Father's Day

पिता के लिए हिन्दी भाषण

Father's Day Speech From Daughter in Hindi
Written by Himanshu Grewal
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अगर आप पिता दिवस के दिन अपने स्कूल या कॉलेज में अपने पिता के ऊपर Father’s Day Speech in Hindi Language में बोलना चाहते हो तो इस लेख में आज मैं आपके साथ 3 Popular Father’s Day Hindi Speech and Poem शेयर करने जा रहा हूँ, जिसको कॉपी करके आप अपने स्कूल में एक अच्छी स्पीच बोल सको।

फादर्स डे, जिसको हर साल जून के महीने में मनाया जाता है। यह दिन सभी पिता के लिए सबसे खास दिन हैं। इस दिन सभी बच्चे अपने डैड के लिए कुछ न कुछ स्पेशल करते है जिससे सभी बच्चे अपने पिता को ख़ुश कर सके। कोई इस दिन Father’s Day Hindi Poem डाउनलोड करता है तो कोई Father’s Day Hindi Quotes जिससे वह अपने पापा के सामने एक अच्छी हिन्दी कविता लिख कर या बोल कर सुना सके और उनको पिता दिवस की शुभकामनाएं दे सके।

प्रथेक वर्ष पिता दिवस भिन्न भिन्न तिथि के दिन मनाया जाता है, आइये जानते है कि इस वर्ष और आने वाले अगले वर्ष पिता दिवस किस दिन मनाया जायेगा?

Father’s Day 2021Date
Fathers Day Date 2019 in IndiaSunday, 16 June
Fathers Day Date 2020 in IndiaSunday, 21 June
Fathers Day Date 2021 in IndiaSunday, 20 June

Emotional Father’s Day Speech in Hindi

Speech on Father’s Day in Hindi को शुरू करने से पहले आपसे नर्म निवेदन है कि अगर आपको फादर्स डे पर भाषण पसंद आये तो इस भाषण को आप फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर शेयर साझा करें जिससे बाकि बच्चे भी अपने पिता के लिए स्पीच डाउनलोड कर सके। आइये दोस्तों अब हम अपनी हिन्दी स्पीच को पढ़ना शुरू करते हैं:-

Emotional Father's Day Speech in Hindi

⇓ पिता दिवस पर एक पुत्र की तरफ से भाषण ⇓

सभी को नमस्कार,

हर कोई मातृ दिवस के बारे में जानता है और बहुत ही हर्ष के साथ उस दिन को मनाता भी है, मुझे यकीन नहीं है कि हम सभी ने पिता के दिन के बारे में भी सुना है लेकिन बहुत ही कम लोग उसे मनाते हैं ऐसा क्यों है?

क्या हमारे पिता हमसे प्यार नहीं करते? क्या उनका प्यार माताओं की तुलना में कम है? ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि माताएँ और पिता हमारे साथ एक जैसा व्यवहार नहीं करते हैं दोनों की जिम्मेदारी हमारे प्रति अलग – अलग है.

आम तौर पर, एक माँ को दयालु, प्यार और देखभाल करने वाला माना जाता है; जबकि पिता अनुशासन और व्यवस्था पसंद करते हैं.

हमारी मां हमें 9 महीने तक गर्भ में रखती है, वह दशकों तक हमारी देखभाल करती है| वह अपने प्यार के बारे में अधिक मूर्ख है, वह हर दिन इसे व्यक्त करती है|

ठीक इसके विपरीत, पिता परिवार को चलाने में लगे रहते हैं, पैसा कमाते हैं और अन्य सभी काम भी देखते हैं और यही कारण है कि हम पिता के प्यार का एहसास नहीं कर सकते हैं.

मेरे साथ भी यही हुआ था। मैं बचपन से ही अपनी माँ के बहुत करीब था, कौन नहीं करता? सही? मेरा मतलब है कि मैं अभी भी उसके करीब हूं, वास्तव में अभी भी उसे लगता है कि मैं उसका 4 साल का बच्चा हूं| यह प्यारा है, क्या यह नहीं है?

मेरी उम्र 30 साल है, एक खूबसूरत महिला से शादी की| मेरा वास्तव में अपने पिता के साथ कभी संबंध नहीं था| लेकिन हाल ही में मेरी पत्नी और मेरा पहला बच्चा हुआ| उस दिन से मेरी पूरी दुनिया बदल गई|

मेरी बेटी बहुत प्यारी है, मैं उससे बिल्कुल दूर नहीं जाना चाहता| लेकिन, मेरे पास नौकरी की जिम्मेदारियां भी हैं| मुझे पैसे कमाने के लिए ऑफिस जाना था.

मेरे नवजात बच्चे से यह अलगाव मुझे मार रहा था और एक दिन मैंने महसूस किया कि मेरे पिता भी इससे गुजर चुके होंगे और अचानक मैं आँसू में आ गया था.

मैंने कभी उसके प्यार को नहीं समझा। कुछ ही मिनटों के भीतर, मुझे अपने बचपन का स्मरण मिला|

वह मुझे हर समय दर्जनों खिलौने खरीद कर देते थे और मैं उसे थीम पार्क, फिल्मों और सभी में ले जाने का आग्रह करता था| इसके शीर्ष पर, गृह बंधक, कार की किस्त, बीमा, कर और क्या नहीं था|

लेकिन उसने मुझे कभी भी कुछ नहीं कहा, अब मुझे आश्चर्य है कि उन्होंने अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को कैसे खींच लिया?

अगर मेरी बेटी अब वही काम करती है, तो शायद मैं उसके लिए वह सब कुछ नहीं कर पाऊं। उन्होंने यह सब कैसे प्रबंधित किया?

हम अक्सर सुनते हैं कि पुरुष रोते नहीं हैं, लेकिन अब मुझे याद है कि जब मैं 7 साल का था, तब मेरी मुलाकात एक दुर्घटना से हुई थी|

मैं 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती था और एक रात वह अस्पताल में मेरे साथ थे, उनको शायद एहसास नहीं था कि मैं जाग रहा हूँ|

मैंने उन्हे फुट – फुट कर रोते हुए देखा था, लेकिन मैं इतना जिद्दी था, मैंने इसे नजरअंदाज कर दिया|

अब मुझे अपने आप पर बहुत बुरा लगता है| मैंने उन्हे कभी नहीं समझा| मैं सो नहीं सका, इसलिए मैं तुरंत उनसे मिलने चला गया, जब मैंने घंटी बजाई तो उन्होने ही दरवाजा खोला, मेरा गला घुट सा गया, मैं एक भी शब्द नहीं कह पा रहा था| मैंने सिर्फ उन्हें दरवाजे पर गले लगाया और एक बच्चे की तरह रोया.

दो-तीन मिनट बाद हम सोफे पर बैठे, मैंने कहा, “पिताजी, कृपया मुझे क्षमा कर दें, मैंने कभी तुम्हारे प्यार को नहीं समझा, मुझे माफ करना|

आई लव यू, डैड, प्लीज मुझे माफ कर दो|

उसने मुझे एक बार फिर गले लगाया, मुझे माथे पर चूमा, मुझे देखकर मुस्कुराया और कहा, कोई बात नही मेरे प्यारे बैठे|

पिता बनना आसान नहीं है, यह एक बड़ी जिम्मेदारी है| मुझे उम्मीद है कि मैं अपनी बेटी के लिए एक अच्छा पिता बनूंगा|

दोस्तों, मेरी गलती न दोहराएं, हमारे माता-पिता हमें बिना शर्त प्यार करते हैं|

हाँ, माताएं अधिक मूर्ख होती हैं, लेकिन पिता भी हमें पागलों की तरह प्यार करते हैं| उनका सम्मान करो, बुढ़ापे में उनकी देखभाल करो|

मुझे सुनने के लिए आप सभी को धन्यवाद, और पिताजी, मैं आपको अपने दिल से प्यार करता हूं। आप मेरे हीरो हैं|

क्या आपने इसे पढ़ा: जीवन में पिता का महत्व

Father’s Day Speech From Daughter in Hindi

Speech on Father's day in hindi language font

पिता....

माँ की कोमल ममता को तो
सब ने ही स्वीकारा है,
पर पिता कि परवरिश को
कब किसने ललकारा है||

मुस्किलो कि घड़ियों में अक्सर
मेरे साथ खड़े थे वो,
मेरी गलतियां थी फिर भी
मेरी खातिर लड़े थे वो||

कमियों ही एहसास,
मुझको कभी तो हो न पायी.
कपकपा कर सोते थे वो,
मेरे ऊपर थी रजाई||

माँ कि गोदी की गर्माहट,
के बराबर उनकी थपकी,
कन्धा उनका बिस्तर मेरी,
आँख हलकी सी जो झपकी||

उनके होसलों ने कभी न,
आँख नम होने दिया है,
जिनती थी मेरी जरूरत,
सबको तो पूरा किया है||

उनकी लाड में जो पाया,
थोड़ा कड़वापन सही,
मेरी खातिर मुझको डाटा,
था वही बचपन सही...

जिंदगी की दोड़ में अब,
अपने पैरो पर खड़े
उनके जज्बो की बदोलत,
मुस्किलो से हम लड़े||

सर पे उनका साया
जब तक चिंता न डर है कोई,
उनके कंधों की बदोलत,
बढ़ रही है जिंदगी (2)...||

Retirement Speech for Father in Hindi

सुप्रभात

यहां पर उपस्थित सभी शिक्षकगण, माननीय प्रिंसिपल को मेरा नमस्कार!

मैं महोदय शिक्षक का दिल से धन्यवाद कहना चाहूंगा कि उन्होंने फादर्स डे के विशेष अवसर पर मुझे पिता के विषय पर कुछ कहने का मौका दिया।

मेरे पिता जो वास्तव में एक किंग तो नहीं है परंतु हां वे मेरे लिए जरूर किंग है, जो मेरी हर संभव ख्वाहिश पूरी करने की कोशिश करते है। वे मेरे बेस्ट फ्रेंड है जो मेरा दुख-दर्द, तकलीफ समझते हैं। बाहर से भले ही वे थोड़े कठोर है, परंतु दिल उनका निर्मल है ऐसा जरूरी भी है क्योंकि वह जानते हैं यदि मां के समान, बच्चों के प्रति प्यार प्रकट किया जाए तो बच्चे अधिक लाड-प्यार से बिगड़ कर सकते हैं।

पारिवारिक जिम्मेदारियां होने के नाते हमेशा मेरे पिता जी नियमित रूप से समय पर ऑफिस जाते हैं, घर आते हैं, छुट्टियां लेने से कतराते हैं ताकि उनकी तनख्वाह में असर ना पढ़ सके और घर चलाने में दिक्कतें न आएं।

मैंने देखा है पिता को अक्सर पैसे होते हुए भी अपने लिए जरूरतमंद चीज को ना खरीदना! परंतु उन्हीं पैसों से हमारी खुशी के लिए गैर जरूरी चीजें हमें दिलवाना। पिताजी जिन्होंने शादी के बाद शायद ही कभी अपनी मनपसंद चीज खरीदी हो, हालांकि अक्सर मां की खुशी के लिए मां को खास मौकों में गिफ्ट दे दिया करते है।

सब की खुशी में अपनी खुशी देखने वाले मेरे पिताजी हमेशा से ही शांत, दयालु स्वभाव के व्यक्ति हैं। वे मुझे अक्सर मेरे बेहतर भविष्य के लिए गलती होने पर समझाते हैं, और भले के लिए डांटते फटकारते भी है, और पढ़ाई करने के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते हैं। धीरे-धीरे पिताजी की उम्र बढ़ने लगी है, अब घर की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आने लगी है तो इस उम्र में अहसास होता है कि पिताजी जो भी कहते थे सही कहते थे।

बचपन की भांति अब पिताजी की डांट सुनने को तो नहीं मिलती परंतु अब अहसास होता है कि इससे अच्छा तो बचपन के दिन ही बेहतर थे।

पिता जी आज भी एक सलाहकार के रूप में हमें अच्छा बुरा समझाते हैं, अक्सर हमें डांट फटकारते हैं तो थोड़ा बुरा लगता है पर अब समझ आने लगा है कि एक पिता अपने बच्चों की इतनी फिक्र क्यों करता है। वैसे तो भारतीय संस्कृति में प्रतिदिन माता-पिता से ही शुरू होता है, लेकिन बदलते समय के अनुसार पितृ दिवस को मनाने की परंपरा चली आ रही हैं।

पितृ दिवस को मनाने का मुख्य कारण है पिता के सम्मान में उन्हें स्मरण करना। भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोगों को काम से फुर्सत नहीं होती, कई लोग अपने काम के चक्कर में माता पिता को छोड़कर दूसरे शहर में आ जाते हैं। कई महीनों तक बच्चा काम की वजह से पिता से बात नहीं कर पाता तो ऐसे में पितृ दिवस एक ऐसा दिन होता है जहां पिता से गुप्त-गु कर फिर से प्यार और अपनापन को प्रकट किए जा सके।

साथियों यह दिन उन युवाओं के लिए भी खास हो चुका है, जो पारिवारिक जीवन जी रहे हैं अब एक पिता के रूप में उन्हें एहसास होता है कि पिता हर बात सत्य कहते थे।

तो पिता दिवस बचपन में कि गई गलतियों का पछतावा कर पिता से माफी मांगने का और उनसे अपनापन जताने का भी एक दिन होता है।

Best Hindi Poem on Father – Emotional Speech on Father’s Day in Hindi

Father's day Special Speech in Hindi

मुझे उम्मीद है कि उपर दिए गई फादर डे स्पीच आपको पसंद आई होगी. अगर आपको स्पीच पसंद आई तो इसको शेयर करना न भूले और कमेंट के माध्यम से हमको जरुर बताये कि आपको Father’s day speech कैसी लगी.

अब हम अपनी दूसरी बेस्ट हिन्दी स्पीच को पढ़ना शुरू करते है जो इस प्रकार है:-

मेरा साहस मेरी इज़्ज़त मेरा सम्मान है पिता
मेरी ताकत मेरी पूंजी मेरी पहचान है पिता

घर की एक-एक ईद में शामिल उनका खून पसीना
सारे घर की रोनक उनसे सारे घर की शान पिता

मेरी इज्जत मेरी शोहरत मेरा रुतबा मेरा मान है पिता
मुझको हिम्मत देने वाले मेरा अभिमान है पिता

सरे रिश्ते उनके दम से सारी बाते उनसे है
सारे घर के दिल की धड़कन सारे घर की जान पिता

शायद रब ने देकर भेजा फल ये अच्छे कर्मों का
उसकी रहमत उसकी नियामत उसका है वरदान पिता..

हम सभी अपने पिता से बहुत प्यार करते है और उनके लिए हमेशा कुछ-न-कुछ करने के लिए तत्पर रहते है.

अगर आप भी अपने पिता से प्रेम करते हो तो पिता के इस आर्टिकल को जितना हो सके सोशल मीडिया पर शेयर करें.

अब यह आर्टिकल यही पर खत्म होता है| जाने से पहले आपको Father’s Day Speech in Hindi में पढ़कर कैसा लगा हमको कमेंट करके जरुर बताये.

अगर आपके पास कोई स्पीच है जिसको आप हमारे साथ शेयर करना चाहते हो तो आप नीचे दिए गये कमेंट बॉक्स में जाकर हमारे साथ स्पीच शेयर कर सकते हो. 🙂

मेरी माँ पर लेख ⇓

About the author

Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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