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बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम – सरकारी योजना – बेनामी संपत्ति की शिकायत करने पर मिलेगा 1 करोड़ राशी तक का इनाम

बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम सरकारी योजना
Written by Himanshu Grewal
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नमस्कार, आज हम एक बड़ी ही जबर्दस्त सूचना लेकर आयें हैं जिसे सुन कर आपके होश उड़ जायेंगे| जी हाँ वैसे तो हमारा टाइटल पढ कर ही आपको अनुमान लग गया होगा की हम बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम के विषय में चर्चा कर रहे है.

ऐसे तो आज कल नई नई योजनाएं सुनने को मिल रही हैं लेकिन ये योजना सबसे अलग है| अगर आपके पास बेनामी संपत्ति, बेनामी लेनदेन है और अगर आपने उसका कोई पंजीकरण नहीं किया है तो सावधान रहिये क्यूंकि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक नयी योजना का आरम्भ किया है जिसके तहत वित्त मंत्रालय ने अपनी योजना बनाई है और एक टीम बनाई है जो केवल उन संपत्तियों का डाटा तैयार करेंगे जिनका नाम अभी तक पंजीकृत नहीं हुआ है.

इस योजना के तहत यदि कोई भी व्यक्ति बेनामी संपत्ति की शिकायत टैक्स डिपार्टमेंट को देगा तो उसे 1 करोड़ रूपये की राशी इनाम के तौर पर सरकार देगी.

मित्रों, मै आपको बेनामी सूचनार्थी पुरस्कार के बारे में पूरी जानकारी दूंगा लेकिन उससे पहले आपको ये जानना होगा की बेनामी संपत्ति किसे कहते हैं ? बेनामी लेनदेन किसे कहते हैं और बेनामी संपत्ति का लेनदेन कितनी सीमा तक किया जाता है ?

बेनामी संपत्ति किसे कहते हैं – What is Anonymous Property in Hindi

बेनामी संपत्ति क्या होता है ?

जिसकी कीमत किसी और ने दी हो लेकिन सम्पत्ति पर नाम किसी और व्यक्ति का होता है| इस सम्पत्ति के अंतर्गत उन संपत्तियों का वर्णन किया जाता है जो अपनी पत्नी, बच्चों या किसी रिश्तेदार के नाम पर खरीदी गयी होती है| जिसके नाम पर ऐसी सम्पत्ति खरीदी गयी होती है, उसे “बेनामदार” कहा जाता है.

कई लोगों ने इसी तरह से अपने काले धन को बचाया हुआ है| बेनामी सम्पत्ति चल अचल य वित्तीय दस्तावेजों के रूप में भी हो सकती है.

साधारण रूप से बेनामी संपत्ति ऐसे लोग खरीदते हैं जिनकी आय कम होती है और वो अपनी आय से ज्यादा की जमीन, दूकान, आदि खरीदते हैं.

ये जरुरी नहीं है की बेनामी संपत्ति को लेने वाला काला धन ही लगाता है इसकी वजह ये भी होती है की उदाहरण से समझिये|

बेनामी संपत्ति किसे कहते हैं – बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम योजना

बेनामी संपत्ति किसे कहते हैं ?

जैसे “राम की आय 15000 रु महीना है और उसने 300000 रु की जमीन अपने भाई बहन दोस्त आदि के साथ मिल कर खरीदी है| अब ये भी हो सकता है की उसने ये जमीन अपने रिश्तेदारों में किसी एक की करवा रखी हो.

इसमें संपत्त‍ि के एवज में भुगतान करने वाले के नाम से कोई वैध दस्तावेज (valid document) नहीं होता है। ऐसे मामलों में बेनामी लेनदेन में शामिल दोनों पक्षों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.

किसी व्यक्ति ने बेनामी सम्पत्ति उसके नाम से खरीदी हो जो कभी आयकर रिटर्न नहीं भरता है तो ये उसकी बेनामी संपत्ति कहलाएगी.

इस स्थिति में सरकार को किसी संपत्ति पर संदेह होता है तो वो उस संपत्ति के मालिक से पूछताछ कर सकती है और उसे नोटिस भेजकर उससे उस प्रॉपर्टी के सभी कागजात मांग सकती है जिसे मालिक को 90 दिनों के अंदर दिखाना होगा और यदि जाँच में कुछ गड़बड़ पाया गया तो उस पर कड़ी कार्यवाही होती है.

बेनामी लेनदेन सूचनार्थियों पुरस्कार योजना की सम्पूर्ण जानकारी

बेनामी लेनदेन अधिनियम सूचनार्थियों पुरस्कार योजना की सम्पूर्ण जानकारी निम्नलिखित है.

सबसे पहले तो आपके मन में एक ही सवाल आया होगा की बेनामी लेनदेन सूचनार्थियों पुरस्कार योजना है क्या ?

आयकर विभाग, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax) जो कि हम सभी भारतीय लोगों की आय का टैक्स लेती है| और सरकार को टैक्स की कमाई का एक बड़ा भाग देती है जिससे सरकार अपने भारत का निर्माण करती है.

आयकर विभाग सब पर नजर भी रखती है की कोन कितना टैक्स भर रहा है| काला धन वह धन होता है जो की कुछ लोग हैं अपने कर में से बचा लेते हैं जैसे की टैक्स बना 1,00,000 रूपये और जमा किया केवल 75,000 रूपये कोई न कोई खर्चे ऐसे दिखा दिए जाते है जो की अमान्य है.

आयकर विभाग ने काले धन की खोज करने के लिए और कर चोरी करने वालों के खिलाफ नयी योजना का प्रारम्भ किया है “बेनामी संपत्ति लेनदेन सूचना पुरस्कार योजना|”

इस योजना के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति उन लोगों के बारे में जो कर चोरी करते हैं नकद लेन देन बड़ी मात्रा में करते है और कर भुक्तान नहीं करते हैं| इन व्यक्तियों के बारे में बताएगा और सही जानकारी देगा तो सरकार की तरफ से उसे 1 करोड़ का इनाम मिलेगा.

यदि किसी विदेशी व्यक्ति ने भी ऐसी जानकारी दी तो उसे भी 1 करोड़ का इनाम मिलेगा और उस व्यक्ति की जानकारी गुप्त रखी जाएगी चाहे वो देश का हो या फिर विदेशी व्यक्ति हो.

भारत वैसे तो प्रगति पर है मगर आज भी कहीं न कहीं गरीबी भारत का हिस्सा बनी हुई है इस गरीबी को तभी खत्म किया जा सकता है. जब देश का युवा जागरूक हो.

बेनामी लेनदेन सुचनार्थियों पुरस्कार योजना ये एक नयी योजना है| भारत के लिए आवश्यक है की किसी भी प्रकार से काले धन को भारत के विकास में प्रयोग किया जाये.

बेनामी लेनदेन के तहत लोगों को बेनामी लेनदेन और संपत्तियों के साथ-साथ ऐसे छिपे निवेशकों और लाभकारी मालिकों के बारे में बताती है जो गैर क़ानूनी काम करते हैं.

बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम – Benami Transactions Prohibition Act in Hindi

भारतीय संसद द्वारा बेनामी लेनदेन का नियम लागू है| बिना किसी पुख्ता सबूत के किसी भी प्रकार की लेनदेन गैर क़ानूनी मानी जाती है जिसको मध्य नजर रखते हुए सरकार ने यह सन् 1988 में पारित किया और बाद में सन् 2016 में इसी नियम का संशोधन किया गया.

बेनामी लेनदेन के नियम का संशोधन 1 नवम्बर 2016 को पुनिर्मित किया गया था| संसोधन में ये बात साफ़ साफ लिखी ही की बेनामी संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा और फिर सील करने का अधिकार है| साथ ही, जुर्माने के साथ जेल की सजा भी लिखित है.

इस अधिनियम के तहत बेनामी लेनदेन करने पर तीन साल की जेल और जुर्माना या दोनों का प्रावधान है और उस प्रॉपर्टी की बाजार कीमत पर 25% जुर्माने का प्रावधान है| बाद में संसोधन किया गया और तीन साल की जगह 7 साल की सजा कर दी गयी|

कुछ लोग जो जानबूझकर गलत जानकारी देते है उन पर संपत्ति के बाजार मूल्य का 10 प्रतिशत तक जुर्माना और 6 महीने से 5 साल तक की जेल का प्रावधान रखा गया है| नया कानून घरेलू काला धन जैसे की जो रियल स्टेट सेक्टर में लगे काले धन की जाँच के लिए लाया गया है.

बेनामी संपत्ति खरीदने के बारे में मुख्य बातें जो जान लेनी चाहिए :

  1. किसी भी सम्पत्ति को खरीदते समय खरीदने वाला अपने पैसे से और किसी के नाम पर सम्पत्ति कराता है तब उस सम्पत्ति को बेनामी सम्पत्ति माना जाता है| ये क़ानूनी शब्द है जिसे हमें हर हाल में मानना होता है साथ में इस बात पर गौर करना है कि खरीद में लगा पैसे आमदनी के ज्ञात स्रोतों से बाहर का होना चाहिए| भुगतान चाहे सीधे तौर पर भी किया जाए या फिर घुमा फिराकर किसी और तरीके से|
  2. खरीददार बेनामी सम्पत्ति को बेशक अपने ही किसी परिवार के सदस्य के नाम ही क्यों न ले तब भी इस सम्पत्ति को बेनामी सम्पत्ति ही कहा जाएगा| सधारण भाषा में खरीददार सम्पत्ति का मालिक तो है लेकिन क़ानूनी रूप से नहीं है लेकिन उसका कब्जा उस सम्पत्ति पर पूरा होता है.
  3. सन् 1988 के कानून में 1 नवम्बर 2016 को संशोधन हुआ है जिसकी वजह से केंद्र सरकार को ऐसी सम्पत्ति को जप्त करने का पूरा हक़ है.
  4. बेनामी संपत्ति की लेनदेन के लिए दोषी पाए गए व्यक्ति को सात साल तक की कैद की सजा और सम्पत्ति के बाजार मूल्य के 25% के बराबर भुगतान लगाया जा सकता है|
  5. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से काले धन पर जांच के लिए गठित की गई कमिटी ने 3 लाख रूपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर रोक लगाए जाने की सिफारिश की थी।
बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम सूचनार्थियों पुरस्कार योजना का उद्देश्य क्या है ?

वैसे तो कोई भी योजना नियम कानून बिना किसी उद्देश्य के नहीं होते हैं सिर्फ उद्देश्य सकारात्मक होना चाहिए| सरकार द्वारा जो भी कदम उठाती है उसमे हम सभी का भला होता है| इस योजना के मुख्य उद्देश्य काले धन को बाहर निकालना और कर चोरी को जड़ से खत्म करना है.

इस कदम से लोगों के बीच विश्वास जाग उठा है लोगों को सरकार पर भरोसा होता है जिससे लोग कानून का पालन करते हैं और नयी नयी योजनाओं में हाथ बढ़ाते हैं| इस कदम से आयकर विभाग, आयकर छुपा निवेशकों और लाभकारी मालिकों द्वारा ऐसी संपत्तियों पर अर्जित आय के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सक्षम होगा.

बेनामी संपत्ति लेनदेन सूचनार्थियों पुरस्कार योजना के अनर्तगत कितना इनाम मिलेगा और गवाह का नाम जानकारी छिपी रहेगी या नहीं ?

कोई भी व्यक्ति चाहे देशी हो या विदेशी आयकर विभाग निदेशालय के जाँच निदेशकों में बेनामी निषेध इकाई के संयुक्त / अतिरिक्त आयुक्तों को सही जानकारी दे कर 1 करोड़ रूपये का इनाम जीत सकते हैं.

जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम पता सब गुप्त रखा जाएगा और इसे सार्वजनिक नहीं किया जायेगा या फिर जगजाहिर नहीं होने देंगे| अगर उसकी जानकरी किसी कारण वश गलत साबित होती है तो इनाम नही मिलेगा और समय बर्बादी के लिए उस पर उचित कार्यवाही की जाएगी.

इनकम टैक्स चोरी इनफार्मेशन – बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम

इनकम टैक्स चोरी के चलते सरकार को कई प्रकार के कदम उठाने पड़े हैं जिसमे एक ये भी है जो कोई ही इनकम टैक्स की चोरी करने वालों की रिपोर्ट आयकर विभाग को देगा उसे 50 लाख रूपये की इनाम राशी दी जाएगी.

संशोधित आयकर सूचनार्थियों के लिए पुरस्कार योजना के तहत, आईटी अधिनियम ‘61 के तहत क्रियान्वित भारत में आय या परिसंपत्तियों पर टैक्स की पर्याप्त चोरी के बारे में आईटी विभाग में जाँच निदेशकों के नामित अधिकारीयों को निर्धारित तरीके से जानकारी देने के लिए 50 लाख रूपये तक का इनाम दिया जायेगा.

गुप्त स्थानों पर जमा काले धन की जानकारी देने पर इनाम कितना है – Black Money News in Hindi

गुप्त स्थान जैसे विदेशों में बैंक आदि में जमा पैसा भी गुप्त जमा राशि कहलाती है जैसे स्विस बैंक.

यदि इनकी जानकरी किसी ने आयकर विभाग को दी है तो 5 करोड़ तक का इनाम दिया जा सकता है.

बेनामी संपत्ति लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग तक कैसे पहुंचा जाये?

बेनामी संपत्ति की जानकारी आप सीधे आयकर विभाग जा कर भी दे सकते हैं और आयकर विभाग की अपनी वेबसाइट भी है आप वहां जा कर एप्लीकेशन भी दे सकते है.

मै उम्मीद करता हूँ की आपको बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम योजना के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी है और यदि आपको किसी अन्य विषय पर जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट के माध्यम से भी बता सकते है.

हम आपके लिए जल्द से जल्द नये लेख लेकर उपस्थित रहेंगे| ज्यादा से ज्यादा इस लेख को शेयर करों ताकि लोगों को भी तो पता चले की बेनामी लेनदेन होता क्या है ? आप इस लेख को व्हाट्सएप्प, फेसबुक, ट्विटर आदि पर शेयर भी कर सकते है. “धन्यवाद”

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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