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कंपनी का मैनेजमेंट एनालिसिस कैसे करे ? – पोर्टफोलियो फंडामेंटल एनालिसिस टिप्स हिंदी में

कंपनी का मैनेजमेंट एनालिसिस कैसे करे
Written by Himanshu Grewal

आज के इस लेख में हम जानेंगे “मैनेजमेंट एनालिसिस” के बारे में, अगर छोटे शब्दों में समझे तो हम कह सकते हैं कि कंपनी का मैनेजमेंट एनालिसिस – कंपनी के मैनेजमेंट सिस्टम को परखना.

अगर आपका कोई दोस्त आपसे कहता है कि मुझे बिज़नस करने के लिए या किसी और वजह से पैसो की ज़रुरत है तो आप पहले दो चीजों पर गौर फरमाइए-

  1. नंबर एक ⇒ उसकी एबिलिटी (कहने के अर्थ है कि क्या वो आपके पैसे चूका सकता है ?)
  2. नंबर दो ⇒ आनेस्टी (यानिकी इमानदारी|)

इमानदारी को परखना बहुत ज्यादा ज़रूरी है क्यूंकि अगर वो इमानदार नहीं हुआ तो समय आने पर अगर आप पैसे मांगेंगे तो शायद उसके पास पैसे होते हुए भी वो आपको पैसे ना दे|

लेकिन अगर आपका दोस्त इमानदार है तो यक़ीनन ही वो आपके पैसे समय पूर्व होने से पहले लौटा देगा.

स्टॉक मार्किट में भी यही दो चीज़े नोटिस की जाती है कि आप जिस कंपनी में इन्वेस्ट करने जा रहे हो उसका मैनेजमेंट Able और Honest होना चाहिए, जो कंपनी के ग्रोथ और शेयरहोल्डर के बारे में सोचता हो.

अब आप सोच रहे होंगे की पैसे इन्वेस्ट करने से पहले हम यह कैसे पता कर सकते हैं कि कंपनी Able और Honest है या नही ? कही इसका कोई रूल तो नहीं है|

तो दोस्तों मै आपको बता दूं कि ऐसा कोई रूल नहीं है| इसकी जाच के लिए आपको कंपनी को कई तरह से परखना पड़ेगा.

ज्यादातर इन्वेस्टर कंपनी के सिर्फ Quantitative बातो पर फोकस करते हैं और मैनेजमेंट एनालिसिस को नज़रंदाज़ कर देते हैं, जो की शायद बहुत बड़े घाटा का कारण बन सकता है.

चलिए एक उदाहरण की मदद से समझते हैं:-

मैनेजमेंट एनालिसिस क्या है – What is Management Analysis in Hindi

रतन टाटा का नाम हम सबने सुना है, टाटा ग्रुप ऑफ़ इंडस्ट्री के मैनेजमेंट के बारे में अगर हम जानना चाहे तो वो बेहद आसान होगा क्यूंकि रतन टाटा के बारे में आये दिन समाचार में सुनते और पढ़ते रहते हैं, जिससे हमे उनके काम करने का तरीका मालूम हो जाता है.

कंपनी के बारे में हम अपनी राय तभी दे सकते हैं जब हमने उसके मैनेजमेंट को अच्छे से एनालाइज किया हो|

अगर आप भी किसी कंपनी में इन्वेस्ट करना चाहते हैं और उसके मैनेजमेंट सिस्टम की जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो आपको निम्न स्टेप्स को फॉलो करना चाहिए|

कंपनी का मैनेजमेंट एनालिसिस कैसे करते है ?

#1. DRPH (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस)

जब कोई कंपनी अपना IPO लाती है तभी वो अपना DRPH भी लाती है, यह एक तरीका का कंपनी का बायोडाटा होता है, जिसमे कंपनी के मैनेजमेंट की काफी जानकारों भी दी जाती है| यह एक बहुत अच्छा माध्यम है कंपनी के मैनेजमेंट के बारे में जानने का|

मान लीजिये आपको TCS का DRPH चेक करना है तो आप गूगल में TCS DRPH सर्च करे, वहाँ आपको विख्यात में सारी जानकारी मिल जाएगी, ठीक इसी तरह आपको जिस भी कंपनी का DRPH चेक करना है उसके बारे में आप सर्च कर सकते हैं.

#2.

गूगल पर कंपनी के मैनेजमेंट के बारे में रैंडम सर्च कर के इनफार्मेशन हासिल करना| साथ ही विकिपीडिया और Linkedin से कंपनी के मैनेजमेंट के लोगो की प्रोफाइल से उनकी डिटेल्स निकालना बेहद ही आसान और फ़ास्ट तरीका है.

#3.

कंपनी के मैनेजमेंट सिस्टम का इंटरव्यू और स्पीच यू ट्यूब के माध्यम से देखना|

#4.

कोमप्न्य के एनुअल रिपोर्ट में एक सेक्शन होता है जिसका नाम “मैनेजमेंट डिस्कशन एंड एनालिसिस” है| वहाँ आपको कंपनी के पास्ट परफॉरमेंस और फ्यूचर प्लानिंग के बारे में जानने को मिलेगा.

#5. कंपनी के अर्निंग कॉल्स को ध्यान से सुनना, क्यूंकि इसमें आपको पता चलता है कि कंपनी ने पास्ट में क्या किया और आगे क्या करने वाली है| कंपनी अर्निंग कॉल्स क्वाटर्ली रखी जाती है, जिसमे Q एंड A (क्वेश्चन एंड आंसर) सेशन भी होता है.

स्टॉक अड्डा कर के एक यूट्यूब कर के एक चैनल है जिस पर आपको लगभग सभी कंपनी की अर्निंग कॉल्स मील जायेंगी.

कई छोटी-मोटी चीज़े हैं जिसपर आपको मैनेजमेंट एनालिसिस करते वक़्त ध्यान देना चाहिए| जैसे कि कुछ दिन पहले दीप इंडस्ट्रीज पर हम एनालिसिस कर रहे थे जिसका काम एयर एंड नेचुरल गैस कंप्रेसर को करिये पर देने का सर्विस है| और उनके आयल से जुड़े भी कुछ हिस्से हैं.

कंपनी का फाइनेंसियल स्टेटमेंट हमे बहुत अच्छा मिला, फिर जब हम कंपनी के मैनेजमेंट एनालिसिस पर पहुचे तब हमे पता चला की कंपनी पर इनसाइडर ट्रेनिंग चार्जेज हैं.

SEBI इन्वेस्टीगेशन के तहत यह प्रूफ हो गया कि कंपनी के MD को 1.5 करोड़ का मुनाफा हुआ है, जिस वजह से SEBI ने एक्शन भी लिया और फिर तब हमे मैनेजमेंट सिस्टम पर डाउट होने लगा.

कंपनी का फाइनेंसियल स्टेट अच्छा होने के बावजूद हमने एनालिसिस वही पर रोक दिया|

आप चाहे तो गूगल पर किसी भी कंपनी के कंपनी या मैनेजमेंट के नाम के साथ केस या फ्रोड लिख कर सर्च कर सकते हैं, जिससे आपको सारी जानकारी विख्यात में पता चल जाएगी.

चलिए अब एक और उदाहरण की मदद से समझते हैं|

Fundamental Analysis Of Indian Stocks in Hindi

ज्यादातर कंपनी अपना प्रॉफिट शेयरहोल्डर के साथ दो तरह से शेयर करती है|

  1. डायरेक्टली शेयरहोल्डर को डिविडेंड दे कर|
  2. शेयर बाय बैक कर के|

कंपनी जब शेयर बाय बैक करती है तो उसके पीछे उसका यह मकसद होना चाहिए की कंपनी के इन्वेस्टर और कंपनी दोनों के लिए फायदेमंद होना चाहिए.

दोस्तों मैनेजमेंट एनालिसिस करने के लिए आपको स्किल इम्प्रूव करना चाहिए जिसका नाम है रीड बिटवीन लाइन्स| कहने का अर्थ है कि जिन लाइन्स को आपने नहीं पढ़ा लेकिन उसका अर्थ उन्ही लाइन्स में छुपा हो उसे आप खोज निकालिए|

आपको मैनेजमेंट की सल्लेरी पर भी नज़र रखनी चाहिए, कई बार जब कंपनी लॉस में चल रही होती है तो मैनेजमेंट अपनी सल्लेरी बढ़ाने के चक्कर में रहती है जो की अच्छी बात नहीं है|

मैनेजमेंट की सल्लेरी की डिटेल आपको कंपनी के एनुअल रिपोर्ट में मिल जाएगी|

दोस्तों आप चाहे तो कंपनी का एनुअल रिपोर्ट Moneycontrol.com या फिर उस कंपनी की वेबसाइट पर जा के निकाल के डाउनलोड कर सकते हैं.

कंपनी का मैनेजमेंट स्टेबल होना चाहिए यानिकी वह कंपनी के साथ लम्बे समय से होना चाहिए|

अगर कंपनी के मैनेजमेंट में लगातार चेंजिस है तो यह अच्छी बात नहीं है| कंपनी के प्रोमोटर्स अपना इन्वेस्टमेंट क्यों कम और ज्यादा कर रहे हैं आपको इसकी भी पूरी जानकारी होनी चाहिए.

ज्यादतर कंपनी में काम कर रहे व्यक्तियों को भी कंपनी के मैनेजमेंट और कंपनी के बारे में काफी जानकारी रहती है, इसलिए कंपनी का मैनेजमेंट एनालिसिस करते वक़्त आप कंपनी के एम्प्लोय्स से भी बात कर के जानकारी हासिल कर सकते हैं.

दोस्तों आशा है इस लेख के माध्यम से आपको जो जानकारी मिली है वह आपके लिए अच्छी और सहायक होगी, आप चाहे तो इसे सोशल मीडिया की मदद से अपने अन्य दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं|

आपका धन्यवाद इस लेख को पढने के लिए| लेख कैसा लगा हमे कमेंट के माध्यम से बताना मत भूलियेगा.

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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