Children's Day

बाल दिवस पर भाषण (बच्चों के लिए) – Best Ever Children’s Day Speech in Hindi For Teachers

बाल दिवस पर भाषण हिंदी में
Written by Himanshu Grewal

प्रिय बच्चों, आज के इस लेख में मै आपके लिए बाल दिवस पर भाषण पर लेख लिख रहा हूँ.

इस लेख में आपको कुल 4 भाषण मिलेंगे.

  • भाषण – 1 (150 शब्द)
  • भाषण – 2 (250 शब्द)
  • भाषण – 3 (350 शब्द)
  • भाषण – 4 (500 शब्द)

आप आने वाले बाल दिवस पर अपने उम्र के अनुसार यदि आप या आपका कोई छोटा भाई बहन पहली या दूसरी कक्षा में है तो आप उसको 150 या 200 शब्दों वाला भाषण याद करा सकते हैं.

यदि आप आठवी से दसवी कक्षा के बीच के छात्र हैं तो आप 500 शब्द वाला भाषण पढ़िए और याद कर के बाल दिवस के उपलक्ष पर अपने विद्यालय में स्टेज पर सुनाए| तो चलिए अब स्पीच पढना शुरू करते हैं-

जरुर पढ़े » Speech on Children’s Day in Hindi For Teachers

बाल दिवस पर भाषण हिंदी में (150 शब्द)

प्रधानाध्यापक, सर, मैडम और मेरे प्यारे साथियों को सर्वप्रथम मेरा नमस्कार..!

हम सभी आज बहुत खुशी के साथ यहाँ बाल दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं| मैं बाल दिवस के इस अवसर पर अपने विचार कुछ इस प्रकार रखना चाहता/चाहती हूँ-

बच्चे परिवार में, घर में, समाज में खुशी का कारण होने के साथ ही देश का उज्जवल भविष्य भी होते हैं, हम पूरे जीवन भर माता-पिता, शिक्षकों और अन्य संबंधियों के जीवन में बच्चों की भागीदारी और योगदान को नजअंदाज नहीं कर सकते.

बच्चे सभी इंसानों के द्वारा पसंद किए जाते हैं और बिना बच्चों के हम सभी का जीवन बहुत ही नीरस हो जाता है| कहा जाता है कि बच्चे भगवान का आशीर्वाद होते हैं और अपनी सुन्दर आँखों, मासूम गतिविधियों और मुस्कान से हमारे दिल को जीत लेते हैं.

बाल दिवस प्रत्येक वर्ष पूरे संसार में बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है| आप सभी ने मेरा भाषण बाल दिवस पर बहुत ध्यानं से सुना उसके लिए आपका धन्यवाद.

Speech on 14 November Children’s Day in Hindi (250 Words)

Speech on 14 November Children's Day in Hindi

आदरणीय महानुभाव, प्रधानाचार्यजी, अध्यापक व अध्यापिकाएं और मेरे सहपाठियों को सुप्रभात…!

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम यहाँ बाल दिवस को मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं| हर साल 14 नवम्बर को, पूरे देश के विद्यालयों और कॉलेजों में बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है.

14 नवम्बर जवाहर लाल नेहरु का जन्म दिवस है|

उनका जन्म दिन बाल दिवस के रुप में इसलिए मनाया जाता है क्योंकि वह बच्चों से बहुत प्यार और स्नेह करते थे, उन्होंने अपने पूरे जीवनभर बच्चों को बहुत महत्व दिया और वह उनसे बात करना भी बहुत पसंद करते थे.

वह हमेशा बच्चों के बीच में घिरे होना पसंद करते थे। बच्चों के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कहते थे|.

विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों द्वारा इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाने के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है.

राष्ट्रीय प्रेणादायी और प्रोत्साहित करने वाले गीतों को गाया जाता है, स्टेज शो, नृत्य, छोटे नाटक आदि बच्चों द्वारा महान भारतीय नेता की याद में और बच्चों के प्रति उनके प्यार के कारण आयोजित किए जाते हैं.

पं. जवाहरलाल नेहरु के बारे में, विद्यार्थियों के भाषण सुनने के लिए भारी भीड़ उपस्थित होती है| पं. नेहरु हमेशा बच्चों को पूरे जीवन भर देशभक्त और राष्ट्रप्रेमी बनने की सलाह देते थे| वह हमेशा बच्चों को अपनी मातृभूमि के लिए साहसिक कार्य करने और बलिदान देने के लिए प्रेरित करते थे.

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बाल दिवस पर भाषण (350 शब्द) – बाल दिवस का महत्व हिंदी में

Speech on Children's Day in Hindi

Children’s Day (बाल दिवस) प्रतिवर्ष 14 नवम्बर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी के जन्म दिवस पर बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है.

इसके मनाने का मुख्य कारण देश के महान नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ देश भर के बच्चों की स्तिथि में सुधार लाना है.

बच्चे जवाहरलाल नेहरु जी को प्यार से चाचा नेहरु कह कर बुलाते थे और नेहरु जी भी उनसे बहुत प्यार करते थे.

चाचा नेहरु एक बड़े व्यक्ति और नेता होने के बाद भी बच्चों से मिलते थे और उनसे बाते करते थे| उसी भाव के कारण उनके जन्म दिन को बाल दिवस के रूप में भारत में मनाया जाता है.

इस दिन को राष्ट्रीय तौर पर लगभग सभी स्कूलों और कॉलेजों में धूम धाम से मनाया जाता है| यह दिन स्कूल में खासकर बच्चों को ढेर सारी ख़ुशीयाँ देने के लिए मनाया जाया है.

इस दिन सभी स्कूल खुले रहते हैं और स्कूलों में कई प्रकार के आयोजन और सांस्कृतिक प्रोग्राम भी होते हैं| यह सभी प्रोग्राम खासकर शिक्षकों द्वारा अपने छात्रों के लिए आयोजित करते हैं.

इसमें तरह-तरह के प्रोग्राम जैसे भाषण देना, गीत गाना, नृत्य, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, कहानी प्रस्तुति, वाद-विवाद प्रतियोगिता, कविता या फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित किये जाते हैं.

इन प्रतियोगिताओं में जितने वाले बच्चों या विद्यार्थियों को स्कूल प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया जाता है|

बच्चे इस दिन को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि वे इस दिन किसी भी प्रकार के रंगीन कपडे पहन कर स्कूल जा सकते हैं| उत्सव के अंत में सभी बच्चों को मिठाइयाँ और चॉकलेट बांटे जाते हैं, स्कूल और कॉलेज के कुछ शिक्षक भी विभिन्न प्रोग्राम में भाग लेते हैं जैसे ड्रामा, नृत्य.

कई स्कूलों में इस दिन बच्चे और शिक्षक मिल कर पिकनिक भी जाते हैं| इसी दिन टेलीविज़न या रेडियो पर बाल दिवस से जुड़े कई प्रोग्राम बच्चों को सम्मान देने के लिए प्रस्तुत किये जाते हैं क्योंकि आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं.

बच्चे देश का मूल्यवान संपत्ति हैं और वही भविष्य के लिए आशा हैं| देश के सभी लोग बच्चों के स्तिथि के विषय में अच्छे से सोचें यह सोच कर चाचा नेहरु ने अपने स्वयं के जन्म दिन को Children’s Day बाल दिवस मनाने के लिए चुना था.

Happy Children’s Day Speech For Students in Hindi (500 Words)

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सबसे पहले, आज बाल दिवस को मनाने के लिए यहाँ उपस्थित सभी को मेरा सुप्रभात..!

बाल दिवस के इस अवसर पर मैं, पं. जवाहर लाल नेहरु के जन्मदिवस को क्यों बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है ? के बारे में अपने विचार आप सभी के सामने रखना चाहता/चाहती हूँ.

मेरे सभी प्यारे मित्रों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं|

संयुक्त राष्ट्र की सभा में 20 नवम्बर को आधिकारिक रुप से बाल दिवस मनाने की घोषणा की गयी, लेकिन भारत में यह 14 नवम्बर को पं. नेहरु का जन्म दिवस होने के कारण, हर साल इसी दिन मनाया जाता है.

उनका जन्म दिन बाल दिवस के रुप में मनाने के लिए बच्चों के प्रति उनके प्यार, लगाव और स्नेह को देखने के कारण चुना गया.

वह लम्बें समय तक बच्चों के साथ खेलना और बात करना पसंद करते थे| वह पूरे जीवनभर बच्चों से घिरे रहना चाहते थे.

उन्होंने देश के बच्चों और युवाओं की बेहतरी के लिए भारत की स्वतंत्रता के तुरंत बाद कठिन कार्य किए थे, पंडित जवाहर लाल नेहरू इस देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बच्चों के प्रति, विशेष रुप से उनके कल्याण, अधिकारों, शिक्षा और सम्पूर्ण सुधार के लिए बहुत अधिक उत्साहित और गर्भजोशी से भरे हुये थे.

वह बहुत ही प्रेरणादायक और प्रेरित प्रकृति के थे। वह हमेशा बच्चों को कठिन परिश्रम और बहादुरी के कार्य करने के लिए प्रेरित करते थे.

वह भारत में बच्चों के कल्याण और स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक चिन्तित थे, इसलिए उन्होंने बच्चों के लिए कठिन परिश्रम किया ताकि उन्हें बचपन से ही कुछ अधिकार प्राप्त हो सकें.

बच्चों के प्रति उनके स्वार्थरहित प्रेम के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कहते थे| 1964 में, उनकी मत्यु के बाद से, उनका जन्मदिन पूरे भारत में बाल दिवस के रुप में मनाया जाने लगा.

वह हमेशा बचपन को पसंद करते थे और हमेशा बिना किसी व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय, पारिवारिक और वित्तीय जिम्मेदारी के उचित बचपन के समर्थक थे क्योंकि वे राष्ट्र के भविष्य और देश के विकास के लिए भी जिम्मेदार थे.

बचपन जीवन का सबसे अच्छा चरण होता है जिसे सभी के लिए स्वस्थ्य और खुशियों से भरा होना चाहिए ताकि वे आगे अपने राष्ट्र का नेतृत्व करने के लिए तैयार रहें.

यदि बच्चे मानसिक और शारीरिक रुप से अस्वस्थ्य होगें तो वे राष्ट्र के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान नहीं दे सकेंगे| इसलिए जीवन में बचपन की अवस्था सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है जिसमें सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को प्यार, देखभाल और स्नेह से पोषित करना चाहिए.

देश का नागरिक होने के नाते, हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुये राष्ट्र के भविष्य को बचाना चाहिए.

बाल दिवस बहुत ही मस्ती और उल्लास की गतिविधियों जैसे खेल-कूद, इनडोर खेल, आउटडोर खेल, नृत्य, नाटक-नाटिका, राष्ट्रीय गीत, भाषण, निबंध लेखन आदि के आयोजन के द्वारा मनाया जाता है.

यह वो दिन है, जिस दिन बच्चों पर से सभी प्रतिबंधों को हटा लिया जाता है और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार उत्सव मनाने की अनुमति दी जाती है.

इस अवसर पर विद्यार्थी शिक्षकों द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता या अन्य विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं जैसे; चित्रकला प्रतियोगिता, मार्डन ड्रेस शो, गायन, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी योग्यता को प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किए जाते हैं.

धन्यवाद|

मेरा यह लेख यही पर समाप्त हो रहा है, आशा है आपको यह लेख पूरा समझ में आया होगा और अब आप इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर बने ग्रुप में शेयर भी ज़रूर करेंगे.

यदि आपको बाल दिवस पर भाषण से जुड़ी आपके मन में किसी भी तरह की कोई शंका है तो बिना झिझक के आप कमेंट के माध्यम से उसको क्लियर कीजिये.

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About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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