बाल दिवस पर भाषण (बच्चों के लिए) – 14 नवम्बर 2019

प्रिय बच्चों, आज के इस लेख में मैं आपके लिए बाल दिवस पर भाषण और बाल दिवस पर निबंध पर लेख लिख रहा हूँ.

इस लेख में आपको कुल 5 भाषण मिलेंगे…

  • बाल दिवस पर भाषण – 1 (150 शब्द)
  • Happy Children’s Day Speech in Hindi – 2 (250 शब्द)
  • 14 November Bal Diwas Speech in Hindi For Teachers – 3 (350 शब्द)
  • 14 November 2019 Speech in Hindi – 4 (500 शब्द)
  • 14 November Children’s Day 2019 Speech in Hindi – 5 (700 शब्द)

आप आने वाले बाल दिवस पर अपने उम्र के अनुसार यदि आप या आपका कोई छोटा भाई बहन पहली या दूसरी कक्षा में है तो आप उसको 150 या 200 शब्दों वाला बाल दिवस पर भाषण याद करा सकते हैं.

यदि आप आठवी से दसवीं कक्षा के बीच के छात्र हैं तो आप 500 शब्द वाला Bal Diwas Par Nibandh पढ़िए और याद कर के बाल दिवस के उपलक्ष पर अपने विद्यालय में स्टेज पर सुनाए। तो चलिए अब Bal Diwas Par Bhashan पढ़ना शुरू करते हैं-

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बाल दिवस पर भाषण हिंदी में लिखा हुआ (150 शब्द)

बाल दिवस पर भाषण (बच्चों के लिए) - 14 नवम्बर 2019

प्रधानाध्यापक, सर, मैडम और मेरे प्यारे साथियों को सर्वप्रथम मेरा नमस्कार..!

हम सभी आज बहुत खुशी के साथ यहाँ बाल दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। मैं बाल दिवस के इस अवसर पर अपने विचार कुछ इस प्रकार रखना चाहता/चाहती हूँ-

बच्चे परिवार में, घर में, समाज में खुशी का कारण होने के साथ ही देश का उज्जवल भविष्य भी होते हैं, हम पूरे जीवन भर माता-पिता, शिक्षकों और अन्य संबंधियों के जीवन में बच्चों की भागीदारी और योगदान को नजअंदाज नहीं कर सकते.

बच्चे सभी इंसानों के द्वारा पसंद किए जाते हैं और बिना बच्चों के हम सभी का जीवन बहुत ही नीरस हो जाता है।

कहा जाता है कि बच्चे भगवान का आशीर्वाद होते हैं और अपनी सुन्दर आँखों, मासूम गतिविधियों और मुस्कान से हमारे दिल को जीत लेते हैं.

बाल दिवस प्रत्येक वर्ष पूरे संसार में बच्चों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है| आप सभी ने मेरा भाषण बाल दिवस पर बहुत ध्यान से सुना उसके लिए आपका धन्यवाद.

Speech on 14 November Children’s Day in Hindi (250 Words)

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Speech on 14 November Children's Day in Hindi

आदरणीय महानुभाव, प्रधानाचार्यजी, अध्यापक और मेरे सहपाठियों को सुप्रभात…!

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम यहाँ बाल दिवस को मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। हर साल 14 नवम्बर को, पूरे देश के विद्यालयों और कॉलेजों में बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है.

14 नवम्बर जवाहर लाल नेहरु का जन्म दिवस है।

उनका जन्म दिन बाल दिवस के रुप में इसलिए मनाया जाता है क्योंकि वह बच्चों से बहुत प्यार और स्नेह करते थे, उन्होंने अपने पूरे जीवन भर बच्चों को बहुत महत्व दिया और वह उनसे बात करना भी बहुत पसंद करते थे.

वह हमेशा बच्चों के बीच में घिरे होना पसंद करते थे। बच्चों के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरु कहते थे।

विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों द्वारा इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाने के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है.

राष्ट्रीय प्रेणादायी और प्रोत्साहित करने वाले गीतों को गाया जाता है, स्टेज शो, नृत्य, छोटे नाटक आदि बच्चों द्वारा महान भारतीय नेता की याद में और बच्चों के प्रति उनके प्यार के कारण आयोजित किए जाते हैं.

पंडित जवाहरलाल नेहरु के बारे में, विद्यार्थियों के भाषण सुनने के लिए भारी भीड़ उपस्थित होती है.

पंडित नेहरु हमेशा बच्चों को पूरे जीवन भर देशभक्त और राष्ट्र प्रेमी बनने की सलाह देते थे। वह हमेशा बच्चों को अपनी मातृभूमि के लिए साहसिक कार्य करने और बलिदान देने के लिए प्रेरित करते थे.

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बाल दिवस पर भाषण (350 शब्द) – बाल दिवस का महत्व हिंदी में

Speech on Children's Day in Hindi

Children’s Day (बाल दिवस) प्रतिवर्ष 14 नवम्बर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी के जन्म दिवस पर बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है.

इसके मनाने का मुख्य कारण देश के महान नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ देश भर के बच्चों की स्तिथि में सुधार लाना है.

बच्चे जवाहरलाल नेहरु जी को प्यार से चाचा नेहरु कह कर बुलाते थे और नेहरु जी भी उनसे बहुत प्यार करते थे.

चाचा नेहरु एक बड़े व्यक्ति और नेता होने के बाद भी बच्चों से मिलते थे और उनसे बाते करते थे| उसी भाव के कारण उनके जन्म दिन को बाल दिवस के रूप में भारत में मनाया जाता है.

इस दिन को राष्ट्रीय तौर पर लगभग सभी स्कूलों और कॉलेजों में धूम धाम से मनाया जाता है| यह दिन स्कूल में खासकर बच्चों को ढेर सारी ख़ुशीयाँ देने के लिए मनाया जाया है.

इस दिन सभी स्कूल खुले रहते हैं और स्कूलों में कई प्रकार के आयोजन और सांस्कृतिक प्रोग्राम भी होते हैं| यह सभी प्रोग्राम खासकर शिक्षकों द्वारा अपने छात्रों के लिए आयोजित करते हैं.

इसमें तरह-तरह के प्रोग्राम जैसे भाषण देना, गीत गाना, नृत्य, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, कहानी प्रस्तुति, वाद-विवाद प्रतियोगिता, कविता या फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित किये जाते हैं.

इन प्रतियोगिताओं में जितने वाले बच्चों या विद्यार्थियों को स्कूल प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया जाता है|

बच्चे इस दिन को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि वे इस दिन किसी भी प्रकार के रंगीन कपड़े पहन कर स्कूल जा सकते हैं।

उत्सव के अंत में सभी बच्चों को मिठाइयाँ और चॉकलेट बांटे जाते हैं, स्कूल और कॉलेज के कुछ शिक्षक भी विभिन्न प्रोग्राम में भाग लेते हैं जैसे ड्रामा, नृत्य.

कई स्कूलों में इस दिन बच्चे और शिक्षक मिल कर पिकनिक भी जाते हैं। इसी दिन टेलीविज़न या रेडियो पर बाल दिवस से जुड़े कई प्रोग्राम बच्चों को सम्मान देने के लिए प्रस्तुत किये जाते हैं क्योंकि आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं.

बच्चे देश का मूल्यवान संपत्ति हैं और वही भविष्य के लिए आशा हैं| देश के सभी लोग बच्चों के स्तिथि के विषय में अच्छे से सोचें यह सोच कर चाचा नेहरु ने अपने स्वयं के जन्म दिन को Children’s Day बाल दिवस मनाने के लिए चुना था.

Happy Children’s Day Speech For Students in Hindi (500 Words)

Happy Children's Day Images Free Download

सबसे पहले, आज बाल दिवस को मनाने के लिए यहाँ उपस्थित सभी को मेरा सुप्रभात..!

बाल दिवस के इस अवसर पर मैं, पं. जवाहर लाल नेहरु के जन्मदिवस को क्यों बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है ? के बारे में अपने विचार आप सभी के सामने रखना चाहता/चाहती हूँ.

मेरे सभी प्यारे मित्रों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं|

संयुक्त राष्ट्र की सभा में 20 नवम्बर को आधिकारिक रुप से बाल दिवस मनाने की घोषणा की गयी, लेकिन भारत में यह 14 नवम्बर को पं. नेहरु का जन्म दिवस होने के कारण, हर साल इसी दिन मनाया जाता है.

उनका जन्म दिन बाल दिवस के रुप में मनाने के लिए बच्चों के प्रति उनके प्यार, लगाव और स्नेह को देखने के कारण चुना गया.

वह लम्बें समय तक बच्चों के साथ खेलना और बात करना पसंद करते थे| वह पूरे जीवन भर बच्चों से घिरे रहना चाहते थे.

उन्होंने देश के बच्चों और युवाओं की बेहतरी के लिए भारत की स्वतंत्रता के तुरंत बाद कठिन कार्य किए थे।

पंडित जवाहर लाल नेहरू इस देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बच्चों के प्रति, विशेष रुप से उनके कल्याण, अधिकारों, शिक्षा और सम्पूर्ण सुधार के लिए बहुत अधिक उत्साहित और गर्भजोशी से भरे हुये थे.

वह बहुत ही प्रेरणादायक और प्रेरित प्रकृति के थे। वह हमेशा बच्चों को कठिन परिश्रम और बहादुरी के कार्य करने के लिए प्रेरित करते थे.

वह भारत में बच्चों के कल्याण और स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक चिन्तित थे, इसलिए उन्होंने बच्चों के लिए कठिन परिश्रम किया ताकि उन्हें बचपन से ही कुछ अधिकार प्राप्त हो सकें.

बच्चों के प्रति उनके स्वार्थरहित प्रेम के कारण बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे। 1964 में, उनकी मृत्यु के बाद से, उनका जन्मदिन पूरे भारत में बाल दिवस के रुप में मनाया जाने लगा.

वह हमेशा बचपन को पसंद करते थे और हमेशा बिना किसी व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय, पारिवारिक और वित्तीय जिम्मेदारी के उचित बचपन के समर्थक थे क्योंकि वे राष्ट्र के भविष्य और देश के विकास के लिए भी जिम्मेदार थे.

बचपन जीवन का सबसे अच्छा चरण होता है जिसे सभी के लिए स्वस्थ्य और खुशियों से भरा होना चाहिए ताकि वे आगे अपने राष्ट्र का नेतृत्व करने के लिए तैयार रहें.

यदि बच्चे मानसिक और शारीरिक रुप से अस्वस्थ्य होगें तो वे राष्ट्र के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान नहीं दे सकेंगे| इसलिए जीवन में बचपन की अवस्था सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है जिसमें सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को प्यार, देखभाल और स्नेह से पोषित करना चाहिए.

देश का नागरिक होने के नाते, हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुये राष्ट्र के भविष्य को बचाना चाहिए.

बाल दिवस बहुत ही मस्ती और उल्लास की गतिविधियों जैसे खेल-कूद, इनडोर खेल, आउटडोर खेल, नृत्य, नाटक-नाटिका, राष्ट्रीय गीत, भाषण, निबंध लेखन आदि के आयोजन के द्वारा मनाया जाता है.

यह वो दिन है, जिस दिन बच्चों पर से सभी प्रतिबंधों को हटा लिया जाता है और उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार उत्सव मनाने की अनुमति दी जाती है.

इस अवसर पर विद्यार्थी शिक्षकों द्वारा आयोजित क्विज प्रतियोगिता या अन्य विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं जैसे; चित्रकला प्रतियोगिता, मार्डन ड्रेस शो, गायन, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी योग्यता को प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किए जाते हैं.

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  1. International Children’s Day Songs in Hindi
  2. बाल दिवस क्यों मनाया जाता है ?
  3. बाल दिवस पर कविता
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14 नवम्बर 2019 बाल दिवस पर शिक्षक के लिए भाषण

14 November Speech in Hindi

आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षकों और प्रिय छात्रों.. आप सभी को बाल दिवस की मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं!

बाल दिवस के महत्व पर भाषण देने का अवसर देने के लिए मुझे स्कूल का धन्यवाद करने में बहुत खुशी हो रही है। माता-पिता होने के नाते, मुझे पता है कि अभी के समय में इस अद्भुत अवसर का आनंद लेना कितना महत्वपूर्ण है.

यह पंडित नेहरू का सपना था कि राष्ट्र के सभी बच्चों को शिक्षित होना चाहिए जो मुख्य रूप से यह कहते हैं कि उन्हें सभी विषयों पर समान रूप से ध्यान देना चाहिए क्योंकि हर विषय कुछ निश्चित अवधारणाओं से जुड़ा होता है जो आपके भविष्य में बढ़ने में आपकी मदद करेगा.

महान नेता की याद में और भारतीय बच्चों के प्रति उनके प्यार को सम्मान देने के लिए, 14 नवंबर को भारत में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसे कई लोगों द्वारा बाल दिवस के रूप में भी जाना जाता है.

दुनिया भर में कई बच्चे अत्याचार से पीड़ित हैं जो असंख्य हैं अर्थात जिनकी संख्या निश्चित नहीं है।

भारतीय नागरिक होने के नाते हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा हो और उनका शोषण न हो।

यह सही कहा गया है कि “भगवान बच्चों के सबसे करीब हैं क्योंकि उनके दिल और दिमाग शुद्ध और निर्दोष हैं”।

पंडित जवाहरलाल नेहरू का मानना ​​था कि बच्चों को प्यार और ध्यान देना चाहिए क्योंकि वे एक राष्ट्र के भविष्य के वाहक होते हैं। बच्चे वास्तव में एक दिन के लायक हैं जो उनके लिए समर्पित है। दुनिया भर में, विभिन्न देश में बाल दिवस मनाते हैं.

आप सभी मासूमियत की तस्वीर है और हर कोई बच्चों को निहारता है। यह बच्चों को सम्मान देने और अपनी उपस्थिति का जश्न मनाने के लिए एक दिन है।

यह दिन बच्चों को समर्पित है और हर कोई इस दिन आपको खुश करने की पूरी कोशिश करता है। हालांकि, सार्वभौमिक रूप से, बाल दिवस 20 नवंबर को होता है।

संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को बाल दिवस के रूप में घोषित किया है और इसका उद्देश्य बच्चों के कल्याण और भलाई को बढ़ावा देना है और साथ ही बचपन का जश्न मनाना है.

हालाँकि दुनिया भर में 20 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, लेकिन विभिन्न देशों में इस विशेष अवसर को मनाने के लिए अपना विशेष दिन होता है.

पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और बच्चों के बहुत शौकीन थे। दुनिया उन्हें पहले भारतीय प्रधानमंत्री और एक कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में याद कर सकती है, लेकिन बच्चों के लिए उन्हें हमेशा चाचा नेहरू माना जाता था.

एक अवधारणात्मक राजनीतिक नेता होने के बावजूद, नेहरू को बच्चों से घिरे रहने का बहुत शौक था। उन्होंने कभी किसी लड़की और लड़के के बीच भेदभाव नहीं किया क्योंकि उनकी विचारधारा समानता की अवधारणा पर अधिक जोर देती थी.

नेहरू जी एक धैर्यवान श्रोता थे और उन्होंने बच्चों की प्रशंसा की, जबकि वे बोलते थे।

उनका मानना ​​था कि बच्चे एक राष्ट्र के भविष्य हैं और उन्हें शिक्षित करना एक राष्ट्र की प्रगति की दिशा में एक कदम है।

बाल दिवस एक ऐसा अवसर है जहाँ हम सभी को सामूहिक रूप से अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए शपथ लेनी चाहिए।

आज के परिदृश्य में बच्चों के प्रति अपराध की बढ़ती दर माता-पिता और शिक्षकों को मूल रूप से परेशान करती है.

हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे सुरक्षित रहें और इस पहलू को सुनिश्चित करने के लिए हमें उन्हें न केवल औपचारिक शिक्षा प्रदान करके शिक्षित करने की आवश्यकता है, बल्कि यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम उन्हें अपने समाज में प्रचलित सामाजिक बुराइयों के बारे में जागरूक करें.

उन्हें अपने जीवन में हर पल सतर्क रहना सिखाया जाना चाहिए और एक अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए.

यह तब होगा जब हम उन्हें घर और स्कूल दोनों में सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकें। इसलिए, बच्चे निविदा कलियां हैं और उन्हें आश्वस्त करना हमारा कर्तव्य बन जाता है, एक सुरक्षित वातावरण जिसके वे हकदार हैं.

बाल दिवस को केवल एक सम्मेलन के रूप में मनाना काफी नहीं है बल्कि हमें सामूहिक रूप से उनके बचपन की सुरक्षा के लिए कुछ उपाय करने चाहिए क्योंकि वे हमारे युवा दिमाग हैं जो हमारे देश को उपन्यास विचारों के साथ एक आशावादी तरीके से विकसित होने में सहायता करेंगे.

धन्यवाद…

मेरा यह लेख यही पर समाप्त हो रहा है, आशा है आपको यह लेख पूरा समझ में आया होगा और अब आप इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर बने ग्रुप में शेयर भी ज़रूर करेंगे.

यदि आपको बाल दिवस पर भाषण से जुड़ी आपके मन में किसी भी तरह की कोई शंका है तो बिना झिझक के आप कमेंट के माध्यम से उसको क्लियर कीजिये.

Children's Day (India)
बाल दिवस पर भाषण (बच्चों के लिए) - 14 नवम्बर 2019

Children's Day is celebrated across India to increase awareness of the rights, care and education of children. It is celebrated on 14 November every year as a tribute to India's First Prime Minister, Jawaharlal Nehru.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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