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ए मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा लिरिक्स – देश भक्ति गीत

ए मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा लिरिक्स
Written by Himanshu Grewal

आप सभी ने ए मेरे वतन के लोगों देश भक्ति गीत तो सुना ही होगा| यह गीत हिंदी सिनेमा की मशहूर गायिका लता मंगेशकर जी ने गया है.

लता मंगेशकर जी की आवाज इतनी सुंदर और मधुर आवाज है जिसे जितनी बार सूना जाये उतना ही कम है|

लता मंगेशकर जी का जन्म 28 सितम्बर 1929 को इंदौर में हुआ था| लता मंगेशकर जी बहुत ही अच्छी देश भक्त भी है उन्होंने अपनी मधुर आवाज में कई देश भक्ति गीत भी गाये है जिनमे से एक है ए मेरे वतन के लोगों !

ऐ मेरे वतन के लोगों गीत कवि प्रदीप जी ने लिखा है| यह गीत देश भक्ति से पूर्ण रूप से भरा हुआ गीत है|

जब सन् 1962 में भारत चीन युद्ध में भारत चीन से पराजित हो गया था तब फिर सन् 1963 में 26 जनवरी को प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक समारोह रखा था.

इस समारोह में लता मंगेशकर जी को एक गीत गाना था| इस समारोह के लिए कवी प्रदीप जी से विशेष आग्रह किया गया था की वे एक गीत लिखे.

प्रदीप जी ने बहुत सोचा और वो परेशान हो गए की ऐसा गीत लिखना है जो की अमर हो जाये| उन्होंने बहुत सोचा एक दिन वे शाम को घूमने निकले तब उनके दिमाग में ये बोल आ गए| ए मेरे वतन के लोगों !

उन्हें लगा की कही बाद में वे इन शब्दों को भूल ना जाये तो इसिलए उन्होने तभी पान की दूकान से एक सिगरट का पैकेट ख़रीदा और उस बोल को लिख लिया|

उन्होंने पुरे बोल लिख लिए और जब लता मंगेशकर जी ने इस गीत को प्रस्तुत किया तब सभी की आँख से आंसू चाक पड़े थे और लता मंगेशकर जी की मधुर आवाज को सभी मगन होकर सुन रहे थे.

यह गीत अमर हो गया है सदा सदा के लिए| ये गीत सच में बहुत ही सुंदर देशभक्ति गीत है| इसकी एक एक लाइन ए मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कुर्बानी पुरे मुल्क को पुरे भारत देश को उन शहीदों की याद दिलाती है जो की लोट कर घर वापस नहीं आये, जिनके परिवारों ने उन्हें हमेशा के लिए खो दिया.

जब भी कही कोई भी देश भक्ति समारोह होता है यह गीत अवश्य गया जाता है और हर वर्ष राष्ट्रीय पर्व पर देश के कोने कोने में इस गीत की लहर उठती है.

इस गीत की कोई उम्र नहीं है| यह हमेशा के लिए अमर हो चूका है और इस गीत के लेखक कवि प्रदीप जी और इस गीत की गायिका लता मंगेशकर जी भी इस गीत के साथ साथ सदा के लिए अमर हो गए थे| इनके धरती से जाने के बाद भी इन्हे इस गीत के कारण सदा याद किया जायेगा.

इनके बोल ऐसे है जो कभी भी कमजोर नहीं होंगे जैसे की किसी गीत के बोल एक बार सुन लो तो फिर बाद में सुनो तो वो मजा नहीं आता लेकिन प्रदीप जी की कलम के द्वारा लिखे और लता जी की सरस्वती जैसी वाणी से गाये गए इस गीत को कभी भुला नहीं जायेगा इसका एक एक बोल मन को छू जाने वाला है.

आपको हम लता जी की एक अनोखी बात बताये तो वह हमेशा नंगे पैर गाना गाने जाती है और इन्हे कई पुरस्करों द्वारा सम्मानित किया है| इन्हे भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” से भी सम्मानित किया गया है और लता जी 20 से अधिक भाषाओ में गाना गा चुकी है.

लता मंगेशकर ऐ मेरे वतन के लोगों इस अमर गीत के बोल में आपको यहा देने जा रहा हूँ| इसे पढ़कर मेरे दिल में एक सच्चे देश भक्त की भावना उतपन्न हुई है क्यूंकि यह गीत उन देश भक्तो की याद दिलाता है जो देश के लिए सहीद हुए है| आईये इस गीत के बोल पढ़ते है.

ए मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी लिरिक्स पढ़ने से पहले में आपको इस देशभक्ति गाने की एक विडियो दिखाना चाहता हूँ.

राष्ट्रीय गीत : जन गण मन-अधिनायक जय हे भारतभाग्यविधाता! पंजाब सिंध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग

Lata Mangeshkar Aye Mere Watan Ke Logo Video With Lyrics in Hindi

ए मेरे वतन के लोगों लता मंगेशकर सॉंग डाउनलोड हिंदी में

ऐ मेरे वतन के लोगों..तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए

कुछ याद उन्हें भी कर लो..
कुछ याद उन्हें भी कर लो..
(जो लौट के घर न आए) x 2

(ऐ मेरे वतन के लोगों
ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी) x 2

जब घायल हुआ हिमालय
खतरे में पड़ी आज़ादी
(जब तक थी साँस लड़े वो) x 2

फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा
सो गये अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी
जब देश में थी दीवाली
वो खेल रहे थे होली
(जब हम बैठे थे घरों में) x 2
वो झेल रहे थे गोली

थे धन्य जवान वो अपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी

(कोई सिख कोई जाट मराठा) x 2
(कोई गुरखा कोई मदरासी) x 2
सरहद पर मरनेवाला..
सरहद पर मरनेवाला

हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर
वो खून था हिंदुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी

थी खून से लथ-पथ काया
फिर भी बन्दूक उठाके
दस-दस को एक ने मारा
फिर गिर गये होश गँवा के

(जब अन्त-समय आया तो
कह गए के अब मरते हैं) x 2

खुश रहना देश के प्यारों..
खुश रहना देश के प्यारों
(अब हम तो सफ़र करते हैं) x 2

क्या लोग थे वो दीवाने
क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी
तुम भूल न जाओ उनको
इस लिये कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुरबानी

(जय हिन्द जय हिन्द
जय हिन्द की सेना ) x 2

जय हिन्द जय हिन्द जय हिन्द…

मेरे प्यारे देशभक्तों, मै उम्मीद करता हूँ की आपको ए मेरे वतन के लोगों गाना पसंद आया होगा|

आपको यह देश भक्ति गीत कैसा लगा हमको कमेंट करके अवश्य बताये और जितना हो सके इस देशभक्ति संगीत को अपने सभी देशभक्त दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर करें.

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भारत का स्वतंत्रता दिवस ⇓

About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमे आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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