भगत सिंह

शहीद भगत सिंह के क्रांतिकारी अनमोल विचार

Bhagat Singh Quotes in Hindi
Written by Himanshu Grewal
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यहां आपको Bhagat Singh Quotes in Hindi का New Collection मिलेगा। जिसका उपयोग आप खुद को प्रेरित करने के लिए और देशभक्ति जगाने के लिए कर सकते हो।

जहां पर मोटिवेशन और देशभक्ति की बात होती है वहां पर श्री भगत सिंह जी का नाम जरूर आता है। उन्होंने ब्रिटिश सरकार से हमारे भारत देश को आजादी दिलाने के लिए काफी सारे आन्दोलन में भाग लिया था।

Bhagat Singh Date of Birth in Hindi

भगत सिंह भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे जिनका जन्म 27 और 28 सितम्बर के दिन सन् 1907 में गाँव बावली, जिला लायलपुर, पंजाब (जो अब पाकिस्तान में है) हुआ था।

भगत सिंह की मृत्यु कब हुई थी?

महान देशभक्त भगत सिंह की मृत्यु 23 मार्च, 1931 के दिन शाम को लगभग 7 बजकर 33 मिनट पर फाँसी दी गई और साथ में इनके 2 और साथियों को फाँसी दी गई जिनके नाम सुखदेव व राजगुरु थे।

फाँसी लगने से पहले वे लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे और जब उनसे उनकी आखिरी इच्छा पूछी तो उन्होंने बोला की मुझे लेनिन की जीवनी को पूरा पढ़ने दिया जाए। फाँसी पर जाते समय भगत सिंह और उनके दो साथी तीनों एक साथ मिलकर पूरी मस्ती के साथ एक गाना गा रहे थे जो इस प्रकार है:-

मेरा रँग दे बसन्ती चोला, मेरा रंग दे; 
मेरा रँग दे बसन्ती चोला। माय रँग दे बसन्ती चोला।।

इनके बारे में जितना कहू उतना कम है, आज भगत सिंह हमारे बीच में नहीं है पर भगत सिंह के अनमोल विचार आज भी जीवित है जिनको आप नीचे पढ़ोगे।

Shaheed Bhagat Singh Quotes in Hindi

नोट: मेरा आपसे निवेदन है कि आप भगत सिंह के विचार को सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें और इस महान व्यक्ति के बारे में कुछ-ना-कुछ कमेंट करके बोले।

भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार

👉 यदि बहरों को सुनना है तो आवाज को बहुत जोरदार होना होगा. जब हमने बम गिराया तो हमारा धेय्य किसी को मरना नही था. हमने अंग्रेजी हुकूमत पर बम गिराया था. अंग्रेजी को भारत छोड़ना चाहिए और उसे आजाद करना चाहिये – भगत सिंह विचार


जिन्दगी तो अपने दम पर ही जी जाती है....
दुसरो के कन्धों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते हैं 
-भगत सिंह के विचार

जरूरी नहीं थी की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो.
यह बस और पिस्तौल का पंथ नहीं था

– भगत सिंह कोट्स


Motivational Quotes on Bhagat Singh in Hindi

👉 किसी को “क्रांति” शब्द की व्याख्या शाब्दिक अर्थ में नही करनी चाहिए. जो लोग इस शब्द का उपयोग या दुरुपयोग करते हैं उनके फायदे के हिसाब से इसे अलग अलग अर्थ और अभिप्राय दिए जाते हैं।


👉 राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है. मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आजाद हैं – Bhagat Singh Best Quotes in Hindi


👉 जो व्यक्ति भी विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रुढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमे अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनोती देनी होगी।


👉 मैं इस बात पर जोर देता हूँ की मैं महत्वाकांक्षा, आशा और जीवन के प्रति आकर्षण से भरा हुआ हूँ. पर मैं जरूरत पड़ने पर ये सब त्याग सकता हूँ, और वही सच्चा बलिदान हैं। – Bhagat Singh Quotes in Hindi


निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं.

👉 अहिंसा को आत्मा-बल के सिद्धांत का समर्थन प्राप्त है जिससे अंतत: प्रतिद्वंदी पर जीत की आशा में कष्ट सहा जाता है. लेकिन तब क्या हो जब ये प्रयास अपना लक्ष्य प्राप्त करने में असफल हो जाए? तभी आत्म-बल को शारीरिक बल से जोड़ने की जरूरत पड़ती है ताकि हम अत्याचारी और क्रूर दुश्मन के रहमोकरम पर ना निर्भर करें। – भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार

भगत सिंह के नारे और शायरी

👉 कानून की पवित्रता तभी बनी रह सकती है जब तक की वो लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करें. – Bhagat Singh Hindi Motivational & Inspiring Quotes


👉 किसी भी कीमत पर बल का प्रयोग ना करना काल्पनिक आदर्श है और नया आन्दोलन जो देश में शुरू हुआ है और जिसके आरम्भ की हम चेतावनी दे चुके हैं वो गुरु गोबिंद सिंह और शिवाजी, कमाल पाशा और राजा खान, वांशिगटन और गैरीबाल्डी, लाफायेतटे और लेनिन के आदर्शो से प्रेरित हैं – Shaheed Bhagat Singh Quotes in Hindi


👉 आम तोर पर लोग चीजें जैसी हैं उसके आदि हो जाते हैं और बदलाव के विचार से ही कांपने लगते हैं. हमें इसी निष्क्रियता भी भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की जरूरत है – Inspirational Quotes on Bhagat Singh 2021 in Hindi


👉 क्रांति मानव जाती का एक अपरिहार्य अधिकार है. स्वतंत्रता सभी का एक कभी न खत्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है. श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है। – शहीद भगत सिंह के प्रसिद्ध विचार


👉 इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के ओचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है, जैसाकि हम विधान सभा में बम फेकने को लेकर थे. – Bhagat Singh Inspirational Quotes in Hindi


व्यक्तियों को कुचल कर,
वे विचारों को नही मार सकते।

👉 मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।

Bhagat Singh Famous Slogan in Hindi

  • प्रेमी, पागल, और कवी एक ही चीज से बने होते हैं।
  • मैं एक मानव हूं और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।
  • निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं।
  • व्यक्तियो को कुचल कर, वे विचारों को नहीं मार सकते।
  • क्रांति मानव जाति का एक अपरिहार्य अधिकार है। स्वतंत्रता सभी का एक कभी न ख़त्म होने वाला जन्म-सिद्ध अधिकार है। श्रम समाज का वास्तविक निर्वाहक है।
  • बम और पिस्तौल क्रांति नहीं लाते, क्रान्ति की तलवार विचारों के धार बढ़ाने वाले पत्थर पर रगड़ी जाती है।
  • इंकलाब जिंदाबाद।
  • साम्राज्यवाद का नाश हो।
  • राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आज़ाद है।
  • ज़रूरी नहीं था की क्रांति में अभिशप्त संघर्ष शामिल हो, यह बम और पिस्तौल का पंथ नहीं था।

भगत सिंह को फांसी कहां दी गई थी?

भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक भगत सिंह को उनके द्वारा देश के लिए दिए गए बलिदान के लिए आज भी याद किया जाता है और आगे भी किया जाता रहेगा। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह के साथ-साथ दो अन्य स्वतंत्रता सेनानी राजगुरु और सुखदेव को लाहौर के सेंट्रल जेल में फांसी की सजा दी गई थी।

भगत सिंह को फांसी की सजा क्यों सुनाई गई थी?

भारत की आजादी के लिए लड़ते हुए इन तीनों ही महान स्वतंत्रता सेनानियों ने 1928 में एक ब्रिटिश जूनियर पुलिस अधिकारी जॉन सैंडल्स की गोली मारकर हत्या कर दी थी जिसके लिए उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी।

भगत सिंह के गुरु कौन थे?

सरदार भगत सिंह सराभा को अपना गुरु मानते थे उनका पूरा नाम करतार सिंह सराभा था। वर्ष 1996, 24 मई को जन्मे करतार सिंह सराभा का जन्म लुधियाना के सराभा में ही हुआ था। करतार की पढ़ाई लुधियाना में ही हुई तथा बाद में उन्हें अमेरिका जाना पड़ा। भारत में ब्रिटिश शासन की स्थिति के बारे में उन्हें पहले ही पता था परंतु आजादी का अर्थ क्या होता है उन्हें अमेरिका जाने के बाद पता चला।

करतार जब अमेरिका में रहतें थे तो किराए में रहते हुए उन्होंने देखा की उनके मकान मालिक का घर खूब सजा हुआ था तो उन्होंने इसका कारण पूछा तो मालकिन ने कहा आज हमारा स्वतंत्र दिवस है। तब उनके दिमाग में ख्याल आया कि भारत में स्वतंत्र दिवस क्यों नहीं मनाया जाता? और वही से करतार सिंह ने भारत को आजादी दिलाने की योजना बनाना शुरू कर दी और गदर पार्टी के लोकनायक के तौर पर उस समय भयंकर आंदोलन हुआ और उस आंदोलन में अनेक युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने स्वयं भी आजादी के लिए काफी संघर्ष किया और धीरे-धीरे इस आंदोलन ने अस्त्र-शस्त्र विद्रोह का रुख अपना लिया।

ब्रिटिश शासन किसी भी तरीके से करतार सिंह सराभा को पकड़कर मारना चाहता था और जब अदालत में उनकी पेशी हुई तो उनसे पूछा गया क्या चाहिए? उम्र कैद या फिर फांसी! उन्होंने कहां मुझे उम्र कैद नहीं फांसी चाहिए। जब तक भारत आजाद नहीं होता, मैं अगले जन्म में फिर जन्म लेकर भारत की आजादी के लिए लड़ाई करूंगा। तो साथियों करतार सिंह सराभा में देशभक्ति का रंग इस कदर चढ़ गया। उन्होंने अपनी जवानी में ही भारत को आजाद करने के लिए निडर होकर ब्रिटिश शासन के पसीने छुटा दिए।

भगत सिंह की गिरफ्तारी क्यों हुई और भगत सिंह को क्यों पकड़ा गया?

कई लोगों के मन में यह धारणा है कि भगत सिंह की गिरफ्तारी एवं उन की फांसी के पीछे उनके द्वारा असेंबली पर फेंका गया बम था। परंतु ऐसा नहीं है। लाहौर में हुए बम कांड में 26 मई 1927 को सरदार भगत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद कुछ दिन भगत सिंह जेल में रहे परंतु उनके खिलाफ पक्के सबूत ना होने की वजह से ब्रिटिश शासन को उन्हें जेल से रिहा करना पड़ा और उनकी जमानत के लिए उस समय के 60 हजार दिए गए।

इस बम कांड के बाद से ब्रिटिश शासन सरदार भगत सिंह के पीछे पड़ चुका था और बटुकेश्वर दत्त एवं सरदार भगत सिंह इसमें मुख्य दोषी माने गए थे। उस दौरान सुखदेव और राजगुरु पहले ही जेल में जा चुके थे और वर्ष 1928 में हुए सांडर्स की हत्या के लिए सुखदेव, राजगुरु और सरदार भगत सिंह तीनों पर हत्या के अलावा देशद्रोह का भी मुकदमा चलाया गया।

बटुकेश्वर दत्त को तो बम फेंकने के लिए उम्र कैद की सजा दी गई जबकि बाकी अन्य तीनों स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया।

एक और जरूरी बात आपको यह बता दें कि 24 मार्च को फांसी पर लटकाए जाने का दिन तय किया गया थी।परंतु ब्रिटिश शासन ने जनता के रुख को देखते हुए धोखे से इन तीनों स्वतंत्रता सेनानियों को 23 मार्च की शाम को ही जेल में फांसी के फंदे पर लटका दिया।

असेंबली पर बम फेंकने का कारण

दरअसल असेंबली में इन स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा बम फेंकने के पीछे एक विशेष कारण था कि ब्रिटिश शासन जबरदस्ती भारतीयों के लिए पब्लिक सेफ्टी और ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल पास करने की तैयारी कर रही थी और यह दोनों ही भारतीय जनता के लिए बहुत खतरनाक थे।

ब्रिटिश शासन बिल को पास करने की पूरी प्लानिंग कर चुकी थी। यह समय था वर्ष 1929 का और यह तय किया गया कि असेंबली पर बम फेंका जाएगा इसलिए नहीं ताकि किसी की हत्या की जाए बल्कि इन बम धमाकों की आवाज ब्रिटिश शासकों के कानों में जाए और वे हमारी नाराजगी और आक्रोश को समझ सके।

8 अप्रैल 1929 का वह दिन जिस दिन इन दोनों बिलों के लिए असेंबली में बहस चल ही रही थी। बटुकेश्वर दत्त और सरदार भगत सिंह ने सभा के उस कोने में जहां पर कोई उपस्थित नहीं था वहां पर बम धमाका कर दिया और जोर से इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा दिया और ब्रिटिश शासन ने इन्हें पकड लिया।


मुझे उम्मीद है कि यहां पर जितने भी Shaheed Bhagat Singh Quotes in Hindi Language में है आपको बहुत ज्यादा पसन्द आये होंगे और भगत सिंह कोट्स ने आपको मोटीवेट भी किया होगा। वैसे तो भगत सिंह अब हमारे बीच में नहीं है पर फिर भी उनकी जो यादे और विचार है आज भी हम सभी के अन्दर जीवित है।

अगर आप श्री भगत सिंह के बारे में कुछ कहना चाहते हो या फिर किसी और व्यक्ति के बारे में बोलना चाहते हो जो आपको प्रेरित करता है तो आप कमेंट करके हमारे साथ शेयर कर सकते हो और इन सभी कोट्स को आप फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप्प पर भी शेयर कर सकते हो।

Bhagat Singh Quotes in Hindi

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Himanshu Grewal

मेरा नाम हिमांशु ग्रेवाल है और यह एक हिंदी ब्लॉग है जिसमें आपको दुनिया भर की बहुत सारी जानकारी मिलेगी जैसे की Motivational स्टोरी, SEO, इंग्लिश स्पीकिंग, सोशल मीडिया etc. अगर आपको मेरे/साईट के बारे में और भी बहुत कुछ जानना है तो आप मेरे About us page पर आ सकते हो.

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