जीवनी

महात्मा गांधी का जीवन परिचय व उनके द्वारा किये हुए संघर्ष

महात्मा गांधी का जीवन परिचय
Written by Himanshu Grewal

आज मै भारत के बापू यानिकी महात्मा गांधी का जीवन परिचय पर आपके लिए एक लेख अपडेट करने जा रहा हूँ.

प्रिय भाइयो और बहनों यह बात हम सभी जानते हैं कि जैसे आज भारत का बच्चा-बच्चा जानता है कि नरेन्द्र मोदी कौन है ? ठीक उसी तरह आज आज़ादी के 72वर्ष बाद भी भारत के सभी नागरिको को महात्मा गांधी के बारे में पता है और आगे आने वाली पीढ़ी को भी उनके बारे में ज़रूर बताया जायेगा.

जब हम प्राइमरी स्कूल में थे तभी से हमने गांधी जी के बारे जानना शुरू कर दिया था, फिर जैसे-जैसे हम बड़े होते गये अपनी किताबो के माध्यम से हमे उनके बारे में विशेष जानकारी प्राप्त हुई.

अक्सर स्कूल में, कॉलेज में और कई बार तो बड़े-बड़े सरकारी नौकरी के निबंध लेखन के परीक्षा में भारत के वीर स्वतंत्रता सेनानी में से एक महात्मा गांधी जी के ऊपर लेख लिखने को ज़रूर आता है.

उन सभी चीजों को मध्य नज़र रखते हुए मै ये लेख आपके लिए लिख रहा हूँ, आप चाहे तो इस लेख का इस्तेमाल वहाँ कर सकते हैं.

महात्मा गांधी की जीवनी शुरू करने से पहले कुछ बाते हैं जो मैं आपको बताना चाहता हूँ-

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तो चलिए, बिना वक़्त जाया किए, पढाना शुरू करते हैं| महात्मा गांधी का जीवन परिचय के इस लेख को|

जरुर पढ़े ⇓

महात्मा गांधी का जीवन परिचय हिंदी में

Name / नाम :मोहनदास करमचन्द महात्मा गांधी
Father / पिता :करमचंद गांधी
Mother / माता :पुतली बाई
Born / जन्म दिवस :2 अक्टूबर 1869
Place / जन्मस्थान :पोरबंदर, गुजरात, ब्रिटिश इंडिया
Wife / पत्नी :कस्तूरबा गांधी
Child / बच्चे :हरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास
Death / मृत्यु :30 जनवरी 1948
Achievements :भारत की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान, उनके द्वारा चलाये गए आन्दोलनों : भारत छोडो आन्दोलन, स्वदेशी आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन इत्यादि

इन सभी आन्दोलन में भारत की स्वतंत्रता में मुख्य भुमिका निभायी.

Biography Of Mahatma Gandhi in Hindi

इस लेख में आप भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जीवन परिचय के बारे में पढ़ रहे हैं, तो जायज़ सी बात है कि हम उनके प्रारंभिक जीवन से शुरू करेंगे और उनकी हत्या तक की पूरी जानकारी इस लेख में देंगे.

महात्मा गांधी जी का जन्म एवं प्रारंभिक जीवन ⇒ मोहन दास का जन्म गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था|

गांधी जी के पिता श्री करमचंद्र गांधी काठियावाड की एक छोटी सी विरासत पोरबंदर के दीवान (प्रधानमंत्री) थे|

इनकी माता पुतली बाई उनके पिता की चौथी पत्नी थी| गांधी जी शुरु से ही माता – पिता के प्रति बहुत स्नेह रखते थे|

महात्मा गांधी की शिक्षा एवं विवाह – Mahatma Gandhi Biography in Hindi

महात्मा गांधी की प्राथमिक शिक्षा काठियावाड़ से ही हुयी| उसके बाद उन्होंने राजकोट से हाई स्कूल की परीक्षा पास की|

गाँधी जी बचपन से ही थोड़े संकोची, आज्ञाकारी, एवं सदैव बड़ों का मान – सम्मान करने वाले इंसान थे|

मैट्रिक के बाद उन्होंने अपनी पढाई शामलदास कॉलेज से पूरी की|

महात्मा गांधी की आत्मकथा के अनुसार वे पढाई- लिखाई में औसत थे| बालपन की 14 वर्ष की उम्र में महात्मा गांधी का विवाह कस्तूरबाई
माखनजी कपाडिया के साथ हो गया|

गांधी जी ने अपनी पत्नी का नाम छोटा करके कस्तूरबा कर दिया और उन्हें प्यार से बा कहकर बुलाते थे|

15 वर्ष की उम्र में मोहनदास एवं कस्तूरबा गांधी को पहली संतान हुई, परन्तु वह कुछ ही दिन तक जीवित रही और इसी साल उनके पिता करमचंद गांधी का भी निधन हो गया| उसके बाद मोहनदास एवं कस्तूरबा को चार संताने हुई.

महात्मा गांधी के बच्चों के नाम

  1. हरिलाल गांधी 1888
  2. मणिलाल गांधी 1892
  3. राम दास गांधी 1897
  4. देवदास गांधी का जन्म 1900 में हुआ|

19 वर्ष की उम्र में 1888 को गांधी जी कानून की पढ़ाई के लिए लन्दन चले गए| लन्दन से बैरिस्टर की डिग्री हासिल करने के बाद गांधीजी इंडिया वापस आकर वकालत की प्रेक्टिश करने लगे, परन्तु उन्हें इस काम में बहुत अधिक सफलता नहीं मिली.

महात्मा गांधी की दक्षिण – अफ्रीका यात्रा – Mahatma Gandhi History in Hindi

तभी दक्षिण अफ्रीका स्थित एक कंपनी ने उन्हें कानूनी सलाहकार के पद के लिए प्रस्ताव दिया, प्रस्ताव को स्वीकार कर गांधी जी अफ्रीका के लिए रवाना हो गये|

अफ्रीका में रहकर गांधीजी ने वहां के लोगों के लिए बहुत सी कानूनी लड़ाई लड़ी| एवं दक्षिण अफ्रीका में रहते हुए महात्मा गांधी को रंग भेद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, एक बार जब उन्हें ट्रेन के स्पेशल कम्पार्टमेंट में बैठने पर बेज्जत कर नीचे उतार दिया गया था.

इस तरह के रंग भेद और अन्याय ने महात्मा गांधी को झकझोर कर रख दिया और उन्होंने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प किया|

उसके बाद गांधी जी ने वहां हो रहे रंग भेद का विरोध किया, जिस वजह से उन्हें बड़ी मुशिबतों का सामना करना पड़ा| लेकिन वे इस सब से डरे नहीं बल्कि अफ्रीका में रह रहे हिन्दुस्तानियों को सम्मान दिलाने के लिए और तेजी से सक्रीय हो गए.

वहां पर लोगों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ “अवज्ञा आन्दोलन भी चलाया (Disobedience Movement)” जो कि अपने मकसद में काफी सफल रहा.

महात्मा गांधी के अनमोल विचार – महात्मा गांधी का भारत आगमन

सन् 1915 को गांधी जी दक्षिण अफ्रीका छोड़कर भारत लौट आये| उस समय पूरा भारत वर्ष अंग्रेजो के द्वारा हो रहे अत्याचार से सुलग रहा था|

अंग्रेजी हुकूमत के द्वारा हो रहे अत्याचार और शोषण से भारत की आम जनता गरीबी और भुखमरी से तड़प रही थी|

जमीदारों द्वारा अंग्रेजों की सह पाकर गरीब जनता पर जुर्म किया जा रहा था एवं आवाज उठाने पर निर्दयता के साथ उनका दमन कर दिया जाता था| ऐसे में गांधी जी ने अंग्रेजी हुकुमत से मुकाबला करने के लिए स्वतंत्रता संग्राम में खुद को घुसाया.

महात्मा गांधी जी के द्वारा किये गए प्रमुख आन्दोलन – महात्मा गांधी का जीवन परिचय

पारण और खेडा सत्याग्रह आन्दोलन चम्पारण और खेडा में अंग्रेजी हुकूमत का संरक्षण पाकर जमीदार गरीब किसानों का शोषण कर रहे थे|

किसानों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ गांधी जी ने सत्याग्रह किया, उस सत्याग्रह की वजह से गांधी जी को गिरफ्तार कर, वह जगह छोड़ने का आदेश दिया गया| परन्तु बाद में लाखों लोगों के सड़क पर आने से ब्रिटिश सरकार को उन्हें बिना किसी शर्त पर छोड़ना पड़ा.

चम्पारण एवं खेडा के उस सफल सत्याग्रह के बाद जिसमें गांधी जी ने गरीब किसानों को जमीदारों के जुर्म से मुक्ति दिलाई, जिस वजह से महात्मा गांधी का स्तर काफी ऊँचा हो गया| तथा आम लोगो के प्रति उनके निस्वार्थ सेवा – भाव से लोगो के बीच उनकी एक अलग छवि बन
गयी.

गांधी जी ने हिंसा से अलग हटकर, असहयोग तथा अहिंसा के मार्ग को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का माध्यम चुना| हालाँकि शुरुवात में बहुत से लोग गांधी जी के अहिंसावादी विचारों से सहमत नहीं थे| क्योंकि लोगों को लगता था, कि अंग्रेज सरकार की क्रूर नीतियों के खिलाफ अहिंसा से निपटना कारगर नहीं होगा.

परन्तु बाद में लोग न केवल उनके विचारों से सहमत हुए बल्कि अधिकाधिक लोग उनके समर्थन में आगे आये| महात्मा गांधी के स्वतंत्रता संग्राम में आने से पूरे भारत में उम्मीद की एक लहर दौड़ गयी| क्योंकि अभी तक किसी को भी इतनी भारी तादात में लोगों का समर्थन नहीं मिला था.

नमक सत्याग्रह आन्दोलन – History Of Mahatma Gandhi in Hindi

नमक सत्याग्रह गांधी जी के द्वारा चलाये गए महत्वपूर्ण आंदोलनों में से एक था| उस समय ब्रिटिश सरकार देशवासियों को रोज इस्तेमाल होने वाले नमक को बनाने का भी अधिकार नहीं दिया एवं हमारे देशवासियों को इंग्लैंड से आने वाले नमक के लिये, उसके वास्तविक मुल्य से कई गुना ज्यादा पैसे चुकाना पड़ता था.

ब्रिटिश सरकार के इस कृत्य की खिलाफत करने के लिए 12 मार्च 1930 को गांधी जी ने साबरमती आश्रम से चलकर 24 दिन की यात्रा के बाद दांडी पहुंचकर नमक बनाकर क़ानून तोडा|

इसके बाद जो हुआ उसने अंग्रेज सरकार की बुनियाद हिलाकर रख दी, गांधी जी गिरफ्तारी के बाद पूरे देश में लोगों ने नमक बनाने का बीड़ा उठा लिया और इस वजह से बहुत सारे लोगों को गिरफ्तार किया गया.

पूरे देश के लोगों ने एकजुट होकर ब्रिटिश सरकार के खिलफ सडको पर उतर आये, जिसने अंग्रेज सरकार की रातों की नींद उड़ा दी|

गांधी जी के आगे बढ़कर नेतृत्व करने की वजह से देश में इसके खिलाफ लहर सी दौड़ गयी.

भारत छोड़ो आन्दोलन – Information About Quit India Movement in Hindi

द्वतीय विश्व युद्ध के समय गांधी जी अग्रेजों को अहिन्सात्मक नैतिक सहयोग देने के पक्ष में थे| किन्तु कांग्रेस के नेताओं के विरोध की वजह से बाद में गांधी जी ने ये घोषणा की कि इस युद्ध में भारत किसी भी पार्टी का सहयोग नहीं करेगा|

जैसे जैसे द्वतीय विश्व युद्ध बढ़ता गया, गांधी जी ने आजादी के लिए अपनी मांग “भारत छोडो आंदोंलन” नामक आन्दोलन तीव्र कर दिया.

भारत छोडो आन्दोलन धीरे-धीरे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से संघर्ष का सबसे बड़ा आन्दोलन बन गया| इस आन्दोलन में हजारों की तादात में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मारे गए और बहुत बड़ी संख्या में लोग घायल हुए, एवं हजारों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की गिरफ्तारी हुए और अंग्रेजी सरकार ने गांधी जी को भी गिरफ्तार कर लिया.

गांधी जी के लिए कारावास का यह समय काफी मुश्किल भरा रहा| कारावास के समय एक ओर जहाँ उनकी धर्म – पत्नी कस्तूरबा गांधी का देहांत हो गया वहीं दूसरी और उनके निजी सचिव महादेव देसाई का दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गयी.

परन्तु अंत में जीत महात्मा गांधी के साथ भारतवासियों की हुई और अंत में अंग्रेजो को भारत छोर जाना ही पड़ा, और तब हमारा देश – भारत के स्वतंत्र देश बना| उसी दिन से प्रति वर्ष हम 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने लगे.

महात्मा गांधी जी की हत्या कैसे हुई ? – Death Of Mahatma Gandhi in Hindi

30 जनवरी सन् 1948 को नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर महात्मा गांधी की हत्या कर दी गयी|

इस वजह से नाथू राम गोडसे को फांसी की सजा दी गयी| गांधी जी को तीन गोलियां मारी गयी थी, अंतिम समय उनके मुख से निकले शब्द “हे राम” थे|

उनकी मृत्यु के बाद नई दिल्ली के राजघाट पर उनका समाधी स्थल बनाया गया| भारत की स्वतंत्रता के नायक महात्मा गांधी की मृत्यु पर पूरे देश ने शोक मनाया.

वह एक ऐसे महान नेता थे, जो बिना किसी अस्त्र-शस्त्र के ही अंग्रेज सरकार को देश से बाहर निकाल दिया| उन्होंने अपना पूरा जीवन देश कल्याण के लिए समर्पित कर दिया|

अपने कार्यों, विचारों एवं अनुशासन की वजह से उनका जीवन पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का श्रोत हैं|

ऐसे महान नेता को हम सभी भारतवासियों को एक सलाम है| जय हिन्द..!

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जीवन परिचय ⇓

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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