दिल में कुछ ऐसी होती है जिसे कोई नही ले सकता है चाहे वो कितना भी अपना क्यों ना हो.

जब हम पैदा होते है और बोलना शुरू करते है तो हमारा सबसे पहला बोल माँ ही होता है.

हम छोटे होते है, नाज़ुक होते है, कुछ करने लायक नही होते तो माँ ही होती है जो हमारा हर कार्य को खुद करती है और बिना किसी झिजक के करती है क्युकी वो तो माँ होती है और माँ के अलावा हमारा पालन फोशन कोई नही कर सकता| वो हमे अपनी गोद में बड़ा करती है.

माँ ही हमे इस काबिल इंसान बनाती है की हम दुनिया में जब निकले तो हममे इतनी समझ हो की हम अकेले निकल सके हम इस काबिल हो की हम अपना हर कार्य खुद कर सके.

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माँ इश्वर की तरह हमारी परवरिश करती है यदि इस धरती पर कोई भगवान् को देखना को कहता है तो वह अपनी माँ को देखे क्युकी माँ इस धरती पर भगवान का सबसे सुंदर रूप है.

इस दुनिया माँ के प्यार को किसी भी वस्तु से तोला नही जा सकता यदि हमे लगता है की हमारी माँ हमे किसी काम को करने से रोक रही है तो हमे ये नही समझना चाहिए की हमारी माँ हमे किसी काम को करने से रोक रही है बल्कि वः हमे अच्छे बुरे का फर्क करना सिखाती है.

लेकिन हम उसे गलत समझते है की वह हमे हमारी मन मर्जी करने से रोक रही है| परन्तु हम ये नही जानते की हमारी माँ हमे कभी भी किसी भी मोड़ पर अकेला नही छोड़ेगी किसी भी मुसीबत को हम तक आने से पहले वो उस मुसीबत को खुद ही झेल लेगी.

अगर हमारी माँ हमे डाट भी देती है तो उसमे भी उसका प्यार झलकता है क्योंकि जब हम अपनी माँ से रूठकर उससे बात नही करते तो हमारी माँ हमे मनाती है और माँ जब मनाती है लगता है जन्नत से कोई फरिश्ता आकर हमे मना रहा है.

अगर हम खाना नही खाते है तो प्यार से खाना खाने को बोलती है और हम अगर फिर भी ना खाए तो फिर अपने हाथ से खिलाती है और अगर हम फिर भी न खाए तो फिर तो डंडा लेकर आती है और डरा कर खाना  खिलाती है.

मगर जब तक हम खाना न खाले तब तक उस माँ के कलेजे को ठंडक नही पडती| हमारे मुह में जब तक निवाला नही जाता तब तक हमारी माँ के गले से भी एक भी निवाला नही निकलता है.

उसका हमे कहानियाँ और लोरिया गाकर सुनाकर सुलाना ऐसा पापा भी करते है पापा भी कहानी सुनाते है लेकिन माँ की परियों की कहानी, रानी राजा की कहानी, और एक राजकुमार की कहानी जो सबसे अलग होती है जो माँ के अलावा कोई और नही सुना सकता.

दोस्तों माँ से बढकर इस दूनिया में और कोई नही है क्युकी माँ के बिना जिन्दगी वीरान होती है और माँ के प्यार की ख़ुशी सबसे अलग और अनजान होती है जिसे हर वो बच्चा समझता है जो अपनी माँ से प्यार करता हैं.

एक समय वो भी आता है जब हम खुद ही अपने घर के बटवारे करते है| हम ये जरुर देख लेते है की हमारे हिस्से में कितनी दोलत कितनी शोहरत आएगी लेकिन कोई ये नही सोचता की माँ किसके हिस्से में आयेगी.

माँ जिसके हिस्से में आ जाती है उससे बड़ी दोलत किसी के पास नही होती क्युकी माँ भी हर किसी के नसीब में नही होती.

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माँ पर निबंध (800 शब्द) – Heart Touching Speech on Mother in Hindi

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मेरी माँ जिसने मुझे चलना सिखाया माँ जिसके साथ मेने अपना पहला कदम उठाया जिसने मुझे खुद पर भरोसा करना सिखाया वो कोई और नही मेरी माँ है.

जब भी में घबराता हूँ मेरी माँ मुझे प्रोत्साहित करती है वो कभी मुझे हार की और नही जाने देती, वो हमेशा मुझे आगे बढने के लिए प्रोत्साहित करती है.

मेरी माँ कहती है की तू घबराया न कर ‘तेरी माँ अभी जिन्दा है’| अगर पापा मुझे डाट लगाते है तो मम्मी पापा की डाट लगा देती है लेकिन हमे डाटने नही देती.

जब मै कोई भी एग्जाम देने जाता हूँ या मै जब भी कही बाहार जाता हूँ तो मेरी माँ मुझे टिका लगाती है, कुछ मीठा खिलाती है ताकि में जिस भी कार्य के लिए जा रहा हूँ वो सफल जरुर हो.

माँ की भूमिका को परिभाषित नही किया जा सकता क्योंकि जो भूमिका हमारी माँ हमारी जिन्दगी में निभाती है वो भूमिका कोई लाख कोशिश करने पर भी नही निभा सकता| माँ की ममता का महत्व की कद्र उसको सबसे ज्यादा होती है.

जिसकी माँ नही होती कोई उनसे पुछ कर तो देखे की माँ किसे कहते है ?

माँ एक माँ होने के साथ साथ एक बहन, एक बेटी एक बहु एक पत्नी और ना जाने दादी नानी कितने रिश्तो को एकेले संभालती है.

डाट फटकार कर भी जो बेहिसाब प्यार करे वो होती है माँ| हम जितनी भी क्रियाये करते है हम जो भी सीखते है सब अपनी माँ के द्वारा ही सीखते है क्युकी हमारी माँ हमारी सबसे पहली गुरु होती है जो हमे जीवन जीने का पाठ पढाती है.

हमारे हर संस्कार, हर आदर्श हमे हमारी माँ से ही मिलते है| में खुद को अपनी माँ के नाम करता हूँ जिन्होंने की जिन्दगी ओलाद पे निसार उस माँ को सलाम करता हूँ.

जब मेरी माँ मेरे सर पर हाथ फेरती है तो हिम्मत मिल जाती है और जब मेरी माँ मेरी और देखकर मुस्कुरा देती है तब तो जन्नत ही मिल जाती है.

माँ अपने बच्चो को जेसे तेसे पाल ही लेती है लेकिन तिन चार बच्चो से एक माँ नही पाली जाती| माँ हमेशा यही सोचती है की मेरे बच्चो को किसी चीज की कमी न हो लेकिन बच्चे कभी ये नही सोचते की माँ को भी किसी चीज की जरूरत पड सकती है.

दोस्तों अपनी माँ को खुश रखा करो क्युकी माँ की दुआ कभी खाली नही जाती| हम अगर कामयाब हो जाते है तो हमे लगता है की अपने बहुत महनत की है लेकिन कंही हम इस बार पर ध्यान नही देते की हमारी माँ हमारे साथ कितनी महनत करती है.

हम जो भी है वो हमारे माँ बाप की महनत से ही है| हमारा वजूद जो भी है वो हमारे माँ बाप के वजूद से ही है.

अगर हमे तकलीफ होती है तो हमारी माँ इतनी परेशान हो जाती है की जब तक हम वापस ठीक न हो जाये तब तक हमारी माँ चैन नही लेती.

मेरी माँ मुझ तक कोई परेशानी आने ही नही देती क्युकी उसकी दुआए इतनी मजबूत है जो मुझपर आने वाली हर परेशानी को पहले से ही दूर कर देती है.

इसलिए मेरे दोस्तों कभी भी अपनी माँ पर गुस्सा मत करना क्युकी माँ की दुआए हमे हर मुसीबत से बचाती है| जब तक माँ साथ रहती है तब तक हम किसी भी चीज से घबराते नही ऐसा लगता है हमारे पास सब कुछ है लेकिन जिस दिन माँ हमसे अलग होती है ऐसा लगता है दुनिया खतम हो गयी हो.

माँ के अलावा और कोई हो ही न जब माँ रहती है तो हम किसी राजकुमार से कम नही होते क्युकी माँ की गोद उस सिंहासन जेसी होती है जिसपर कोई राजा ही बेठता हो और हम अपनी माँ की गोद बैठकर किसी शहजादे से कम नही होते.

में मन्दिर नही जाया करता दोस्तों क्युकी मेरा भगवान् तो मेरे घर में ही रहता है| मेरा भगवान मेरी माँ है|

क्या कोई गंगा नहाये क्या कोई कितने भी तीर्थ धाम घुमले लेकिन माँ के पेरो को स्पर्श करके जो आनंद मिलता है वो पूरी दुनिया के किसी मन्दिर में नही.

मेरे मन्दिर मेरी माँ का घर है जिस घर में भगवान रूपी मेरी माँ रहती है मेरी माँ कहती है “कभी मन्दिर भी हो आया कर” “कभी पूजा भी कर लिया कर”

अब में कैसे समझाऊ अपनी माँ को की मेरा मन्दिर तो घर में ही है और मेरा भगवान मेरी माँ ही है| अब और क्या लिखू में माँ के बारे में बस इतना ही कह सकता हूँ की मेरी माँ ने ही मुझे लिखा है.

आज हमने आपको माँ पर निबंध दिए है यदि आपको स्कूल या कॉलेज में स्पीच बोलने को दी जाये तो आप यह निबंध स्पीच (भाषण) के रूप में भी बोल सकते है.

मुझे नही पता की आपको यह लेख कैसा लगा| पर मुझे यह लेख लिखते हुए बहुत ख़ुशी हुई| अगर आपको लेख पसंद आया हो तो अपनी माँ के लिए नीचे दिए गये कमेंट बॉक्स में 2, 3 शब्द लिखे जिससे उनको प्रसंता मिले और जितना हो सके माँ के इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर करें| “धन्यवाद”

माँ के दिल को छूने वाले लेख⇓

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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