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भारत का राष्ट्रगान: जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता!

जन गण मन (राष्ट्रीय गीत डाउनलोड) इन हिन्दी
Written by Himanshu Grewal
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  • जन गण मन अधिनायक जय हे (गान)
  • जन गण मन अधिनायक जय हे (धुन)

26 जनवरी और स्कूल में परेड के समय बोला जाने वाला जन गण मन (Indian National Anthem) भारतीय लोगों के लिए बहुत ही प्रमुख है। अक्सर काफी सारे लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि जन-गण-मन राष्ट्रीय गीत किसने लिखा है? जन गण मन के रचयिता कौन है? (Who wrote Jana Gana Mana in Hindi?).

सबसे पहले मैं आपको इसका उत्तर दे देता हूँ।

Jana Gana Mana को बंगाली भाषा में श्री रबीन्द्रनाथ ठाकुर या रबीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया था पर अगर आपको पता हो की भारत का जो राष्ट्रीय गीत है वो वन्दे मातरम्‌ है।

क्या आपको पता है कि राष्ट्रीय गान को गाने में लगभग आपको 52 सेकंड का समय लगता है। 24 जनवरी 1950 को जन-गण-मन को भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया था, इसको पहले कांग्रेस पार्टी Jana Gana Mana Hindi Poem को बंगाली और हिन्दी दोनों भाषा में गाया करते थे।

भारत का राष्ट्रीय गीत जन गण मन बंगाली और देवनागरी लिप्यन्तरण के साथ

জনগণমন-অধিনায়ক জয় হে ভারতভাগ্যবিধাতা!
পঞ্জাব সিন্ধু গুজরাট মরাঠা দ্রাবিড় উৎকল বঙ্গ
বিন্ধ্য হিমাচল যমুনা গঙ্গা উচ্ছলজলধিতরঙ্গ
তব শুভ নামে জাগে, তব শুভ আশিষ মাগে,
গাহে তব জয়গাথা।
জনগণমঙ্গলদায়ক জয় হে ভারতভাগ্যবিধাতা!
জয় হে, জয় হে, জয় হে, জয় জয় জয় জয় হে॥

जॉनोगॉनोमोनो-ओधिनायोको जॉयॉ हे भारोतोभाग्गोबिधाता!
पॉन्जाबो शिन्धो गुजोराटो मॉराठा द्राबिड़ो उत्कॉलो बॉङ्गो,
बिन्धो हिमाचॉलो जोमुना गॉङ्गा उच्छॉलोजॉलोधितोरोङ्गो,
तॉबो शुभो नामे जागे, तॉबो शुभो आशिष मागे,
गाहे तॉबो जॉयोगाथा।
जॉनोगॉनोमोङ्गोलोदायोको जॉयॉ हे भारोतोभाग्गोबिधाता!
जॉयो हे, जॉयो हे, जॉयो हे, जॉयो जॉयो जॉयो जॉयो हे॥

सोर्स : विकिपीडिया

जन गण मन आधिकारिक हिन्दी संस्करण

Jana Gana Mana Song lyrics in Hindi free Download

ऊपर जो Indian National Anthem Lyrics है वो बंगाली और हिन्दी लिप्यन्तरण में थी और अब जो Jana Gana Mana Lyrics in Hindi आपके सामने आने वाली है वो हिन्दी संस्करण में होगी। जो इस प्रकार है:-


जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता!
पंजाब सिन्धु गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे, तव शुभ आशिष मागे,
गाहे तव जय गाथा।
जन गण मंगलदायक जय हे भारत भाग्य विधाता!
जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे।।


जन गण मन का अर्थ क्या है?

अक्सर काफी सारे लोगों के मन में यह प्रश्न जरूर आता है कि जन गण मन का मतलब क्या है। तो आज मैं आपको इसका मतलब बता देता हूँ। देश का राष्ट्रीय गान छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक बड़े सम्मान के साथ गाया जाता है पर राष्ट्रगान गाते समय यह पंक्तियां जन गण मन का अर्थ क्या है? काफी कम लोगों को पता है तो आइए जानते हैं।

जन गण मन का अर्थ क्या होता है?

जन गण मन भारत का एक राष्ट्रगान है और इसी नाम के पीछे इसका अर्थ भी छुपा हुआ है, जिस वजह से इसे भारत का राष्ट्रगान बनाया गया है, जन गण मन का अर्थ है भारतीय देश की जनता अपने मनसे स्वयं को भारत के भविष्य का विधाता समझती है। साथ ही राष्ट्रगान के इन पंक्तियों का अर्थ है कि अधिनायक तू ही भारत के भाग्य विधाता हैं। राष्ट्रगान के अगली पंक्तियों में आजादी के पूर्व के भारत के विभिन्न राज्यों का वर्णन  “पंजाब सिंध गुजरात मराठा” तथा उनकी खूबियों का जिक्र इसमें किया गया हैं।

Jana Gana Mana Meaning in Hindi

अर्थात्

भगवान जन गण के मनों के उस अधिनायक की जय हो, जो भारत के भाग्यविधाता हैं।
उनका नाम सुनते ही पंजाब सिन्ध गुजरात और मराठा, द्राविड़ उत्कल व बंगाल
एवं विन्ध्या हिमाचल व यमुना और गंगा पे बसे लोगों के हृदयों में मनजागृतकारी तरंगें भर उठती हैं
सब तेरे पवित्र नाम पर जाग उठने हैं, सब तेरी पवित्र आशीर्वाद पाने की अभिलाशा रखते हैं
और सब तेरे ही जयगाथाओं का गान करते हैं,
जनगण के मंगल दायक की जय हो, हे भारत के भाग्यविधाता
विजय हो विजय हो विजय हो, तेरी सदा सर्वदा विजय हो ॥

इस National Anthem (राष्ट्रगान) को गाने में लगभग 52 सेकंड का समय लगता है। Jana Gana Mana Song Lyrics के पहले शब्द और अंतिम पंक्तियों को कुछ विशिष्ट अवसरों पर बताया जाता है जो इस प्रकार है:-

जन-गण-मन अधिनायक जय हे
भारत-भाग्‍य-विधाता |

जय हे, जय हे, जय हे, जय जय जय जय हे ||

👉 इस National Anthem Poem को गाने में कम-से-कम 20 सेकंड का समय लगता हैं।

भारत के राष्ट्रीय गान जन गण मन के रचयिता कौन थे?

जन गण मन भारत का राष्ट्रगान है। रविंद्र नाथ टैगोर इसके रचयिता हैं। भारत में सर्वप्रथम वर्ष 1911 में 27 दिसंबर की तारीख में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता में हुए समारोह के दौरान उसे गाया गया था।

  • 👉 आजादी के उपरांत संविधान सभा द्वारा राष्ट्रगान को 24 जनवरी 1950 के दिन मान्यता मिली और तभी से हम जन गण मन राष्ट्रगान के रूप में गाते आ रहे हैं।
  • 👉 हमारा राष्ट्रीय गान जना गण मना बोले तो बंगाली भाषा में लिखा हुआ। इसमें अधिकतर संस्कृत के शब्द शामिल है।
  • 👉 राष्ट्रगान गाने की पूर्ण अवधि 52 सेकंड होती है परंतु यदि हम इसका संक्षिप्त रूप (प्रथम पंक्ति एवं अंतिम पंक्ति) का गायन करें तो इसकी अवधि 20 सेकंड मानी जाती है।
  • 👉 नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने भारत का राष्ट्रीय गान जन गण मन को हिंदी एवं उर्दू दोनों में अनुवाद करने का निर्णय किया और इसे कैप्टन आबिद अली द्वारा अनुवाद किया गया।
  • 👉 1911 में रविंद्र नाथ टैगोर की रचित कविता में कुल 5 पद थे और उन 5 पदों में से पहले पद को भारत के राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया।
  • 👉 संविधान के अनुसार राष्ट्रगान गाने के लिए किसी को मजबूर नहीं किया जा सकता। अगर राष्ट्रगान बजने के दौरान यदि कोई व्यक्ति शांतिपूर्वक खड़ा रहता है तो उसे भी देश का अपमान नहीं समझा जाएगा।
  • 👉 देश के राष्ट्रगान का सम्मान करना हम सभी का फर्ज बनता है लेकिन कोई ऐसा नहीं करता है Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 की धारा-3 के तहत उस पर कार्रवाई संभव हैं।
  • 👉 कानून के अनुसार फिल्में, मनोरंजन के समय यदि बीच में जन गण मन बजता सुनाई देता है तो उस दौरान राष्ट्रगान के लिए खड़ा होना या गाना आवश्यक नहीं है।

राष्ट्रगान नियम व विधियाँ | जन गण मन नियम

यहाँ मैं आपको राष्ट्रीय गान का महत्व और नियम बताने जा रहा हूँ कि राष्ट्रगान को कब बजाये और इसके क्या नियम है:-

  1. इस गाने को हम तब बता सकते है जब राष्ट्र सलामी देता हैं।
  2. जब परेड होती है उस समय हम यह गीत बजा सकते है।
  3. जब किसी राज्य में कोई कार्यक्रम हो रहा होता है और वहाँ पर राष्ट्रपति आता है तब और जब राष्ट्रपति जाता है तब हम यह गाना बजा सकते हैं।
  4. राज्यपाल/लेफ्टिनेंट गवर्नर किसी राज्य के औपचारिक कार्यक्रमों में आगमन पर और वापिस जाने पर हम यह गीत बजा सकते है।
  5. जब राष्ट्रीय ध्वज को परेड में लाया जाता है उस समय यह सांग बजाया जाता है।
  6. जब रेजीमेंट के रंग प्रस्‍तुत किए जाते हैं; नौसेना के रंगों को फहराने के लिए उस समय भी यह संगीत बजाया जाता है।

भारत का राष्ट्रीय गीत कब अपनाया गया?

भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा संस्कृत में रचना की थी।

भारत में राष्ट्रगान के समान ही यह राष्ट्रीय गीत लोगों के लिए सम्मानीय है, जिसने आजादी की लड़ाई में लोगों के अंदर एक जुनून, हौसला देने का काम किया था।

भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को पहली बार वर्ष 1996 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शासन में गाया गया था।

बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने राष्ट्रीय गीत को पहली बार वर्ष 1975 में बंगाली भाषा में लिखा था और कुछ सालों बाद उन्होंने अपनी इस रचना को नॉवल में स्थान दिया। देश में कई बार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान बनाने की बात भी पहले नहीं दी जा चुकी थी।

जन गण मन कितने सेकंड का होता है?

👉 भारत का राष्ट्रीय गान जन गण मन को गाने की अवधि 52 सेकंड है।

राष्ट्रीय गीत किसने लिखा था? बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बायोग्राफी

27 जून 1938 को एक संपन्न बंगाली परिवार में जन्मे बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने ही भारत को राष्ट्रीय गीत दिया।

बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय अपने समय के जाने माने उपन्यासकार कवि, गद्यकार एवं पत्रकार भी थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई कोलकाता की हुगली, प्रेसिडेंट कॉलेज से की। इसी कॉलेज के माध्यम से उन्होंने BA की डिग्री प्राप्त की और वे पहले भारतीय बने।

पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी करते हुए उनकी नियुक्ति डिप्टी मजिस्ट्रेट पद पर भी हुई, साथ ही वे कोलकाता में कुछ समय तक बंगाल सरकार के सचिव पद पर भी आसीन रहे। सरकारी नौकरी के दौरान ही उन्होंने भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना की और 1891 में वे अपनी नौकरी से रिटायर हुए तथा 1894 में बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय जी का निधन हो गया

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् की रचना के पीछे का कारण

बंकिम चंद्र चटर्जी ने जब इस गीत को लिखा उस दौरान ब्रिटिश द्वारा भारतीयों को काफी प्रताड़ित किया जाता था और नौकरी से लेकर विभिन्न कार्यों में ब्रिटिश प्रशासन का दबदबा मौजूद था। लेकिन बंकिम चंद्र चटर्जी को आपत्ति उस समय हुई जब सरकारी नौकरी कर रहे थे जब अंग्रेजों ने ब्रिटेन के गीत गॉड से दिन को भारतीय नागरिकों को भी गाने के लिए जरूरी बना दिया।

अंग्रेजों के द्वारा जबरदस्ती की घटनाओं को देखते हुए बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1876 में भारतीयों के लिए एक गीत की रचना की जिसका शीर्षक वंदे मातरम् था। कई सालों पहले लिखे उनके द्वारा रचित वन्दे मातरम् ने अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों में जोश भर दिया। इसलिए आज भी भारत के कई स्कूलों में बच्चों को बचपन से ही राष्ट्रगान के साथ साथ वन्दे मातरम् भी गाने को दिया जाता है।

मेरे प्यारे देश वासियों, जन गण मन का यह लेख यही पर खत्म होता है। अगर आप अपने देश के प्रति कुछ बोलना चाहते हो तो आप कमेंट करके अपनी बात बता सकते हो और इस राष्ट्रीय गीत को सभी देश वासियों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें।

॥ भारत माता की जय, वन्दे मातरम्, जय हिन्द ॥

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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