Diwali

दिवाली पर निबंध – Important Points About Diwali Festival in Hindi Language

Important Points About Diwali Festival in Hindi Language
Written by Himanshu Grewal

प्रिय बच्चों, दिवाली का त्यौहार बस कुछ ही समय में आने वाला और अब आपको छुटियों में “दिवाली पर निबंध” लिखने को ज़रूर मिलेगा.

भारत के लगभग सभी विद्यालयों में दिवाली से पहले कम से कम 3 दिन का अवकाश तो ज़रूर होता है, और उसी वक्त हिंदी विषय के शिक्षक एक काम ज़रूर देते हैं वो होता है दिवाली एस्से.

बच्चा चाहे तीसरी कक्षा का हो या फिर आठवी कक्षा का हो, लिखना उनको ज़रूर होता है कि उन्होंने दिवाली कैसे मनाई या फिर उनके लिए दिवाली का क्या महत्व हैं.

आज के इस लेख में मै आपको कुल 4 दिवाली एस्से (दिवाली पर निबंध) लिख कर अपडेट कर रहा हूँ.

आप चाहे तो इनको भी अपनी कॉपी में लिख सकते हैं, या फिर आप इनको पढ़ लीजिये और फिर अपने शब्दों में अपनी कॉपी में लिख कर अपने अध्यापक/अध्यापिका से चेक करा सकते हैं.

तो चलिए दोस्तों अब पढना शुरू करते हैं दिवाली पर लिखे चार निबंध को जो इस प्रकार है.

जरुर पढ़े : दीपावली का महत्व, अर्थ, पूजा विधि और निबंध !

मेरा पसंदीदा त्योहार दिवाली पर निबंध हिंदी में 150 शब्द

मेरा पसंदीदा त्योहार दिवाली पर निबंध हिंदी में 150 शब्द

दिपावली एक महत्वपूर्णं और प्रसिद्ध उत्सव है जिसे हर साल देश और देश के बाहर विदेश में भी मनाया जाता है। इसे भगवान राम के चौदह साल के वनवास से अयोध्या वापसी के बाद और लंका के राक्षस राजा रावण को पराजित करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है.

भगवान राम की वापसी के बाद, भगवान राम के स्वागत के लिये सभी अयोध्या वासीयों ने पूरे उत्साह से अपने घरों और रास्तों को सजा दिया| ये एक पावन हिन्दू पर्व है जो बुराई पर सच्चाई की जीत के प्रतीक के रुप में है.

इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा के बाद आतिशबाजी का दौर शरु होता है| इसी दिन लोग बुरी आदतों को छोड़कर अच्छी आदतों को अपनाते है| भारत के कुछ जगहों पर दिवाली को नये साल की शुरुआत माना जाता है.

दिवाली सभी के लिये एक खास उत्सव है क्योंकि ये लोगों के लिये खुशी और आशीर्वाद लेकर आता है| इससे बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ ही नये सत्र की शुरुआत भी होती है.

दीपावली पर निबंध हिंदी में 250 शब्द – Diwali Essay in Hindi Language

Diwali Essay in Hindi Language

भारत एक ऐसा देश है जिसको त्योहारों की भूमि कहा जाता है, इन्हीं पर्वों मे से एक खास पर्व है दीपावली है जो दशहरा के 20 दिन बाद अक्टूबर या नवंबर के महीने में आता है.

इसे भगवान राम के 14 साल का वनवास काटकर अपने राज्य में लौटने की खुशी में मनाया जाता है|

अपनी खुशी जाहिर करने के लिये अयोध्यावासी इस दिन राज्य को रोशनी से नहला देते है साथ ही पटाखों की गूंज में सारा राज्य झूम उठता है.

दिवाली को रोशनी का उत्सव या लड़ीयों की रोशनी के रुप में भी जाना जाता है जोकि घर में लक्ष्मी के आने का संकेत है साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये मनाया जाता है.

असुरों के राजा रावण को मारकर प्रभु श्रीराम ने धरती को बुराई से बचाया था| ऐसा माना जाता है कि इस दिन अपने घर, दुकान, और कार्यालय आदि में साफ-सफाई रखने से उस स्थान पर लक्ष्मी का प्रवेश होता है| उस दिन घरों को दियों से सजाना और पटाखे फोड़ने का भी रिवाज है.

ऐसी मान्यता है कि इस दिन नई चीजों को खरीदने से घर में लक्ष्मी माता आती है| इस दिन सभी लोग खास तौर से बच्चे उपहार, पटाखे, मिठाईयां और नये कपड़े बाजार से खरीदते है| शाम के समय, सभी अपने घर में लक्ष्मी अराधना करने के बाद घरों को रोशनी से सजाते है.

पूजा संपन्न होने पर सभी एक दूसरे को प्रसाद और उपहार बाँटते है साथ ही ईश्वर से जीवन में खुशियों की कामना करते है| अंत में पटाखों और विभिन्न खेलों से सभी दिवाली की मस्ती में डूब जाते है.

छोटे बच्चों के लिए दिवाली पर निबंध 300 शब्द – Deepawali Essay in Hindi For Class 3 To 10

Deepawali Essay in Hindi For Class 3 To 10

हिन्दू धर्म के लिये दिपावली एक महत्वपूर्णं त्योहारो में से एक है| इसमें कई सारे संस्कार, परंपराएं और सांस्कृतिक मान्यताएं हैं| इसे सिर्फ देश में ही नहीं वरन् विदेशों में पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है.

इस उत्सव से जुड़ी कई सारी पौराणिक कथाएँ है| इस कहानी के पीछे भगवान राम की राक्षस रावण पर जीत के साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रुप में भी देखा जाता है.

लोग इस पर्व को अपने परिजनों और खास मत्रों के साथ बहुत धूम धाम से मनाते है| इसमें वो एक-दूसरे को उपहार, मिठाईयाँ और दिपावली की बधाई देकर मनाते है.

इस खुशी के मौके पर सभी भगवान की अराधना कर, खेलों के द्वारा, और पटाखों के साथ मनाते हैं|  सभी अपनी क्षमता के अनुसार अपने प्रियजनों के लिये नये कपड़े खरीदते है| बच्चे खास तौर से इस मौके पर चमकते-धमकते कपड़े पहनते है और बहुत खुश भी होते हैं.

देवी लक्ष्मी के आगमन के लिये और जीवन के हर अंधेरों को दूर करने के लिये लोग अपने घरों और रास्तों को रोशनी से जगमगा देते है, और शाम में उनकी आराधना भी करते हैं| इस दौरान सभी मजेदार खेलों का हिस्सा बनकर, स्वादिष्ठ व्यंजनों का लुफ्त उठा कर और दूसरी कई क्रियाओं में व्यसत रहकर इस पर्व को मनाते है.

सरकारी कार्यालयों को भी सजाया और साफ किया जाता है। मोमबत्ती और दियों के रोशनी के बीच साफ-सफाई की वजह से हर जगह जादुई और सम्मोहक लगती है.

सूर्यास्त के बाद धन की देवी लक्ष्मी जी और बुद्धि के देवता गणेश जी की पूजा की जाती है| ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मी के घर में पधारने के लिये घरों की साफ-सफाई, दियों से रोशनी और सजावट बहुत जरुरी है| इसे पूरे भारतवर्ष में एकता के प्रतीक के रुप देखा जाता है.

Essay on Diwali in Hindi with Introduction (500 Words) – दिवाली का महत्व हिंदी में

Essay on Diwali in Hindi with Introduction

भारत एक ऐसा देश है जहाँ सबसे ज्यादा त्योहार मनाये जाते है, यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने उत्सव और पर्व को अपने परंपरा और संस्कृति के अनुसार मनाते है|

दिवाली हिन्दू धर्म के लिये सबसे महत्वपूर्णं, पारंपरिक, और सांस्कृतिक त्योहार है जिसको सभी अपने परिवार, मित्र और पड़ोसियों के साथ पूरे उत्साह से मनाते है| दिपावली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है.

ये बेहद खुशी का पर्व है जो हर साल अक्टूबर या नवंबर के महीने में आता है| हर साल आने वाली दिवाली के पीछे भी कई कहानीयाँ है जिसके बारे में हमें अपने बच्चों को जरुर बताना चाहिये.

दिवाली मनाने का एक बड़ा कारण भगवान राम का अपने राज्य अयोध्या लौटना भी है, जब उन्होंने लंका के असुर राजा रावण को हराया था| इसके इतिहास को हर साल बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रुप में याद किया जाता है.

अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ 14 साल का वनवास काट कर लौटे अयोध्या के महान राजा राम जी का अयोध्या वासीयों ने जोरदार स्वागत किया था.

अयोध्या वासीयों ने अपने राजा के प्रति अपार स्नेह और लगाव को दिल से किये स्वागत के द्वारा प्रकट किया| उन्होंने अपने घर और पूरे राज्य को रोशनी से जगमगा दिया साथ ही राजा राम के स्वागत के लिये आतिशबाजी भी बजाए.

अपने भगवान को प्रसन्न करने के लिये लोगों ने लजीज पकवान बनाये, हर कोई एक दूसरे को बधाई दे रहा था, बच्चे भी खूब खुश थे और इधर-उधर घूमकर अपनी प्रसन्नता जाहिर कर रहे थे.

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार सूरज डूबने के बाद लोग इसी दिन देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते है। जहाँ एक ओर लोग ईश्वर की पूजा कर सुख, समृद्धि और अच्छे भविष्य की कामना करते है वहीं दूसरी ओर पाँच दिनों के इस पर्व पर सभी अपने घर में स्वादिष्ट भोजन और मिठाईयां भी बनाते है.

इस दिन लोग पाशा, पत्ता आदि कई प्रकार के खेल भी खेलना पसंद करते है.

इसको मनाने वाले अचछे क्रियाकलापों में भाग लेते है और बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये गलत आदतों का त्याग करते हैं.

इनका मानना है कि ऐसा करने से उनके जीवन में ढ़ेर सारी खुशियाँ, समृद्धि, संपत्ति और प्रगति आयेगी| इस अवसर पर सभी अपने मित्र, परिवार और रिश्तेदारों को बधाई संदेश और उपहार देते है.

रोशनी का उत्सव ‘दीपावली’ असल में दो शब्दों से मिलकर बना है- दीप+आवली। जिसका वास्तविक अर्थ है, दीपों की पंक्ति।

वैसे तो दीपावली मनाने के पीछे कई सारी पौराणिक कथाएं कही जाती है लेकिन जो मुख्य रुप से प्रचलित मान्यता है वो है असुर राजा रावण पर विजय और भगवान राम का चौदह साल का वनवास काटकर अपने राज्य अयोध्या लौटना.

इस दिन को हम बुराई पर अच्छाई की जीत के लिये भी जानते है| चार दिनों के इस पर्व का हर दिन किसी खास परंपरा और मान्यता से जुड़ा हुआ है जिसमें पहला दिन धनतेरस का होता है इसमें हम लोग सोने-चाँदी के आभूषण या बर्तन खरीदते है|

दूसरे दिन छोटी दिपावली होती है जिसमें हमलोग शरीर के सारे रोग और बुराई मिटाने के लिये सरसों का उपटन लगाते है|

तीसरे दिन मुख्य दिपावली होती है इस दिन लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है जिससे घर में सुख और संपत्ति का प्रवेश हो|

चौथे दिन हिन्दू कैलेंडर के अनुसार नए साल का शुभारम्भ होता है|

अंत में पाँचवां दिन भाई-बहन का होता है अर्थात् इस दिन को भैया दूज कहते है.

यह थे कुछ चार दिवाली पर निबंध, आशा है आपको यह निबंध पसंद आये होंगे और अब आप खुद तो इसको अपनी कॉपी में लिखेंगे ही साथ ही आप इसको अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर भी ज़रूर करेंगे.

आप सभी को HimanshuGrewal.com की और से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं| आपका दिन शुभ हो|

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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