भारतीय गणतंत्र दिवस का इतिहास – 26 जनवरी पर निबंध और महत्व

प्रिय भारतीयों और भारत के बाहर रहने वाले सभी लोगों का HimanshuGrewal.com पर बहुत बहुत अभिनन्दन है। आज के इस लेख में मै आपके साथ भारतीय गणतंत्र दिवस के ऊपर कुछ विशेष जानकारी शेयर करूँगा.

प्रिय मित्रों यदि आप किसी स्कूल या कॉलेज के छात्र है तो इस लेख को आप याद करके आने वाले गणतंत्र दिवस के दिन अपने स्कूल में या कॉलेज में भारतीय गणतंत्र दिवस पर भाषण के रूप में बोल सकते है.

तो चलिए दोस्तों शुरू करते हैं आज के इस लेख को – जहाँ आपको भारत का राष्ट्रीय त्योहार गणतंत्र दिवस के बारे में जानने को मिलेगा|

आईये जानते है की 26 जनवरी गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है | शुरुआत करने से पहले मै इस प्यारे भारतीय त्यौहार के ऊपर 2 सुंदर शब्द बोलना चाहता हूँ जो इस प्रकार से है-

“शहीदों की चिताओ पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालो का यही बाकी निशाँ होगा”||

भारतीय गणतंत्र दिवस – Essay on Republic Day in Hindi

मेरे प्यारे देशवासियों, यह बात तो आप सभी जानते ही होंगे की विश्व के हर देश में अनेक पर्व मनाए जाते हैं, जिनमे कुछ राष्ट्रीय त्यौहार होते हैं और कुछ सांस्कृतिक त्यौहार|

मै आपको बता दूं कि गणतंत्र दिवस भारत के प्रमुख राष्ट्रीय त्योहारों में से ही एक त्योहार है, और इस त्यौहार को प्रत्येक जाती, धर्म तथा सम्प्रदाय के लोग एक साथ मिल के मनाते हैं.

चलिए अब हम अपने देश के बच्चों को गणतंत्र दिवस से जुड़े इतिहास से अवगत कराते है की आखिर गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है ?

जरुर पढ़े » 6 ऐसी बातें जो 26 जनवरी को बनाती है खास

26 January Republic Day Essay in Hindi

हमारी मातृभूमि भारत काफी लंबे समय तक ब्रिटीश शासन की गुलाम रही, जिस दौरान भारतीय लोग ब्रिटीश शासन द्वारा बनाये गये कानूनों को मानने के लिये मजबूर थे.

भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा लंबे संघर्ष के बाद अंतत: 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली और हमारा देश भारत स्वतंत्र हो गया|

जिस तरह 15 अगस्त का दिन हम भारतवासियों के लिए बहुत खास है, ठीक उसी प्रकार 26 जनवरी का दिन भी हमारे लिए बहुत ही ज्यादा खास होता है, और इसकी वजह है ⇓

26 जनवरी गणतंत्र दिवस का महत्व और निबंध – भारतीय गणतंत्र दिवस पर निबंध

15 अगस्त, 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, परन्तु 26 जनवरी, 1950 को यह देश गणतंत्र बना, ओर यही वजह है की उस दिन से हम हर साल 26 जनवरी का दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं.

अंग्रेजों से मुक्त होने के लगभग 2 साल 11 महीने और 18 दिनों के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान लागू किया और खुद को लोकतांत्रिक गणराज्य के रुप में घोषित किया.

26 जनवरी को स्वतंत्र भारत का सविधान लागू हुआ और सिर्फ इतना ही नहीं उस दिन हमारे देश के डॉ राजेन्द्र प्रसाद प्रथम राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किए गए.

चलिए अब हम जानते हैं की भारतीय गणतंत्र दिवस का इतिहास क्या है –

भाषण ⇓

Gantantra Diwas Republic Day History in Hindi – भारत के गणतंत्र दिवस पर निबंध

Gantantra Diwas Republic Day History in Hindi

26 जनवरी, 1930 को जब भारत अंग्रेज़ों का गुलाम था तब रावी नदी के तट पर पंडित जवाहरलाल नेहरू (भारत के प्रथम प्रधानमंत्री) जी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज प्राप्ति का प्रस्ताव अंग्रेज़ो को पास किया, जिससे अंग्रेज सरकार बौखला उठी थी.

फिर ब्रिटिश सरकार ने भारत देश-भक्तो पर अत्याचार करना शुरू कर दिए, पर अंत में उन्हें झुकना पड़ा| और स्वतंत्र प्राप्ति के बाद 26 जनवरी, 1950 को देश का सविधान लागू हुआ.

चलिए आइये हम अब जानते हैं की भारत में गणतंत्र दिवस किस तरह से मनाया जाता है-

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भारत में गणतंत्र दिवस कब मनाया जाता है ? – How We Celebrate Republic Day in School in Hindi

How We Celebrate Republic Day in School in Hindi

जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया की 26 जनवरी गणतंत्र दिवस भारत का एक प्रमुख राष्ट्रीय त्योहार है तो जायज़ सी बात होगी की यह पर्व सम्पूर्ण देश में उल्लास के साथ मनाया जाता है.

पूरा भारत 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस को अपने-अपने तौर तरीके से अपनी खुशी प्रकट करके मनाता है| जैसे कि:-

इस पर्व को मनाने के लिये भारत के स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी हर वर्ष बेहद उत्साहित रहते है, और इस खास दिन की तैयारी लगभग एक महीने पहले से ही शुरू कर दी जाती है.

इस दिन विद्यार्थियों एकेडमी (academics) में, खेल या शिक्षा के दूसरे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिये पुरस्कार, इनाम, तथा प्रमाण पत्र आदि से सम्मान किया जाता है.

पारिवारिक लोग इस दिन अपने दोस्तो, परिवार के सदस्यों, और बच्चों के साथ सामाजिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर इस दिन को और खास तरीके से मनाते है.

वही सरकारी जगहो पर इस दिन खास प्रोग्राम का आयोजन कराया जाता है, जहाँ अपने-अपने इंटरेस्ट के अनुसार सब भाग लेकर प्रतियोगिता का आनंद लेते हैं.

इस राष्ट्रिय त्यौहार का विशेष आयोजन भारत के राजधानी दिल्ली में राजपथ पर किया जाता है| जहाँ इस दिन लाखो की संख्या में लोग सम्मिलित होते हैं और आयोजन का आनंद लेते हैं.

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति द्वारा झंडा रोहण और राष्ट्रगान के साथ होता है.

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क्या भारत को लोकतंत्र की ज़रूरत है अथवा लोकतंत्र की विशेषताएं क्या है ?

लोकतंत्र क्यों जरूरी है ?

भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों में से एक है। विभिन्न राजाओं और सम्राटों द्वारा शासित होने के बाद यूरोपीय लोगों द्वारा सदियों से उपनिवेश बनाए गए और भारत पर लागू किए गए.

वर्ष 1947 में अपनी स्वतंत्रता के बाद एक लोकतांत्रिक राष्ट्र बन गया था। इसके बाद, भारत के नागरिकों को अपने नेताओं को वोट देने और चुनाव करने का अधिकार दिया गया.

दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश और क्षेत्रफल के हिसाब से सातवां सबसे बड़ा देश, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है.

1947 में देश को आजादी मिलने के बाद भारतीय लोकतांत्रिक सरकार का गठन किया गया था, केंद्र और राज्य सरकारों के चुनाव के लिए संसदीय और राज्य विधानसभा चुनाव हर 5 साल में होते हैं.

भारत में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सूची – History Of 26 January in Hindi
राष्ट्रीय दलस्थापना वर्षसंस्थापकपार्टी मुख्यालय
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस28 दिसम्बर 1885
  • ए ओ ह्यूम
  • दादा भाई, नौरोजी
  • दिनशा वाचा
24, अकबर रोड, नई दिल्ली- 110001
भारतीय जनता पार्टी6 अप्रैल 1980
  • अटल बिहारी वाजपेयी
  • लाल कृष्ण आडवाणी
6A, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली – 110002
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी25 मई 1999
  • शरद पवार
  • पी॰ ए॰ संगमा
  • तारिक अनवर
10, बिशम्बर दास मार्ग, नई दिल्ली, 110001
सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस1 जनवरी 1998
  • ममता बनर्जी
36G Tapsia Road, कोलकाता, वेस्ट बंगाल, भारत-700039
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)7 नवम्बर 1964
  • ई.एम.एस. नम्बूदरीपाद
  • ज्योति बसु
  • हरकिशन सिंह सुरजीत
२७-२९, ए.के.गोपालन भवन, भाई वीर सिंह मार्ग, नई दिल्ली- ११०००१
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी26 दिसम्बर 1925
  • मानवेन्द्र नाथ राय
अजॉय भवन, १५, इंद्रजीत गुप्ता मार्ग, नई दिल्ली- ११०००२
बहुजन समाज पार्टी14 अप्रैल 1984
  • कांशीराम
11, गुरुद्वारा रकाबगंज रोड, नई दिल्ली – 110001
नेशनल पीपुल्स पार्टी6 जनवरी 2013
  • कॉनराड संगमा
प्लॉट नं.९०-ए, लाचाउमिरी जिला, पूर्वी खासी हिल्स, शिलांग

इनके अलावा, कई क्षेत्रीय दल राज्य विधानसभाओं के चुनाव के लिए आगे आते हैं। संसद और राज्य विधानसभाओं के चुनाव हर 5 साल में होते हैं. (विकिपीडिया पर आप इसके बारे में विस्तार से पढ़ सकते है|)

भारतीय गणतंत्र दिवस के लोकतांत्रिक सिद्धांत – India Republic Day in Hindi

यहां भारत के लोकतांत्रिक सिद्धांत दिए गए हैं-

  • संप्रभु का मतलब स्वतंत्र है : किसी विदेशी शक्ति के हस्तक्षेप या नियंत्रण से मुक्त। देश की सरकार सीधे देश के नागरिकों द्वारा चुनी जाती है.

भारतीय नागरिकों के पास संसद, स्थानीय निकायों के साथ-साथ राज्य विधानमंडल के लिए आयोजित चुनावों द्वारा अपने नेताओं को चुनने की संप्रभु शक्ति है.

  • समाजवादी का अर्थ है देश के सभी नागरिकों के लिए सामाजिक और आर्थिक समानता। लोकतांत्रिक समाजवाद का अर्थ है विकासवादी, लोकतांत्रिक और अहिंसक साधनों के माध्यम से समाजवादी लक्ष्यों को प्राप्त करना.

सरकार धन की एकाग्रता को कम करके आर्थिक असमानता को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

  • धर्म निरपेक्ष : इसका अर्थ है किसी के धर्म को चुनने का अधिकार और स्वतंत्रता। भारत में, किसी को भी किसी भी धर्म का अभ्यास करने या उन सभी को अस्वीकार करने का अधिकार है.

भारत सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और उनका कोई आधिकारिक राज्य धर्म नहीं है। यह किसी भी धर्म का अपमान या प्रचार नहीं करता है.

  • डेमोक्रेटिक : इसका मतलब है कि देश की सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से अपने नागरिकों द्वारा चुना जाता है.

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के माध्यम से देश के लोगों को सभी स्तरों (संघ, राज्य और स्थानीय) पर अपनी सरकार का चुनाव करने का अधिकार है, जिसे known एक आदमी एक “वोट” के रूप में भी जाना जाता है.

वोट का अधिकार बिना किसी भेदभाव के रंग, जाति, पंथ, धर्म, लिंग या शिक्षा के आधार पर दिया जाता है। सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, भारत के लोग भी सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र का आनंद लेते हैं.

  • गणतंत्र : यहाँ राज्य का मुखिया एक आनुवंशिकता राजा या रानी नहीं है, बल्कि एक निर्वाचित व्यक्ति है। राज्य के औपचारिक प्रमुख, यानी भारत के राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा पांच साल की अवधि के लिए किया जाता है, जबकि कार्यकारी शक्तियां प्रधानमंत्री में निहित होती हैं.
भारतीय लोकतंत्र की चुनौतियां – Importance of Republic Day in Hindi

जबकि संविधान एक लोकतांत्रिक राज्य का वादा करता है और भारत के लोग उन सभी अधिकारों के हकदार हैं जो एक लोकतांत्रिक राज्य में आनंद लेने चाहिए, ऐसे कई कारक हैं जो इसके लोकतंत्र को प्रभावित करते हैं और इसके लिए एक चुनौती पेश करते हैं।

इन कारकों पर एक नजर है-

  • निरक्षरता

लोगों के बीच निरक्षरता सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है जिसे भारतीय लोकतंत्र ने शुरू से ही सामना किया है।

शिक्षा लोगों को बुद्धिमानी से मतदान करने के अपने अधिकार का उपयोग करने में सक्षम बनाती है.

  • दरिद्रता

गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों को आमतौर पर राजनीतिक दलों द्वारा हेरफेर किया जाता है। उन्हें अक्सर अपना वोट हासिल करने के लिए रिश्वत दी जाती है.

इनके अलावा, जातिवाद, लैंगिक भेदभाव, सांप्रदायिकता, धार्मिक कट्टरवाद, राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार अन्य कारक हैं जो भारत में लोकतंत्र के लिए एक चुनौती हैं.

  • निष्कर्ष

भारत में लोकतंत्र को दुनिया भर से सराहना मिली है। देश के प्रत्येक नागरिक को वोट देने का अधिकार उनकी जाति, रंग, पंथ, धर्म, लिंग या शिक्षा के आधार पर बिना किसी भेदभाव के दिया गया है.

हालांकि, देश में विशाल सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई विविधता इसके लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है.

इससे उत्पन्न मतभेद, गंभीर चिंता का कारण हैं। भारत में लोकतंत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए इन विभाजनकारी प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है.

26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड – Republic Day Parade Information in Hindi

Republic Day Parade Images Free Download

राजपथ पर भारतीय गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड निकाली जाती है, जिसमे वर्तमान राष्ट्रपति जी की राजकीय सवारी निकलती है|

दिल्ली के विजय चौक में तीनो सेनाओं-

  • जल सेना
  • थल सेना
  • वायु सेना

द्वारा राष्ट्रपति को सलामी दी जाती है|, एवं परेड भी की जाती है|

  1. उसके अलावा इसमें थल सेना अपने टैंक का प्रदर्शन करती है, जिसका इस्तेमाल दूसरे देश से लड़ाई के वक़्त किया जाता है|
  2. वही वायु सेना विमानो की मदद से अपना प्रदर्शन करती है, यदि आपने नहीं देखा तो आप इस गणतंत्र दिवस अपने घर बैठ के टीवी में ही देखिये| यकीनन ही आपको भी वह देखने में बहुत ही आकर्षक लगेगा|
  3. भारत के लगभग सभी राज्यों से आये लोक-नर्तक अपने-अपने झाकियों पर अपना नृत्यों का प्रदर्शन करते हैं|

परेड में भारत के हर राज्य की एक झाकी निकाली जाती है, तथा सेना और पुलिस के दल अपने-अपने बैंड के साथ मार्च करते हैं|

इस परेड को देखने के लिए अपार जनसमूह उमड़ पड़ता है, लोग काफी समय पहले से ही सीट की टिकट ले लेते हैं|

एक बार मैंने न्यूज़ में देखा था कि – लोग पिछली रात में उतने ठंड के समय में भी 1-2 बजे से ही आ कर अपनी सीट पर बैठ जाते हैं| इससे यह देखने को मिलता है की वो 26 जनवरी के फंकशन को देखने के लिए बेहद ही जागरूक होते हैं.

26 जनवरी की परेड को दूरदर्शन और अन्य टीवी चैनल (खास कर न्यूज़ चैनल) पर लाइव भी दिखाया जाता है, इसलिए जो लोग परेड देखने राजपथ नहीं जा पाते हैं वो सुबह 8 बजे के पहले से ही वो टी.वी. पर कार्यक्रम देखने के लिये तैयार हो जाते है.

संध्या के समय सरकारी भवनों पर प्रमुख आयोजन किये जाते हैं, सभी मंत्री एक साथ मिलते हैं और आयोजन का आन्नद लेते हैं|

गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी लगभग एक या दो महीने पहले से ही शुरु हो जाती है और इस दौरान सुरक्षा कारणों से इंडिया गेट पर लोगों की आवा-जाही पर रोक लगा दी जाती है, जिससे किसी तरह की अपराधिक घटना को होने से पहले रोका जा सके.

ऐसा करने के पीछे उस दिन (गनतंत्र दिवस के दिन) वहाँ मौजूद लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाती है|

इस दिन सभी को ये वादा करना चाहिये कि वो अपने स्वतंत्र देश के संविधान की सुरक्षा करेंगे, देश की समरसता और शांति को बनाए रखेंगे साथ ही देश के विकास में जितना बल पड़ेगा सहयोग भी करेंगे.

मेरे प्यारे देशवासियों, इस 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के लेख को मैं यही पर समाप्त कर रहा हूँ| जिस तरह से मैंने खूबसूरत वाक्यों से इस लेख की शुरुआत की थी उसी प्रकार मै इसका अंत भी करना चाहता हूँ:-

“जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है,
वह नर नहीं, है पशु निरा और मृतक समान है”||

दोस्तों अगर आपको लगता है इस लेख में और कुछ अच्छा जोड़ा जा सकता है तो आप अपने सुझाब कमेंट के माध्यम से या आप हमको मेल करके हम तक जरुर पंहुचा सकते है.

भारतीय गणतंत्र दिवस का यह लेख बेहद ही आसान शब्दों में लिखा गया है जिसे बच्चे आसानी से समझ सकेंगे और काफी जानकारी भी उन्हें मिलेगी इस लेख की मदद से.

अगर आप चाहे तो इस लेख को अपने दोस्तों और प्रियजनों के साथ सोशल मीडिया जैसे की फेसबुक, ट्विटर, गूगल+ अथवा व्हाट्सएप्प पर शेयर कर सकते हैं, ताकि उनको भी इस लेख में दी गई जानकारी मिले|

अंत में मै बस यही कहना चाहूँगा की भारतवासी होने के कारण आपको अपने देश के संविधान की सुरक्षा करनी चाहिए, देश की समरसता और शांति को बनाए रखें साथ ही देश के विकास में सहयोग करे|

धन्यवाद! जय हिन्द, जय भारत, भारत माता की जय, वन्दे मातरम्!

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गणतन्त्र दिवस (भारत)
भारतीय गणतंत्र दिवस का इतिहास - 26 जनवरी पर निबंध और महत्व

गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (एक्ट) (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था।

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Himanshu Grewal

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