भारत का स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त 2018 पर निबंध और महत्व

भारत का स्वतंत्रता दिवस प्रतिवर्ष 15 अगस्त के दिन भारत में स्वतंत्रता दिवसके रूप में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. 15 अगस्त का त्यौहार सभी भारतियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है. यह भारत का राष्टीय पर्व है.

200 साल तक ब्रिटिश साम्राज्य की गुलामी के पश्चात आज के ही दिन 15 अगस्त 1947 को भारत देश आजाद हुआ था. इस दिन भारत के प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले में प्रतिवर्ष ध्वजारोहण करते है.

हालाँकि ब्रिटिश साम्राज्य से भारत को आजादी दिलाना बहुत कठिन था; लेकिन भारत में कई ऐसे महान लोग और स्वतंत्रता सेनानियों थे जिसके कारण असम्भव कार्य संभव हो पाया.

उन्होंने न अपना सुख देखा न आराम, बस भारत देश और भावी पीढ़ी को आजादी दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन बलिदान कर दिया.

काफी सारे आन्दोलन करने और बलिदान देने के बाद 15 अगस्त, 1947 को भारत देश आजाद हुआ. आजादी के बाद ही पाकिस्तान अलग बँट गया जो कि हिंसात्मक दंगों को साथ लाया था.

सर्वप्रथम भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के द्वारा 15 अगस्त, 1947 को लाल किले के लाहौरी गेट के ऊपर भारत का तिरंगा (राष्ट्रीय ध्वज) फेहराया गया था.

भारत का स्वतंत्रता दिवस के तिरंगे के रंग का मतलब

Independence Day Flag Image

भारत के राट्रीय ध्वज की भी अपनी एक खास विशेषता है| भारत का तिरंगा तीन रंगों की पट्टियों से मिलकर बना हुआ है| हर रंग का अपना-अपना एक विशेष महत्व है.

  1. भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज की जो सबसे उपरी पट्टी है वो केसरिया रंग की है जोकि भारत देश की शक्ति और साहस को प्रदर्शित करता है.
  2. ध्वज के बीच में सफ़ेद रंग है जो शांति और सत्य को दर्शाता है.
  3. आखिरी सबसे नीचे हरा रंग है जो वृधि और भूमि की पवित्रता को संबोधित करता है.

राष्ट्रीय ध्वज का महत्व

बीच में सफ़ेद रंग के ऊपर एक अशोक चक्र है जिसको विधि का चक्र भी कहते हैं जो सारनाथ के शेर के स्तम्भ से लिया गया है, जिसका निर्माण अशोक ने करवाया था. इसमें 24 तीलिया है जो नीले रंग की है.

भारतीय स्वतंत्रता दिवस का इतिहास (Independence day History in Hindi)

Independence day History in Hindi

1757 ई. की प्लासी की लड़ाई और 1764 ई. का बक्सर का युद्ध भारतीयों द्वारा हार जाने के बाद अंग्रेजो ने बंगाल पर ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कंपनी द्वारा अपने शासन शिकंजा कसा. अपने शासन को और मजबूत करने के लिए अंग्रेजो ने कई नियम (एक्ट) बनाये.

भारतीयों द्वारा 1857 ई. में महान क्रांति की शुरुआत हुई| इसकी शुरुआत 10 मई 1857 ई. में मेरठ से हुई. माना जाता है की 1857 का जो विद्रोह था वो बहुत बड़ा विद्रोह था.

1858 ई. में भारत का शासन कंपनी के हाथो से छिनकर ब्रिटिश क्राउन अर्थात ब्रिटेन की राजशाही के हाथो सोप दिया गया था. इसके अतिरिक्त महात्मा गाँधी द्वारा अहिंसक आन्दोलन (सविनय अवज्ञान्दोलन) की शुरुआत भी हुई थी.

इसी बीच भारतीय जनता धीरे-धीरे अपना विकास कर रहे थे और इसके परिणामस्वरूप 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (आई० एन० सी०) का निर्माण हुआ.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा 1929 को पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई. 1947 में प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली ने यह घोषणा की कि 1948 में ब्रिटिश सरकार भारत को पूर्ण स्वतंत्रता का अधिकार सोपेगी.

1947 ई. के भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के अनुसार भारत को दो अधिराज्यो में बाटा गया (भारत तथा पाकिस्तान). देश को बाँटने के बाद महात्मा गाँधी की मदद से भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु बने.

भारत देश की स्वतंत्रता के लिए अनैको वीरो ने देश के प्रति अपना बलिदान दिया. महात्मा गाँधी जैसे कई भारतीय देशभक्तों के नेतृत्व में लोगो ने अहिंसक प्रतिरोध और आन्दोलनों में बड चढ़ कर हिस्सा लिया.

स्वतंत्रता के बाद भारत को दो भागो में बट गया जिससे भारत तथा पाकिस्तान नामक दो नए देशो का उदय हुआ. भारत विभाजन के बाद अनेक दंगे, हिंसा और अनेक प्रकार की बहुत सारी घटनाये हुई जिससे बड़ी संख्या में लोगो का विस्थापन हुआ.

अधिक मात्रा में जितने भी मुस्लिम धर्म के लोग थे वे पाकिस्तान चले गये और जितने भी हिन्दू एवम् सिख धर्म के लोग थे वह भारत आ गये.

भारत का स्वतंत्रता दिवस के प्रमुख वचन तथा नारे

भारत का स्वतंत्रता दिवस का अपना अलग ही एक खास महत्व होता है. भारत देश की स्वतंत्रता के लिए लाखो वीरो ने और अनेक क्रांतिकारीयो ने अपना सहयोग दिया. उनके कुछ नारे तथ वचन इस प्रकार है.

भारतीय देशभक्ति नारे और वचन

  1. इन्कलाब जिंदाबाद ⇒ भगत सिंह
  2. दिल्ली चलो ⇒ सुभास चन्द्र बोस
  3. करो या मरो ⇒ महात्मा गाँधी
  4. जय हिन्द ⇒ सुभास चन्द्र बोस
  5. आराम हराम है ⇒ पंडित जवाहरलाल नेहरु
  6. सारे जहा से अच्छा हिन्दुसता हमारा ⇒ इकबाल
  7. साइमन कमीशन वापस जाओ ⇒ लाला लाजपत राय
  8. भारत छोड़ो ⇒ महात्मा गाँधी
  9. तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा ⇒ सुभास चन्द्र बोस
  10. सरफरोशी की तम्मना अब हमारे दिल में है ⇒ राम प्रसाद बिस्मिल
  11. वन्दे मातरम ⇒ बकिमचंद्र चटर्जी
  12. विजय विश्व तिरंगा प्यारा ⇒ श्याम लाल गुप्ता पार्षद
  13. जन-गण-मन अधिनायक जय है ⇒ रविन्द्र नाथ ठाकुर
  14. कर मत दो ⇒ सरदार वल्लभ भाई पटेल
  15. जय जवान, जय किसान ⇒ लाल बहादुर शास्त्री
  16. हे राम ⇒ महात्मा गाँधी
  17. मारो फिरंगी को ⇒ मंगल पांडे
भारत का स्वतंत्रता दिवस का महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस का महत्व

भारत में 15 अगस्त के दिन स्वतंत्रता दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले ही देश के राष्ट्रपति द्वारा शाम के समय भाषण पेश किया जाता है.

अगले दिन भारत के प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण किया जाता है. साथ ही 21 तोपों की सलामी भी दी जाती है. फिर सभी लोग राष्ट्रगान गाते है.

भारत के लोग स्वतंत्रता दिवस को बड़े ही हर्ष के साथ मानाते है और अपने देश के वीरो को याद करते है जिन्होंने भारत देश को आजाद कराने में अपने प्राणों की आहुति दी.

स्वतंत्रता दिवस स्कूलों, कॉलेज और विभिन्न संस्थाओ में बड़े ही उत्साह के साथ मानते है. स्कूल में बच्चे अनेक प्रकार के संस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते है.

15 अगस्त के दिन पतंग उड़ाने का भी अपना ही एक अलग महत्व है| भिन्न-भिन्न प्रकार और स्टाइलिश पतंगों से भारतीय आकाश भर जाता है| इनमें से कुछ पतंगे तिरंगे के रंग की भी होती है जो भारतीय राष्टीय ध्वज को प्रदर्शित करती है.

स्वतंत्रता दिवस को हम भारत की आजादी को याद करने के लिए मानते है तथा उन वीरो को याद करने के लिए मानते है जिन्होंने देश को आजाद कराने में अपना योगदान दिया.

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16 Comments

  1. rohit July 23, 2017
    • Himanshu Grewal July 23, 2017
  2. Harshita kashyap July 26, 2017
  3. Harshita grewal July 27, 2017
  4. Anuj August 13, 2017
    • Himanshu Grewal August 13, 2017
  5. Shailesh August 18, 2017
  6. Suraj August 1, 2018
    • Himanshu Grewal August 2, 2018
  7. shailendra kumar August 11, 2018
    • Himanshu Grewal August 12, 2018
  8. Smrutirekha behera August 12, 2018
  9. Hitesh August 14, 2018
  10. Jatinder singh August 14, 2018
  11. Sam September 15, 2018

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