कंप्यूटर वायरस क्या है, इसके नाम, यह आपके कंप्यूटर में कैसे आता है और इससे कैसे बचा जाये ?

इस लेख में हम कंप्यूटर वायरस से जुड़े कुछ विषयों पर बात करेंगे जैसे की|

  1. Computer Virus क्या होता है ?
  2. वायरस कितने टाइप के होते है ?
  3. अब तक के कुछ मुख्य वायरस के नाम क्या है ?
  4. कंप्यूटर में वायरस कैसे फैलता है ?
  5. कंप्यूटर वायरस से कैसे बचा जा सकता हैं ?

वैसे तो बहुत से लोग जो कंप्यूटर चलाना जानते है वो कंप्यूटर वायरस शब्द से परिचित होंगे| लेकिन अगर आप नही जानते है तो आज आप कंप्यूटर वायरस के बारे में बहुत कुछ जान सकते है बस आपको इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ना होगा.

कंप्यूटर वायरस की जानकरी – What is Computer Virus in Hindi

What is Computer Virus in Hindi

कंप्यूटर चलाने के लिए अलग अलग सॉफ्टवेर की जरूरत पडती है | यह सॉफ्टवेर, प्रोग्राम्स होते है जो कोडिंग से बने होते है| इन Software की हेल्प से ही हम कंप्यूटर पर वर्क करते है| हर खास काम के लिए खास तरह का सॉफ्टवेर होता है.

उसी प्रकार कंप्यूटर वायरस भी एक तरह का छोटा Software Program होता है जिसे Coding कर के बनाया जाता है | वैसे तो वायरस का मतलब हिंदी में विषाणु होता है| लेकिन कंप्यूटर भाषा में VIRUS की फुल फॉर्म “Vital Information Resources Under Siege” होती है.

जिस प्रकार विषाणु मानव शरीर में प्रवेश करके उसको बीमार कर देता है उसी प्रकार कंप्यूटर वायरस, कंप्यूटर में प्रवेश करके उसकी कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है.

कंप्यूटर वायरस क्या कर सकता है ?

यह कंप्यूटर में प्रवेश करके उसकी सभी फाइल्स या डेटा को डिलीट कर देता है या फिर उनको खराब कर देता है | वायरस तब तक डीएक्टिव रहता है जब तक की कंप्यूटर में प्रोग्राम रन (run) नही कराया जाता.

जैसे ही कोई प्रोग्राम कंप्यूटर में RUN होता है तो वायरस एक्टिव हो जाता है और कंप्यूटर की मेमोरी से खुद को जोड़ कर फेलने लगता है और देखते ही देखते पूरे कंप्यूटर के सभी डेटा को नष्ट कर देता है.

कंप्यूटर वायरस के बारे में जानकारी (इसे कोन बनाता है)

कंप्यूटर को और इसके सभी सॉफ्टवेर को मनुष्य ने ही बनाया है| जिनको कंप्यूटर भाषा में Software Developer कहते है | इसी तरह Computer Virus को भी डेवलपर ही बनाते है पर यह वो लोग होते है जो दुसरो के कंप्यूटर से डाटा को चुराना चाहते है या फिर दुसरो के कंप्यूटर में मोजूद डाटा को नष्ट करना चाहते है.

कंप्यूटर वायरस के नाम – Information About First Computer Virus in Hindi

Information About Computer Virus Names in Hindi

सबसे पहला कंप्यूटर-वायरस क्रीपर था जो 1970 के दशक के शुरुवात में अरपानेट पर खोजा गया था | अरपानेट क्या है आपको शोर्ट में बताता हूँ |

ARPANET दुनिया का पहला Packet Switching और IP/TCP (Internet Protocol / Transmission Control Protocol) का प्रयोग करके बनाया गया नेटवर्क है| अरपानेट इन्टरनेट की हिस्ट्री में दुनिया का पहला इंटरनेट नेटवर्क माना जाता है.

Information About Computer Virus Names in Hindi

किस वर्ष आया यह वायरसवायरस का नाम
1970Creeper
1995The Concept virus
1988CIH
1998The Morris worm
1999Melissa
2000I Love You
2000The Anna Kournikova worm
2001Code Red
2002Beast Trojan Horse
2003The Blaster Worm
2004My Doom
2005Poisonlvy
2006Storm worm
2006Leap
2007Mebroot
2008Conficker
2009Stuxnet
2013Crptolocker
2014Backoff
कंप्यूटर वायरस के प्रकार – Computer Virus Types in Hindi

आजकल 6 Broad Categories या Types में Computer Viruses को डिवाइड किया जाता है-

6 Types Of Computer Virus in Hindi

  1. Boot Sector Virus
  2. File Infection Virus
  3. Multipartite Virus
  4. Network Virus
  5. E-mail Virus
  6. Macro Virus

#1). Boot Sector Virus

बूट सेक्टर वायरस सीधे हार्ड ड्राइव के बूट सेक्टर पर हमला करते हैं और बूट प्रक्रिया के महत्वपूर्ण घटक को Infected करता हैं। किसी भी हार्ड ड्राइव के बूट सेक्टर में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी होती है जो हार्ड ड्राइव और ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ हिस्से को नियंत्रित करता है.

बूट प्रक्रिया शुरू होने पर ऐसे वायरस का उद्देश्य सिस्टम मेमोरी में सफलतापूर्वक लोड करना है.

#2). File Infection Virus

फ़ाइल वायरस एक विशेष प्रकार से कोडित वायरस है जो इसे exe. files, compressed file जैसे zip file से जोड़ता है।

जैसे ही प्रोग्राम शुरू होता है यह सेट हो जाता है। वहां से यह अन्य फ़ाइलों और कार्यक्रमों तक फैलता रहता है | यह वायरस पहले स्वयं को डुप्लिकेट करते हैं और फिर अपना इच्छित मिशन शुरू करता हैं.

यह वायरस कंप्यूटर प्रोग्राम के माध्यम से कंप्यूटर में जाता हैं और जब तक उन्हें वह प्रोग्राम नहीं मिलता है जिसके लिए वे लिखे जाते हैं यह DeActive रहते है और जब प्रोग्राम चलाया जाता है, तो ये वायरस Active हो जाते हैं.

#3). Multipartite Virus

यह वायरस, file virus और boot sector virus दोनों होते हैं। इस तरह के वायरस विभिन्न प्रकार के मीडिया के माध्यम से फैलते है| सिस्टम मेमोरी में एम्बेडेड होने के बाद, ये वायरस हार्ड ड्राइव पर अपना रास्ता बनाते हैं और अंत में बूट सेक्टर को संक्रमित करते हैं.

बूट सेक्टर के लिए ये वायरस executable files में फैल जाते है और पूरे सिस्टम को संक्रमित कर देते है| इस प्रकार के कंप्यूटर वायरस अपनी दोहरी विशेषताओं, यानी फाइल वायरस और बूट सेक्टर वायरस के कारण अतीत में बहुत सारे System Crashes के लिए उत्तरदायी थे.

#4). Network Virus

नेटवर्क वायरस विशेष रूप से नेटवर्क के लिए बनाए जाते हैं। यह वायरस स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क और अंततः इंटरनेट पर फैलता है, लेकिन अधिकांश मामलों में यह वायरस फ़ोल्डर और ड्राइव के भीतर फैलता है.

#5). E-mail Virus

यह मैक्रो वायरस के रूप में जाना जाता है। ई-मेल वायरस e-mail के जरिये खुद को फेलाने में सक्षम है| इस वायरस का एक उपयुक्त उदाहरण I LOVE YOU वायरस का है जो पूरी दुनिया में एक बहुत ही विनाशकारी वायरस था। यही कारण है कि यूजर को यह सलाह दी जाती है कि अज्ञात मेल नहीं खोलें.

#6). Macro Virus

मैक्रो वायरस कंप्यूटर वायरस का सबसे आम रूप है जो प्रोग्राम में मैक्रोज़ का उपयोग करने वाली फ़ाइलों को संक्रमित करता है।

उदाहरण के लिए, मैक्रोज़ का उपयोग करने वाले प्रोग्राम का सबसे उपयुक्त उदाहरण माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस है जहां वर्ड डॉक्यूमेंट, एक्सेल स्प्रैडशीट्स, एक्सेस डेटाबेस, पावरपॉइंट में बनाई गई फाइलें हैं.

1995 में मैक्रो वायरस आये थे और पहले वायरस ने माइक्रोसॉफ्ट वर्ड फ़ाइल को संक्रमित किया था, मैक्रो वायरस बड़ी संख्या में पाए जाते हैं| मैक्रो वायरस भी एक महत्वपूर्ण प्रकार का कंप्यूटर वायरस बन गया है। इन कंप्यूटर वायरस के बारे में सतर्क और सावधान रहना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे आपके सिस्टम को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं.

इन वायरस के कारण आप अपना महत्वपूर्ण डेटा खो सकते हैं। संदिग्ध फ़ाइलों को खोलते समय हर एक सावधानी बरतें.

वायरस कंप्यूटर में कैसे आता है ? – What is Virus in Hindi

#1). Email Attachments

अधिकांश वायरस ईमेल के माध्यम से फैलते है| Email Attachments एक फ़ाइल है जो ईमेल के साथ भेजी जाती है। एक ईमेल में एक infected file attachment हो सकता है.

यदि यूजर उसे खोलता है और Email Attachments Download करता है तो वायरस फैल सकता है| जब यह सक्रिय होता है तो यह कंप्यूटर को नुकसान पहुंचा सकता है| यह हार्ड डिस्क पर फ़ाइलों को नष्ट कर सकता है| email-address book के सभी ईमेल एड्रेस पर आटोमेटिक वायरस भेज सकता है.

#2). Network

एक Infected कंप्यूटर किसी दुसरे कंप्यूटर या नेटवर्क से कनेक्ट होने पर वायरस फैल सकता है। इंटरनेट ऐसे नेटवर्क का एक उदाहरण है.

जब कोई यूजर इंटरनेट से वायरस से Infected फ़ाइल डाउनलोड करता है, तो वायरस कंप्यूटर पर कॉपी हो जाता है। यह कंप्यूटर पर स्टोर
फ़ाइलों को संक्रमित कर सकता है.

#3). Infected Flash Drives or Disks

फ़्लैश ड्राइव और डिस्क वायरस फैलाने का मुख्य कारण हैं। फ्लैश ड्राइव और डिस्क का उपयोग डेटा को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में ट्रान्सफर करने के लिए किया जाता है.

जब यूजर फ्लैश ड्राइव और डिस्क का उपयोग कर Infected फ़ाइलों की कॉपी करता है तो उस समय एक वायरस एक कंप्यूटर से दूसरे में कॉपी हो जाता है.

#4). Pirated Software

सॉफ़्टवेयर की एक अवैध प्रति को पायरेटेड सॉफ़्टवेयर कहा जाता है| वायरस फैल सकता है यदि यूजर वायरस युक्त पाइरेटेड सॉफ़्टवेयर इनस्टॉल करता है.

सीडी और इंटरनेट से विभिन्न प्रकार के Pirated Software उपलब्ध हैं। कुछ कंपनियां जानबूझकर सॉफ्टवेयर में वायरस जोड़ती हैं। यदि यूजर लाइसेंस खरीदे बिना सॉफ़्टवेयर का उपयोग करता है तो वायरस स्वचालित रूप से सक्रिय हो जाता है.

#5). Infected Pornography Websites

हजारों असुरक्षित वेबसाइट वायरस से कंप्यूटर को संक्रमित कर सकती हैं| पोर्न वेबसाइट अधिकांश इन्फेक्टेड होती हैं, इसलिए इन वेबसाइट पर जाकर यूजर का कंप्यूटर भी वायरस से संक्रमित हो जाता है.

इन वेबसाइटों को वायरस या अन्य अनैतिक सामग्री फैलाने के लिए विकसित किया गया है। यह सामग्री डाउनलोड होने पर वायरस को यूजर के कंप्यूटर में स्थानांतरित कर दिया जाता है.

वायरस से कंप्यूटर पर क्या प्रभाव पड़ता है ? – Examples Of Computer Virus in Hindi

जब कंप्यूटर पर वायरस आ जाता है तो कंप्यूटर पर निम्न प्रभाव दिखाई देने लगते है.

  • कंप्यूटर हैंग (Hang) होने लगता है|
  • स्पीड स्लो (Slow) हो जाती है|
  • Files / Folder नष्ट हो सकते है|
  • कंप्यूटर Booting में समस्या हो सकती है|
  • Electricity की खपत ज्यादा हो सकती है|
  • Pop-up windows ओपन होने लगती है|
कंप्यूटर वायरस से कैसे बचाव किया जा सकता है ?  – How To Protect Your Computer From Malware and Other Virus Attacks

How To Protect Your Computer From Malware and Other Virus Attacks

  1. जब भी कंप्यूटर से कोई मोबाइल, पैन ड्राइव या और कोई डिवाइस जोड़े तो पहले चेक कर ले की कही वो वायरस से इन्फेक्टेड तो नही है|
  2. इन्टरनेट से कोई भी फाइल, विडियो डाउनलोड करे तो ध्यान रखे की वो साईट अच्छी हो|
  3. कंप्यूटर में हमेशा कोई अच्छा एंटी वायरस (anti-virus) डाल कर रखे|
  4. अपने ईमेल को ओपन करते समय सावधान रहे | बेकार के मेल्स (spam mails ) को ओपन न करे|
  5. अपने कंप्यूटर सिस्टम का समय समय पर Back-up ले कर रखे|

Final words – अंतिम शब्द

आज मेने आपको कंप्यूटर वायरस के बारे में जानकारी दी कि Computer Virus क्या होता है ? यह कितने टाइप का होता है ? अब तक
के कुछ मुख्य वायरस के नाम क्या है ? यह वायरस कैसे फैलता है इत्यादि.

उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी | अगर इस बारे में आपको कोई प्रशन करना हो तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते है और इन वायरस की जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते है इस लेख को सोशल मीडिया पर शेयर करके.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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